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Bijli Ka Pol Gira hai jispe Transformer Thha aaj teen din ho gye hai koi sunvai nahi hai Gram Sorahwa Post Pipra Jatampur Jila kushinagarBijli Ka Pol Gira hai jispe Transformer Thha aaj teen din ho gye hai koi sunvai nahi hai aur kharab sadke hai iska koi upay kiya jaayr bijli vibhag se request hai🙏🙏

1 hr ago
user_Sandeep Yadav
Sandeep Yadav
तमकुही राज, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

Bijli Ka Pol Gira hai jispe Transformer Thha aaj teen din ho gye hai koi sunvai nahi hai Gram Sorahwa Post Pipra Jatampur Jila kushinagarBijli Ka Pol Gira hai jispe Transformer Thha aaj teen din ho gye hai koi sunvai nahi hai aur kharab sadke hai iska koi upay kiya jaayr bijli vibhag se request hai🙏🙏

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • मथुरा के मंदिर में 62 साल के साधु ने 10 साल की बच्ची से किया रेप, साधु गिरफ्तार। मथुरा के मंदिर में इस 62 साल के साधु ने 10 साल की बच्ची से रेप किया है. बच्ची अपने परिवार के साथ मंदिर परिसर में रहा करती थी. घटना वाले दिन बच्ची के माता पिता किसी काम से बाहर गए थे. इसी दौरान साधु ने उनकी बच्ची के साथ रेप किया. घटना के दौरान बच्ची की चीख-पुकार सुनकर वहां भीड़ जमा हो गई. लोगों ने साधु को जमकर पीटा, साथ ही जूते-चप्पलों की माला पहनाकर गांव में घुमाया. और फिर पुलिस के हवाले कर दिया. औरैया का रहने वाले इस साधु की पहचान लक्ष्मी कांत के रूप में हुई है, जो इस मंदिर में पिछले 3 साल से रह रहा था.
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    मथुरा के मंदिर में 62 साल के साधु ने 10 साल की बच्ची से किया रेप, साधु गिरफ्तार।
मथुरा के मंदिर में इस 62 साल के साधु ने 10 साल की बच्ची से रेप किया है. बच्ची अपने परिवार के साथ मंदिर परिसर में रहा करती थी. घटना वाले दिन बच्ची के माता पिता किसी काम से बाहर गए थे. इसी दौरान साधु ने उनकी बच्ची के साथ रेप किया.
घटना के दौरान बच्ची की चीख-पुकार सुनकर वहां भीड़ जमा हो गई. लोगों ने साधु को जमकर पीटा, साथ ही जूते-चप्पलों की माला पहनाकर गांव में घुमाया. और फिर पुलिस के हवाले कर दिया.
औरैया का रहने वाले इस साधु की पहचान लक्ष्मी कांत के रूप में हुई है, जो इस मंदिर में पिछले 3 साल से रह रहा था.
    user_News of Kushinagar
    News of Kushinagar
    Classified ads newspaper publisher तमकुही राज, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    24 min ago
  • Bijli Ka Pol Gira hai jispe Transformer Thha aaj teen din ho gye hai koi sunvai nahi hai Gram Sorahwa Post Pipra Jatampur Jila kushinagarBijli Ka Pol Gira hai jispe Transformer Thha aaj teen din ho gye hai koi sunvai nahi hai aur kharab sadke hai iska koi upay kiya jaayr bijli vibhag se request hai🙏🙏
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    Bijli Ka Pol Gira hai jispe Transformer Thha aaj teen din ho gye hai koi sunvai nahi hai
Gram Sorahwa Post Pipra Jatampur Jila kushinagarBijli Ka Pol Gira hai jispe Transformer Thha aaj teen din ho gye hai koi sunvai nahi hai aur kharab sadke hai iska koi upay kiya jaayr bijli vibhag se request hai🙏🙏
    user_Sandeep Yadav
    Sandeep Yadav
    तमकुही राज, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • स्कूलों में मोबाइल फोन पर पाबंदी के पीछे कई अहम कारण हैं। यह लेख ऐसे ही 5 असली वजहों को सामने लाता है, जो छात्रों की पढ़ाई और उनके अनुशासन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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    स्कूलों में मोबाइल फोन पर पाबंदी के पीछे कई अहम कारण हैं। यह लेख ऐसे ही 5 असली वजहों को सामने लाता है, जो छात्रों की पढ़ाई और उनके अनुशासन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
    user_विज्ञान शिक्षण संस्थान मिश्रबत
    विज्ञान शिक्षण संस्थान मिश्रबत
    Teacher फुलवरिया, गोपालगंज, बिहार•
    23 hrs ago
  • स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी के पीछे कई अहम कारण हैं। पढ़ाई में रुकावट से लेकर अनुचित व्यवहार तक, इन 5 असली वजहों को जानना जरूरी है।
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    स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी के पीछे कई अहम कारण हैं। पढ़ाई में रुकावट से लेकर अनुचित व्यवहार तक, इन 5 असली वजहों को जानना जरूरी है।
    user_Rahul Sir
    Rahul Sir
    Teacher फुलवरिया, गोपालगंज, बिहार•
    23 hrs ago
  • अफ्रीका में महिलाओं और अन्य व्यक्तियों के साथ हो रही बर्बरता पर गहरी चिंता जताई गई है। इसे किसी भी कारण से अमानवीय और अक्षम्य बताया जा रहा है।
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    अफ्रीका में महिलाओं और अन्य व्यक्तियों के साथ हो रही बर्बरता पर गहरी चिंता जताई गई है। इसे किसी भी कारण से अमानवीय और अक्षम्य बताया जा रहा है।
    user_Times Update
    Times Update
    Media Consultant कुशी नगर, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • लोकायुक्त के जांच मे घिरे डीआईओएस ने आईजीआरएस को बना दिया मजाक 🔵कनोडिया इंटर कॉलेज का काला खेल: फर्जी हाजिरी, लाखो का एरियर भुगतान, फर्जी नौकरी और आईजीआरएस पर सच का गला घोंटते डीआईओएस 🔵 सच दबाने की साजिश या विभागीय संरक्षण? कनोडिया इंटर कॉलेज प्रकरण में डीआईओएस कठघरे में 🔴 युगान्धर टाइम्स व्यूरो कुशीनगर। लोकायुक्त की जांच में पहले से घिरे जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में हैं। इस बार मामला सिर्फ वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायतों के फर्जी निस्तारण और तथ्य छिपाकर शासन को गुमराह करने का है। आरोप इतने गंभीर हैं कि स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो जाए तो डीआईओएस और आरोपी शिक्षको की कारस्तानी की कई परतें खुल सकती हैं। जनपद के कप्तानगंज स्थित श्री गंगा बक्श कनोडिया इंटर कॉलेज इन दिनों शिक्षा का मंदिर कम और कथित भ्रष्टाचार का अड्डा के रूप ज्यादा चर्चा में है। सबब यह है कि विद्यालय के सहायक अध्यापक श्याम नारायण पाण्डेय, वीरेन्द्र पाण्डेय और बर्खास्तगी के बाद कथित रूप से तथ्य छिपाकर नौकरी कर रहे देवेन्द्र पाण्डेय पर फर्जीवाड़े, सरकारी धन की लूट और नियमों को धता बताकर लाभ लेने के गंभीर आरोप लगे हैं।इन शिक्षकों का विनियमितीकरण वर्ष 2018 में हुआ है, लेकिन चयन वेतनमान का लाभ वर्ष 2008 से ही लिया जा रहा है। यानी कि जिस सुविधा का लाभ इन शिक्षको को वर्ष 2028 में मिलना था, उसका लाभ इन शिक्षको द्वारा फर्जी तरीके से बीस वर्ष पहले से ही उठाते हुए सरकारी खजाना लूटा जा रहा है। सवाल यह है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ? और यदि हुआ तो किसकी शह पर हुआ ? बताया जा रहा है कि कूटरचित अभिलेखों और फर्जी तथ्यों के आधार पर चयन वेतनमान स्वीकृत कराया गया। इतना ही नहीं, जुलाई 2012 से जून 2014 तक करीब दो वर्षों तक विद्यालय न आने के बावजूद फर्जी उपस्थिति पंजिका के सहारे लाखों रुपये का एरियर भी निकाल लिया गया।अब बड़ा सवाल यह है कि जब मूल उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं मिले, तो भुगतान किस आधार पर किया गया ? किस अधिकारी ने आंख बंद कर सरकारी धन लुटा दिया? 🔴नो वर्क, नो पे” का सिद्धांत भी हुआ ध्वस्त शिक्षा निदेशालय के पत्र दिनांक 13 फरवरी 2023 में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि स्थलीय जांच में मूल उपस्थिति पंजिका पर संबंधित शिक्षकों के हस्ताक्षर नहीं पाए गए, जिससे उनकी कार्यरतता प्रमाणित नहीं हो रही। ऐसे में “नो वर्क, नो पे” के सिद्धांत के तहत भुगतान नियमसंगत नहीं माना गया। इतना ही नही वित्त नियंत्रक (माध्यमिक) उत्तर प्रदेश ने भी अपने पत्र में साफ निर्देश दिया था कि किसी भी प्रकार का अनियमित या दोहरा भुगतान होने पर संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक और वित्त एवं लेखाधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। बावजूद इसके भुगतान हुआ और अब पूरा मामला सवालों के घेरे में है। 🔴आईजीआरएस पर ‘फर्जी निस्तारण’ का आरोप सबसे चौंकाने वाला तत्थ यह है कि शिकायतों की गंभीरता के बावजूद जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त ने आईजीआरएस पर तथ्य छिपाकर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। आरोप है कि इन शिक्षको पर कार्रवाई करने के बजाय डीआईओएस ने आरोपी शिक्षकों का बचाव किया और पूरा मामला लीपापोती में बदल दिया। सूत्रों की मानें तो जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त द्वारा कनोडिया इंटरमीडिएट कालेज के प्रधानाचार्य से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट में मूल उपस्थिति पंजिका ( जिस पर आरोपी तीनो शिक्षको का जुलाई 2012 से जून 2014 तक हस्ताक्षर नही है), तत्कालीन डीआईओएस की जांच रिपोर्ट, शिक्षा निदेशक के पत्र और वित्त नियंत्रक के आदेश सहित करीब 26 पन्नों के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। इन दस्तावेजों में श्याम नरायण पाण्डेय, विरेन्द्र पाण्डेय व बर्खास्तगी के बाद तथ्य गोपन कर नौकरी कर रहे सहायक अध्यापक देवेन्द्र पाण्डेय की कथित फर्जीवाड़े के ठोस साक्ष्य मौजूद थे। लेकिन डीआईओएस ने उन महत्वपूर्ण दस्तावेजों को दबा दिया और मात्र एक पन्ने की आख्या अपलोड कर आईजीआरएस पर शिकायत का निस्तारण कर दिया। अब सवाल यह है कि आखिर किस दबाव या संरक्षण में यह खेल खेला गया? शिक्षा विभाग के जानकारों का कहना है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हुई तो सिर्फ तीन शिक्षकों ही नहीं बल्कि कई अधिकारियों की भूमिका भी उजागर हो सकती है।जिले में अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि आखिर कौन सी ताकत है जो इन शिक्षको के खिलाफ कार्रवाई को रोक रही है? क्यों अब तक इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज नही हुआ , अब तक रिकवरी क्यो नही हुई? और क्यो अब डीआईओएस द्वारा इन शिक्षको के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई?
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    लोकायुक्त के जांच मे घिरे डीआईओएस ने आईजीआरएस को बना दिया मजाक 
🔵कनोडिया इंटर कॉलेज का काला खेल: फर्जी हाजिरी, लाखो का एरियर भुगतान, फर्जी नौकरी और आईजीआरएस पर सच का गला घोंटते डीआईओएस 
🔵 सच दबाने की साजिश या विभागीय संरक्षण? कनोडिया इंटर कॉलेज प्रकरण में डीआईओएस कठघरे में 
🔴 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 
कुशीनगर। लोकायुक्त की जांच में पहले से घिरे जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में हैं। इस बार मामला सिर्फ वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायतों के फर्जी निस्तारण और तथ्य छिपाकर शासन को गुमराह करने का है। आरोप इतने गंभीर हैं कि स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो जाए तो डीआईओएस और आरोपी शिक्षको की कारस्तानी की कई परतें खुल सकती हैं।
जनपद के कप्तानगंज स्थित श्री गंगा बक्श कनोडिया इंटर कॉलेज इन दिनों शिक्षा का मंदिर कम और कथित भ्रष्टाचार का अड्डा के रूप ज्यादा चर्चा में है। सबब यह है कि विद्यालय के सहायक अध्यापक श्याम नारायण पाण्डेय, वीरेन्द्र पाण्डेय और बर्खास्तगी के बाद कथित रूप से तथ्य छिपाकर नौकरी कर रहे देवेन्द्र पाण्डेय पर फर्जीवाड़े, सरकारी धन की लूट और नियमों को धता बताकर लाभ लेने के गंभीर आरोप लगे हैं।इन शिक्षकों का विनियमितीकरण वर्ष 2018 में हुआ है, लेकिन चयन वेतनमान का लाभ वर्ष 2008 से ही लिया जा रहा है। यानी कि जिस सुविधा का लाभ इन शिक्षको को वर्ष 2028 में मिलना था, उसका लाभ इन शिक्षको द्वारा फर्जी तरीके से बीस वर्ष पहले से ही उठाते हुए सरकारी खजाना लूटा जा रहा है। सवाल यह है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ? और यदि हुआ तो किसकी शह पर हुआ ? बताया जा रहा है कि कूटरचित अभिलेखों और फर्जी तथ्यों के आधार पर चयन वेतनमान स्वीकृत कराया गया। इतना ही नहीं, जुलाई 2012 से जून 2014 तक करीब दो वर्षों तक विद्यालय न आने के बावजूद फर्जी उपस्थिति पंजिका के सहारे लाखों रुपये का एरियर भी निकाल लिया गया।अब बड़ा सवाल यह है कि जब मूल उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं मिले, तो भुगतान किस आधार पर किया गया ? किस अधिकारी ने आंख बंद कर सरकारी धन लुटा दिया?
🔴नो वर्क, नो पे” का सिद्धांत भी हुआ ध्वस्त
शिक्षा निदेशालय के पत्र दिनांक 13 फरवरी 2023 में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि स्थलीय जांच में मूल उपस्थिति पंजिका पर संबंधित शिक्षकों के हस्ताक्षर नहीं पाए गए, जिससे उनकी कार्यरतता प्रमाणित नहीं हो रही। ऐसे में “नो वर्क, नो पे” के सिद्धांत के तहत भुगतान नियमसंगत नहीं माना गया। इतना ही नही वित्त नियंत्रक (माध्यमिक) उत्तर प्रदेश ने भी अपने पत्र में साफ निर्देश दिया था कि किसी भी प्रकार का अनियमित या दोहरा भुगतान होने पर संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक और वित्त एवं लेखाधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। बावजूद इसके भुगतान हुआ और अब पूरा मामला सवालों के घेरे में है।
🔴आईजीआरएस पर ‘फर्जी निस्तारण’ का आरोप 
सबसे चौंकाने वाला तत्थ यह है कि शिकायतों की गंभीरता के बावजूद जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त ने आईजीआरएस पर तथ्य छिपाकर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। आरोप है कि इन शिक्षको पर कार्रवाई करने के बजाय डीआईओएस ने आरोपी शिक्षकों का बचाव किया और पूरा मामला लीपापोती में बदल दिया। सूत्रों की मानें तो जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त द्वारा कनोडिया इंटरमीडिएट कालेज के प्रधानाचार्य से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट में मूल उपस्थिति पंजिका ( जिस पर आरोपी तीनो शिक्षको का जुलाई 2012 से जून 2014 तक हस्ताक्षर नही है), तत्कालीन डीआईओएस की जांच रिपोर्ट, शिक्षा निदेशक के पत्र और वित्त नियंत्रक के आदेश सहित करीब 26 पन्नों के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। इन दस्तावेजों में  श्याम नरायण पाण्डेय, विरेन्द्र पाण्डेय व बर्खास्तगी के बाद तथ्य गोपन कर नौकरी कर रहे सहायक अध्यापक देवेन्द्र पाण्डेय की कथित फर्जीवाड़े के ठोस साक्ष्य मौजूद थे। लेकिन  डीआईओएस ने उन महत्वपूर्ण दस्तावेजों को दबा दिया और मात्र एक पन्ने की आख्या अपलोड कर आईजीआरएस पर शिकायत का निस्तारण कर दिया। अब सवाल यह है कि आखिर किस दबाव या संरक्षण में यह खेल खेला गया? शिक्षा विभाग के जानकारों का कहना है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हुई तो सिर्फ तीन शिक्षकों ही नहीं बल्कि कई अधिकारियों की भूमिका भी उजागर हो सकती है।जिले में अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि आखिर कौन सी ताकत है जो इन शिक्षको के खिलाफ कार्रवाई को रोक रही है? क्यों अब तक इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज नही हुआ , अब तक रिकवरी क्यो नही हुई? और क्यो अब डीआईओएस द्वारा इन शिक्षको के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई?
    user_संजय चाणक्य
    संजय चाणक्य
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    43 min ago
  • आजाद चौक भैरोगंनज बजार जनपद कुशीनगर उत्तर प्रदेश जटहा रोड 07/05/2026 प्रमुख सेवाएँ: आधार/पैन कार्ड, बैंकिंग, मोबाइल/डीटीएच रिचार्ज, सरकारी योजनाओं के आवेदन, और ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं।
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    आजाद चौक भैरोगंनज बजार जनपद कुशीनगर उत्तर प्रदेश जटहा रोड 07/05/2026
प्रमुख सेवाएँ: आधार/पैन कार्ड, बैंकिंग, मोबाइल/डीटीएच रिचार्ज, सरकारी योजनाओं के आवेदन, और ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं।
    user_RAJA BHARTI
    RAJA BHARTI
    Local News Reporter पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    54 min ago
  • लव मैरेज करने के बाद युवक ने अपनी ही पत्नी को बेरहमी से पीट रहा है। गाजीपुर , उत्तर प्रदेश प्रिया विश्वकर्मा नाम की एक लड़की जिसने अपने प्रेमी अभिषेक कनौजिया के साथ लव मैरिज किया , उसके बाद लड़की का पति, उसका देवर , उसकी सास ने लातों में पीटकर और सड़क पर घसीटकर लड़की का स्वागत किया। लड़की का आरोप है कि दहेज मांगा जा रहा है और लड़की के परिवार वालों को धमकाया भी जा रहा है। @Uppolice महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है ????
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    लव मैरेज करने के बाद युवक ने अपनी ही पत्नी को बेरहमी से पीट रहा है।
गाजीपुर , उत्तर प्रदेश 
प्रिया विश्वकर्मा नाम की एक लड़की जिसने अपने प्रेमी अभिषेक कनौजिया के साथ लव मैरिज किया ,
उसके बाद लड़की का पति, उसका देवर , उसकी सास ने लातों में पीटकर और सड़क पर घसीटकर लड़की का स्वागत किया।
लड़की का आरोप है कि दहेज मांगा जा रहा है और लड़की के परिवार वालों को धमकाया भी जा रहा है।
@Uppolice  महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है ????
    user_News of Kushinagar
    News of Kushinagar
    Classified ads newspaper publisher तमकुही राज, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
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