98% अंक लाकर चमकी समृद्धि खरे, डॉक्टर बन देश सेवा का सपना — सोशल मीडिया पर भी दिया खास संदेश लखीमपुर खीरी। ला मटीना स्कूल की मेधावी छात्रा समृद्धि खरे ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से 98% अंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस शानदार सफलता के पीछे समृद्धि ने अपने माता-पिता के मार्गदर्शन, समर्थन और आशीर्वाद को सबसे बड़ा कारण बताया है। समृद्धि का सपना है कि वह आगे चलकर एक कुशल चिकित्सक बने और देश की सेवा करे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ सार्थक करना है। उनकी इस सोच ने उन्हें अन्य छात्रों के लिए एक प्रेरणा बना दिया है। आज के डिजिटल दौर में समृद्धि ने छात्रों को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल सीमित और सही तरीके से करना चाहिए, ताकि पढ़ाई और लक्ष्य से ध्यान न भटके। उनका मानना है कि मोबाइल एक साधन है, लेकिन इसे अपनी आदत या कमजोरी नहीं बनने देना चाहिए। समृद्धि खरे की यह सफलता न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सही दिशा, अनुशासन और परिवार के सहयोग से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने भी समृद्धि की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
98% अंक लाकर चमकी समृद्धि खरे, डॉक्टर बन देश सेवा का सपना — सोशल मीडिया पर भी दिया खास संदेश लखीमपुर खीरी। ला मटीना स्कूल की मेधावी छात्रा समृद्धि खरे ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से 98% अंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस शानदार सफलता के पीछे समृद्धि ने अपने माता-पिता के मार्गदर्शन, समर्थन और आशीर्वाद को सबसे बड़ा कारण बताया है। समृद्धि का सपना है कि वह आगे चलकर एक कुशल चिकित्सक बने और देश की सेवा करे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ सार्थक करना है। उनकी इस सोच ने उन्हें अन्य छात्रों के लिए एक प्रेरणा बना दिया है। आज के डिजिटल दौर में समृद्धि ने छात्रों को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल सीमित और सही तरीके से करना चाहिए, ताकि पढ़ाई और लक्ष्य से ध्यान न भटके। उनका मानना है कि मोबाइल एक साधन है, लेकिन इसे अपनी आदत या कमजोरी नहीं बनने देना चाहिए। समृद्धि खरे की यह सफलता न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सही दिशा, अनुशासन और परिवार के सहयोग से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने भी समृद्धि की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
- युवतियों पर छींटाकशी और छेड़छाड़ करना पड़ा भारी- मेरठ - पुलिस ने राहगीर युवतियों से छेड़छाड़ व छींटाकशी करने वाले 18 मनचले पकड़े हैं ये सभी सुनसान एरिया से गुजर रही युवतियों को अकेला देखकर छेड़छाड़ करते थे मेरठ पुलिस ने मनचलों के विरोध 'आपरेशन डिकाॅय' चलाया और इन सबको धर दबोचा, सभी नई उम्र के लड़के हैं महिला पुलिस ने विशेष भूमिका निभाई लड़कियां बनकर, तब सब पकड़े गए1
- लखीमपुर खीरी (पलिया): बांकेगंज क्षेत्र में हाल ही में हुई हिंसा की घटना को लेकर पलिया विधायक रोमी साहनी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, लेकिन किसी भी निर्दोष को सजा न मिले। विधायक ने खीरी पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है।1
- पलिया कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बड़ागांव अतरिया में दबंगों का कहर देखने को मिला, जहां चार सगे भाइयों और उनके पिता को बेरहमी से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के दौरान आरोपियों ने घर पर जमकर ईंट-पत्थर भी बरसाए, जिससे इलाके में दहशत फैल गयी। पूरा मामला खेत में खड़ी गेहूं की फसल काटने को लेकर हुआ बताया जा रहा है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, सरफुद्दीन, मोहम्मद शकी, मोहम्मद नवी और सरमुद्दीन अपने घर पर मौजूद थे, तभी गांव के ही रकीबुद्दीन, करीमुद्दीन, उनके पिता सुमीर, करीना बानो और नैसरी बेगम ने अचानक हमला बोल दिया। आरोप है कि सभी ने मिलकर चारों भाइयों को बुरी तरह पीटा। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके पिता मोहम्मद जकी को भी नहीं बख्शा गया और उन्हें भी मारपीट कर घायल कर दिया गया। इतना ही नहीं, दबंगों ने घर पर ईंट-पत्थर चलाने शुरू कर दिए। उस समय सरफुद्दीन टीन शेड के नीचे लेटा हुआ था, तभी एक भारी पत्थर टीन को तोड़ते हुए उसके ऊपर आ गिरा। गनीमत रही कि कोई बच्चा वहां मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना में सभी घायल गंभीर रूप से चोटिल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 115(2) एवं 351(2) के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इस संबंध में थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच कर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी।1
- लखीमपुर खीरी। ला मटीना स्कूल की मेधावी छात्रा समृद्धि खरे ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से 98% अंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस शानदार सफलता के पीछे समृद्धि ने अपने माता-पिता के मार्गदर्शन, समर्थन और आशीर्वाद को सबसे बड़ा कारण बताया है। समृद्धि का सपना है कि वह आगे चलकर एक कुशल चिकित्सक बने और देश की सेवा करे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ सार्थक करना है। उनकी इस सोच ने उन्हें अन्य छात्रों के लिए एक प्रेरणा बना दिया है। आज के डिजिटल दौर में समृद्धि ने छात्रों को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल सीमित और सही तरीके से करना चाहिए, ताकि पढ़ाई और लक्ष्य से ध्यान न भटके। उनका मानना है कि मोबाइल एक साधन है, लेकिन इसे अपनी आदत या कमजोरी नहीं बनने देना चाहिए। समृद्धि खरे की यह सफलता न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सही दिशा, अनुशासन और परिवार के सहयोग से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने भी समृद्धि की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।1
- गोला गोकर्णनाथ मे चल रहे एतिहासिक चैती मे मुख्य आतिथियो के लिए सोफा किऐ गये उल्टा कि कही किसी की सीट न चली जाऐ तभी ऐसा किया गया1
- लखीमपुर खीरी, बांकेगंज | विशेष रिपोर्ट बांकेगंज में हुई हिंसा की असली वजह अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है। शुरुआती जांच और ग्रामीणों के बयानों के आधार पर यह साफ हो रहा है कि पूरा मामला जमीन विवाद, अंबेडकर प्रतिमा स्थापना और कथित राजनीतिक हस्तक्षेप का नतीजा है। बताया जा रहा है कि गांव में स्थित ग्राम समाज की एक जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस जमीन के पिछले हिस्से का बैनामा चंदा देवी के नाम बताया जा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष भी उस जमीन पर अपना हक जता रहा है। इसी विवादित जमीन पर अंबेडकर जयंती के मौके पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्राम प्रधान के सहयोग से डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी गई। प्रतिमा स्थापना का चंदा देवी ने विरोध किया और पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले खुद चंदा देवी ने प्रतिमा हटाने की कोशिश की, जिससे विवाद शुरू हो गया और बात मारपीट तक पहुंच गई। इसी बीच पुलिस ने भी प्रतिमा को हटाने का प्रयास किया, जिस पर भीड़ उग्र हो गई। हालात तब बिगड़ गए जब प्रतिमा टूट गई। प्रतिमा के टूटते ही गुस्साई भीड़ ने रोड जाम कर दिया और देखते ही देखते पत्थरबाजी शुरू हो गई। हालात इतने बिगड़े कि कुछ सरकारी वाहनों में आग लगा दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले में एक स्थानीय जनप्रतिनिधि का हस्तक्षेप था, जिसके दबाव में पुलिस ने जल्दबाजी में कार्रवाई की। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने नियमों का पालन करते हुए, मजिस्ट्रेट की मौजूदगी और पर्याप्त फोर्स के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की होती, तो हिंसा टाली जा सकती थी। फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है। निष्कर्ष: बांकेगंज हिंसा एक सामान्य विवाद नहीं, बल्कि जमीन, भावना और राजनीति के टकराव का नतीजा बन गई, जिसने पूरे इलाके को तनाव में डाल दिया।1
- लखीमपुर......अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) पवन गौतम के पर्यवेक्षण में थाना पढ़ुआ पुलिस ने मवेशी गैंग का किया खुलासा, पांच मवेशी चोर गिरफ्तार तथा एक भैंस व पिकअप सहित नगदी बरामद। मवेशी चोर गैंग को पकड़ने वाली टीम में इंस्पेक्टर पढ़ुआ दिनेश शर्मा, उपनिरीक्षक जुबेर अहमद, आरक्षी कृष्ण कुमार, चंद्र मोहन त्यागी सहित अन्य कई पुलिसकर्मी शामिल रहे......1
- पढ़ुआ पुलिस को मिली बड़ी सफलता..... मवेशी चोर गैंग चढ़ा पुलिस के हत्थे लखीमपुर......अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) पवन गौतम के पर्यवेक्षण में थाना पढ़ुआ पुलिस ने मवेशी गैंग का किया खुलासा, पांच मवेशी चोर गिरफ्तार तथा एक भैंस व पिकअप सहित नगदी बरामद। मवेशी चोर गैंग को पकड़ने वाली टीम में इंस्पेक्टर पढ़ुआ दिनेश शर्मा, उपनिरीक्षक जुबेर अहमद, आरक्षी कृष्ण कुमार, चंद्र मोहन त्यागी सहित अन्य कई पुलिसकर्मी शामिल रहे......1