कासगंज में 'सामूहिक सुसाइड' से दहला उत्तर प्रदेश: बिल्डर दंपत्ति ने तीन बच्चों को जहर देकर खुद लगाई फांसी! 3 दिन से बंद था घर, जब खुला दरवाजा तो बिखरी पड़ी थीं 5 लाशें; 8 से 12 साल के मासूमों की भी ले ली जान। #Apkiawajdigital कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक प्रतिष्ठित बिल्डर श्यामवीर सिंह ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के साथ जीवनलीला समाप्त कर ली। शुरुआती जांच में पता चला है कि दंपत्ति ने पहले अपने तीनों बच्चों को जहर पिलाया और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 3 दिन से बंद था घर, मूकदर्शक रहे पड़ोसी पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, श्यामवीर का घर पिछले तीन दिनों से बाहर से बंद था। पड़ोसियों को लगा कि परिवार कहीं बाहर गया है, लेकिन जब घर से दुर्गंध आने लगी तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के भी पांव तले जमीन खिसक गई। मासूमों की 'खामोश' मौत बिल्डर श्यामवीर (45) और उनकी पत्नी शीला (40) के शव फंदे से लटके मिले, जबकि उनके तीन बच्चे—प्राची (12), आकांक्षा (10) और बेटा गिरीश (8)—बिस्तर पर मृत पाए गए। आशंका जताई जा रही है कि बच्चों को पहले नींद की गोलियां या कोई जहरीला पदार्थ पिलाया गया, ताकि वे शोर न मचा सकें। जांच में जुटी पुलिस कासगंज के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं। फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस अब इस पहलू पर जांच कर रही है कि आखिर एक सफल बिल्डर ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया? क्या वह किसी भारी कर्ज में डूबे थे या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है?
कासगंज में 'सामूहिक सुसाइड' से दहला उत्तर प्रदेश: बिल्डर दंपत्ति ने तीन बच्चों को जहर देकर खुद लगाई फांसी! 3 दिन से बंद था घर, जब खुला दरवाजा तो बिखरी पड़ी थीं 5 लाशें; 8 से 12 साल के मासूमों की भी ले ली जान। #Apkiawajdigital कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक प्रतिष्ठित बिल्डर श्यामवीर सिंह ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के साथ जीवनलीला समाप्त कर ली। शुरुआती जांच में पता चला है कि दंपत्ति ने पहले अपने तीनों बच्चों को जहर पिलाया और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 3 दिन से बंद था घर, मूकदर्शक रहे पड़ोसी पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, श्यामवीर का घर पिछले तीन दिनों से बाहर से बंद था। पड़ोसियों को लगा कि परिवार कहीं बाहर गया है, लेकिन जब घर से दुर्गंध आने लगी तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के भी पांव तले जमीन खिसक गई। मासूमों की 'खामोश' मौत बिल्डर श्यामवीर (45) और उनकी पत्नी शीला (40) के शव फंदे से लटके मिले, जबकि उनके तीन बच्चे—प्राची (12), आकांक्षा (10) और बेटा गिरीश (8)—बिस्तर पर मृत पाए गए। आशंका जताई जा रही है कि बच्चों को पहले नींद की गोलियां या कोई जहरीला पदार्थ पिलाया गया, ताकि वे शोर न मचा सकें। जांच में जुटी पुलिस कासगंज के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं। फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस अब इस पहलू पर जांच कर रही है कि आखिर एक सफल बिल्डर ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया? क्या वह किसी भारी कर्ज में डूबे थे या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है?
- #Apkiawajdigital कैथल (हरियाणा)। हरियाणा के कैथल जिले में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे सार्वजनिक स्थानों पर सरेआम गोलियां बरसाने से भी नहीं हिचक रहे हैं। ताजा मामला जखोली बस स्टैंड का है, जहां एक शराब ठेके के बाहर कार में बैठे युवकों पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस खूनी वारदात में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दौड़ा-दौड़ा कर मारी गोली घटना के दौरान हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। जैसे ही उनकी नजर कार में बैठे युवकों पर पड़ी, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने युवकों को संभलने का मौका तक नहीं दिया और उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर गोलियां मारीं। वारदात के बाद इलाके में सन्नाटा पसर गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। CCTV में कैद हुई वारदात पूरी वारदात वहां लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि हमलावर किस तरह बेखौफ होकर कार के पास खड़े होकर फायरिंग कर रहे हैं। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से एक नाबालिग बताया जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई कैथल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित की थीं। पुलिस का कहना है कि: "शराब ठेके के बाहर हुई इस फायरिंग में घायल दो युवकों को अस्पताल पहुंचाया गया है। हमने एक वयस्क और एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच में यह आपसी रंजिश का मामला लग रहा है, लेकिन गहन पूछताछ जारी है।"1
- बाँदा - नाबालिक बच्चों को फंसाकर उनके साथ सेक्स करने और वीडियो बनाकर बेंचने वाले आरोपी व उसकी पत्नी को पास्को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सज़ा,1
- उत्तर प्रदेश की एप्सटीन फाइल – बांदा जिले में सिंचाई विभाग का JE रामभवन और पत्नी दुर्गावती सरकारी कॉलोनी में रहते थे। दोनों को कोई बच्चा नहीं था। वो आसपड़ोस के बच्चों को अपने जाल में फंसाते। कभी टॉफी–चॉकलेट तो कभी कुछ और गिफ्ट्स का लालच। अपने घर में बच्चे को बुलाते, फिर उसके साथ गंदा काम करते। उसकी फोटो–वीडियो बनाते। साल 2010 से 2020 तक ये सिलसिला चला। तमाम सारे बच्चे इनकी दरिंदगी का शिकार बने। ये साइको दंपति न केवल दरिंदगी करते, बल्कि उनकी पोर्न वीडियो डार्क वेब के थ्रू विदेश में अच्छे दाम पर बेच देते थे। CBI को इंटरपोल से पोर्न Video बेचने की बात पता चली। IP एड्रेस खंगालते हुए CBI 17 नवंबर 2020 को बांदा में पहुंची। दंपति की गिरफ्तारी हुई। खुलासा हुआ कि उन्होंने ये दरिंदगी एक–दो नहीं, पूरे 33 बच्चों के साथ की है। उनके घर से पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, पोर्न वीडियो और न जाने क्या क्या मिला। करीब करीब 47 देशों में ये पोर्न वीडियो भेजे जा चुके थे। कई पीड़ित बच्चों की उम्र सिर्फ 3 साल तक थी। कुछ बच्चों को सेक्सुअल असॉल्ट के दौरान चोटें तक आईं। CBI ने कुल 74 गवाह कोर्ट में पेश किए। 20 फरवरी 2026 को बांदा जिले की स्पेशल कोर्ट ने दंपति को फांसी की सजा सुनाई है। देखना ये होगा कि इस दंपति को फांसी मिलती है या नहीं? क्योंकि दंपति के पास अभी हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति के पास दया याचिका डालने जैसे कई ऑप्शन भी हैं।1
- पटकन टोला के निवासी ग्राम पंचायत नरैनी से आवेदन है कि हमें रास्ता दिलाएगा कृपया हमारी मदद करें सभी न्यूज़ वालों से निवेदन है कि रास्ता दिलाने के लिए हमारे मदद करें हमें बहुत परेशान हूं पंचायत में निवेदन दिया गया है फिर भी कोई सुनाई नहीं हो रही है कृपया हमारी मदद करो पहली पुत्र चिंकू रास्ता नहीं दे रहा है उनकी बहू खूब झगड़ा करती है गाली गलौच दे रही है कृपया हमारी मदद करो निगम पंचायत नरेनी से और एटीएम साहब से हमारी अनुरोध है हमें रास्ता जलाने की कृपा करें बच्ची लाल और राजू निवेदन पत्र1
- स्वच्छ जल–स्वच्छ मन अभियान के तहत मीरा तालाब की सफाई मौदहा नगर में संत निरंकारी मिशन के चौथे गुरु के जन्मदिवस पर स्वच्छ जल–स्वच्छ मन’ अभियान के अंतर्गत मिशन से जुड़े सेवादारों ने कस्बे के अमृत सरोवर मीरा तालाब में सफाई अभियान चलाया। देशभर के लगभग 1500 स्थानों पर चलाए गए स्वच्छता अभियान के तहत मौदहा में भी आधा सैकड़ा से अधिक अनुयायियों ने तालाब की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। शाखा के रामबहादुर ने बताया कि मिशन मानव समाज के हित में निरंतर कार्य कर रहा है और जल संरक्षण व स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना इसका मुख्य उद्देश्य है। अभियान में विमला, तारा, लक्ष्मी, सरोज निगम, रामरती, मातादीन, ओमप्रकाश धुरिया, पिंटू निगम सहित कई सेवादार मौजूद रहे।1
- Post by Sunil Kumar1
- रोडवेज बस के पास एक बाइक सवार को मारी जोरदार टक्कर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया1
- #Apkiawajdigital कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित टीबी अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अस्पताल के दो जिम्मेदार पदों पर तैनात कर्मचारी—फार्मासिस्ट और एआरओ (ARO)—सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे से भिड़ गए। मरीजों के इलाज के लिए बने इस परिसर में न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग हुआ, बल्कि मारपीट तक की नौबत आ गई। गाली-गलौज और 'औकात' की लड़ाई वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि फार्मासिस्ट और एआरओ के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते भयंकर गाली-गलौज में बदल गई। एक पक्ष ने दूसरे को सरेआम धमकी देते हुए कहा, "आओ बाहर तुम्हारी गर्मी निकाल देता हूँ, तुम्हारी औकात क्या है मेरे सामने।" यह पूरी घटना वहां मौजूद महिला स्टाफ और मरीजों के सामने घटित हुई। मूकदर्शक बनी महिला स्टाफ अस्पताल की महिला कर्मचारी दोनों को शांत कराने की कोशिश करती रहीं, लेकिन गुस्से में आग-बबूला दोनों अधिकारी मर्यादाओं को ताक पर रखकर एक-दूसरे को देख लेने की धमकी देते रहे। अस्पताल परिसर में इस तरह की 'गुंडागर्दी' देख वहां मौजूद मरीज और उनके परिजन सहम गए। विभाग में हड़कंप वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ड्यूटी के दौरान ऐसी अनुशासनहीनता कैसे बर्दाश्त की गई।1
- Post by Anil Kumar yadav4