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आम जनता में सरकारी अधिकारियों के रवैये को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। यह आरोप लगाया गया है कि ये सरकारी कर्मचारी केवल अपने निजी फायदे को प्राथमिकता देते हैं और जनता की भलाई या समस्याओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। पोस्ट में कड़े शब्दों में कहा गया है कि उनके लिए 'जनता भाड़ में जाए'। इस गंभीर टिप्पणी में यह भी कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति मेहनत करके अपना गुजारा चला रहा है, तो उसे भी जीने नहीं दिया जा रहा है, जिससे सरकारी तंत्र की मनमानी और असंवेदनशीलता उजागर होती है।
Pooja mahwer
आम जनता में सरकारी अधिकारियों के रवैये को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। यह आरोप लगाया गया है कि ये सरकारी कर्मचारी केवल अपने निजी फायदे को प्राथमिकता देते हैं और जनता की भलाई या समस्याओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। पोस्ट में कड़े शब्दों में कहा गया है कि उनके लिए 'जनता भाड़ में जाए'। इस गंभीर टिप्पणी में यह भी कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति मेहनत करके अपना गुजारा चला रहा है, तो उसे भी जीने नहीं दिया जा रहा है, जिससे सरकारी तंत्र की मनमानी और असंवेदनशीलता उजागर होती है।
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- प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत, सरकार द्वारा घर के निर्माण के लिए ₹2.5 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, इस योजना के तहत होम लोन पर ब्याज सब्सिडी भी दी जाती है। इस सहायता का लाभ उठाने के लिए, लाभार्थी की वार्षिक आय ₹18 लाख तक होनी चाहिए और उनके परिवार के पास देश में कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए।1
- नीट पेपर लीक और सीयूईटी परीक्षा के बदले समय को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा निशाना साधा है। AAP संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो पोस्ट साझा करते हुए कहा कि नीट में पेपर लीक रोकने के लिए वायु सेना के जहाजों का इस्तेमाल करने जैसी बातें सरकार द्वारा 'अनपढ़ों जैसी' हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की पेपर लीक रोकने की नीयत ही नहीं है और देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से माफिया के चंगुल में आ चुकी है। केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि इस समस्या को ठीक करने के लिए सबको मिलकर कुछ करना होगा, अकेले किसी के कुछ करने से यह संभव नहीं होगा। AAP नेता मनीष सिसोदिया ने सीयूईटी परीक्षा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने केंद्रीय स्तर पर एनटीए (NTA) नामक एक एजेंसी का गठन किया, जिसका काम देश की सभी परीक्षाएं आयोजित करना है। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि जब से यह एजेंसी बनी है, तब से देश के युवाओं और बच्चों के साथ एक 'बहुत बड़ा घोटाला' हो रहा है और कोई भी परीक्षा ठीक से आयोजित नहीं हो रही है। उन्होंने नीट, सीबीएसई और एसएससी तक की परीक्षाओं में सरकार को फेल बताया। सिसोदिया ने आगे कहा कि आज एनटीए ने सीयूईटी परीक्षा का भी मजाक बनाकर रख दिया है, जहाँ बच्चे परीक्षा केंद्र पर पहुँचते हैं तो परीक्षा का समय बदल दिया जाता है, किसी का केंद्र तो किसी की तारीख बदल दी जाती है, जिससे 'पूरी अव्यवस्था' फैल गई है। उन्होंने इस स्थिति को 'मजाक नहीं' बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात को कभी नहीं समझ सकते कि परीक्षा के लिए पूरा परिवार कितनी मेहनत करता है।1
- Post by Rihan4
- एक नागरिक ने अपनी दिल्ली में केजरीवाल को वोट देने की बात कही है, उनका मानना है कि केजरीवाल ने जो भी काम किए हैं, वे मोदी से बेहतर हैं। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों से केजरीवाल का अच्छा काम देखा नहीं गया और उनके साथ गलत किया गया। इन सब बातों को देखकर और सुनकर, पोस्ट लिखने वाले को लगता है कि अब कोई भी मोदी को वोट नहीं देगा, और उन्होंने अन्य लोगों से भी पूछा है कि वे किसे वोट देंगे।1
- दिल्ली में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। दिल्ली की CM रेखा गुप्ता के विधानसभा क्षेत्र शालीमार बाग से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जहाँ संभावित कार्रवाई की खबरों के बाद कई परिवारों ने अपने मकान खाली करने शुरू कर दिए हैं। इलाके में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और कई परिवार अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने में जुटे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुलडोजर कार्रवाई की चर्चाओं और प्रशासनिक गतिविधियों के बाद उन्होंने एहतियातन घर खाली करने का फैसला लिया है। कई जगहों पर परिवारों को घरेलू सामान, फर्नीचर और जरूरी दस्तावेजों को दूसरे स्थानों पर ले जाते देखा गया है। दिल्ली में हाल के महीनों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ विभिन्न इलाकों में कार्रवाई देखने को मिली है, जहाँ प्रशासन ने नोटिस जारी कर लोगों को पहले ही जगह खाली करने के निर्देश दिए थे। इस तरह की कार्रवाइयों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, जहाँ विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई कानून और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाती है। फिलहाल इलाके में स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। स्थानीय निवासी प्रशासन की अगली घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, जबकि सुरक्षा और निगरानी भी बढ़ा दी गई है।1