Shuru
Apke Nagar Ki App…
एक बुजुर्ग महिला का दर्द! भतीजा महीना का लाखों कमाता है लेकिन एक पैसा का मदद नहीं करता है। झारखंड के पत्थलगडा की रहने वाली है कांति मासोमत
Jitendra Tiwari
एक बुजुर्ग महिला का दर्द! भतीजा महीना का लाखों कमाता है लेकिन एक पैसा का मदद नहीं करता है। झारखंड के पत्थलगडा की रहने वाली है कांति मासोमत
More news from झारखंड and nearby areas
- एक बुजुर्ग महिला का दर्द! भतीजा महीना का लाखों कमाता है लेकिन एक पैसा का मदद नहीं करता है। झारखंड के पत्थलगडा की रहने वाली है कांति मासोमत1
- #जल #संरक्षण #संकट !!! #पेलावल उत्तरी स्थित गूही आहार जिसमें वर्षों पहले सालों भर पानी रहता था और #मछली_पालन भी होता था...आज इसकी दुर्दशा को देखकर रोना आता है। हमारे दोनों तालाबों को बचा लें... #गहरीकरण तथा #सुंदरीकरण ही एकमात्र उपाय है। Hemant Soren Yogendra Prasad Hafizul Hassan Office of Chief Minister, Jharkhand Manish Jaiswal Pradip Prasad प्रदीप प्रसाद समर्थक हजारीबाग DC Hazaribagh Pooja Kumari #SavePond #Pelawal #katkamsandi #hazaribagh #jharkhand1
- बबलू चंद्रवंशी समेत सैकड़ों लोगों ने थामा झामुमो का दामन __ जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बेदिया ने दिलाई सदस्यता __ दिशोम गुरु के सपनों का झारखंड बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि : संजीव बेदिया __ हजारीबाग। अटल चौक स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला कार्यालय में मंगलवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और संकल्प के साथ मनाई गई। मौके पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें स्मरण किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो के जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने भावुक शब्दों में कहा कि यह पहला अवसर है जब दिशोम गुरु का जन्मदिवस हम सब उनके बिना मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “नम आंखों के साथ हम सब आज उन्हें याद कर रहे हैं, लेकिन साथ ही यह संकल्प भी ले रहे हैं कि उनके सपनों का झारखंड बनाकर ही सच्ची श्रद्धांजलि देंगे।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर पूरी ताकत से जुट जाने का आह्वान किया। बेदिया ने स्पष्ट किया कि भले ही नगर निगम चुनाव दलगत आधार पर न हों, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने समर्थित उम्मीदवार महापौर पद सहित हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में उतारेगी। इस मौके पर पार्टी के जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड के निर्माता हैं। “अलग झारखंड राज्य का सपना उन्होंने देखा था, जो आज हम सबको मिला है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि उस राज्य को सजाने-संवारने और सामाजिक न्याय, आदिवासी-अस्मिता तथा जनहित की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम करें। कार्यक्रम में झामुमो के केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा ने कहा कि शिबू सोरेन का संपूर्ण जीवन संघर्ष, त्याग और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु की विचारधारा आज भी झारखंड की राजनीति को दिशा देने का काम कर रही है। वहीं जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने अपने संबोधन में कहा कि शिबू सोरेन केवल एक नेता नहीं, बल्कि झारखंडी अस्मिता के प्रतीक थे। “उनका जीवन हमें सिखाता है कि सत्ता का उद्देश्य केवल शासन करना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना है। झामुमो उनके सपनों के झारखंड को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार उसी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है, जिसके लिए दिशोम गुरु ने जीवन भर संघर्ष किया। कार्यक्रम के दौरान झामुमो का जनाधार और मजबूत हुआ। जिला प्रवक्ता कुणाल यादव के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ता बबलू चंद्रवंशी, कुमार अमरीश, अजय यादव, रोहित रजक, सुरेंद्र कुमार समेत सैकड़ों लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। नए सदस्यों का पार्टी नेताओं द्वारा स्वागत किया गया और उन्हें संगठन की नीतियों व विचारधारा से अवगत कराया गया। इस मौके पर इस मौके पर जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया, जिला सचिव नीलकंठ महतो, केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा, राजा खान, जिला उपाध्यक्ष नईम राही, टेकोचंद महतो,जिला प्रवक्ता कुणाल यादव, सतीश दास, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष सरफराज अहमद, नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश, नगर सचिव निसार अहमद, राजीव वर्मा, राजदेव यादव, बीरबल कुमार, गणेश मेहता, सत्येंद्र मेहता, अब्दुल सलाम, देवानंद, राम जय मेहता, राजेंद्र कुशवाहा, रामकुमार मेहता, राजेश मेहता, रंजीत मेहता, कुदुस अंसारी, श्वेता दुबे, कमाल कुरैशी, दयानंद मेहता, मो कुर्बान, कपिलदेव चौधरी, संजय प्रजापति, प्रदीप मेहता समेत कई अन्य लोग शामिल थें।1
- *केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम संपन्न* हजारीबाग : जिला कांग्रेस के तत्वावधान में केन्द्र सरकार द्वारा महत्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ( मनरेगा ) से महात्मा गांधी के नाम हटाए जाने के विरोध में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक स्थित डाॅ.भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के निचे एक दिवसीय उपवास एंव प्रतीकात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष निसार खान ने कहा कि मनरेगा से महत्मा गांधी का नाम मिटाना सोचा-समझा राजनीति से प्रेरित है । उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का नाम हटाने का सचेत निर्णय वैचारिक है । गांधी जी की श्रम की गरिमा, समाजिक न्याय और सबसे गरीबों के प्रति राज्य की नैतिक जिम्मेदारी के प्रतीक है । यह नाम परिवर्तन गांधी जी के मुल्यों के प्रति भाजापा-आरएसएस की दीर्घकालिक असहजता और अविश्वास को दर्शाता है तथा एक जन केन्द्रित कल्याणकारी कानून से राष्ट्रपिता के जुड़ाव को मिटाने का प्रयास है । प्रदेश महासचिव बिनोद कुशवाहा ने कहा कि प्रस्तावित नया विधेयक उस कानूनी काम के अधिकार को समाप्त कर देता है जो, मनरेगा ने प्रदान किया था । यह मांग आधारित, वैधानिक अधिकार की जगह एक केन्द्र नियंत्रित योजना लाता है, जिसमे न तो रोजगार की कोई कानून लागू की जा सकने वाली गारंटी है न सार्वभौमिक कबरेज और न ही यह आश्वासन कि आवश्यकता के समय लोंगो को काम मिलेगा । वस्तुत: काम के अधिकार को ही समाप्त किया जा रहा है मनरेगा के तहत मजदुरी के वित्तपोषण की प्राथमिक जिम्मेवारी केन्द्र सरकार की थी, जिससे यह एक वास्तविक राष्ट्रीय रोजगार गारंटी बनाती थी । प्रदेश सचिव बिनोद सिंह ने कहा कि नया विधेयक इस जिम्मेदारी से पिछे हटना चाहती है, बोझ राज्यों पर डालता है, आवंटनों पर सीमा लगता है और मांग आधारित कार्यक्रम की बुनियाद को कमजोर करता है । इससे संघवाद कमजोर होता है और वित्तीय बाधाओं के कारण राज्यों को काम की मांग दबाने के लिए मजबूर होना पड़ता है । प्रदेश सचिव शशि मोहन सिंह ने कहा कि गांधी जी की विरासत, श्रामिकों के अधिकार और संघीय जिम्मेदारी पर यह संयुक्त हमला भाजापा-आरएसएस की उस बड़ी साजिश को उजागर करता है, जिसके तहत अधिकार आधारित कल्याण को समाप्त कर केन्द्र नियंत्रित दया-दान की व्यव्स्था से बदला जा रहा है । कार्यक्रम के पश्चात इन्द्रपुरी चौक स्थित पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री पुण्यतिथि पर उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनहे श्रद्धांजली दी गई । मौके पर प्रदेश सचिव अवधेश कुमार सिंह पूर्व जिला अध्यक्ष आबिद अंसारी ओबीसी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत नागवाला सचिव रेणु कुमारी, कोमल कुमारी, वरिष्ठ कांग्रेसी विरेन्द्र कुमार सिंह, लाल बिहारी सिंह, अजय गुप्ता, दिगम्बर मेहता, मकसुद आलम, नगर अध्यक्ष परवेज अहमद, दिलीप कुमार रवि, विजय कुमार सिंह, जावेद इकबाल, रघु जायसवाल, उदय पाण्डेय, ओमप्रकाश गोप, संगीता कुमारी, ओमप्रकाश पासवान, डाॅ.प्रकाश यादव, गुड्डू सिंह, मुस्ताक अंसारी, अनिल कुमार भुईंया, बाबु खान, दरगाही खान, मोहम्मद वारिस, नरसिंह प्रजापती, अजय प्रजापती, नौशाद आलम, मंसुर आलम, निसार अहमद भोला, नागेश्वर मेहता, पंचम पासवान, राजीव कुमार मेहता, विवेक कुमार पासवान, विवेक चौरसिया, मोहम्मद शहबान रजा, अर्जुन नायक, माशूक रजा, राजेश कुमार, शब्बा करीम, सदरूल होदा के अतिरिक्त कई कांग्रेसी उपस्थित थे ।4
- vlog Jharkhand1
- gaon ka dukan #gaonkadukan #vlog1
- स्कॉलरशिप की मांग को लेकर झारखंड में #nsui छात्रों का बड़ा प्रदर्शन? #jharkhand#shorts #breakingnews1
- जेल ब्रेक करने वाला तीन बंदी महाराष्ट्र के सोलापुर जिला के करमाला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार, पहले से जेल ब्रेक किया बंदी देवा के अगुवाई में फरार हुए थे तीनों बंदी हजारीबाग पुलिस को आज एक बड़ी सफलता मिली है. लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से फरार तीन कैदियों को हजारीबाग पुलिस ने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर हजारीबाग ले आया है. इसकी पुष्टि हजारीबाग एसपी अंजनी अंजान ने की है. 31 दिसंबर को सुबह 7:00 बजे हजारीबाग पुलिस को यह पता चली थी कि 3 कैदियों ने जेल ब्रेक की घटना को अंजाम देते हुए रात के 1:30 बजे के आसपास फरार हो गए थे. लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से फरार तीन बंदी देव भुईयां ,राहुल रजवार और जितेंद्र रवानी को हजारीबाग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जिसे न्यायिक हिरासत में लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा भेज दिया गया है. 31 दिसंबर 2025 को रात के 1:30 बजे के आसपास तीनों कैदी जेल ब्रेक की घटना को अंजाम देते हुए फरार हो गए थे .तीनों धनबाद के रहने वाले थे. हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन नु बताया कि जेल का खिड़की का रोड काटकर बेडशीट के सहारे नीचे उतर कर जेल का आंतरिक दीवार को लांघ कर तीनों भागे थे. लोहे के हुक एवं चादर से बनी रस्सी और लकड़ी का डंडा के सहारे तीनों कैदी फरार हुए थे.तीनों कैदी में राहुल रजवार आजीवन कारावास अन्य 20 और 27 वर्ष का सजा काट रहा था.1