पटना जिले के मसौढ़ी अनुमंडल स्थित पुनपुन प्रखंड के समकुड़ा गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक साधारण मिट्टी और खपरैल के मकान से 40 से भी ज़्यादा ज़हरीले साँप निकलने के बाद पूरे गाँव में हड़कंप मच गया। यह घटना समकुड़ा गांव निवासी शंभु प्रसाद के घर में हुई, जहाँ उनका परिवार — उनकी पत्नी, दो बेटे बंटी कुमार और धनंजय कुमार, और छह वर्षीय भांजा तरुण — पिछले तीन दिनों से दहशत के साये में जी रहा था। गनीमत रही कि इस दौरान किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया। तीन दिन पहले रात के समय बंटी कुमार जब अपने कमरे में सो रहे थे, तभी उनकी नज़र बिस्तर के पास एक ज़हरीले साँप पर पड़ी। किसी तरह उस साँप को हटाया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद घर के अलग-अलग हिस्सों में कई और साँप दिखाई देने लगे, जिससे परिवार में चीख-पुकार मच गई और उन्होंने पूरी रात जागकर बिताई। अगले दिन, ग्रामीणों की मदद से कुछ साँपों को निकाला गया। हालाँकि, घर में और साँप होने की आशंका के चलते एक सपेरे को बुलाया गया, जिसने घंटों की तलाश के बाद एक-एक करके 40 से भी अधिक ज़हरीले साँपों को बाहर निकाला। इन सभी साँपों को सुरक्षित जारों और ढक्कन वाली बाल्टियों में बंद करके सपेरा अपने साथ ले गया। इस घटना के बाद समकुड़ा गांव में अब भी दहशत का माहौल बना हुआ है, और ग्रामीण अपने घरों व आसपास के इलाकों की साफ-सफाई में जुट गए हैं। गाँव वालों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी एक घर से इतनी बड़ी संख्या में ज़हरीले साँप निकलते देखे हैं, और उनका मानना है कि यदि समय रहते इन साँपों का पता नहीं चलता तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल, यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, और हर किसी के मन में यह सवाल है कि आखिर एक ही घर में इतने ज़हरीले साँप कैसे पहुँचे।
पटना जिले के मसौढ़ी अनुमंडल स्थित पुनपुन प्रखंड के समकुड़ा गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक साधारण मिट्टी और खपरैल के मकान से 40 से भी ज़्यादा ज़हरीले साँप निकलने के बाद पूरे गाँव में हड़कंप मच गया। यह घटना समकुड़ा गांव निवासी शंभु प्रसाद के घर में हुई, जहाँ उनका परिवार — उनकी पत्नी, दो बेटे बंटी कुमार और धनंजय कुमार, और छह वर्षीय भांजा तरुण — पिछले तीन दिनों से दहशत के साये में जी रहा था। गनीमत रही कि इस दौरान किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया। तीन दिन पहले रात के समय बंटी कुमार जब अपने कमरे में सो रहे थे, तभी उनकी नज़र बिस्तर के पास एक ज़हरीले साँप पर पड़ी। किसी तरह उस साँप को हटाया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद घर के अलग-अलग हिस्सों में कई और साँप दिखाई देने लगे, जिससे परिवार में चीख-पुकार मच गई और उन्होंने पूरी रात जागकर बिताई। अगले दिन, ग्रामीणों की मदद से कुछ साँपों को निकाला गया। हालाँकि, घर में और साँप होने की आशंका के चलते एक सपेरे को बुलाया गया, जिसने घंटों की तलाश के बाद एक-एक करके 40 से भी अधिक ज़हरीले साँपों को बाहर निकाला। इन सभी साँपों को सुरक्षित जारों और ढक्कन वाली बाल्टियों में बंद करके सपेरा अपने साथ ले गया। इस घटना के बाद समकुड़ा गांव में अब भी दहशत का माहौल बना हुआ है, और ग्रामीण अपने घरों व आसपास के इलाकों की साफ-सफाई में जुट गए हैं। गाँव वालों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी एक घर से इतनी बड़ी संख्या में ज़हरीले साँप निकलते देखे हैं, और उनका मानना है कि यदि समय रहते इन साँपों का पता नहीं चलता तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल, यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, और हर किसी के मन में यह सवाल है कि आखिर एक ही घर में इतने ज़हरीले साँप कैसे पहुँचे।
- पटना जिले के मसौढ़ी अनुमंडल स्थित पुनपुन प्रखंड के समकुड़ा गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक साधारण मिट्टी और खपरैल के मकान से 40 से भी ज़्यादा ज़हरीले साँप निकलने के बाद पूरे गाँव में हड़कंप मच गया। यह घटना समकुड़ा गांव निवासी शंभु प्रसाद के घर में हुई, जहाँ उनका परिवार — उनकी पत्नी, दो बेटे बंटी कुमार और धनंजय कुमार, और छह वर्षीय भांजा तरुण — पिछले तीन दिनों से दहशत के साये में जी रहा था। गनीमत रही कि इस दौरान किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया। तीन दिन पहले रात के समय बंटी कुमार जब अपने कमरे में सो रहे थे, तभी उनकी नज़र बिस्तर के पास एक ज़हरीले साँप पर पड़ी। किसी तरह उस साँप को हटाया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद घर के अलग-अलग हिस्सों में कई और साँप दिखाई देने लगे, जिससे परिवार में चीख-पुकार मच गई और उन्होंने पूरी रात जागकर बिताई। अगले दिन, ग्रामीणों की मदद से कुछ साँपों को निकाला गया। हालाँकि, घर में और साँप होने की आशंका के चलते एक सपेरे को बुलाया गया, जिसने घंटों की तलाश के बाद एक-एक करके 40 से भी अधिक ज़हरीले साँपों को बाहर निकाला। इन सभी साँपों को सुरक्षित जारों और ढक्कन वाली बाल्टियों में बंद करके सपेरा अपने साथ ले गया। इस घटना के बाद समकुड़ा गांव में अब भी दहशत का माहौल बना हुआ है, और ग्रामीण अपने घरों व आसपास के इलाकों की साफ-सफाई में जुट गए हैं। गाँव वालों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी एक घर से इतनी बड़ी संख्या में ज़हरीले साँप निकलते देखे हैं, और उनका मानना है कि यदि समय रहते इन साँपों का पता नहीं चलता तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल, यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, और हर किसी के मन में यह सवाल है कि आखिर एक ही घर में इतने ज़हरीले साँप कैसे पहुँचे।1
- जहानाबाद जिले में अवैध शराब के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत उत्पाद विभाग की टीम ने नगर थाना क्षेत्र के भागीरथ बीघा में एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान गिट्टी लदे एक ट्रक से 123 लीटर बीयर बरामद की गई। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया, जबकि बरामद बीयर और वाहन को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रक के माध्यम से अवैध रूप से शराब की खेप ले जाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने भागीरथ बीघा क्षेत्र में जांच अभियान चलाया। एक संदिग्ध ट्रक को रोककर गहन तलाशी ली गई, जिसमें छिपाकर रखी गई 123 लीटर बीयर मिली। गिरफ्तार चालक की पहचान जयराम कुमार के रूप में हुई है, जिससे पूछताछ कर शराब की खेप के स्रोत और गंतव्य का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इस अभियान का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर रंजिता सिंह ने किया, और छापेमारी दल में एएसआई नरदीप सिंह, एएसआई दिवाकर कुमार गौतम, सिपाही अमृत सिंह और सिपाही सोनू कुमार शामिल थे। सब-इंस्पेक्टर रंजिता सिंह ने बताया कि बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए उत्पाद विभाग लगातार छापेमारी और जांच अभियान चला रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब की तस्करी और अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने यह भी कहा कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा कानून का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- बिहार सरकार के निर्देश पर मंगलवार को दनियावां प्रखंड की सिंगरियावां पंचायत के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में एक पंचायत स्तरीय सहयोग शिविर आयोजित किया गया। मुखिया रूबी कुमारी ने प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ मिलकर इस शिविर का उद्घाटन किया। इस दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन, बिजली, हर घर नल-जल, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास, नली-गली, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपने आवेदन प्रस्तुत किए। समाचार लिखे जाने तक, ऊर्जा, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, स्वास्थ्य, गृह, पंचायती राज, राजस्व तथा सामाजिक सुरक्षा विभागों से संबंधित कुल 66 आवेदन प्राप्त हुए थे। इन सभी आवेदनों को सहयोग पोर्टल पर दर्ज कर 30 दिनों के भीतर उनके निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पटना सिटी के अनुमंडल पदाधिकारी ने शिविर का निरीक्षण किया, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रियंका कुमारी और अंचलाधिकारी गीता कुमारी समेत विभिन्न विभागों के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। समाजसेवी दिलीप कुमार द्वारा गांव-गांव में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से चलाए गए जनजागरूकता अभियान का सकारात्मक असर शिविर में ग्रामीणों की अच्छी भागीदारी के रूप रूप में देखने को मिला। हालांकि, कार्यक्रम के समापन पर व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े हुए। कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि शिविर में सम्मानजनक व्यवस्था का अभाव था। समिति के सदस्य सियाराम शर्मा ने इस संबंध में जिलाधिकारी, मंत्रिमंडल सचिवालय और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजने की बात कही है।1
- पटना के रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक भूमाफिया को गिरफ़्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा की गई है, जिसमें इलाके से भूमाफिया को पकड़ा गया।1
- पटना जिले के बिहटा थानाक्षेत्र में बिहटा-आरा NH 922 पर सिकंदरपुर गांव के पास एक तेज रफ्तार हाईवा ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, बाइक पर सवार दो अन्य लोग इस हादसे में बाल-बाल बच गए। मृतक महिला की पहचान मनेर थानाक्षेत्र के हल्दी छपरा रामनगर गांव निवासी अनिल सिंह की 45 वर्षीय पत्नी सविता देवी के रूप में की गई है। बताया गया कि मृतका सविता देवी अपने बेटे और बहू के साथ अपनी बाइक से आरा जा रही थीं। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक हाइवा ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बाइक सवार का संतुलन बिगड़ गया और सविता देवी सड़क पर गिर गईं, जिसके बाद हाइवा ने उन्हें कुचल दिया। इस भीषण हादसे में महिला की तुरंत मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक के परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, शव को अपने कब्जे में लिया और आगे की आवश्यक कार्रवाई में जुट गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त हाइवा ट्रक को भी जब्त कर लिया है।3
- बिहार राज्य को लेकर एक गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राज्य के हमारे माँ, बहन, भाई, चाचा और चाची सहित आम नागरिकों का जीवन गुलामी की ओर कूच कर चुका है। इस विकट स्थिति को ITS ASHOK SAMRAT के साथ देखा जा सकता है।1
- पटना के दनियावां थाना क्षेत्र स्थित दनियावां बाजार के गैलेक्सी टावर में संचालित नेहा मोबाइल कॉर्नर दुकान और गोदाम में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने गैस कटर का उपयोग कर दुकान और गोदाम के शटर को काटकर अंदर प्रवेश किया। इस घटना में चोर ₹3 लाख 20 हजार नकद समेत लगभग ₹40 लाख मूल्य के कीमती सामान चुरा ले गए, जिससे इलाके के व्यवसायियों में दहशत फैल गई है। पीड़ित दुकानदार शिवेंद्र कुमार उर्फ पिंटू कुमार ने बताया कि उन्होंने रविवार रात करीब दस बजे के बाद दुकान बंद कर दी थी। मंगलवार सुबह एक ग्रामीण ने उन्हें फोन पर दुकान का शटर कटा होने की जानकारी दी। सूचना मिलने पर जब वे दनियावां बाजार स्थित अपनी दुकान पहुंचे, तो देखा कि दुकान का शटर और ग्रिल दोनों गैस कटर से कटे हुए थे। दुकान के अंदर रखे कई कीमती लैपटॉप, आईफोन, विभिन्न कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन, एलईडी टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ-साथ काउंटर में रखे नकद ₹3 लाख 20 हजार की भी चोरी हो चुकी थी। उन्होंने तुरंत स्थानीय थाना और 112 पुलिस टीम को इसकी सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही दनियावां पुलिस के साथ आसपास के व्यवसायियों और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। दनियावां थानाध्यक्ष खुशबू खातून, सर्किल इंस्पेक्टर माया कुमारी और फतुहा-2 के एसडीपीओ संजीव कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की गहन जांच शुरू की। चोरी की गंभीरता को देखते हुए, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच की। हालांकि, तत्काल कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। पुलिस जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि चोरी करने के बाद दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में सामान ले जाते और आते चोरों की तस्वीरें कैद हुई हैं। फुटेज में चार से पांच संदिग्ध चोरों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं, जिन्होंने अपने मुंह हेमेट और गमछा से ढके हुए थे। पुलिस इन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी हुई है। फतुहा एसडीपीओ टू संजीव कुमार ने आश्वासन दिया कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान कर ली जाएगी और शीघ्र ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। इस बड़ी चोरी की घटना के बाद दनियावां बाजार के व्यवसायियों में भय और आक्रोश का माहौल है। व्यापारियों ने पुलिस से जल्द से जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। व्यापारियों ने इस बात पर भी रोष व्यक्त किया कि रविवार की रात में दनियावां बाजार में 112 या किसी अन्य पुलिस की गाड़ी की पेट्रोलिंग नहीं थी, जिसके कारण यह बड़ी चोरी की घटना हुई।4
- पटना स्थित पीएमसीएच अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के बीच विवाद सामने आया है। इस मामले में नर्सों ने एक डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1