शिक्षकों ने पेंडिंग मांगों के जल्द समाधान की मांग की: कहा- लंबे समय से अनसुलझी समस्याओं से असंतोष पनपा गंगापुर सिटी प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल प्रथम) के नेतृत्व में आज जिले में अध्यापकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान हेतु एसडीएम बिजेंद्र मीणा को 4 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे और संगठन की ओर से अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा गया। जिला अध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि लंबे समय से अध्यापक वर्ग अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर संघर्षरत है, लेकिन अभी तक उनका समुचित समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन को आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। 📌 ज्ञापन में रखी गई 4 सूत्रीय प्रमुख मांगें: 1️⃣ अनुभव आधारित अध्यापक लेवल प्रथम को शीघ्र पदोन्नति प्रदान की जाए, ताकि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को उनका उचित हक मिल सके। 2️⃣ बीएड इंटर्नशिप के दौरान की गई वेतन कटौती के आदेश को तत्काल प्रभाव से प्रत्याहारित किया जाए, जिससे प्रभावित शिक्षकों को राहत मिल सके। 3️⃣ तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ कर पारदर्शिता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि शिक्षकों को सुविधा मिल सके। 4️⃣ अवकाशों में की गई कटौती को समाप्त कर पूर्व व्यवस्था बहाल की जाए, जिससे शिक्षकों के अधिकार सुरक्षित रह सकें। जिला अध्यक्ष ने प्रशासन से इन सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही करने की अपेक्षा जताई तथा कहा कि यह मांगें पूरी तरह न्यायसंगत एवं शिक्षकों के हित में हैं। इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे, जिनमें जिला अध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष हरिओम सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश गुर्जर, ब्लॉक महिला अध्यक्ष सुमन मीणा, ब्लॉक सचिव हरिओम गुर्जर, आदित्य राजावत, जीतेन्द्र सिंह गुर्जर, संतोष सैनी, कृष्ण कुमार सैनी सहित अन्य साथी उपस्थित रहे। अंत में संगठन की ओर से प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही मांगों का समाधान नहीं किया गया तो संगठन द्वारा व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
शिक्षकों ने पेंडिंग मांगों के जल्द समाधान की मांग की: कहा- लंबे समय से अनसुलझी समस्याओं से असंतोष पनपा गंगापुर सिटी प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल प्रथम) के नेतृत्व में आज जिले में अध्यापकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान हेतु एसडीएम बिजेंद्र मीणा को 4 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे और संगठन की ओर से अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा गया। जिला अध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि लंबे समय से अध्यापक वर्ग अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर संघर्षरत है, लेकिन अभी तक उनका समुचित समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन को आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। 📌 ज्ञापन में रखी गई 4 सूत्रीय प्रमुख मांगें: 1️⃣ अनुभव आधारित अध्यापक लेवल प्रथम को शीघ्र पदोन्नति प्रदान की जाए, ताकि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को उनका उचित हक मिल सके। 2️⃣ बीएड इंटर्नशिप के दौरान की गई वेतन कटौती के आदेश को तत्काल प्रभाव से प्रत्याहारित किया जाए, जिससे प्रभावित शिक्षकों को राहत मिल सके। 3️⃣ तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ कर पारदर्शिता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि शिक्षकों को सुविधा मिल सके। 4️⃣ अवकाशों में की गई कटौती को समाप्त कर पूर्व व्यवस्था बहाल की जाए, जिससे शिक्षकों के अधिकार सुरक्षित रह सकें। जिला अध्यक्ष ने प्रशासन से इन सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही करने की अपेक्षा जताई तथा कहा कि यह मांगें पूरी तरह न्यायसंगत एवं शिक्षकों के हित में हैं। इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे, जिनमें जिला अध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष हरिओम सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश गुर्जर, ब्लॉक महिला अध्यक्ष सुमन मीणा, ब्लॉक सचिव हरिओम गुर्जर, आदित्य राजावत, जीतेन्द्र सिंह गुर्जर, संतोष सैनी, कृष्ण कुमार सैनी सहित अन्य साथी उपस्थित रहे। अंत में संगठन की ओर से प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही मांगों का समाधान नहीं किया गया तो संगठन द्वारा व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
- जनगणना 2026 में आदिवासियों के लिए पृथक कॉलम की मांग महापंचायत ने राज्यपाल के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन, सटीक आंकड़ों की आवश्यकता बताई1
- गंगापुर सिटी। जनगणना-2026 में आदिवासी समुदायों के लिए पृथक कॉलम निर्धारित करने की मांग को लेकर आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत ने राज्यपाल के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि देश में होने वाली जनगणना के आंकड़े नीतियों और योजनाओं के निर्धारण का आधार होते हैं, लेकिन वर्तमान प्रपत्रों में आदिवासी समुदायों की अलग पहचान के लिए स्पष्ट कॉलम का अभाव है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 1871 से 1941 तक की जनगणनाओं में आदिवासी समुदायों की पृथक गणना होती रही थी, जिससे उनकी वास्तविक संख्या और सामाजिक स्थिति का आकलन संभव था। वर्तमान में ऐसी व्यवस्था नहीं होने से आदिवासी समुदायों की सटीक पहचान प्रभावित हो रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आदिवासियों की अलग पहचान को मान्यता दी गई है और उनके पृथक आंकड़े संकलित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। महापंचायत ने तर्क दिया कि अनुसूचित जनजातियों की गणना को ही पूर्ण आदिवासी गणना मानना उचित नहीं है, क्योंकि कई समुदाय विभिन्न श्रेणियों में शामिल हैं। इससे आदिवासियों की परंपराओं, पहचान और संवैधानिक हिस्सेदारी पर प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि जनगणना 2026 में ‘आदिवासी कॉलम’ सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और आवश्यकताओं का सही आकलन हो सके। इससे योजनाओं और संसाधनों का वितरण भी अधिक न्यायसंगत हो सकेगा। अंत में चेतावनी दी गई कि मांग पूरी नहीं होने पर व्यापक असंतोष उत्पन्न हो सकता है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।1
- जनगणना 2026 में आदिवासियों के लिए पृथक कॉलम की मांग महापंचायत ने राज्यपाल के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन, सटीक आंकड़ों की आवश्यकता बताई गंगापुर सिटी। जनगणना-2026 में आदिवासी समुदायों के लिए पृथक कॉलम निर्धारित करने की मांग को लेकर आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत ने राज्यपाल के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि देश में होने वाली जनगणना के आंकड़े नीतियों और योजनाओं के निर्धारण का आधार होते हैं, लेकिन वर्तमान प्रपत्रों में आदिवासी समुदायों की अलग पहचान के लिए स्पष्ट कॉलम का अभाव है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 1871 से 1941 तक की जनगणनाओं में आदिवासी समुदायों की पृथक गणना होती रही थी, जिससे उनकी वास्तविक संख्या और सामाजिक स्थिति का आकलन संभव था। वर्तमान में ऐसी व्यवस्था नहीं होने से आदिवासी समुदायों की सटीक पहचान प्रभावित हो रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आदिवासियों की अलग पहचान को मान्यता दी गई है और उनके पृथक आंकड़े संकलित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। महापंचायत ने तर्क दिया कि अनुसूचित जनजातियों की गणना को ही पूर्ण आदिवासी गणना मानना उचित नहीं है, क्योंकि कई समुदाय विभिन्न श्रेणियों में शामिल हैं। इससे आदिवासियों की परंपराओं, पहचान और संवैधानिक हिस्सेदारी पर प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि जनगणना 2026 में ‘आदिवासी कॉलम’ सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और आवश्यकताओं का सही आकलन हो सके। इससे योजनाओं और संसाधनों का वितरण भी अधिक न्यायसंगत हो सकेगा। अंत में चेतावनी दी गई कि मांग पूरी नहीं होने पर व्यापक असंतोष उत्पन्न हो सकता है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।2
- लोगों को शिकायत ग्राम क्षेत्र में स्थित उचित मूल्य की दुकान, संचालक रघुनंदन लोधा के यहाँ चल रहे अनाज वितरण कार्यक्रम में अव्यवस्था देखने को मिली। राशन लेने पहुंचे कई लोगों ने व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और असंतोष व्यक्त किया। लाभार्थियों का आरोप है कि उन्हें समय पर और पूरी मात्रा में अनाज नहीं मिल रहा है। कुछ लोगों ने यह भी शिकायत की कि लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद वितरण प्रक्रिया धीमी है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि वितरण के दौरान पारदर्शिता की कमी महसूस हो रही है और कई बार नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।1
- मेरे परम् मित्र साथी नर्सिंग ऑफिसर नरेश सिंह तंवर (नर्सिंग ऑफिसर जिला अस्पताल हिंडौन सिटी) दिल के बहुत करीब अजीज मित्र नेकदिल इंसान चाहे घर हो या अस्पताल हमेशा सभी की मदद को तैयार रहने वाले का अचानक यू चले जाना हमारे सभी के लिए अपूर्णीय क्षति है, आप का हर किसी से सहजता से मिलना हर किसी कि सहायता करना ये सब हर इंसान में नहीं होते हम समझ सकते हैं कि, क्या गुजर रही होगी परिजनों एवं प्रियजनों पर। शोकाकुल परिजनों एवं प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। दिवंगत आत्मा को ईश्वर अपने श्री चरणों में स्थान दे तथा समस्त परिजनों एवं प्रियजनों को इस वज्रपात को सहन करने की सामर्थ्य प्रदान करे। 🙏😭 अश्रुपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि 😭🙏 🙏😭 शत् शत् नमन 😭🙏 Miss u Bhai Naresh Tanwar1
- 🚨 बड़ी खबर | जयपुर 🚨 घाट गेट स्थित अंकुर सिनेमा के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई जब रॉन्ग साइड से आ रहा एक ट्रैक्टर अचानक पलट गया। हादसे के बाद मौके पर ट्रैफिक जाम लग गया और राहगीरों में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर तेज़ रफ्तार में गलत दिशा से आ रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से वह सड़क पर पलट गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। 🚧 क्रेन की मदद से हटाया गया ट्रैक्टर सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और क्रेन की सहायता से पलटे हुए ट्रैक्टर को हटाकर सड़क को साफ किया गया, जिसके बाद ट्रैफिक धीरे-धीरे सामान्य हुआ। ⚠️ बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन? सड़क की खराब हालत? रॉन्ग साइड चलाने वाला ड्राइवर? या फिर प्रशासन की लापरवाही? स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में सड़क की हालत काफी खराब है और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी आम बात हो गई है, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। 👉 प्रशासन से मांग की जा रही है कि सड़क सुधार और ट्रैफिक नियमों की सख्ती से पालना करवाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें। #Jaipur #RoadAccident #TrafficJam #BreakingNews1
- गंगापुर सिटी: शादी में जा रहे परिवार पर टूटा कहर, भीषण सड़क हादसे में सास-बहू और मासूम की मौत, चालक गंभीर घायल गंगापुर सिटी। गंगापुर सिटी से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गंगापुर–जयपुर मार्ग पर खूंटला और बाढ़ कलां के बीच सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुए इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई, जबकि परिवार का मुखिया गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, काज़ी कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय साजिद पुत्र फखरुद्दीन अपनी बाइक से अपने परिवार के साथ डाबर गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था। बाइक पर साजिद के साथ उसकी 22 वर्षीय पत्नी नरगिस, एक वर्षीय मासूम बेटा अलमीर और 60 वर्षीय मां बानो सवार थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक निजी बस ने बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सभी लोग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की मदद से सभी घायलों को तुरंत गवर्नमेंट हॉस्पिटल गंगापुर सिटी पहुंचाया गया। हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने जांच के बाद नरगिस, उसकी सास बानो और मासूम अलमीर को मृत घोषित कर दिया। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। काफी संख्या में मृतक के रिश्तेदार, परिचित हॉस्पिटल पहुंचे और यहां पर लोगों की भीड़ जमा हुई। वहीं, बाइक चालक साजिद गंभीर रूप से घायल है और उसका जिला अस्पताल में उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। वही बस के द्वारा भाई को टक्कर मारने की घटना को लेकर लोगों में आक्रोश देखने को मिला। फिलहाल मृतकों के शवों को हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। इस हृदयविदारक हादसे के बाद गंगापुर सिटी और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। स्थानीय लोगों में तेज रफ्तार वाहनों को लेकर भारी आक्रोश है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार के खतरनाक परिणामों की याद दिलाता है।1
- गंगापुर सिटी प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल प्रथम) के नेतृत्व में आज जिले में अध्यापकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान हेतु एसडीएम बिजेंद्र मीणा को 4 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे और संगठन की ओर से अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा गया। जिला अध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि लंबे समय से अध्यापक वर्ग अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर संघर्षरत है, लेकिन अभी तक उनका समुचित समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन को आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। 📌 ज्ञापन में रखी गई 4 सूत्रीय प्रमुख मांगें: 1️⃣ अनुभव आधारित अध्यापक लेवल प्रथम को शीघ्र पदोन्नति प्रदान की जाए, ताकि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को उनका उचित हक मिल सके। 2️⃣ बीएड इंटर्नशिप के दौरान की गई वेतन कटौती के आदेश को तत्काल प्रभाव से प्रत्याहारित किया जाए, जिससे प्रभावित शिक्षकों को राहत मिल सके। 3️⃣ तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ कर पारदर्शिता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि शिक्षकों को सुविधा मिल सके। 4️⃣ अवकाशों में की गई कटौती को समाप्त कर पूर्व व्यवस्था बहाल की जाए, जिससे शिक्षकों के अधिकार सुरक्षित रह सकें। जिला अध्यक्ष ने प्रशासन से इन सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही करने की अपेक्षा जताई तथा कहा कि यह मांगें पूरी तरह न्यायसंगत एवं शिक्षकों के हित में हैं। इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे, जिनमें जिला अध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष हरिओम सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश गुर्जर, ब्लॉक महिला अध्यक्ष सुमन मीणा, ब्लॉक सचिव हरिओम गुर्जर, आदित्य राजावत, जीतेन्द्र सिंह गुर्जर, संतोष सैनी, कृष्ण कुमार सैनी सहित अन्य साथी उपस्थित रहे। अंत में संगठन की ओर से प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही मांगों का समाधान नहीं किया गया तो संगठन द्वारा व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1