ईरान और इजरायल के बीच हो रही जंग का असर उत्तर प्रदेश के जिलों में भी नजर आने लगा है। रसोई गैस के घटते स्टॉक को देखते हुए गैस एजेंसियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगा दी है। हालांकि, किल्लत का असर घरेलू गैस सिलेंडर पर भी नजर आ रहा है। गाजियाबाद, लखनऊ और बाराबंकी में गैस उपभोक्ताओं को एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। गैस कंपनियों की तरफ से 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर देने के निर्देश की वजह से ही किल्लत हुई है।गाजियाबाद में गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में भी 40 फीसदी कटौती हो रही है। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि स्टॉक करने वालों पर नजर रखी जा रही है। घरेलू गैस की आपूर्ति में समस्या नहीं होगी क्योंकि जिले में बॉटलिंग प्लांट हैं। गाजियाबाद में कई जगहों पर कॉमर्शियल सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। जहां सिलेंडर मिल रहे हैं वहां अधिक कीमत वसूली जा रही है। कॉमर्शियल सिलेंडर का दाम 1833 रुपये है जो कि 2390 रुपये तक में बिक रहे हैं। #IranIsraelWar #LPGCrisis #UttarPradesh #GasCylinder #Ghaziabad #Lucknow #Barabanki #EnergyCrisis
ईरान और इजरायल के बीच हो रही जंग का असर उत्तर प्रदेश के जिलों में भी नजर आने लगा है। रसोई गैस के घटते स्टॉक को देखते हुए गैस एजेंसियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगा दी है। हालांकि, किल्लत का असर घरेलू गैस सिलेंडर पर भी नजर आ रहा है। गाजियाबाद, लखनऊ और बाराबंकी में गैस उपभोक्ताओं को एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। गैस कंपनियों की तरफ से 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर देने के निर्देश की वजह से ही किल्लत हुई है।गाजियाबाद में गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में भी 40 फीसदी कटौती हो रही है। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि स्टॉक करने वालों पर नजर रखी जा रही है। घरेलू गैस की आपूर्ति में समस्या नहीं होगी क्योंकि जिले में बॉटलिंग प्लांट हैं। गाजियाबाद में कई जगहों पर कॉमर्शियल सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। जहां सिलेंडर मिल रहे हैं वहां अधिक कीमत वसूली जा रही है। कॉमर्शियल सिलेंडर का दाम 1833 रुपये है जो कि 2390 रुपये तक में बिक रहे हैं। #IranIsraelWar #LPGCrisis #UttarPradesh #GasCylinder #Ghaziabad #Lucknow #Barabanki #EnergyCrisis
- मथुरा राया थाना राया क्षेत्र के गांव भंकरपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बहू पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर सास की हत्या करने का आरोप लगा है। हत्या को छिपाने के लिए मृतका को हार्ट अटैक से मौत बताकर जल्दबाजी में दफन कर दिया गया। इस मामले में मृतका के पति अनवार खान ने राया थाने में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके बेटे आमिर की पत्नी हिना के पड़ोस में रहने वाले युवक से अवैध संबंध थे। उनकी पत्नी अनवरी बेगम इन संबंधों का विरोध करती थीं। जिसके चलते तकिए से मुंह दबाकर अनवरी बेगम की हत्या कर दी। और हार्ट अटैक बताकर शव को दफन कर दिया गया। कुछ दिन बाद गांव में इस घटना को लेकर चर्चाएं होने लगीं। इसके बाद मृतका के पति अनवार ने पुलिस को तहरीर देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश परप्रसाशनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कब्र से शव को निकालकर पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए गए इसी क्रम में आज राया पुलिस प्रसासनिक अफसरों के साथ गांव पहुंची और कब्र से महिला के शव क़ो बाहर निकाल पोस्टमार्टम क़ो भेजा है और पूरे मामले की जाँच में जुटी है4
- Post by Subhash Chand1
- भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह गुट द्वारा 11 सूत्रीय मांगों को लेकर उप जिलाधिकारी महावन को ज्ञापन सोपा तहसील में हो रहे भ्रष्टाचार की मांग रही मुख्य1
- Post by Brajvir Singh1
- Post by Vinay_creator1121
- Post by Govind Chaudhary1
- kya hoga is desh ka1
- मथुरा जिले की छाता तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आजकल आए दिन सुर्खियों में आता रहता है डॉक्टर अपनी मनमानी करते हैं कभी मेडिकल बनाने के नाम पर पैसे ऐंठ लेते हैं तो कभी मरीजों को घंटों घंटों बिठाए रखते हैं आखिर ऐसा क्यों,, जब योगी सरकार द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए लाखों करोड़ों जनता की सुविधा के लिए लगाए जा रहे हैं तो डॉक्टरों की लापरवाही क्यों,, जिम्मेदार कौन, ऐसा ही एक मामला आज देखने को मिला की गर्भवती महिलाएं भी ब्लड टेस्ट के लिए घंटों खड़ी रही ना मरीजों को पीने के लिए पानी की सुविधा है और ना ही उन्हें बैठने की शौचालय की हालत और भी शर्मसार करने बाली है कोई सफाई का ध्यान नहीं दिया जा रहा है किसी गर्भवती महिला को अगर इंफेक्शन हो जाता है तो उसका जिम्मेदार कौन,, क्या यही धरातल पर स्वास्थ्य व्यवस्था है लोगों का आरोप है की स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी सीधे मुंह बात नहीं करते, नाही अस्पताल परिसर में कोई साफ सफाई है ट्रेनिंग डॉक्टर ही मरीजों पर बगैर सीनियर डॉक्टर के इलाज करते हैं अगर किसी मरीज के साथ कोई बड़ी घटना घट गई तो जिम्मेदार कौन4