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प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत, सरकार द्वारा घर के निर्माण के लिए ₹2.5 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, इस योजना के तहत होम लोन पर ब्याज सब्सिडी भी दी जाती है। इस सहायता का लाभ उठाने के लिए, लाभार्थी की वार्षिक आय ₹18 लाख तक होनी चाहिए और उनके परिवार के पास देश में कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए।
Rekha Panchal
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत, सरकार द्वारा घर के निर्माण के लिए ₹2.5 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, इस योजना के तहत होम लोन पर ब्याज सब्सिडी भी दी जाती है। इस सहायता का लाभ उठाने के लिए, लाभार्थी की वार्षिक आय ₹18 लाख तक होनी चाहिए और उनके परिवार के पास देश में कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए।
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- सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी खत्म नहीं हुआ है, और भारतीय सेना भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' के लिए भी पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल शत्रुता में केवल एक अस्थायी विराम है, लेकिन थल सेना, वायुसेना और नौसेना पूरी तरह सतर्क हैं। एनडीए खड़कवासला में पासिंग आउट परेड के दौरान बोलते हुए, जनरल द्विवेदी ने आधुनिक युद्ध, सूचना युद्ध और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल की अहमियत पर विशेष जोर दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज का युद्धक्षेत्र पूरी तरह से पारदर्शी हो गया है, जिससे हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। उनके इस बयान को भारत की भविष्य की सुरक्षा रणनीति के एक अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।1
- एक नागरिक ने अपनी दिल्ली में केजरीवाल को वोट देने की बात कही है, उनका मानना है कि केजरीवाल ने जो भी काम किए हैं, वे मोदी से बेहतर हैं। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों से केजरीवाल का अच्छा काम देखा नहीं गया और उनके साथ गलत किया गया। इन सब बातों को देखकर और सुनकर, पोस्ट लिखने वाले को लगता है कि अब कोई भी मोदी को वोट नहीं देगा, और उन्होंने अन्य लोगों से भी पूछा है कि वे किसे वोट देंगे।1
- बिहार के भागलपुर में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सभी को शर्मसार कर देने वाली बताया जा रहा है। यहाँ एक लड़की ने पहले अरेंज मैरिज की, जिससे उसका एक लड़का भी हुआ। कुछ समय अपने पति के साथ रहने के बाद, उसने अपने प्रेमी से लव मैरिज कर ली। प्रेम विवाह के बाद, उसके लव मैरिज वाले पति ने उसे कुछ समय तक अपने साथ रखा और उसका खर्च उठाया। हालाँकि, लगभग दो महीने बाद, वह उसे किराए के मकान में छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद लड़की ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपने प्रेम विवाह वाले पति के साथ रहने की इच्छा जताई। लेकिन, उसके लव मैरिज वाले पति ने उसे रखने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उसके पहले यानी अरेंज मैरिज वाले पति ने भी उसे रखने से मना कर दिया। इस पूरी घटना को एक शर्मनाक वाकया बताते हुए मूल पोस्ट में कहा गया है कि लड़की के साथ जो कुछ हो रहा है, वह बहुत ही अच्छा है। यह प्रश्न उठाया गया है कि ऐसी लड़की के साथ क्या किया जाना चाहिए।1
- भारत ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी का एक महत्वपूर्ण विकल्प ढूंढ लिया है, जिसके साथ देश ने इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है। अपनी अधिकांश गाड़ियों को बिजली पर चलाने का संकल्प लेते हुए भारत इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। इस प्रगति के चलते, पारंपरिक पेट्रोल, डीजल और सीएनजी को अब पीछे छोड़ा जा रहा है, क्योंकि देश ने अपने वाहनों को चलाने का नया समाधान खोज लिया है।1
- सावधान! इन दिनों चोर लूटपाट के लिए एक नया तरीका अपना रहे हैं। वे कूलर की घास या पानी वाली जगह पर कोई नशीला स्प्रे या पाउडर डाल देते हैं। इस कृत्य के बाद, चोर घरों में आसानी से लूटपाट को अंजाम देते हैं।1
- केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक साफ संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जो लोग अवैध तरीके से राज्य में आए हैं, वे सभी स्वेच्छा से अपने देश लौट जाएं।1
- सरकार ने स्पष्ट और दृढ़ता से घोषणा की है कि देशभर से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा, और कोई भी घुसपैठिया बच नहीं पाएगा। इसी संकल्प के साथ, प्रधानमंत्री मोदी जी की घोषणा के अनुरूप, सरकार ने 'जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर एक उच्च-स्तरीय समिति' का गठन कर दिया है। सरकार ने यह भी दोहराया है कि देश की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा, इस बात पर फिर से जोर देते हुए कि सभी घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा।1
- आम जनता में सरकारी अधिकारियों के रवैये को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। यह आरोप लगाया गया है कि ये सरकारी कर्मचारी केवल अपने निजी फायदे को प्राथमिकता देते हैं और जनता की भलाई या समस्याओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। पोस्ट में कड़े शब्दों में कहा गया है कि उनके लिए 'जनता भाड़ में जाए'। इस गंभीर टिप्पणी में यह भी कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति मेहनत करके अपना गुजारा चला रहा है, तो उसे भी जीने नहीं दिया जा रहा है, जिससे सरकारी तंत्र की मनमानी और असंवेदनशीलता उजागर होती है।1