जालौन नगर के बाबई-चुरखी रोड स्थित प्रकाश लाइब्रेरी के पास बुधवार को एक विद्युत खंभे पर लगे बॉक्स में अचानक भीषण आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लाइन में विद्युत फॉल्ट होने के कारण स्पार्किंग हुई, जिसने बाद में आग का विकराल रूप ले लिया। इस आग की चपेट में आने से खंभे पर लगा विद्युत बॉक्स पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गया, साथ ही आसपास की विद्युत केबलें भी जलकर राख हो गईं। घटना के दौरान पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, और लोगों ने सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए स्थिति पर नजर रखी। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था; गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। इस संबंध में विद्युत विभाग के जेई नवीन कनौजिया ने पुष्टि की कि आग विद्युत फॉल्ट के कारण लगी थी, जिससे खंभे पर लगा बॉक्स और आसपास की केबलें जल गईं। विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदलने और क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को सामान्य करने की कार्रवाई की जा रही है।
जालौन नगर के बाबई-चुरखी रोड स्थित प्रकाश लाइब्रेरी के पास बुधवार को एक विद्युत खंभे पर लगे बॉक्स में अचानक भीषण आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लाइन में विद्युत फॉल्ट होने के कारण स्पार्किंग हुई, जिसने बाद में आग का विकराल रूप ले लिया। इस आग की चपेट में आने से खंभे पर लगा विद्युत बॉक्स पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गया, साथ ही आसपास की विद्युत केबलें भी जलकर राख हो गईं। घटना के दौरान पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, और लोगों ने सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए स्थिति पर नजर रखी। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था; गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। इस संबंध में विद्युत विभाग के जेई नवीन कनौजिया ने पुष्टि की कि आग विद्युत फॉल्ट के कारण लगी थी, जिससे खंभे पर लगा बॉक्स और आसपास की केबलें जल गईं। विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदलने और क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को सामान्य करने की कार्रवाई की जा रही है।
- भीषण गर्मी के बीच जालौन तहसील परिसर में पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तहसील में जगह-जगह पानी के नल तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश में पानी नहीं आ रहा है, जिसके चलते फरियादियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील आने वाले लोगों का कहना है कि गर्मी में पानी की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें बाहर से खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़ी जल व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए और नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। यह भी सामने आया है कि जालौन नगर में पेयजल आपूर्ति और जल जीवन मिशन से संबंधित शिकायतें पहले भी उठती रही हैं।1
- जालौन जिले के कुठोंद थाना क्षेत्र से एक खबर सामने आई है, जहाँ कुठोंद पुलिस ने एक वांछित वारंटी को पकड़ा है। थाना प्रभारी जगदंबा दुबे के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद, वांछित वारंटी को न्यायालय भेज दिया गया है। यह पूरी रिपोर्ट द न्यूज जालौन पर देवेश कुमार स्वर्णकार द्वारा शुरू एप्प के माध्यम से प्रस्तुत की गई है।1
- ग्राम पहाड़पुरा में साफ-सफाई की कमी के चलते ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहां नलों की नियमित साफ-सफाई न होने के कारण घरों के सामने पानी भर रहा है, जिससे गंदगी और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके अतिरिक्त, गांव में न तो नलों की खुदाई (मरम्मत) का कार्य किया जा रहा है और न ही तालाब की साफ-सफाई पर कोई ध्यान दिया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के 18 वर्षीय नरेंद्र कुमार के एक चिकित्सीय मामले ने डॉक्टरों को भी आश्चर्यचकित कर दिया है। नरेंद्र लंबे समय से पेट दर्द, उल्टियों और तेजी से वजन घटने जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे, जिसके बाद की गई जांच में एक अत्यंत दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति का खुलासा हुआ। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने उनके पेट से लगभग ढाई किलो वजनी असामान्य ऊतक निकाला, जिसमें बाल, दांत और हड्डियों जैसी संरचनाएं मौजूद थीं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला 'फीटस इन फीटू' नामक एक बेहद दुर्लभ स्थिति से जुड़ा है, जिसमें जन्म से पहले विकास प्रक्रिया के दौरान ही असामान्य ऊतक शरीर के अंदर रह जाते हैं। सफल सर्जरी के बाद अब मरीज की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।1
- जालौन में नालियों की सफाई व्यवस्था बाधित हो गई है, जिसका मुख्य कारण उनमें पड़ा एक पाइप बताया जा रहा है। इस पाइप की मौजूदगी के चलते नालियों की ठीक से सफाई नहीं हो पा रही है। परिणामस्वरूप, सभी नालियां भारी मात्रा में कचरे से भर गई हैं और गंदगी का अंबार लगा हुआ है।1
- जालौन के देवनगर चौराहे पर लगे वाटरकूलर में पानी न होने की शिकायत 4-5 दिन पहले सोशल मीडिया पर की गई थी। अब मौके पर पहुँचने पर पता चला है कि जो वाटरकूलर पहले 'रेगिस्तानी' थे, उनमें पानी की 'सांस' तो दिखाई दी है, लेकिन सबसे बड़ी चिंता यह है कि अभी तक ठंडा पानी देखने को नहीं मिला है। भीषण गर्मी में राहगीर, छोटे-छोटे बच्चों के साथ, गर्म पानी पीकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं, और व्यंग्यात्मक रूप से नेताओं को 'अगली बार की शुभकामनाएँ' दे रहे हैं। पोस्ट में कटाक्ष किया गया है कि गर्म पानी के कई 'फायदे' हैं, जैसे लोग जल्दी बीमार पड़ते हैं, जिससे अस्पताल के बिल लंबे-चौड़े होते हैं, आम इंसान का रोजगार ठप होता है, आर्थिक स्थिति बिगड़ती है, और अंततः आम जनता नेताओं के कदमों में झुकने को मजबूर होती है। शायद इसी कारण इस कार्य को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। एक नजर में, नगर पालिका अधिकारी को सूचित किया गया है कि वाटरकूलर के पीछे से देखने पर यह नजर आता है कि बिजली संचालन न होने के कारण संभवतः पानी को फिल्टर और ठंडा नहीं किया जा पा रहा है, इसलिए इस ओर भी ध्यान देने की अपील की गई है। अंततः, खबर का असर आंशिक रहा है, क्योंकि देवनगर चौराहे पर लगे वाटरकूलर में पानी तो आने लगा है, मगर वह 'गर्म पानी' है, जिससे 'खबर का असर अधूरा' रह गया है।2
- जालौन के बाबई-चुरखी रोड स्थित प्रकाश लाइब्रेरी के पास बुधवार को एक विद्युत खंभे पर लगे बॉक्स में भीषण आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह आग लाइन में विद्युत फॉल्ट के कारण हुई स्पार्किंग से लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस घटना में खंभे पर लगा विद्युत बॉक्स पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया, और आसपास की विद्युत केबलें भी जलकर राख हो गईं। आग लगने के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा और लोगों ने सुरक्षित दूरी बनाकर स्थिति का जायजा लिया। विद्युत विभाग के जेई नवीन कनौजिया ने पुष्टि की कि आग विद्युत फॉल्ट के कारण लगी थी, जिससे बॉक्स और संबंधित केबलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदलकर विद्युत आपूर्ति सामान्य करने की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था, हालांकि, गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।1