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साइबर ठगी के मामले में वांटेड स्थायी वारंटी सांवरिया उर्फ़ सनम गिरफ्तार, सवाई माधोपुर। जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देशन में चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत मानटाउन थाना पुलिस ने एक शातिर स्थायी वारंटी सांवरिया उर्फ़ सनम पिता बाबूलाल को गिरफ्तार किया है,पुलिस के अनुसार यह आरोपी लम्बे समय से फरार चल रहा था,इसके खिलाफ साइबर ठगी (एफ.आई.आर. नंबर 138/2026) के मामले में माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सवाई माधोपुर से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था,इसके अलावा एक अन्य प्रकरण में भी सरकार बनाम शिवराज वगेरा (प्रकरण संख्या 1261/25) में इसे फरार घोषित किया गया था।पुलिस टीम ने इसे घुड़ासी मोड़ पर स्थित एक मेडिकल दुकान के सामने से धर दबोचा।
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साइबर ठगी के मामले में वांटेड स्थायी वारंटी सांवरिया उर्फ़ सनम गिरफ्तार, सवाई माधोपुर। जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देशन में चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत मानटाउन थाना पुलिस ने एक शातिर स्थायी वारंटी सांवरिया उर्फ़ सनम पिता बाबूलाल को गिरफ्तार किया है,पुलिस के अनुसार यह आरोपी लम्बे समय से फरार चल रहा था,इसके खिलाफ साइबर ठगी (एफ.आई.आर. नंबर 138/2026) के मामले में माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सवाई माधोपुर से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था,इसके अलावा एक अन्य प्रकरण में भी सरकार बनाम शिवराज वगेरा (प्रकरण संख्या 1261/25) में इसे फरार घोषित किया गया था।पुलिस टीम ने इसे घुड़ासी मोड़ पर स्थित एक मेडिकल दुकान के सामने से धर दबोचा।
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- साइबर ठगी के मामले में वांटेड स्थायी वारंटी सांवरिया उर्फ़ सनम गिरफ्तार, सवाई माधोपुर। जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देशन में चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत मानटाउन थाना पुलिस ने एक शातिर स्थायी वारंटी सांवरिया उर्फ़ सनम पिता बाबूलाल को गिरफ्तार किया है,पुलिस के अनुसार यह आरोपी लम्बे समय से फरार चल रहा था,इसके खिलाफ साइबर ठगी (एफ.आई.आर. नंबर 138/2026) के मामले में माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सवाई माधोपुर से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था,इसके अलावा एक अन्य प्रकरण में भी सरकार बनाम शिवराज वगेरा (प्रकरण संख्या 1261/25) में इसे फरार घोषित किया गया था।पुलिस टीम ने इसे घुड़ासी मोड़ पर स्थित एक मेडिकल दुकान के सामने से धर दबोचा।1
- पंचायती राज चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी, कल होगा मतदान1
- खबर का असर: समाचार प्रकाशित होते ही हरकत में आया विभाग, टूटी जाली की मरम्मत का काम शुरू सारसोप। चौथ का बरवाड़ा-सवाई माधोपुर मार्ग पर डिडायच गांव में मुख्य मार्ग की टूटी नाली की जाली को लेकर प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला है। समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और मौके पर टूटी हुई जाली की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया। टूटी जाली के कारण आए दिन वाहन चालकों और राहगीरों को हादसे का खतरा बना हुआ था। विशेषकर रात के समय अंधेरे में क्षतिग्रस्त जाली दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका रहती थी। ग्रामीणों ने समस्या को प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने सुध लेते हुए मरम्मत कार्य शुरू करवाया। इससे ग्रामीणों और वाहन चालकों को राहत मिली है। ग्रामीणों ने समस्या को समाचार के माध्यम से उठाने और त्वरित कार्रवाई होने पर आभार जताया।1
- सवाई माधोपुर: 5 हजार रुपए के लालच में बैंक खाता किराए पर दिया, पुलिस ने खाताधारक और मुख्य साइबर ठग को किया गिरफ्तार मानटाउन थाना पुलिस की साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, टेलीग्राम चैनल के जरिए लोगों को बनाते थे निशाना सवाई माधोपुर। जिले की मानटाउन थाना पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी ने महज 5 हजार रुपए के लालच में अपना बैंक खाता साइबर ठगी के लिए उपलब्ध करवाया था, जबकि दूसरा आरोपी इस गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेहा अग्रवाल और शहर पुलिस उपाधीक्षक राजेन्द्र कुमार के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में 1 नवंबर 2026 को सहायक उपनिरीक्षक जगराम मय पुलिस टीम ने ग्राम लोदीपुरा से दोनों आरोपियों को डिटेन कर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजकुमार (27) पुत्र बजराम एवं मनोज उर्फ बबलू (30) पुत्र रामबाबू, निवासी खेडली कलां, थाना मानटाउन, जिला सवाई माधोपुर के रूप में हुई है। राजकुमार बैंक खाते का खाताधारक है, जबकि मनोज उर्फ बबलू को मुख्य साइबर फ्रॉड आरोपी बताया गया है। ऐसे हुआ साइबर ठगी का खुलासा पुलिस के अनुसार साइबर थाना सवाई माधोपुर से प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) की सूची का विश्लेषण करने पर यूनियन बैंक की सवाई माधोपुर शाखा के एक खाते में साइबर ठगी की राशि प्राप्त होना सामने आया। इस संबंध में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत संख्या 31307260054654 दर्ज थी। शिकायत हरियाणा के यमुनानगर जिले के सादोरा थाना क्षेत्र निवासी भावेश पुत्र सुधीर से हुई साइबर ठगी से संबंधित थी। बैंक से खाते के दस्तावेज, स्टेटमेंट और मोबाइल नंबर की जानकारी जुटाने पर खाताधारक की पहचान राजकुमार के रूप में हुई। पूछताछ में सामने आया कि राजकुमार ने अपना बैंक खाता मनोज उर्फ बबलू को उपलब्ध करवाया था। पुलिस के अनुसार मनोज टेलीग्राम चैनल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से डमी मैसेज, लॉस कवर, मनी हेल्प ट्रेडिंग और फॉरेक्स ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर लोगों को प्रलोभन देकर साइबर ठगी करता था। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध मानटाउन थाने में प्रकरण संख्या 376/2026 दर्ज किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4), 112(2), 61(2)(ए) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है। अनुसंधान में साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।1
- सबसे मस्त कॉमेडी वीडियो आपका पेट दुख न लग जाएगा हंस के 🫢😂1
- मलारना डूंगर में 3 जिला परिषद और 17 पंचायत समिति सदस्यों के लिए कल होगा मतदान, 29 केंद्रों पर डाले जाएंगे वोट मलारना डूंगर में 3 जिला परिषद और 17 पंचायत समिति सदस्यों के लिए कल होगा मतदान, 29 केंद्रों पर डाले जाएंगे वोट मलारना डूंगर। राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मलारना डूंगर पंचायत समिति क्षेत्र में जिला परिषद के 3 और पंचायत समिति के 17 सदस्यों के चुनाव के लिए कल मतदान होगा। इसके लिए कुल 29 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदाताओं से संपर्क करने में जुटे हुए हैं। प्रत्याशी अब घर-घर जाकर मतदाताओं से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। गांवों में जगह-जगह चुनावी चर्चाओं का दौर चल रहा है। प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में साधने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। मतदान को लेकर प्रशासन की ओर से भी तैयारियां की जा रही हैं। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाताओं की भागीदारी अहम रहेगी। अब देखना होगा कि मतदाता अपने क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी किस प्रत्याशी को सौंपते हैं। जलधारी गुर्जर दैनिक भास्कर संवाददाता, मलारना डूंगर1
- लोकेशन कराहल रिपोर्टर गणेश राठौर भ्रष्टाचार का महाविस्फोट: ग्राम पंचायत बुखारी में उद्घाटन से पहले ही खंडहर बना ₹37.50 लाख का पंचायत भवन, SDO, इंजीनियर, सरपंच और सचिव की चौकड़ी ने मिलकर किया बड़ा घोटाला! घटिया डसट में किया गया पूरी बिल्डिंग का निर्माण विकास के नाम पर सरकारी खजाने को किस तरह लूटा जाता है, इसका सबसे घिनौना। यदि प्रशासन ने अगले 48 घंटों के भीतर इन भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा नहीं कसा, तो ग्रामीण उग्र चक्काजाम, कलेक्ट्रेट का घेराव और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। विकास के नाम पर सरकारी खजाने को किस तरह लूटा जाता है, इसका सबसे घिनौना और जीता-जागता उदाहरण कराहल जनपद की ग्राम पंचायत बुखारी में देखने को मिला है। यहाँ जनता की गाढ़ी कमाई के ₹37,50,000 (37 लाख 50 हजार) पानी की तरह बहाकर बनाया गया पंचायत भवन अपने उद्घाटन से पहले ही खंडहर में तब्दील हो चुका है। इस महाघोटाले में किसी एक का नहीं, बल्कि SDO ग्रामीण यांत्रिकी सेवा,सब-इंजीनियर (उप-यंत्री), सरपंच और सचिव की पूरी चौकड़ी का नाम सामने आ रहा है, जिन्होंने पद का दुरुपयोग कर सरकारी राशि को आपस में बंदरबांट कर लिया। लोहे के भारी-भरकम गेट टूटे, तकनीकी नियमों की उड़ी धज्जियां जमीन पर इस तथाकथित "आधुनिक" भवन की हालत देखकर रूह कांप जाती है। धराशायी हुए लोहे के गेट: सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के भारी-भरकम गेट उद्घाटन की रिबन कटने से पहले ही टूटकर जमीन पर आ गिरे हैं। इससे साफ है कि बेहद रद्दी और घटिया दर्जे के लोहे व वेल्डिंग का इस्तेमाल किया गया था। मौत का साया बनी उल्टी-सीधी छत: इंजीनियर की देखरेख के दावों की पोल खोलते हुए भवन की छत पूरी तरह से टेढ़ी-मेढ़ी और असंतुलित ढाली गई है। यह छत किसी भी दिन भरभराकर गिर सकती है और एक बड़े हादसे का सबब बन सकती है। खंडहरनुमा कमरा और टूटी खिड़कियां: कमरों के दरवाजे-खिड़कियां अभी से टूट चुके हैं, प्लास्टर उखड़ रहा है और नई इमारत पहली ही नजर में किसी सालों पुरानी लावारिस हवेली जैसी दिखाई दे रही है। SDO से लेकर सरपंच तक... सबने मिलकर काटा मलाई का हिस्सा! ग्रामीणों का आक्रोश अब सातवें आसमान पर है। स्थानीय जनता का सीधा आरोप है कि इस ₹37.50 लाख के प्रोजेक्ट में तकनीकी स्वीकृति देने वाले SDO, काम की निगरानी करने वाले सब-इंजीनियर, और निर्माण एजेंसी के रूप में काम कर रहे सरपंच व सचिव ने मिलकर एक संगठित सिंडिकेट चलाया है। कागजों पर निर्माण को "नंबर वन" दिखाकर राशि का आहरण (विड्रॉल) तो कर लिया गया, लेकिन धरातल पर सिर्फ एक जर्जर ढांचा खड़ा किया गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब काम इतना घटिया हो रहा था, तब SDO और इंजीनियर ने इसकी जांच क्यों नहीं की? क्या उनकी खामोशी के पीछे मलाई का बड़ा हिस्सा था? दोषियों को जेल भेजो, वरना ठप होगा पूरा क्षेत्र! इस खुली डकैती के विरोध में बुखारी के ग्रामीणों ने लामबंद होना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने साफ शब्दों में जिला कलेक्टर और राज्य शासन को चेतावनी दी है: . इस पूरे निर्माण कार्य का तत्काल स्पेशल ऑडिट और टेक्निकल वेरिफिकेशन कराया जाए। जनता का पैसा डकारने वाले SDO, इंजीनियर, सरपंच और सचिव के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए। दोषियों की निजी संपत्ति कुर्क करके इस सरकारी पैसे की वसूली की जाए। यदि प्रशासन ने अगले 48 घंटों के भीतर इन भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा नहीं कसा, तो ग्रामीण उग्र चक्काजाम, कलेक्ट्रेट का घेराव और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- पंचायती राज चुनाव में कर्मचारियों की ड्यूटी से कई सरकारी कार्यालयों पर लटके ताले, आमजन परेशान सवाई माधोपुर। पंचायती राज चुनाव को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी लगाई गई है। इसके चलते कई सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित होने की स्थिति सामने आ रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सवाई माधोपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला रोजगार कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी चुनाव में ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा कई अन्य सरकारी कार्यालयों में भी अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक की चुनावी ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में कुछ कार्यालयों पर ताले लटके नजर आए, जिससे अपने जरूरी कामकाज के लिए सरकारी कार्यालय पहुंचने वाले आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब सवाल यह उठता है कि चुनावी ड्यूटी के दौरान सरकारी कार्यालयों में आमजन के कार्यों का निस्तारण कैसे होगा? क्या प्रशासन की ओर से कार्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, ताकि आमजन को अपने काम के लिए परेशान न होना पड़े?1