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जालौन में नालियों की सफाई व्यवस्था बाधित हो गई है, जिसका मुख्य कारण उनमें पड़ा एक पाइप बताया जा रहा है। इस पाइप की मौजूदगी के चलते नालियों की ठीक से सफाई नहीं हो पा रही है। परिणामस्वरूप, सभी नालियां भारी मात्रा में कचरे से भर गई हैं और गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
Akash Yagik
जालौन में नालियों की सफाई व्यवस्था बाधित हो गई है, जिसका मुख्य कारण उनमें पड़ा एक पाइप बताया जा रहा है। इस पाइप की मौजूदगी के चलते नालियों की ठीक से सफाई नहीं हो पा रही है। परिणामस्वरूप, सभी नालियां भारी मात्रा में कचरे से भर गई हैं और गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
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- वाराणसी में बीती रात 200 साल पुरानी अजगैब मस्जिद को बुलडोजरों से पूरी तरह ढहा दिया गया। प्रशासन ने यह कार्रवाई तब की, जब 2024 में हुई एक पैमाइश में सामने आया कि यह मस्जिद रेलवे और कब्रिस्तान की जमीन पर बनी थी। मस्जिद न हटाए जाने पर प्रशासन ने पहले नोटिस दिया था, लेकिन इसके बाद भी जब इसे नहीं हटाया गया, तो कई बुलडोजर लगाकर इसे जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान वाराणसी में 200 साल पुरानी मस्जिद पर बुलडोजर बाबा का बुलडोजर गरजता हुआ दिखाई दिया।1
- जालौन में नालियों की सफाई व्यवस्था बाधित हो गई है, जिसका मुख्य कारण उनमें पड़ा एक पाइप बताया जा रहा है। इस पाइप की मौजूदगी के चलते नालियों की ठीक से सफाई नहीं हो पा रही है। परिणामस्वरूप, सभी नालियां भारी मात्रा में कचरे से भर गई हैं और गंदगी का अंबार लगा हुआ है।1
- जालौन नगर और तहसील क्षेत्र में इन दिनों SDM रिंकू सिंह राही के संभावित तबादले को लेकर जोरों पर चर्चा है, जिसने आम जनता, व्यापारियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के बीच बहस छेड़ दी है। कई लोग उनकी कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्हें जालौन में ही बनाए रखने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ वर्गों द्वारा उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए गए हैं। जनता का कहना है कि रिंकू सिंह राही ने जालौन में अतिक्रमण, राजस्व मामलों, जनसुनवाई और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में उनकी कई पहलें चर्चा में रहीं, जिनमें बुजुर्गों को स्कूल में प्रवेश दिलाकर साक्षरता अभियान चलाना और फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना शामिल है। एक व्यापारी ने कहा, "जो अधिकारी जनता की सुनता है, उसका तबादला नहीं होना चाहिए," जबकि एक युवा ने टिप्पणी की, "राही साहब ने काम करने की कोशिश की है, ऐसे अधिकारियों की जरूरत है।" हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि प्रशासन में अनुशासन आवश्यक है, लेकिन सभी वर्गों को साथ लेकर चलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हाल के दिनों में शिक्षक संगठनों द्वारा उनके खिलाफ शिकायतें भी सामने आई हैं। फ़िलहाल, इस संभावित तबादले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जालौन की जनता के बीच यह सवाल बना हुआ है कि क्या एक सक्रिय और चर्चित अधिकारी को हटाना प्रशासनिक व्यवस्था की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, या ऐसे अधिकारी को और समय मिलना चाहिए।1
- जनपद जालौन के माधौगढ़ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संभावित विधानसभा प्रत्याशी और चर्चित नेता आशीष पांडे की चोरी हुई लाइसेंसी रिवॉल्वर के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर चोरी हुई रिवॉल्वर के साथ कारतूस भी बरामद किए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि आशीष पांडे का ही एक भरोसेमंद परिचित निकला, जिस पर विश्वास किया जाता था। पुलिस के अनुसार, कुछ समय पूर्व आशीष पांडे की लाइसेंसी रिवॉल्वर संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की, जिसमें तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पड़ताल को आगे बढ़ाया। इसी दौरान पुलिस का शक मुरारी द्विवेदी पर गहराया, जिसने कड़ी पूछताछ में चोरी की वारदात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी हुई लाइसेंसी रिवॉल्वर और कारतूस बरामद कर लिए। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी मुरारी द्विवेदी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बन गया है कि जिस व्यक्ति पर विश्वास किया गया, उसी ने भरोसा तोड़ते हुए वारदात को अंजाम दिया। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना बताती है कि अपराधी हमेशा बाहर से नहीं आते, बल्कि कई बार अपने ही विश्वास को चोट पहुँचा देते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी की जा रही है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। रिवॉल्वर और कारतूस की बरामदगी से पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है, जिससे किसी संभावित दुरुपयोग की आशंका भी समाप्त हो गई है। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्यवाही जारी है।2
- जालौन के माधौगढ़ थाना पुलिस ने बसपा प्रत्याशी आशीष पांडे के घर से चोरी हुई लाइसेंसी रिवॉल्वर के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी मुरारी द्विवेदी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 32 बोर का एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है। यह घटना 25 मई 2026 को कस्बा माधौगढ़ स्थित बसपा प्रत्याशी के आवास पर हुई थी, जहां से उनके प्राइवेट गनर जयवीर सिंह कुशवाहा की लाइसेंसी रिवॉल्वर चोरी हो गई थी। इस चोरी के संबंध में माधौगढ़ थाने में मुकदमा संख्या 56/2026 धारा 305 (क) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी मुरारी द्विवेदी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।1
- इटावा से सामने आए एक मामले में, एक अजीब विडंबना देखने को मिल रही है, जहाँ लोग पुलिस के हाथों पकड़े जाने के डर से घबराए हुए हैं। हालाँकि, विरोधाभास यह है कि अपनी किसी समस्या के समाधान के लिए उन्हें खुद पुलिस के पास ही जाना पड़ रहा है। इस पूरी स्थिति पर सोशल मीडिया पोस्ट में हल्की व्यंग्यात्मकता और अचरज के साथ टिप्पणी की गई है, 'वाह रे भैया!'।1
- जालौन के माधौगढ़ में एक बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रत्याशी के घर से लाइसेंसी रिवाल्वर चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में घर में काम करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और चोरी की गई रिवाल्वर के साथ-साथ कारतूस भी बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, बसपा प्रत्याशी के घर से लाइसेंसी रिवाल्वर गायब होने के बाद जब जाँच शुरू हुई, तो संदेह की सुई घर में कार्यरत मुरारी द्विवेदी की ओर घूमी। गहन पूछताछ के बाद आरोपी मुरारी द्विवेदी की निशानदेही पर चोरी की गई रिवाल्वर और कारतूस बरामद कर लिए गए। आरोपी ने चोरी के बाद रिवाल्वर को एक लाल थैले में रखकर झाड़ियों में छिपा दिया था, जबकि कारतूसों को अलग जगह रखा था। थानाध्यक्ष अभिलाष कुमार मिश्र के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। यह घटना सुरक्षा और विश्वास दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि जिस व्यक्ति पर घर की जिम्मेदारियों का भरोसा किया गया था, उसी पर चोरी का आरोप लगा है। फिलहाल, आरोपी के कथित इरादों और संभावित योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जाँच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि आरोपी का उद्देश्य केवल चोरी था या इसके पीछे कोई अन्य बड़ी वजह भी थी।1
- जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र के अकबरपुर इटौरा निवासी जाविद ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपा है। इसमें उसने आरोप लगाया है कि उसके भाई शहजादे को उसकी पत्नी के मायके वालों ने पहले बेरहमी से पीटा और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। यह गंभीर घटना 7 मई को उरई के रामकुंड क्षेत्र में हुई बताई गई है, जब शहजादे अपनी पत्नी को लेने उसके मायके गया था। आग लगने से शहजादे गंभीर रूप से झुलस गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए झांसी, कानपुर और लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि घटना की शिकायत करने के बावजूद अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जाविद ने पुलिस अधीक्षक से इस पूरे प्रकरण में तत्काल मुकदमा दर्ज करने और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1