संवेदनशील संस्थानों का औचक निरीक्षणः गुणवत्ता, पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश” कलक्टर ने किशोर गृह व सामाजिक न्याय विभाग में व्यवस्थाओं की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश सवाई माधोपुर, 7 अप्रैल। जिला कलक्टर काना राम ने मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों में उपस्थिति पंजिका की जांच कर कार्मिकों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। किशोर गृह के निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने रसोईघर का निरीक्षण कर बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने आवासीय बच्चों से संवाद कर व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक लिया और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं काउंसलिंग व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने संप्रेषण एवं किशोर गृह परिसर स्थित शिशु ग्रह का निरीक्षण के दौरान आवासित बच्चों की दत्तक ग्रहण प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक विमलेश कुमार को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। जिला कलक्टर ने संस्थान परिसर की साफ-सफाई एवं रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कार्यालय भवन में आवश्यक रंग-रोगन करवाने की बात कहीं, ताकि बेहतर वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, अभिलेख संधारण एवं लाभार्थियों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की समीक्षा करते हुए पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ पहुंचाने के निर्देश सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक मनोज कुमार गहलोत जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर सख्त कार्यवाही की जाएगी तथा सभी संस्थानों में मानक अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
संवेदनशील संस्थानों का औचक निरीक्षणः गुणवत्ता, पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश” कलक्टर ने किशोर गृह व सामाजिक न्याय विभाग में व्यवस्थाओं की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश सवाई माधोपुर, 7 अप्रैल। जिला कलक्टर काना राम ने मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों में उपस्थिति पंजिका की जांच कर कार्मिकों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। किशोर गृह के निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने रसोईघर का निरीक्षण कर बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने आवासीय बच्चों से संवाद कर व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक लिया और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं काउंसलिंग व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने संप्रेषण एवं किशोर गृह परिसर स्थित शिशु ग्रह का निरीक्षण के दौरान आवासित बच्चों की दत्तक ग्रहण प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक विमलेश कुमार को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। जिला कलक्टर ने संस्थान परिसर की साफ-सफाई एवं रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कार्यालय भवन में आवश्यक रंग-रोगन करवाने की बात कहीं, ताकि बेहतर वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, अभिलेख संधारण एवं लाभार्थियों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की समीक्षा करते हुए पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ पहुंचाने के निर्देश सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक मनोज कुमार गहलोत जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर सख्त कार्यवाही की जाएगी तथा सभी संस्थानों में मानक अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- Post by Sandeep Gupta4
- Post by Noshad ahmad qureshi1
- गंगापुर सिटी प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल प्रथम) के नेतृत्व में आज जिले में अध्यापकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान हेतु एसडीएम बिजेंद्र मीणा को 4 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे और संगठन की ओर से अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा गया। जिला अध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि लंबे समय से अध्यापक वर्ग अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर संघर्षरत है, लेकिन अभी तक उनका समुचित समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन को आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। 📌 ज्ञापन में रखी गई 4 सूत्रीय प्रमुख मांगें: 1️⃣ अनुभव आधारित अध्यापक लेवल प्रथम को शीघ्र पदोन्नति प्रदान की जाए, ताकि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को उनका उचित हक मिल सके। 2️⃣ बीएड इंटर्नशिप के दौरान की गई वेतन कटौती के आदेश को तत्काल प्रभाव से प्रत्याहारित किया जाए, जिससे प्रभावित शिक्षकों को राहत मिल सके। 3️⃣ तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ कर पारदर्शिता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि शिक्षकों को सुविधा मिल सके। 4️⃣ अवकाशों में की गई कटौती को समाप्त कर पूर्व व्यवस्था बहाल की जाए, जिससे शिक्षकों के अधिकार सुरक्षित रह सकें। जिला अध्यक्ष ने प्रशासन से इन सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही करने की अपेक्षा जताई तथा कहा कि यह मांगें पूरी तरह न्यायसंगत एवं शिक्षकों के हित में हैं। इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे, जिनमें जिला अध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष हरिओम सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश गुर्जर, ब्लॉक महिला अध्यक्ष सुमन मीणा, ब्लॉक सचिव हरिओम गुर्जर, आदित्य राजावत, जीतेन्द्र सिंह गुर्जर, संतोष सैनी, कृष्ण कुमार सैनी सहित अन्य साथी उपस्थित रहे। अंत में संगठन की ओर से प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही मांगों का समाधान नहीं किया गया तो संगठन द्वारा व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- जनगणना 2026 में आदिवासियों के लिए पृथक कॉलम की मांग महापंचायत ने राज्यपाल के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन, सटीक आंकड़ों की आवश्यकता बताई गंगापुर सिटी। जनगणना-2026 में आदिवासी समुदायों के लिए पृथक कॉलम निर्धारित करने की मांग को लेकर आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत ने राज्यपाल के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि देश में होने वाली जनगणना के आंकड़े नीतियों और योजनाओं के निर्धारण का आधार होते हैं, लेकिन वर्तमान प्रपत्रों में आदिवासी समुदायों की अलग पहचान के लिए स्पष्ट कॉलम का अभाव है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 1871 से 1941 तक की जनगणनाओं में आदिवासी समुदायों की पृथक गणना होती रही थी, जिससे उनकी वास्तविक संख्या और सामाजिक स्थिति का आकलन संभव था। वर्तमान में ऐसी व्यवस्था नहीं होने से आदिवासी समुदायों की सटीक पहचान प्रभावित हो रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आदिवासियों की अलग पहचान को मान्यता दी गई है और उनके पृथक आंकड़े संकलित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। महापंचायत ने तर्क दिया कि अनुसूचित जनजातियों की गणना को ही पूर्ण आदिवासी गणना मानना उचित नहीं है, क्योंकि कई समुदाय विभिन्न श्रेणियों में शामिल हैं। इससे आदिवासियों की परंपराओं, पहचान और संवैधानिक हिस्सेदारी पर प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि जनगणना 2026 में ‘आदिवासी कॉलम’ सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और आवश्यकताओं का सही आकलन हो सके। इससे योजनाओं और संसाधनों का वितरण भी अधिक न्यायसंगत हो सकेगा। अंत में चेतावनी दी गई कि मांग पूरी नहीं होने पर व्यापक असंतोष उत्पन्न हो सकता है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।2
- लोगों को शिकायत ग्राम क्षेत्र में स्थित उचित मूल्य की दुकान, संचालक रघुनंदन लोधा के यहाँ चल रहे अनाज वितरण कार्यक्रम में अव्यवस्था देखने को मिली। राशन लेने पहुंचे कई लोगों ने व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और असंतोष व्यक्त किया। लाभार्थियों का आरोप है कि उन्हें समय पर और पूरी मात्रा में अनाज नहीं मिल रहा है। कुछ लोगों ने यह भी शिकायत की कि लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद वितरण प्रक्रिया धीमी है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि वितरण के दौरान पारदर्शिता की कमी महसूस हो रही है और कई बार नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।1
- 🚨 बड़ी खबर | जयपुर 🚨 घाट गेट स्थित अंकुर सिनेमा के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई जब रॉन्ग साइड से आ रहा एक ट्रैक्टर अचानक पलट गया। हादसे के बाद मौके पर ट्रैफिक जाम लग गया और राहगीरों में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर तेज़ रफ्तार में गलत दिशा से आ रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से वह सड़क पर पलट गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। 🚧 क्रेन की मदद से हटाया गया ट्रैक्टर सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और क्रेन की सहायता से पलटे हुए ट्रैक्टर को हटाकर सड़क को साफ किया गया, जिसके बाद ट्रैफिक धीरे-धीरे सामान्य हुआ। ⚠️ बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन? सड़क की खराब हालत? रॉन्ग साइड चलाने वाला ड्राइवर? या फिर प्रशासन की लापरवाही? स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में सड़क की हालत काफी खराब है और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी आम बात हो गई है, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। 👉 प्रशासन से मांग की जा रही है कि सड़क सुधार और ट्रैफिक नियमों की सख्ती से पालना करवाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें। #Jaipur #RoadAccident #TrafficJam #BreakingNews1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय सहित आसपास क्षेत्र में ओवरलोडिंग सवारियां को चौपाइयां वहां पर पायदान पर लटकाकर चौपाइयां वाहन चालक यात्रा करवा रहे हैं। साथ ही पायदान पर खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं यात्री। जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर है यात्री। ओवरलोड करने के बाद चलते हैं टेंपो एवं नगर परिषद क्षेत्र में चलने वाली निजी बसें1
- Post by Noshad ahmad qureshi1
- गंगापुर सिटी में करीब शाम 7:00 बजे तेज हवाओं के साथ बिजली की गर्जनाओं के साथ में अचानक तेज बारिश आ गई और किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है और मानव जीवन भी पूरी तरह अस्त व्यस्त है1