दमोह जिले के कुम्हारी गांव के खकरा में पंडित विष्णु कांत महाराज के सानिध्य में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का सातवें दिन समापन हुआ। इस दौरान सुदामा चरित्र का वर्णन किया गया, जिसमें कथावाचक ने बताया कि विपत्ति में काम आने वाला ही सच्चा मित्र होता है। कथा में बताया गया कि सुदामा जी अपनी धर्म पत्नी के कहने पर द्वारिकाधीश से मिलने पहुंचे, जहां भगवान ने उनका भव्य स्वागत किया और चरण कमलों का प्रक्षालन किया। सुदामा जी ने भगवान को तीन मुट्ठी चावल भेंट किए, जिनमें से दो मुट्ठी चावल खाने पर भगवान ने उन्हें दो लोक प्रदान किए। जब भगवान तीसरी मुट्ठी चावल खाने वाले थे, तब माता रुक्मणी ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद भगवान ने विश्वकर्मा जी को सुदामापुरी नगरी के निर्माण का आदेश दिया, जिससे सुदामा जी धन-धान्य से संपन्न हो गए। कथा के दौरान झांकियां भी बनाई गईं, जिनमें भक्त श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। कथा के समापन के उपरांत, अगले दिन हवन-पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ग्रामवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
दमोह जिले के कुम्हारी गांव के खकरा में पंडित विष्णु कांत महाराज के सानिध्य में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का सातवें दिन समापन हुआ। इस दौरान सुदामा चरित्र का वर्णन किया गया, जिसमें कथावाचक ने बताया कि विपत्ति में काम आने वाला ही सच्चा मित्र होता है। कथा में बताया गया कि सुदामा जी अपनी धर्म पत्नी के कहने पर द्वारिकाधीश से मिलने पहुंचे, जहां भगवान ने उनका भव्य स्वागत किया और चरण कमलों का प्रक्षालन किया। सुदामा जी ने भगवान को तीन मुट्ठी चावल भेंट किए, जिनमें से दो मुट्ठी चावल खाने पर भगवान ने उन्हें दो लोक प्रदान किए। जब भगवान तीसरी मुट्ठी चावल खाने वाले थे, तब माता रुक्मणी ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद भगवान ने विश्वकर्मा जी को सुदामापुरी नगरी के निर्माण का आदेश दिया, जिससे सुदामा जी धन-धान्य से संपन्न हो गए। कथा के दौरान झांकियां भी बनाई गईं, जिनमें भक्त श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। कथा के समापन के उपरांत, अगले दिन हवन-पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ग्रामवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
- मुहर्रम त्यौहार को ध्यान में रखते हुए, आज हिडोरिया नगर में एसडीओपी पथरिया, हिडोरिया थाना प्रभारी और समस्त पुलिस स्टाफ द्वारा एक पैदल मार्च किया गया। यह मार्च हिडोरिया नगर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और त्यौहार की तैयारियों का जायजा लेने के उद्देश्य से निकाला गया।1
- श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र करी राम मंदिर में चोरी जुल्म गुजारे चोरी ने1
- अयोध्या में हुई चंदा चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस बयान में उपमुख्यमंत्री ने कथित तौर पर कहा है कि 'बजरंगबली का गदा चलेगा' या 'जांच होगी'। इस टिप्पणी को लेकर अब सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। वायरल हो रहे पोस्ट में यह तीखा प्रश्न किया गया है कि आखिर हमारे देश की सरकार कब तक किस्मत के भरोसे और भगवान के भरोसे चलती रहेगी। साथ ही, यह भी पूछा गया है कि क्या एक जिम्मेदार पद पर बैठे हुए व्यक्ति को इस प्रकार की बातें कहना शोभा देता है।1
- टेलीविजन अभिनेत्री संचिता उगले, जिन्होंने 'छावा', 'कुमकुम भाग्य' और 'वागले की दुनिया' जैसे धारावाहिकों से पहचान बनाई थी, का निधन हो गया है। उनका शव मुंबई के नालासोपारा स्थित उनके घर में मिला। घटना के समय वह घर में अकेली थीं, जैसा कि बताया जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। अभिनेत्री के निधन के बाद, उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर मौत से कुछ घंटे पहले पोस्ट किया गया एक वीडियो सबसे ज्यादा चर्चा में है, जिसमें वह मुस्कुराती हुई दिख रही हैं। इस घटना ने फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में कलाकारों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- दमोह जिले के कुम्हारी गांव के खकरा में पंडित विष्णु कांत महाराज के सानिध्य में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का सातवें दिन समापन हुआ। इस दौरान सुदामा चरित्र का वर्णन किया गया, जिसमें कथावाचक ने बताया कि विपत्ति में काम आने वाला ही सच्चा मित्र होता है। कथा में बताया गया कि सुदामा जी अपनी धर्म पत्नी के कहने पर द्वारिकाधीश से मिलने पहुंचे, जहां भगवान ने उनका भव्य स्वागत किया और चरण कमलों का प्रक्षालन किया। सुदामा जी ने भगवान को तीन मुट्ठी चावल भेंट किए, जिनमें से दो मुट्ठी चावल खाने पर भगवान ने उन्हें दो लोक प्रदान किए। जब भगवान तीसरी मुट्ठी चावल खाने वाले थे, तब माता रुक्मणी ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद भगवान ने विश्वकर्मा जी को सुदामापुरी नगरी के निर्माण का आदेश दिया, जिससे सुदामा जी धन-धान्य से संपन्न हो गए। कथा के दौरान झांकियां भी बनाई गईं, जिनमें भक्त श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। कथा के समापन के उपरांत, अगले दिन हवन-पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ग्रामवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।1