डबरा की उषा कॉलोनी स्थित एकमात्र स्टेडियम बारिश के बाद पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिसके कारण खिलाड़ियों को अभ्यास करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों का कहना है कि यह कोई तालाब नहीं, बल्कि क्षेत्र का इकलौता खेल मैदान है। हर साल ऐसी ही स्थिति बनती है, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। हैरानी की बात यह है कि पानी की निकासी के लिए नाला बनाया गया है, फिर भी मैदान से पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। यह मैदान सिर्फ खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए ही नहीं, बल्कि 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे शासकीय कार्यक्रमों के लिए भी उपयोग किया जाता है। सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के दावों के बीच, डबरा के इस एकमात्र स्टेडियम की दुर्दशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोग और खिलाड़ी पूछ रहे हैं कि आखिर कब इस स्टेडियम की सुध ली जाएगी और क्या खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, या हर बारिश में उनके सपने इसी तरह पानी में डूबते रहेंगे?
डबरा की उषा कॉलोनी स्थित एकमात्र स्टेडियम बारिश के बाद पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिसके कारण खिलाड़ियों को अभ्यास करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों का कहना है कि यह कोई तालाब नहीं, बल्कि क्षेत्र का इकलौता खेल मैदान है। हर साल ऐसी ही स्थिति बनती है, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। हैरानी की बात यह है कि पानी की निकासी के लिए नाला बनाया गया है, फिर भी मैदान से पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। यह मैदान सिर्फ खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए ही नहीं, बल्कि 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे शासकीय कार्यक्रमों के लिए भी उपयोग किया जाता है। सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के दावों के बीच, डबरा के इस एकमात्र स्टेडियम की दुर्दशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोग और खिलाड़ी पूछ रहे हैं कि आखिर कब इस स्टेडियम की सुध ली जाएगी और क्या खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, या हर बारिश में उनके सपने इसी तरह पानी में डूबते रहेंगे?
- डबरा की उषा कॉलोनी स्थित एकमात्र स्टेडियम बारिश के बाद पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिसके कारण खिलाड़ियों को अभ्यास करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों का कहना है कि यह कोई तालाब नहीं, बल्कि क्षेत्र का इकलौता खेल मैदान है। हर साल ऐसी ही स्थिति बनती है, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। हैरानी की बात यह है कि पानी की निकासी के लिए नाला बनाया गया है, फिर भी मैदान से पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। यह मैदान सिर्फ खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए ही नहीं, बल्कि 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे शासकीय कार्यक्रमों के लिए भी उपयोग किया जाता है। सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के दावों के बीच, डबरा के इस एकमात्र स्टेडियम की दुर्दशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोग और खिलाड़ी पूछ रहे हैं कि आखिर कब इस स्टेडियम की सुध ली जाएगी और क्या खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, या हर बारिश में उनके सपने इसी तरह पानी में डूबते रहेंगे?1
- मध्य प्रदेश पुलिस के 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के अंतर्गत, ग्वालियर पुलिस द्वारा एक मैराथन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता ग्वालियर के खेल परिसर कंपू से शुरू हुई है और इसका आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।1
- एक मामूली विवाद के बाद एक गर्भवती महिला के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया. इस बर्बरता के परिणामस्वरूप, महिला के गर्भ में पल रहे चार माह के बच्चे की दुखद मौत हो गई.1
- रतनगढ़ माता मंदिर में शारदीय नवरात्रि और दीपावली मेले के आयोजन को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इन तैयारियों के संबंध में कलेक्टर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।1
- दतिया चुनाव से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घटना में, बड़ौनी मंडल के ग्राम बरगाय के सरपंच अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने दृढ़ता से कहा है कि वे हर हाल में भाजपा को जीत दिलाएंगे।1
- दतिया के विकास से जुड़े मामलों पर अब नेताओं के समर्थकों के बजाय सीधे जनता से चर्चा होनी चाहिए। यह स्पष्ट किया गया है कि इस पूरी प्रक्रिया में चाटुकारिता की कोई जगह नहीं होगी, बल्कि चर्चा केवल उन मुख्य मुद्दों पर केंद्रित रहेगी जो सीधे जनता से संबंधित हैं। इस मांग के माध्यम से दतिया के वास्तविक विकास के लिए जनता के साथ सीधी और केंद्रित बातचीत की आवश्यकता पर बल दिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) स्थित भितरवार नगर परिषद की एक बैठक में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष और वर्तमान अध्यक्ष ने एक-दूसरे पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए, जिससे बैठक में तनाव बढ़ गया। वर्तमान अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल से पहले 'गब्बर टैक्स' वसूला जाता था। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध वसूली के लिए जनता की कॉलर पकड़वाई जाती थी। बलदेव अग्रवाल ने पूर्व नगर परिषद अध्यक्षों के कार्यकाल पर भी सवाल खड़े किए, जिससे बैठक में टकराव और तीखा हो गया।2
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में एक बाइक चोर को जनता ने रंगे हाथों पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की। यह घटना डबरा सिविल न्यायालय के ठीक सामने हुई, जहाँ बदमाश एक बाइक चुराने की कोशिश कर रहा था। गुस्साए लोगों ने चोर को पकड़ने के बाद उसकी धुनाई की और फिर उसे सिटी थाने ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया।1