कैथल में 'गैंगवार' जैसी वारदात: कार सवार युवकों को घेरकर दौड़ा-दौड़ा कर मारी गोली, जखोली बस स्टैंड पर मची अफरा-तफरी! #Apkiawajdigital कैथल (हरियाणा)। हरियाणा के कैथल जिले में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे सार्वजनिक स्थानों पर सरेआम गोलियां बरसाने से भी नहीं हिचक रहे हैं। ताजा मामला जखोली बस स्टैंड का है, जहां एक शराब ठेके के बाहर कार में बैठे युवकों पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस खूनी वारदात में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दौड़ा-दौड़ा कर मारी गोली घटना के दौरान हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। जैसे ही उनकी नजर कार में बैठे युवकों पर पड़ी, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने युवकों को संभलने का मौका तक नहीं दिया और उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर गोलियां मारीं। वारदात के बाद इलाके में सन्नाटा पसर गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। CCTV में कैद हुई वारदात पूरी वारदात वहां लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि हमलावर किस तरह बेखौफ होकर कार के पास खड़े होकर फायरिंग कर रहे हैं। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से एक नाबालिग बताया जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई कैथल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित की थीं। पुलिस का कहना है कि: "शराब ठेके के बाहर हुई इस फायरिंग में घायल दो युवकों को अस्पताल पहुंचाया गया है। हमने एक वयस्क और एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच में यह आपसी रंजिश का मामला लग रहा है, लेकिन गहन पूछताछ जारी है।"
कैथल में 'गैंगवार' जैसी वारदात: कार सवार युवकों को घेरकर दौड़ा-दौड़ा कर मारी गोली, जखोली बस स्टैंड पर मची अफरा-तफरी! #Apkiawajdigital कैथल (हरियाणा)। हरियाणा के कैथल जिले में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे सार्वजनिक स्थानों पर सरेआम गोलियां बरसाने से भी नहीं हिचक रहे हैं। ताजा मामला जखोली बस स्टैंड का है, जहां एक शराब ठेके के बाहर कार में बैठे युवकों पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस खूनी वारदात में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दौड़ा-दौड़ा कर मारी गोली घटना के दौरान हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। जैसे ही उनकी नजर कार में बैठे युवकों पर पड़ी, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने युवकों को संभलने का मौका तक नहीं दिया और उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर गोलियां मारीं। वारदात के बाद इलाके में सन्नाटा पसर गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। CCTV में कैद हुई वारदात पूरी वारदात वहां लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि हमलावर किस तरह बेखौफ होकर कार के पास खड़े होकर फायरिंग कर रहे हैं। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से एक नाबालिग बताया जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई कैथल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित की थीं। पुलिस का कहना है कि: "शराब ठेके के बाहर हुई इस फायरिंग में घायल दो युवकों को अस्पताल पहुंचाया गया है। हमने एक वयस्क और एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच में यह आपसी रंजिश का मामला लग रहा है, लेकिन गहन पूछताछ जारी है।"
- जिला अधिकारी मतदाताओं को नाम जोड़ने का कार्य पूर्ण करने का निर्देशित किया1
- #Apkiawajdigital कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक प्रतिष्ठित बिल्डर श्यामवीर सिंह ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के साथ जीवनलीला समाप्त कर ली। शुरुआती जांच में पता चला है कि दंपत्ति ने पहले अपने तीनों बच्चों को जहर पिलाया और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 3 दिन से बंद था घर, मूकदर्शक रहे पड़ोसी पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, श्यामवीर का घर पिछले तीन दिनों से बाहर से बंद था। पड़ोसियों को लगा कि परिवार कहीं बाहर गया है, लेकिन जब घर से दुर्गंध आने लगी तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के भी पांव तले जमीन खिसक गई। मासूमों की 'खामोश' मौत बिल्डर श्यामवीर (45) और उनकी पत्नी शीला (40) के शव फंदे से लटके मिले, जबकि उनके तीन बच्चे—प्राची (12), आकांक्षा (10) और बेटा गिरीश (8)—बिस्तर पर मृत पाए गए। आशंका जताई जा रही है कि बच्चों को पहले नींद की गोलियां या कोई जहरीला पदार्थ पिलाया गया, ताकि वे शोर न मचा सकें। जांच में जुटी पुलिस कासगंज के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं। फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस अब इस पहलू पर जांच कर रही है कि आखिर एक सफल बिल्डर ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया? क्या वह किसी भारी कर्ज में डूबे थे या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है?1
- बांदा भगवती प्रसाद इंटर कॉलेज के पीछे अजीत गुप्ता की प्लाटिंग है जहां पर चार नीम के पेड़ लगे हुए थे अपने स्वार्थ के कारण चारों नीम के पेड़ को जेसीबी से उखाड़ कर किनारे फेंक दिया गया है और जब हमने उनसे बात की तो उन्होंने कहा कि नीम के पेड़ जानवरों ने काटे होंगे लेकिन मैं आपको दिख रहा हूं यहां पर कि इनको जेसीबी के द्वारा जड़ से उखाड़ के बाहर फेंक दिए गए फिर मैं कमलेश राजपूत को अवगत कराया तो उन्होंने कहा कि हमारा कार्यक्रम है मेडिकल कॉलेज में मैं वहां से फुर्सत होकर मैं आऊंगा फिर मैं रेंजर सदर को लगाया फोन उठा नहीं दिया बांदा को लगाया फोन उठा नहीं आखिर क्या समझा जाए क्या मिली भगत है अब देखना है क्या कार्रवाई होती है1
- बांदा । जनपद बांदा के तिंदवारी ब्लॉक अंतर्गत अलोना गांव में लगभग एक करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से निर्मित स्थायी गौशाला के निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार गौशाला के चारों ओर अब तक पक्की बाउंड्री वॉल का निर्माण नहीं कराया गया है। बताया गया कि इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बावजूद परिसर में केवल चार शेड, तीन पानी की टंकियां, एक भूसा घर तथा एक कर्मचारी आवास का निर्माण किया गया है। सुरक्षा के नाम पर चारों ओर केवल कंटीले तार लगाए गए हैं। गौशाला संचालक का कहना है कि उन्होंने स्वयं अपने खर्च से करीब डेढ़ लाख रुपये की जाली लगवाई है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि जिस संस्था द्वारा निर्माण कराया गया है, उसके कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताएं दोबारा न हों। वहीं तिंदवारी ब्लॉक की ग्राम पंचायत निवाईच में संचालित अस्थायी गौशाला की स्थिति और भी चिंताजनक बताई जा रही है। विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा के जिला अध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति अपनी टीम के साथ गौशाला पहुंचे और आरोप लगाया कि कई दिनों से गोवंशों को पर्याप्त भूसा नहीं दिया जा रहा है कर्मचारियों के अनुसार ग्राम पंचायत सचिव द्वारा समय पर चारे की व्यवस्था नहीं की जाती, जिसके चलते गोवंश भूख से बिलख रहे हैं। आरोप है कि चारे और उपचार के अभाव में कई गोवंश दम तोड़ चुके हैं। गौशाला परिसर के पीछे कई मृत गोवंशों के कंकाल भी मिलने की बात कही गई है। स्थानीय लोगों ने मामले की तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा गोवंशों के लिए समुचित भोजन और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- बांदा के बिसंडा में भाजपा नेता की दबंगई! घर में घुसकर महिलाओं समेत परिवार से मारपीट, CCTV में कैद हंगामा उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बिसंडा कस्बे से दबंगई की सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है। आरोप है कि भाजपा से जुड़े स्थानीय सभासद एक स्थानीय नेता और उनके समर्थकों ने घर में घुसकर पूरे परिवार के साथ मारपीट की। हैरानी की बात यह है कि हमलावरों ने पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी नहीं बख्शा। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसकी तस्वीरें अब चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस से शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं, पीड़ितों ने थाना स्तर पर मिलीभगत का भी गंभीर आरोप लगाया है। न्याय की आस में भटक रहा परिवार अब सीधे पुलिस अधीक्षक से मिला और निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल सवाल यह है कि क्या सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों पर कार्रवाई होगी या पीड़ित परिवार को यूं ही न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा? बाइट: धनपत सिंह (पीड़ित)1
- बांदा -देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत के ग्राम पंचायत गुरेह गांव के पास एक अनियंत्रित ट्रक ट्रेलर एक मकान के अंदर ज घुसा घर में सो रहे एक वृद्ध व्यक्ति की मौत हो गई , घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने परिजनों के साथ रोड पर जाम लगा दिया , मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को आश्वासन देकर समझा बुझाकर शांत करवाया तब जाकर परिजनों ने जाम खोला । मृतक का नाम सहादेव पुत्र चुनुबाद 53 वर्ष बताई गई है।1
- *-:प्रेस नोट:-* *दिनांक- 21.02.2026* *कार्यालय पुलिस अधीक्षक बांदा* *-------------------------------------------* *➡️विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी अभियान के अंतर्गत शहर क्षेत्र बांदा में संयुक्त चेकिंग एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित कर चलाया गया अभियान ‘ऑपरेशन खोज’ ।* *विवरण–* आज दिनांक 21.02.2026 को पुलिस अधीक्षक बाँदा श्री पलाश बंसल के निर्देशन में थाना AHTU, SJPU, श्रम विभाग, साथी यूपी संस्था , थाना जी.आर.पी. एवं आर. पी.एफ की संयुक्त टीम द्वारा रेलवे स्टेशन बांदा व बस स्टैंड बांदा पर विशेष चेकिंग एवं जन-जागरूकता अभियान ‘ऑपरेशन खोज’ संचालित किया गया । अभियान के दौरान व्यक्तियों को मानव तस्करी, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति व बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक किया गया । व्यक्तियों को पंपलेट वितरित कर उन्हें मानव तस्करी के विरुद्ध पुलिस के सहयोग तथा ग्रामीण परंपरा विकास संस्थान द्वारा संचालित बाल संरक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी गई । रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को बच्चा चोरी, मानव तस्करी एवं ज़हरखुरानी जैसे अपराधों के संबंध में सतर्क किया गया एवं बच्चों को अपने परिजनों के साथ रहने की सलाह दी गई । बस स्टैंड पर मौजूद दुकान/होटल पर बालश्रम उन्मूलन रोकथाम अभियान चलाया, अभियान के दौरान दुकान/होटल आदि की चेकिंग की गई एवं आसपास के दुकानदारों एवं आम जनमानस को बच्चों (18 वर्ष से कम आयु) से बाल श्रम न कराने हेतु जागरूक किया गया एवं हिदायत दी गई कि यदि कोई व्यक्ति/दुकानदार बच्चों से बाल श्रम करते हुए पाया गया तो उपरोक्त व्यक्ति/दुकानदार के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान निम्न अधिकारी/कर्मचारी एवं संस्थान प्रतिनिधि उपस्थित रहे अभियान के दौरान थाना AHTU प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक अनिल कुमार उपाध्याय, आरक्षी प्रशांत यादव, शाखा SJPU से महिला आरक्षी स्वेतलाना मौर्य, चाइल्ड हेल्पलाइन बांदा से शिवसम्पत यादव, थाना RPF से प्रभारी निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी, आरक्षी तेज सिंह यादव, सुनील पटेल एवं साथी यू.पी. संस्था से प्रमोद तिवारी आदि मौजूद रहे। आज पुलिस अधीक्षक बाँदा पलाश बंसल के निर्देशन में थाना AHTU, SJPU, श्रम विभाग, साथी यूपी संस्था , थाना जी.आर.पी. एवं आर. पी.एफ की संयुक्त टीम द्वारा रेलवे स्टेशन बांदा व बस स्टैंड बांदा पर विशेष चेकिंग एवं जन-जागरूकता अभियान ‘ऑपरेशन खोज’ संचालित किया गया । अभियान के दौरान व्यक्तियों को मानव तस्करी, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति व बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक किया गया । व्यक्तियों को पंपलेट वितरित कर उन्हें मानव तस्करी के विरुद्ध पुलिस के सहयोग तथा ग्रामीण परंपरा विकास संस्थान द्वारा संचालित बाल संरक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी गई । रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को बच्चा चोरी, मानव तस्करी एवं ज़हरखुरानी जैसे अपराधों के संबंध में सतर्क किया गया एवं बच्चों को अपने परिजनों के साथ रहने की सलाह दी गई । बस स्टैंड पर मौजूद दुकान/होटल पर बालश्रम उन्मूलन रोकथाम अभियान चलाया, अभियान के दौरान दुकान/होटल आदि की चेकिंग की गई एवं आसपास के दुकानदारों एवं आम जनमानस को बच्चों (18 वर्ष से कम आयु) से बाल श्रम न कराने हेतु जागरूक किया गया एवं हिदायत दी गई कि यदि कोई व्यक्ति/दुकानदार बच्चों से बाल श्रम करते हुए पाया गया तो उपरोक्त व्यक्ति/दुकानदार के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान निम्न अधिकारी/कर्मचारी एवं संस्थान प्रतिनिधि उपस्थित रहे अभियान के दौरान थाना AHTU प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक अनिल कुमार उपाध्याय, आरक्षी प्रशांत यादव, शाखा SJPU से महिला आरक्षी स्वेतलाना मौर्य, चाइल्ड हेल्पलाइन बांदा से शिवसम्पत यादव, थाना RPF से प्रभारी निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी, आरक्षी तेज सिंह यादव, सुनील पटेल एवं साथी यू.पी. संस्था से प्रमोद तिवारी आदि मौजूद रहे।3
- बालू से भरा ट्रक रोड में दौड़ रहा है प्रशासन बैठा मैन1