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सतना के सिंधी कैंप स्थित तेवर चौराहा के पास, गुरु कृपा मोबाइल के सामने बने सुलभ कॉम्प्लेक्स का गंदा पानी लगातार सड़क पर बह रहा है। इसके कारण सड़क पर जलभराव और गंदगी की गंभीर स्थिति बन गई है। इस समस्या से स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। सड़क पर फैले इस गंदे पानी से लगातार दुर्गंध फैल रही है, जिससे क्षेत्र में संक्रमण फैलने और दुर्घटना होने का खतरा भी बढ़ गया है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और सड़क पर आवागमन सुचारु रूप से हो सके।
प्रखर प्रवक्ता न्यूज
सतना के सिंधी कैंप स्थित तेवर चौराहा के पास, गुरु कृपा मोबाइल के सामने बने सुलभ कॉम्प्लेक्स का गंदा पानी लगातार सड़क पर बह रहा है। इसके कारण सड़क पर जलभराव और गंदगी की गंभीर स्थिति बन गई है। इस समस्या से स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। सड़क पर फैले इस गंदे पानी से लगातार दुर्गंध फैल रही है, जिससे क्षेत्र में संक्रमण फैलने और दुर्घटना होने का खतरा भी बढ़ गया है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और सड़क पर आवागमन सुचारु रूप से हो सके।
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- सतना जिले की रामपुर बघेलान तहसील के शिवपुरवा हल्का पटवारी राजू कोल पर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का आरोप है कि सीमांकन, फार्मर आईडी और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, क्योंकि पटवारी अक्सर कार्यालय से गायब रहते हैं। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि पटवारी कई बार शराब के नशे में धुत रहते हैं, जिसके कारण उनके जरूरी काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं। इस अव्यवस्था से परेशान होकर किसानों ने एसडीएम और तहसीलदार से भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिला प्रशासन की सख्ती और कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद यदि ये शिकायतें सही हैं, तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला है। किसानों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।2
- ग्राम पोस्ट खामोर मलके का पुरवा जिला बांदा तहसील अतर्रा1
- नीट परीक्षा (#neetexam), संसद मार्च (#संसद_मार्च), सोनम वांगचुक (#SonamWangchuk) और विरोध प्रदर्शन (#protest) के बीच छात्रों के आंदोलन को पूरा समर्थन दिया गया है। हालांकि, उन भांडों का कड़ा विरोध किया जा रहा है जो इस छात्र आंदोलन के नाम पर सनातन को गाली दे रहे हैं और देश की संवैधानिक व्यवस्था को तार-तार कर रहे हैं। इसके साथ ही उन देशविरोधियों को भी आड़े हाथों लिया गया है जो 'भारत माता का पति कौन है' जैसे आपत्तिजनक सवाल पूछ रहे हैं। यह स्पष्ट किया गया है कि समर्थन केवल असली छात्रों के लिए है, आंदोलन की आड़ में देशविरोधी हरकतें करने वालों के लिए नहीं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद देशभर में छात्रों का भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश के बांदा में छात्रों ने जमकर हल्ला बोलते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान आंदोलित छात्रों ने जोरदार नारेबाजी की और वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा छात्रों की आवाज को उचित सम्मान देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि जब तक उनकी इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।4
- मध्य प्रदेश के रीवा में थाना अमहिया पुलिस द्वारा "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत मानस भवन के पास एक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने वहां मौजूद सभी लोगों को शपथ दिलाई।1
- सतना में एक तरफ जहां पुलिस नशा मुक्ति अभियान चला रही है, वहीं दूसरी तरफ स्टेशन रोड पर 11:44 बजे दुकान खोलकर शराब बेची जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम का लोकेशन और टाइम के साथ वीडियो भी सामने आया है। बताया गया है कि शहर की सभी दुकानों में 11:30 के बाद शराब बेची जाती है और इस दौरान ग्राहकों से महंगी दरें वसूली जाती हैं। आरोप है कि आबकारी विभाग और शराब ठेकेदार मिलकर लोगों को नशा बांट रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए अब देखना होगा कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। इसके साथ ही यह गंभीर सवाल भी उठाया गया है कि क्या इसी तरह से नशा मुक्ति अभियान सफल होगा।1
- मध्यप्रदेश की राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी द्वारा ब्राह्मण एवं राजपूत (ठाकुर) समाज के संबंध में दिए गए सार्वजनिक बयान पर स्पष्टीकरण की मांग को लेकर सामाजिक संगठनों का गुस्सा भड़क उठा है। इसी सिलसिले में विभिन्न सामाजिक संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल सतना पहुंचा। सवर्ण अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन (म.प्र.) के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अजय तिवारी के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यमंत्री से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संवाद करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर उन्हें मंत्री निवास तक जाने की अनुमति नहीं दी। मार्ग में रोके जाने के बाद, प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों के माध्यम से राज्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय ब्राह्मण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय त्रिपाठी, अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के राष्ट्रीय महासचिव अवधेश उर्मिलिया, और श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष भरत सिंह परिहार के साथ-साथ पन्ना, सतना, रीवा, कटनी और अन्य जिलों के कई पदाधिकारी शामिल थे। संगठनों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने 19 जुलाई 2026 को ही जिला एवं पुलिस प्रशासन को लिखित सूचना देकर यह साफ कर दिया था कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का प्रदर्शन, घेराव या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ना नहीं है, बल्कि वे केवल सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए तथ्यात्मक संवाद करना चाहते हैं। ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अजय तिवारी ने कहा कि किसी भी समाज पर बिना पर्याप्त आधार के सार्वजनिक आरोप लगाने से व्यापक सामाजिक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने राज्यमंत्री को अपने बयान पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने के लिए 15 दिन का समय दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय में ऐसा नहीं किया गया, तो संगठन पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से ज्ञापन, संवाद और विरोध कार्यक्रम आयोजित करेगा। वहीं, अखिल भारतीय ब्राह्मण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय त्रिपाठी ने कहा कि किसी व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर पूरे समाज को कटघरे में खड़ा करना ठीक नहीं है। इस मौके पर पन्ना से भूपेंद्र सिंह परमार, अखिल भार्गव, आलोक खरे, धीरेन्द्र खरे, गंगाप्रसाद शर्मा, सुरेंद्र खरे, अंकित पाठक, सतीश शर्मा, कमल सिंह राजपूत, मनीष पाठक और शिवेंद्र मिश्रा सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के रीवा में सरकारी स्कूलों के बच्चों को मुफ्त बांटी जाने वाली किताबों में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां पाठ्य पुस्तक निगम के गोदाम से 450 से अधिक बंडल किताबें गायब होने की आशंका है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, लापता हुई इन किताबों की कीमत करीब 35 से 36 लाख रुपये बताई जा रही है। इस भारी गड़बड़ी की सूचना मिलते ही पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग को संदेह है कि छात्रों के बीच मुफ्त वितरण के लिए रखी गई इन किताबों को अवैध रूप से बाजार में खपाया गया हो सकता है। इस मामले की शिकायत चोरहटा थाने में दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस ने इस पर जांच शुरू कर दी है। वहीं, भोपाल से भी तीन सदस्यीय जांच टीम रीवा पहुंच चुकी है, जो गोदाम का भौतिक सत्यापन कर रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। इस मामले में पुलिस जल्द ही गोदाम से जुड़े कर्मचारियों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर सकती है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक आंदोलन को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है, जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखा तनाव देखने को मिला है। इस ताज़ा घटनाक्रम के बाद मौके पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बन गई है। जंतर-मंतर पर हुए इस हंगामे के बीच अब यह सवाल तेज हो गए हैं कि आखिर यह प्रदर्शन क्यों किया जा रहा है, प्रदर्शनकारियों की असल मांगें क्या हैं और वहां मौके पर क्या-क्या घटित हुआ है।1