701 कलशों संग निकली आस्था की भव्य शोभायात्रा, चिकारड़ा में विराजे गणपति बप्पा 11 दिवसीय गणपति महोत्सव का हुआ शुभारंभ, महिलाओं ने कलश लेकर किया जमकर नृत्य; गणपति चौक में शुभ मुहूर्त में हुई स्थापना चिकारड़ा। कस्बे में आयोजित होने वाले 11 दिवसीय गणपति महोत्सव का सोमवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। गणपति स्थापना के अवसर पर 701 कलशों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए। महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति गीतों पर नृत्य करती चल रही थीं, वहीं पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। गणपति महोत्सव समिति अध्यक्ष उदयलाल गुर्जर ने बताया कि शोभायात्रा सांवलिया जी चौराहा से शुरू होकर उदयपुर-मंगलवाड़ मार्ग होते हुए प्रजापत मोहल्ला पहुंची, जहां से गणपति चौक पहुंचकर शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ गणपति जी की स्थापना की गई। शोभायात्रा के मार्ग में ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। गुलाब की पंखुड़ियों से रास्ते सज गए और डीजे की धार्मिक धुनों पर महिला-पुरुष जमकर थिरके। महोत्सव को लेकर पिछले एक माह से तैयारियां चल रही थीं, जिन्हें गणपति स्थापना के साथ मुकाम मिला। कस्बे के विभिन्न मंदिरों पर आकर्षक लाइट डेकोरेशन किया गया है। वहीं गणपति चौक स्थित बप्पा के आश्रय स्थल को दुल्हन की तरह सजाया गया है। विद्युत चलित डेकोरेशन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चिकारड़ा का गणपति महोत्सव जिले में अपनी अलग पहचान रखता है। समिति में करीब 125 से 150 सदस्य हैं, जो आयोजन का खर्च स्वयं वहन करते हैं। गांव से अनिवार्य चंदा नहीं लिया जाता, हालांकि ग्रामीण स्वेच्छा से सहयोग कर सकते हैं। गणपति स्थापना से विसर्जन तक प्रतिदिन अलग-अलग श्रद्धालुओं द्वारा अपनी इच्छा से प्रसाद वितरण करवाया जाएगा। महोत्सव में एकल नृत्य, कविता पाठ, बाहर से आने वाले कलाकारों की प्रस्तुतियां तथा प्रतिदिन गरबा कार्यक्रम होंगे। कस्बे को लाइट डेकोरेशन, बोर्ड, बैनर और लाइटिंग से सजाया गया है। सुबह हुई रिमझिम बारिश के कारण कार्यक्रम में थोड़ा फेरबदल करना पड़ा, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कायम रहा। सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं समिति सदस्य संभालेंगे, जबकि पुलिस चौकी चिकारड़ा की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। प्रतिदिन शाम आरती के बाद कार्यक्रम शुरू होकर रात्रि 10 बजे तक जारी रहेंगे। समिति के सदस्य अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। कार्यक्रम संचालन की भूमिका निर्मल लखारा निभाएंगे, जो समिति में भी महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं।
701 कलशों संग निकली आस्था की भव्य शोभायात्रा, चिकारड़ा में विराजे गणपति बप्पा 11 दिवसीय गणपति महोत्सव का हुआ शुभारंभ, महिलाओं ने कलश लेकर किया जमकर नृत्य; गणपति चौक में शुभ मुहूर्त में हुई स्थापना चिकारड़ा। कस्बे में आयोजित होने वाले 11 दिवसीय गणपति महोत्सव का सोमवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। गणपति स्थापना के अवसर पर 701 कलशों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए। महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति गीतों पर नृत्य करती चल रही थीं, वहीं पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। गणपति महोत्सव समिति अध्यक्ष उदयलाल गुर्जर ने बताया कि शोभायात्रा सांवलिया जी चौराहा से शुरू होकर उदयपुर-मंगलवाड़ मार्ग होते हुए प्रजापत मोहल्ला पहुंची, जहां से गणपति चौक
पहुंचकर शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ गणपति जी की स्थापना की गई। शोभायात्रा के मार्ग में ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। गुलाब की पंखुड़ियों से रास्ते सज गए और डीजे की धार्मिक धुनों पर महिला-पुरुष जमकर थिरके। महोत्सव को लेकर पिछले एक माह से तैयारियां चल रही थीं, जिन्हें गणपति स्थापना के साथ मुकाम मिला। कस्बे के विभिन्न मंदिरों पर आकर्षक लाइट डेकोरेशन किया गया है। वहीं गणपति चौक स्थित बप्पा के आश्रय स्थल को दुल्हन की तरह सजाया गया है। विद्युत चलित डेकोरेशन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चिकारड़ा का गणपति महोत्सव जिले में अपनी अलग पहचान रखता है। समिति में करीब 125 से 150 सदस्य हैं, जो आयोजन का खर्च स्वयं वहन करते हैं। गांव से अनिवार्य चंदा नहीं लिया जाता, हालांकि
ग्रामीण स्वेच्छा से सहयोग कर सकते हैं। गणपति स्थापना से विसर्जन तक प्रतिदिन अलग-अलग श्रद्धालुओं द्वारा अपनी इच्छा से प्रसाद वितरण करवाया जाएगा। महोत्सव में एकल नृत्य, कविता पाठ, बाहर से आने वाले कलाकारों की प्रस्तुतियां तथा प्रतिदिन गरबा कार्यक्रम होंगे। कस्बे को लाइट डेकोरेशन, बोर्ड, बैनर और लाइटिंग से सजाया गया है। सुबह हुई रिमझिम बारिश के कारण कार्यक्रम में थोड़ा फेरबदल करना पड़ा, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कायम रहा। सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं समिति सदस्य संभालेंगे, जबकि पुलिस चौकी चिकारड़ा की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। प्रतिदिन शाम आरती के बाद कार्यक्रम शुरू होकर रात्रि 10 बजे तक जारी रहेंगे। समिति के सदस्य अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। कार्यक्रम संचालन की भूमिका निर्मल लखारा निभाएंगे, जो समिति में भी महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं।
- चिकारड़ा में गणपति महोत्सव की धूम, 10 दिनों तक गूंजेगी भक्ति और गरबा की खनक प्रेम नगर के पिपलेश्वर महादेव मंदिर में 7 फीट की गणपति प्रतिमा स्थापित पवन अग्रवाल, चिकारड़ा चिकारड़ा। डूंगला उपखंड क्षेत्र में गणपति महोत्सव को लेकर इस बार खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों में विधि-विधान के साथ भगवान गणपति की स्थापना की गई है। कहीं सार्वजनिक पंडाल सजाए गए हैं तो कहीं ग्रामीणों ने अपने घरों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू की है। दस दिवसीय गणपति महोत्सव के दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आ रहा है। जहां देखो, वहां गणपति बप्पा की प्रतिमाएं क्षेत्र में जगह-जगह गणपति प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। सुबह-शाम आरती और पूजा के साथ श्रद्धालु गणपति बप्पा की सेवा में जुटे हुए हैं। रात्रि में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ गरबा और डांडिया आयोजन भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। डांडियों की खनक से गांवों की गलियां देर रात तक गूंज रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गणपति महोत्सव अब धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक उत्सव का भी माध्यम बन गया है। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग उत्साह के साथ आयोजनों में भाग ले रहे हैं। प्रेम नगर में 7 फीट की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र डूंगला निवासी उदयलाल गायरी ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रेम नगर स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में गणपति प्रतिमा स्थापित की गई है। गरबा मंडल की ओर से यहां दस दिनों तक विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार मंदिर परिसर में 7 फीट ऊंची गणपति प्रतिमा स्थापित की गई है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण भगवान गणपति के दर्शन एवं आरती में शामिल हो रहे हैं। शाम 8 बजे बाद उमड़ता है भक्तों का सैलाब आयोजक मंडल के अनुसार शाम करीब 8 बजे से कार्यक्रम स्थल पर ग्रामीणों की आवाजाही बढ़ने लगती है। आरती के बाद गरबा एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ग्रामीण उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं में गरबा को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। आयोजक मंडल ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने में डूंगला क्षेत्र के ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। ग्रामीणों के सहयोग से इस आयोजन को हर वर्ष और अधिक भव्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थापना से विसर्जन तक भक्ति में डूबा रहेगा क्षेत्र क्षेत्र के कई स्थानों पर ग्रामीणों ने अपनी परंपरा के अनुसार गणपति स्थापना एवं विसर्जन की तैयारियां की हैं। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि वे स्थापना के दिन ही विधि-विधान के साथ गणपति का विसर्जन करेंगे, जबकि सार्वजनिक रूप से स्थापित प्रतिमाओं का दस दिवसीय आयोजन के बाद श्रद्धा और उल्लास के साथ विसर्जन किया जाएगा। गणपति महोत्सव के चलते इन दिनों डूंगला उपखंड क्षेत्र में हर तरफ ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष सुनाई दे रहे हैं। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक रंग में रंगा यह आयोजन ग्रामीणों के बीच उत्साह, भाईचारे और सामाजिक एकजुटता का संदेश दे रहा है।1
- *खुला आसमान ही श्मशान: मरने के बाद भी सुकून से अंतिम संस्कार नसीब नहीं, आदर्श श्मशान योजना कागजों में* रिपोर्टर प्रकाश सोलंकी पीपलवास *बिलड़ी / ग्राम पंचायत गरदाना (चित्तौड़गढ़)।* ग्रामीण अंचल में विकास के तमाम दावों के बीच जमीनी हकीकत बेहद दर्दनाक है। यहां व्यक्ति को जीते जी तो सुविधाएं नहीं मिलती, मरने के बाद भी सुकून से अंतिम संस्कार तक नसीब नहीं हो रहा है। ताजा मामला ग्राम पंचायत गरदाना के ग्राम *बिलड़ी* का है। यहां आज भी अंतिम संस्कार के लिए कोई व्यवस्थित श्मशान घाट नहीं है। ग्रामीणों को खुले आसमान के नीचे, खेतों के बीच, झाड़ियों में चिता लगाकर दाह संस्कार करना पड़ रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बारिश के मौसम में गीली लकड़ियों से चिता जल ही नहीं रही है और परिजनों को घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है। इस संबंध में *सामाजिक कार्यकर्ता शंकर लाल मेघवाल, बिलड़ी* ने बताया कि राजस्थान सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में *आदर्श श्मशान (मोक्षधाम)* बनाने की योजना शुरू की थी, जिसके लिए लाखों रुपये का बजट भी आता है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह योजना पूरी तरह फेल है। बिलड़ी में आज तक न तो टीन शेड बना, न चारदीवारी और न ही श्मशान तक पहुंचने का रास्ता है। बरसात में तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सामाजिक कार्यकर्ता शंकर लाल मेघवाल ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेकर बिलड़ी गांव में तत्काल सर्वसुविधायुक्त आदर्श मोक्षधाम का निर्माण करवाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को इस पीड़ादायक स्थिति से न गुजरना पड़े।1
- मावली में नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षदों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ, विधायक पुष्कर लाल डांगी सहित वरिष्ठ नेता रहे मौजूद उदयपुर जिले के मावली नगरपालिका के नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह उपखंड कार्यालय में आयोजित किया गया। समारोह में उपखंड अधिकारी मावली ने सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर विधायक पुष्कर लाल डांगी विशेष रूप से मौजूद रहे। उनके साथ मावली ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार गोखरू, खेमली ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह राणावत, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह गुर्जर, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष निरंजन चौधरी तथा मावली के पूर्व सरपंच मोहन लाल जाट उपस्थित रहे।1
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- “नीमच के मनासा में PAN कार्ड के कथित दुरुपयोग का आरोप! शाकिर खान के नाम पर GST फर्म, SP ऑफिस पहुंची शिकायत नीमच जिले के मनासा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां एक व्यक्ति ने अपने PAN कार्ड और व्यक्तिगत दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर फर्जी GST फर्म संचालित किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। मनासा निवासी शाकिर खान का आरोप है कि उनके नाम और PAN कार्ड का उपयोग कर रामपुरा के लालबाग रोड स्थित हाकिमी ट्रेडर्स के नाम से वर्ष 2017 में GST पंजीयन कराया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने न तो यह फर्म बनाई, न इसके लिए कोई आवेदन किया और न ही अपने दस्तावेजों के इस्तेमाल की किसी को अनुमति दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित GST फर्म आज भी सक्रिय है और उसके माध्यम से लाखों रुपये के लेन-देन किए जाने की आशंका है। मामले में शिकायतकर्ता ने 19 अगस्त 2026 को मनासा थाने में आवेदन देकर दस्तावेज, GST पोर्टल की जानकारी, फर्म का बिल और दुकान से संबंधित फोटो सहित साक्ष्य प्रस्तुत करने की बात कही है। लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत के बाद भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर उन्होंने अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय नीमच पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मांग की है कि GST और आयकर विभाग से फर्म के पंजीयन संबंधी रिकॉर्ड, KYC दस्तावेज, मोबाइल नंबर, ई-मेल, बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी जुटाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी व्यक्ति के PAN और पहचान संबंधी दस्तावेजों का कथित रूप से गलत इस्तेमाल हुआ है, तो आखिर यह पंजीयन किसने कराया और वर्षों तक फर्म का संचालन कैसे होता रहा? फिलहाल मामला शिकायत और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की वास्तविकता और किसी व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।1
- महिला आरक्षण बिल: 27 साल में 8 बार रिजेक्ट, 9वीं दफा मोदी सरकार के हाथ प्रोजेक्ट, पास हुआ तो ऐसे बदलेगी तस्वीर ☰ news24 logo Live TVn24app linkEnglish news24 logo होम लेटेस्ट न्यूज देश दुनिया खेल एंटरटेनमेंट Photos बिजनेस हेल्थ लाइफस्टाइल प्रदेश ऑटो ज्योतिष धर्म ओपीनियन More follow us on google news Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source English हिन्दी E24 Isomes लेटेस्ट न्यूज Live TV देश प्रदेश दुनिया खेल एंटरटेनमेंट Photos बिजनेस हेल्थ लाइफस्टाइल ऑटो गैजेट्स ट्रेंडिंग ओपीनियन धर्म शिक्षा वीडियो Upcoming Elections BRICSBigg Boss 20Weather देश महिला आरक्षण बिल: 27 साल में 8 बार रिजेक्ट, 9वीं दफा मोदी सरकार के हाथ प्रोजेक्ट, पास हुआ तो ऐसे बदलेगी तस्वीर Women’s Reservation Bill 2023 Benefits: 27 साल में 8 बार रिजेक्ट होने के बाद 9वीं बार महिला आरक्षण बिल भारतीय संसद में पेश होने जा रहा है। इस बार बिल मोदी सरकार के हाथ में है, जिसे मोदी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यह मुद्दा 27 साल से लटका हुआ था। 8 सालों में […] Edited By : Khushbu Goyal Updated: Sep 20, 2023 07:21 Share : fbtwitter whatsapp telegram Add news 24 as a Preferred Source Women's Reservation Bill 2023 Women's Reservation Bill 2023 ---विज्ञापन--- Women’s Reservation Bill 2023 Benefits: 27 साल में 8 बार रिजेक्ट होने के बाद 9वीं बार महिला आरक्षण बिल भारतीय संसद में पेश होने जा रहा है। इस बार बिल मोदी सरकार के हाथ में है, जिसे मोदी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यह मुद्दा 27 साल से लटका हुआ था। 8 सालों में कभी यह राज्यसभा में ही रिजेक्ट हो गया तो कभी लोकसभा में विरोध के कारण पास नहीं हो पाया। अब उम्मीद की जा रही है कि मोदी सरकार इस बिल को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है। वहीं बिल पास होते ही महिलाओं को काफी फायदा होगा। यह भी पढ़ें: 13 साल पहले मुलायम सिंह ने महिला आरक्षण बिल का किया था विरोध, जानिए अब कौन है खिलाफ में? महिला आरक्षण बिल से ये फायदे होंगे महिला आरक्षण बिल को 15 साल के लागू किया जाना है। इस बिल का लक्ष्य महिलाओं के लिए लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में 33 फीसदी सीटें आरक्षित करना है। बिल में 33 प्रतिशत कोटे में भी SCST, एंग्लो-इंडियन के लिए उप-आरक्षण के लिए भी सुझाव हैं। हर बार आम चुनाव के बाद आरक्षित सीटों को रोटेट किए जाने का प्रावधान भी बिल में रहेगा, लेकिन इस बिल में अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं है, जिस कारण विपक्षी दलों द्वारा इस बिल का विरोध किया जाता रहा है।3
- सारंगपुरा में गुर्जर समाज की राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी प्रतियोगिता शुरू 29 टीमों ने लिया भाग, उद्घाटन मुकाबलों में चार टीमों ने दर्ज की जीत; आठ पीटीआई ने दिया योगदान चिकारड़ा — पवन अग्रवाल, चिकारड़ा भगवान श्री देवनारायण जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में सारंगपुरा गांव में गुर्जर समाज की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तर की तीन दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। प्रतियोगिता में कुल 29 टीमों ने भाग लिया है। उद्घाटन अवसर पर विभिन्न टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले हुए। प्रतियोगिता का समापन 17 सितंबर को होगा। उद्घाटन मुकाबलों में टीमों ने दिखाया दमखम प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर कुरेठा वर्सेस खेरमालिया, आंतरी वर्सेस खेरमालिया, संगरिया वर्सेस सांवलिया जी तथा रतनपुर वर्सेस नौगामा के बीच मुकाबले हुए। मुकाबलों में क्रमशः खेरमालिया ने कुरेठा को, खेरमालिया ने आंतरी को, सांवलिया जी ने संगरिया को तथा नौगामा ने रतनपुर को हराकर जीत हासिल की। इस प्रकार उद्घाटन अवसर पर कुल 8 टीमों के बीच चार मुकाबले हुए, जिनमें खेरमालिया ने दो मुकाबलों में जीत हासिल की, जबकि सांवलिया जी और नौगामा ने एक-एक मुकाबले में विजय प्राप्त की। प्रतियोगिता में आयोजन को सफल बनाने के लिए आठ पीटीआई ने अपना योगदान दिया। टूर्नामेंट के मुख्य निर्णायक धर्मेंद्र त्रिपाठी रहे। विजेता को 11 हजार, उपविजेता को 5100 रुपए प्रतियोगिता में विजेता टीम को 11 हजार रुपए तथा उपविजेता टीम को 5100 रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों के लिए पहचान-पत्र (आईडी प्रूफ) साथ लाना अनिवार्य रखा गया है। खिलाड़ियों के लिए भोजन व्यवस्था भी आयोजन समिति की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है। 17 सितंबर को शोभायात्रा, महाप्रसाद और भजन संध्या देवनारायण जन्मोत्सव के तहत 17 सितंबर को प्रतियोगिता के समापन के साथ विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। सुबह 11.15 बजे शोभायात्रा एवं जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद शाम 4.15 बजे महाप्रसाद तथा रात 8.15 बजे भजन संध्या का आयोजन होगा। देवनारायण मंदिर परिसर बना आयोजन का केंद्र तीन दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता सहित जन्मोत्सव के सभी कार्यक्रम भगवान श्री देवनारायण जी मंदिर, सारंगपुरा में आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजन समस्त गुर्जर समाज, सारंगपुरा, तहसील डूंगला के सहयोग से किया जा रहा है। प्रतियोगिता के शुभारंभ के साथ ही गांव में खेल भावना और धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। खेल मैदान में दिखा उत्साह प्रतियोगिता के शुभारंभ के साथ ही खेल मैदान में खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। उद्घाटन मुकाबलों के दौरान ग्रामीणों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में खेलप्रेमी प्रतियोगिता देखने पहुंचे। आयोजन में ग्रामीणों की उपस्थिति प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर दिनेश गुर्जर, दुगाशंकर गुर्जर, कांशीराम गुर्जर, राजमल गुर्जर, राहुल गुर्जर, लक्ष्मण गुर्जर, रामलाल गुर्जर, भेरूलाल गुर्जर, वरदीचंद, किशन गुर्जर और रमेश गुर्जर सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन में सहयोग करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया तथा प्रतियोगिता को सफल बनाने में अपनी सहभागिता निभाई।3
- पुलिस ने सेमरथली-हड़मतिया कुंडाल मार्ग पर जीवनपुरा मोड़ के समीप एक मारुति सुजुकी कार की तलाशी ली। #छोटी_सादड़ी #ऑपरेशन_त्रिनेत्र #पुलिस_कार्रवाई #डोडा_चूरा #मादक_पदार्थ #तस्करी #भावेश_उर्फ_सोनू_आचार्य #प्रतापगढ़ #राजस्थान #BreakingNews #DesiNews247 #LatestNews1