*थानों में फोटो-वीडियो पर अदालत की सख्त टिप्पणी, ‘सार्वजनिक स्थान पर रिकॉर्डिंग अपराध नहीं’* *न्यायालय*। एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पुलिस थानों में फोटो और वीडियो बनाने को लेकर अहम बहस हुई। पुलिस पक्ष द्वारा आपत्ति जताए जाने पर न्यायाधीश ने कड़े सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर किस कानून के तहत थाने में फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी को अपराध माना जा सकता है।सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि पुलिस अपना कार्य पारदर्शी और नियमों के अनुसार कर रही है, तो फोटो या वीडियो से आपत्ति की कोई ठोस वजह नहीं होनी चाहिए। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं, जो स्वयं पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। न्यायालय ने अपने अवलोकन में कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर साक्ष्य के रूप में फोटो या वीडियो बनाना अपने आप में अपराध नहीं है और किसी भी व्यक्ति को ऐसा करने से रोका नहीं जा सकता। हालांकि, अदालत ने यह भी संकेत दिया कि संवेदनशील परिस्थितियों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में उचित नियमों का पालन आवश्यक है। इस टिप्पणी के बाद पुलिस कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर नई बहस छिड़ गई है। *थानों में फोटो-वीडियो पर अदालत की सख्त टिप्पणी, ‘सार्वजनिक स्थान पर रिकॉर्डिंग अपराध नहीं’* *न्यायालय*। एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पुलिस थानों में फोटो और वीडियो बनाने को लेकर अहम बहस हुई। पुलिस पक्ष द्वारा आपत्ति जताए जाने पर न्यायाधीश ने कड़े सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर किस कानून के तहत थाने में फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी को अपराध माना जा सकता है।सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि पुलिस अपना कार्य पारदर्शी और नियमों के अनुसार कर रही है, तो फोटो या वीडियो से आपत्ति की कोई ठोस वजह नहीं होनी चाहिए। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं, जो स्वयं पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। न्यायालय ने अपने अवलोकन में कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर साक्ष्य के रूप में फोटो या वीडियो बनाना अपने आप में अपराध नहीं है और किसी भी व्यक्ति को ऐसा करने से रोका नहीं जा सकता। हालांकि, अदालत ने यह भी संकेत दिया कि संवेदनशील परिस्थितियों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में उचित नियमों का पालन आवश्यक है। इस टिप्पणी के बाद पुलिस कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
*थानों में फोटो-वीडियो पर अदालत की सख्त टिप्पणी, ‘सार्वजनिक स्थान पर रिकॉर्डिंग अपराध नहीं’* *न्यायालय*। एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पुलिस थानों में फोटो और वीडियो बनाने को लेकर अहम बहस हुई। पुलिस पक्ष द्वारा आपत्ति जताए जाने पर न्यायाधीश ने कड़े सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर किस कानून के तहत थाने में फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी को अपराध माना जा सकता है।सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि पुलिस अपना कार्य पारदर्शी और नियमों के अनुसार कर रही है, तो फोटो या वीडियो से आपत्ति की कोई ठोस वजह नहीं होनी चाहिए। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं, जो स्वयं पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। न्यायालय ने अपने अवलोकन में कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर साक्ष्य के रूप में फोटो या वीडियो बनाना अपने आप में अपराध नहीं है और किसी भी व्यक्ति को ऐसा करने से रोका नहीं जा सकता। हालांकि, अदालत ने यह भी संकेत दिया कि संवेदनशील परिस्थितियों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में उचित नियमों का पालन आवश्यक है। इस टिप्पणी के बाद पुलिस कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर नई बहस छिड़ गई है। *थानों में फोटो-वीडियो पर अदालत की सख्त टिप्पणी, ‘सार्वजनिक स्थान पर रिकॉर्डिंग अपराध नहीं’* *न्यायालय*। एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पुलिस थानों में फोटो और वीडियो बनाने को लेकर अहम बहस हुई। पुलिस पक्ष द्वारा आपत्ति जताए जाने पर न्यायाधीश ने कड़े सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर किस कानून के तहत थाने में फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी को अपराध माना जा सकता है।सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि पुलिस अपना कार्य पारदर्शी और नियमों के अनुसार कर रही है, तो फोटो या वीडियो से आपत्ति की कोई ठोस वजह नहीं होनी चाहिए। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं, जो स्वयं पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। न्यायालय ने अपने अवलोकन में कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर साक्ष्य के रूप में फोटो या वीडियो बनाना अपने आप में अपराध नहीं है और किसी भी व्यक्ति को ऐसा करने से रोका नहीं जा सकता। हालांकि, अदालत ने यह भी संकेत दिया कि संवेदनशील परिस्थितियों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में उचित नियमों का पालन आवश्यक है। इस टिप्पणी के बाद पुलिस कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
- *थानों में फोटो-वीडियो पर अदालत की सख्त टिप्पणी, ‘सार्वजनिक स्थान पर रिकॉर्डिंग अपराध नहीं’* *न्यायालय*। एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पुलिस थानों में फोटो और वीडियो बनाने को लेकर अहम बहस हुई। पुलिस पक्ष द्वारा आपत्ति जताए जाने पर न्यायाधीश ने कड़े सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर किस कानून के तहत थाने में फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी को अपराध माना जा सकता है।सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि पुलिस अपना कार्य पारदर्शी और नियमों के अनुसार कर रही है, तो फोटो या वीडियो से आपत्ति की कोई ठोस वजह नहीं होनी चाहिए। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं, जो स्वयं पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। न्यायालय ने अपने अवलोकन में कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर साक्ष्य के रूप में फोटो या वीडियो बनाना अपने आप में अपराध नहीं है और किसी भी व्यक्ति को ऐसा करने से रोका नहीं जा सकता। हालांकि, अदालत ने यह भी संकेत दिया कि संवेदनशील परिस्थितियों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में उचित नियमों का पालन आवश्यक है। इस टिप्पणी के बाद पुलिस कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर नई बहस छिड़ गई है।1
- जनपद के विभिन्न थानों चौकियों पर चलाया गया स्वच्छता अभियान, पुलिसकर्मियों ने की साफ सफाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जनपद में साप्ताहिक स्वच्छता अभियान जारी ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS कौशांबी...रविवार को पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी सत्यनारायण के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों, पुलिस चौकियों एवं पुलिस कार्यालयों में हर रविवार की तरह ही व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया।अभियान के अंतर्गत पुलिसकर्मियों द्वारा श्रमदान करते हुए थाना परिसर, कार्यालय भवन, अभिलेख कक्ष, शस्त्रागार, मालखाना, हवालात एवं आवासीय परिसरों की गहन साफ-सफाई की गई। साथ ही कूड़ा-करकट का समुचित निस्तारण कर परिसर को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाया गया। इस अभियान का उद्देश्य पुलिस विभाग में स्वच्छ, अनुशासित एवं सकारात्मक कार्य वातावरण स्थापित करना तथा “स्वच्छता ही सेवा” के संदेश को आत्मसात करना है। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया एवं आमजन को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने हेतु प्रेरित किया गया।पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्देशित किया गया है कि स्वच्छता एक सतत प्रक्रिया है,अतः सभी थाना एवं कार्यालय परिसरों में नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। यह अभियान प्रत्येक रविवार को निरंतर संचालित किया जा रहा है।1
- Post by Journalist Shubham Pandey1
- Post by KEN1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
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