बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड स्थित पशु चिकित्सालय से एक बार फिर कुप्रबंधन और गरीब पशुपालकों के शोषण का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता नहीं होने के कारण मरीजों को बाहर के बाजार से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फुलडोवी गांव निवासी श्रवण मंडल ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि जब वे अपने पशु के इलाज के लिए कोढ़ा पशु चिकित्सालय पहुँचे, तो वहाँ मौजूद डॉक्टर विकास कुमार ने उन्हें अस्पताल में दवा उपलब्ध न होने की बात कहते हुए एक सादे कागज पर दवा का नाम लिखकर बाजार से खरीदकर लाने को कहा। श्रवण मंडल का कहना है कि एक गरीब व्यक्ति होने के नाते, उनके लिए महंगी दवाइयों को बाजार से खरीदना बेहद मुश्किल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के कई अन्य पशुपालक भी इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा पशु चिकित्सालयों में मुफ्त या सस्ती दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ ज़रूरतमंदों तक नहीं पहुँच पा रहा है। इस स्थिति पर लोगों में गहरा आक्रोश है, और वे सवाल उठा रहे हैं कि आखिर गरीब लोग कब तक ऐसी व्यवस्था का खामियाजा भुगतते रहेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जब पत्रकारों ने कोढ़ा पशु चिकित्सालय के प्रभारी से इस संबंध में प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया, तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया। हालाँकि, अनौपचारिक बातचीत में, डॉक्टर विकास कुमार ने स्वीकार किया कि जो दवाइयाँ अस्पताल में उपलब्ध नहीं होतीं, उन्हें मरीजों द्वारा बाहर से मंगवाया जाता है। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और लोगों ने संबंधित विभाग से इस मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो गरीब पशुपालकों की स्थिति और भी खराब हो सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और क्या गरीबों को इस समस्या से राहत मिल पाती है या नहीं।
बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड स्थित पशु चिकित्सालय से एक बार फिर कुप्रबंधन और गरीब पशुपालकों के शोषण का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता नहीं होने के कारण मरीजों को बाहर के बाजार से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फुलडोवी गांव निवासी श्रवण मंडल ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि जब वे अपने पशु के इलाज के लिए कोढ़ा पशु चिकित्सालय पहुँचे, तो वहाँ मौजूद डॉक्टर विकास कुमार ने उन्हें अस्पताल में दवा उपलब्ध न होने की बात कहते हुए एक सादे कागज पर दवा का नाम लिखकर बाजार से खरीदकर लाने को कहा। श्रवण मंडल का कहना है कि एक गरीब व्यक्ति होने के नाते, उनके लिए महंगी दवाइयों को बाजार से खरीदना बेहद मुश्किल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के कई अन्य पशुपालक भी इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा पशु चिकित्सालयों में मुफ्त या सस्ती दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ ज़रूरतमंदों तक नहीं पहुँच पा रहा है। इस स्थिति पर लोगों में गहरा आक्रोश है, और वे सवाल उठा रहे हैं कि आखिर गरीब लोग कब तक ऐसी व्यवस्था का खामियाजा भुगतते रहेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जब पत्रकारों ने कोढ़ा पशु चिकित्सालय के प्रभारी से इस संबंध में प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया, तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया। हालाँकि, अनौपचारिक बातचीत में, डॉक्टर विकास कुमार ने स्वीकार किया कि जो दवाइयाँ अस्पताल में उपलब्ध नहीं होतीं, उन्हें मरीजों द्वारा बाहर से मंगवाया जाता है। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और लोगों ने संबंधित विभाग से इस मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो गरीब पशुपालकों की स्थिति और भी खराब हो सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और क्या गरीबों को इस समस्या से राहत मिल पाती है या नहीं।
- भूतपूर्व पथ निर्माण मंत्री हेमराज सिंह द्वारा दिए गए एक बयान पर बिहार में सवाल उठ रहे हैं। इस बयान को लेकर यह जिज्ञासा व्यक्त की जा रही है कि इससे राज्य का कितना भला होगा। साथ ही, यह प्रश्न भी सामने आ रहा है कि क्या हेमराज सिंह आगामी एमएलसी चुनाव लड़ने जा रहे हैं।1
- कटिहार के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित गरभेली पंचायत के धुस्मर गांव में एक बंद घर को निशाना बनाकर चोरों ने नकदी और जेवरात की चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। यह घटना तब हुई जब घर के सभी सदस्य एक शादी समारोह में बाहर गए हुए थे। चोरों ने घर बंद होने का फायदा उठाकर सेंध लगाई और कीमती सामान लेकर फरार हो गए। पीड़ित मो. मुर्तजा आलम ने बताया कि चोर लगभग दो से ढाई लाख रुपये नकद के साथ-साथ घर में रखे अन्य जेवरात और कीमती सामान भी ले गए। जब मो. मुर्तजा आलम वापस अपने घर पहुंचे और दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा देखकर वे हैरान रह गए। घर का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी सहित कई जगहों के ताले टूटे हुए थे, जिसके बाद पुलिस को चोरी की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत जांच शुरू कर दी। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस ने पीड़ित परिवार को लिखित आवेदन देने को कहा है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से अपने चोरी हुए सामान और नकदी की जल्द बरामदगी के साथ-साथ आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।2
- धमदाहा में डिज्नीलैंड मेला लग चुका है। यह जानकारी दी गई है कि मेला अब अपने धमदाहा में स्थित है।1
- एक दहेज हत्या मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए एसडीपीओ की सराहना की गई है। यह प्रशंसा एसडीपीओ द्वारा मामले में की गई तत्काल कार्रवाई को रेखांकित करती है।1
- कहलगांव अनुमंडल के बरैनी गांव में कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। इस मामले के सामने आने के बाद, कहलगांव और पीरपैंती दोनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायक प्रभावित लोगों से मिलने के लिए गांव पहुंचे।1
- एक उपयोगकर्ता ने सोशल मीडिया पर अपनी एक संपादित फोटो साझा की है और दर्शकों से इस पर अपनी प्रतिक्रिया मांगी है। उन्होंने पूछा है कि उन्हें यह एडिट कैसा लगा, और टिप्पणी करके अपनी राय व्यक्त करने का आग्रह किया है।1
- पश्चिम चम्पारण के बैरिया में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक युवती अपने प्रेमी की बेरुखी से नाराज होकर एक टेलीफोन टावर पर चढ़ गई। युवती के टावर पर चढ़ने के बाद करीब दो घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए और मेले जैसा माहौल बन गया।1
- धमदाहा में डिज्नीलैंड मेला लग चुका है।1
- Post by Zahrul ansari1