Shuru
Apke Nagar Ki App…
तेज रफ्तार इनोवा ने महिला को मारी टक्कर, इलाज के दौरान मौ+त;
Neeraj kumar( Prime 81 News)
तेज रफ्तार इनोवा ने महिला को मारी टक्कर, इलाज के दौरान मौ+त;
More news from ਪੰਜਾਬ and nearby areas
- Post by SONA TV PUNJAB1
- Post by ਸੁੱਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬਲਾਕ ਆਗੂ1
- ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ 22 ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸਾਰੰਗਪੁਰ ਮੁੱਲਾਂਪੁਰ ਬੈਰੀਅਰ ਨੇੜੇ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ, ਬੜੇ ਸਤਿਕਾਰ ਨਾਲ ਬੈਠ ਕੇ SDM ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਨੇ ਸੁਣੀਆਂ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪੇਂਡੂ ਵਿਕਾਸ ਮੰਚ ਦੇ ਨੁਮਾਇੰਦਿਆਂ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਗਵਰਨਰ ਦੇ ਨਾਂ ਇੱਕ ਮੰਗ ਪੱਤਰ1
- ਪਿੰਡ ਨੀਲੋਵਾਲ ਨੂੰ ਜਾਂਦੀ ਸੁਨਾਮ ਤੋਂ ਸੜਕ ਬਹੁਤ ਖਰਾਬ ਆ plz ਜਲਦੀ ਤੋਂ ਜਲਦੀ ਬਣਾਈ ਜਾਵੇ ਤਾ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਮੁਸ਼ਕਲ ਦਾ ਸਾਮਣਾ ਨਾ ਕਰਨਾ ਪਵੇ1
- ਰਿਪੋਰਟ(ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗੋਲਡੀ)1
- पातडा़ं। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने का कार्य में तेजी लाने के लिए एसडीएम पातडां काला राम कांसल ने आज कार्यलय में बीएलओ के साथ मीटिंग कर हिदायते जारी करते हुए सभी प्रक्रिया को स्क्रीन के जरीए पुरी जानकारी दी गई। मीटिंग में हल्का शुतराना के 215 बीएलो की डियुटी लगाई गई है। इस संबंध में एसडीएम पातड़ां काला राम कांसल ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2003 में पूरे देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन किया गया था और उस समय की मतदाता सूची को आधार बनाकर अब दोबारा यह प्रक्रिया की जा रही है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाते हुए वर्तमान मतदाता सूची के साथ मिलान किया जा रहा है। जिन मतदाताओं के नाम या उनके माता-पिता के नाम 2003 की सूची में मिल जाते हैं, उनकी मैपिंग आसानी से हो जाती है। कई बूथों पर लगभग 70 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है। हालांकि कुछ मामलों में ऐसी महिलाएं या मतदाता सामने आते हैं जिनकी उम्र 2003 में कम होने के कारण उस समय मतदाता सूची में नाम नहीं था। ऐसे मामलों में बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करनी पड़ती है। विशेष रूप से शादी के बाद ससुराल में रहने वाली महिलाओं के मामले में उनके मायके परिवार से संबंधित विवरण लेना पड़ता है। इसके लिए बीएलओ द्वारा संबंधित परिवारों को एक प्रपत्र भी दिया जाता है, ताकि उनके माता-पिता और मायके परिवार के विवरण मिल सकें और मतदाता सूची में सही तरीके से मैपिंग की जा सके। एसडीएम ने बताया कि कई बार लोग यह समझ लेते हैं कि बीएलओ उन्हें बार-बार परेशान कर रहे हैं, जबकि वास्तव में यह कार्य मतदाता सूची को सही और अपडेट करने के लिए किया जा रहा है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि जब भी बीएलओ डोर-टू-डोर सर्वे के लिए आएं या फोन के माध्यम से जानकारी मांगें, तो उन्हें पूरा सहयोग दिया जाए। उन्होंने बताया कि बीएलओ सरकारी कर्मचारी होते हैं और अपनी नियमित ड्यूटी के साथ-साथ यह जिम्मेदारी भी निभाते हैं। कई बीएलओ शिक्षक, क्लर्क या अन्य विभागों में कार्यरत हैं और उन्हें अपने विभागीय कार्यों के साथ यह अतिरिक्त जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। इसके बावजूद वे पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया समयबद्ध है और 31 मार्च तक प्री-एसआईआर गतिविधियों को पूरा करना है। हर दिन की प्रगति की रिपोर्ट ऑनलाइन के माध्यम से निर्वाचन आयोग को भेजी जाती है और इसकी नियमित समीक्षा भी की जाती है। जिन बीएलओ का काम धीमा पाया जाता है, उनसे कारण भी पूछा जाता है। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र 117 में कुल 205 बीएलओ कार्यरत हैं और अधिकांश कर्मचारी अपना कार्य ईमानदारी से कर रहे हैं। यदि कोई कर्मचारी लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। अंत में लोगों से फिर अपील की गई कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाने के लिए बीएलओ को पूरा सहयोग दें, ताकि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सके।1
- Post by SONA TV PUNJAB1
- ਕੁਰਾਲੀ ਨੇੜਲੇ ਪਿੰਡ ਸਿੰਘਪੁਰਾ ਵਿਖੇ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਫੁੱਟਬਾਲ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ,, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਮਾਣਯੋਗ ਸਿਖਿਆ ਮੰਤਰੀ ਸ ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ ਵਜੋਂ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰਬੰਧਕਾਂ ਸਮੇਤ ਪੁੱਜੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਟੀਮਾਂ ਦੇ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਮੁਲਾਕਾਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਅਤੇ ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਵੀ ਕੀਤੀ ਗਈ।1
- निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने का कार्य में तेजी लाने के लिए एसडीएम पातडां काला राम कांसल ने आज कार्यलय में बीएलओ के साथ मीटिंग कर हिदायते जारी करते हुए सभी प्रक्रिया को स्क्रीन के जरीए पुरी जानकारी दी गई। मीटिंग में हल्का शुतराना के 215 बीएलो की डियुटी लगाई गई है। इस संबंध में एसडीएम पातड़ां काला राम कांसल ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2003 में पूरे देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन किया गया था और उस समय की मतदाता सूची को आधार बनाकर अब दोबारा यह प्रक्रिया की जा रही है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाते हुए वर्तमान मतदाता सूची के साथ मिलान किया जा रहा है। जिन मतदाताओं के नाम या उनके माता-पिता के नाम 2003 की सूची में मिल जाते हैं, उनकी मैपिंग आसानी से हो जाती है। कई बूथों पर लगभग 70 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है। हालांकि कुछ मामलों में ऐसी महिलाएं या मतदाता सामने आते हैं जिनकी उम्र 2003 में कम होने के कारण उस समय मतदाता सूची में नाम नहीं था। ऐसे मामलों में बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करनी पड़ती है। विशेष रूप से शादी के बाद ससुराल में रहने वाली महिलाओं के मामले में उनके मायके परिवार से संबंधित विवरण लेना पड़ता है। इसके लिए बीएलओ द्वारा संबंधित परिवारों को एक प्रपत्र भी दिया जाता है, ताकि उनके माता-पिता और मायके परिवार के विवरण मिल सकें और मतदाता सूची में सही तरीके से मैपिंग की जा सके। एसडीएम ने बताया कि कई बार लोग यह समझ लेते हैं कि बीएलओ उन्हें बार-बार परेशान कर रहे हैं, जबकि वास्तव में यह कार्य मतदाता सूची को सही और अपडेट करने के लिए किया जा रहा है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि जब भी बीएलओ डोर-टू-डोर सर्वे के लिए आएं या फोन के माध्यम से जानकारी मांगें, तो उन्हें पूरा सहयोग दिया जाए। उन्होंने बताया कि बीएलओ सरकारी कर्मचारी होते हैं और अपनी नियमित ड्यूटी के साथ-साथ यह जिम्मेदारी भी निभाते हैं। कई बीएलओ शिक्षक, क्लर्क या अन्य विभागों में कार्यरत हैं और उन्हें अपने विभागीय कार्यों के साथ यह अतिरिक्त जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। इसके बावजूद वे पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया समयबद्ध है और 31 मार्च तक प्री-एसआईआर गतिविधियों को पूरा करना है। हर दिन की प्रगति की रिपोर्ट ऑनलाइन के माध्यम से निर्वाचन आयोग को भेजी जाती है और इसकी नियमित समीक्षा भी की जाती है। जिन बीएलओ का काम धीमा पाया जाता है, उनसे कारण भी पूछा जाता है। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र 117 में कुल 205 बीएलओ कार्यरत हैं और अधिकांश कर्मचारी अपना कार्य ईमानदारी से कर रहे हैं। यदि कोई कर्मचारी लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। अंत में लोगों से फिर अपील की गई कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाने के लिए बीएलओ को पूरा सहयोग दें, ताकि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सके।1