कादराबाद-अफ़ज़लगढ़-कालागढ़ मार्ग पर राधे लाल डिग्री कॉलेज के समीप एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन की टक्कर से एक बंदर की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद वाहन चालक मौके पर रुका नहीं और वहां से भाग निकला। हिंदू धर्म में बंदरों को भगवान हनुमान जी का साक्षात स्वरूप माना जाता है और उनका विधिवत अंतिम संस्कार करना एक अत्यंत शुभ, पुण्य का कार्य तथा धार्मिक और मानवीय कर्तव्य समझा जाता है। उनके पार्थिव शरीर को यूं ही छोड़ना या अनादर करना धार्मिक रूप से अनुचित माना गया है। इसी मार्ग से गुजर रहे स्थानीय युवक राजू लाईनमैन, रोहित कुमार और सोनू लाईनमैन ने बंदर के शव को सड़क पर पड़ा देखा। तीनों ने बिना देर किए बंदर के शव को सड़क से हटाया और पास के खाली स्थान पर पूरे विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार किया। रोहित ने इस संदर्भ में बताया कि बंदर को हनुमान जी का रूप माना जाता है और उसे ऐसे सड़क पर छोड़ना उचित नहीं लगा, इसीलिए उन्होंने उसका अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। स्थानीय लोगों ने राजू लाईनमैन, रोहित कुमार और सोनू लाईनमैन के इस नेक काम की सराहना की है। वहीं, वन विभाग का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में बंदरों का सड़क पार करना आम बात है और वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यह घटना सभी सनातन धर्म के अनुयायियों से यह भी आग्रह करती है कि ऐसे दृश्य देखने पर सभी अपना कर्तव्य निभाएं और उनका दाह संस्कार करें। जय श्री राम जय हनुमान!
कादराबाद-अफ़ज़लगढ़-कालागढ़ मार्ग पर राधे लाल डिग्री कॉलेज के समीप एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन की टक्कर से एक बंदर की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद वाहन चालक मौके पर रुका नहीं और वहां से भाग निकला। हिंदू धर्म में बंदरों को भगवान हनुमान जी का साक्षात स्वरूप माना जाता है और उनका विधिवत अंतिम संस्कार करना एक अत्यंत शुभ, पुण्य का कार्य तथा धार्मिक और मानवीय कर्तव्य समझा जाता है। उनके पार्थिव शरीर को यूं ही छोड़ना या अनादर करना धार्मिक रूप से अनुचित माना गया है। इसी मार्ग से गुजर रहे स्थानीय युवक राजू लाईनमैन, रोहित कुमार और सोनू लाईनमैन ने बंदर के शव को सड़क पर पड़ा देखा। तीनों ने बिना देर किए बंदर के शव को सड़क से हटाया और पास के खाली स्थान पर पूरे विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार किया। रोहित ने इस संदर्भ में बताया कि बंदर को हनुमान जी का रूप माना जाता है और उसे ऐसे सड़क पर छोड़ना उचित नहीं लगा, इसीलिए उन्होंने उसका अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। स्थानीय लोगों ने राजू लाईनमैन, रोहित कुमार और सोनू लाईनमैन के इस नेक काम की सराहना की है। वहीं, वन विभाग का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में बंदरों का सड़क पार करना आम बात है और वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यह घटना सभी सनातन धर्म के अनुयायियों से यह भी आग्रह करती है कि ऐसे दृश्य देखने पर सभी अपना कर्तव्य निभाएं और उनका दाह संस्कार करें। जय श्री राम जय हनुमान!
- कादराबाद-अफ़ज़लगढ़-कालागढ़ मार्ग पर राधे लाल डिग्री कॉलेज के समीप एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन की टक्कर से एक बंदर की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद वाहन चालक मौके पर रुका नहीं और वहां से भाग निकला। हिंदू धर्म में बंदरों को भगवान हनुमान जी का साक्षात स्वरूप माना जाता है और उनका विधिवत अंतिम संस्कार करना एक अत्यंत शुभ, पुण्य का कार्य तथा धार्मिक और मानवीय कर्तव्य समझा जाता है। उनके पार्थिव शरीर को यूं ही छोड़ना या अनादर करना धार्मिक रूप से अनुचित माना गया है। इसी मार्ग से गुजर रहे स्थानीय युवक राजू लाईनमैन, रोहित कुमार और सोनू लाईनमैन ने बंदर के शव को सड़क पर पड़ा देखा। तीनों ने बिना देर किए बंदर के शव को सड़क से हटाया और पास के खाली स्थान पर पूरे विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार किया। रोहित ने इस संदर्भ में बताया कि बंदर को हनुमान जी का रूप माना जाता है और उसे ऐसे सड़क पर छोड़ना उचित नहीं लगा, इसीलिए उन्होंने उसका अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। स्थानीय लोगों ने राजू लाईनमैन, रोहित कुमार और सोनू लाईनमैन के इस नेक काम की सराहना की है। वहीं, वन विभाग का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में बंदरों का सड़क पार करना आम बात है और वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यह घटना सभी सनातन धर्म के अनुयायियों से यह भी आग्रह करती है कि ऐसे दृश्य देखने पर सभी अपना कर्तव्य निभाएं और उनका दाह संस्कार करें। जय श्री राम जय हनुमान!1
- तेज इंडिया लाइव न्यूज़ चैनल अपने मॉर्निंग बुलेटिन के माध्यम से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों व दिल्ली की ताजा खबरें प्रस्तुत कर रहा है। चैनल पाठकों को आसपास की छोटी-बड़ी खबरें प्राप्त करने के लिए इसे सब्सक्राइब करने का आग्रह करता है। चैनल अब विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर 24x7 लाइव उपलब्ध है, जिसमें Sky TV पर चैनल नंबर 185, City Den Plus पर चैनल नंबर 779 और Jio Hot Flex पर चैनल नंबर 349 शामिल हैं। यह जल्द ही फ्री डिश, Jio TV और MX Player पर भी आने वाला है। चैनल पूरे देश से अनुभवी युवक-युवतियों को अपने साथ जुड़ने के लिए आमंत्रित कर रहा है। इच्छुक व्यक्ति प्रधान संपादक/डायरेक्टर मोहित कुमार से संपर्क सूत्र 9557903552 पर शीघ्र संपर्क कर सकते हैं।1
- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में पूर्वोत्तर भारत ने विकास, शांति, कनेक्टिविटी और अवसरों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। इस अवधि में, पूर्वोत्तर सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल नेटवर्क से जुड़ता हुआ आज पर्यटन, व्यापार और निवेश का एक नया केंद्र बन रहा है। 'अष्टलक्ष्मी' के रूप में सम्मानित यह पूर्वोत्तर क्षेत्र अब भारत की प्रगति का अग्रदूत बनकर उभर रहा है।1
- भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के कार्यकर्ताओं ने ठाकुरद्वारा में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने इस समझौते को निरस्त करने की मांग करते हुए काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इस ट्रेड डील को किसान, मजदूर और देशहित के लिए नुकसानदायक बताया। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया कि प्रस्तावित ट्रेड डील से भारतीय बाजार में विदेशी कृषि उत्पादों और कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा और प्रतिकूल प्रभाव देश के किसानों, पशुपालकों तथा छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। किसान नेताओं ने आशंका व्यक्त की कि यह समझौता कृषि क्षेत्र में संकट को और गहरा कर सकता है, जिससे किसानों की आय बुरी तरह प्रभावित होगी। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) की जिला अध्यक्ष ज्योति चौहान ने जोर देकर कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा, कृषि व्यवस्था और किसानों के भविष्य की रक्षा के लिए इस समझौते का कड़ा विरोध किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से किसानों की भावनाओं का सम्मान करने और ट्रेड डील को तत्काल वापस लेने की मांग की। इस अवसर पर निशा, रोहिताश सिंह, कुलदीप चौहान, दयावती, संतोष देवी, रेवती देवी, मनीषा देवी, सुनीता देवी, तारावती, रेखा देवी, शमीना, राखन सिंह, जय, मनीषा, अर्जुन सिंह, पदम सिंह, अंशु देवी, लोकेश कुमार, सोनू एवं दीपक कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।2
- मेरठ के ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन के पास से एक युवती का अपहरण कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि अपहरण के दौरान पीड़िता लगातार चिल्लाती रही, जिसके बाद बदमाश मौके से फरार हो गए।1
- बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार, राजपाल यादव, अभिनेत्री दिशा पाटनी और अक्षरा सिंह अपनी आने वाली फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' के प्रमोशन के लिए मुरादाबाद पहुंचे। यह स्टार कास्ट हेलीकॉप्टर से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) पहुंची, जहाँ उनके भव्य स्वागत की तैयारियां पहले से ही की गई थीं। कलाकारों के यूनिवर्सिटी परिसर में पहुंचते ही वहाँ मौजूद लोगों में भारी उत्साह का माहौल बन गया। कार्यक्रम के दौरान, कलाकारों ने मंच से लोगों का अभिवादन किया और फिल्म से जुड़ी जानकारी साझा की। इस कार्यक्रम के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। अक्षय कुमार और उनकी टीम के मुरादाबाद पहुंचने की खबर सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रही, और कार्यक्रम की तस्वीरें व वीडियो तेजी से वायरल होते रहे। बताया गया कि यह दौरा फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' के प्रमोशन के तहत देश के अलग-अलग शहरों में किए जा रहे कार्यक्रमों की कड़ी का हिस्सा था।1
- उत्तर प्रदेश के कांठ में जरा सी लापरवाही के कारण एक रोडवेज बस में पीछे से एक कार घुस गई, जिससे कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना को एक लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है, जिससे खुद की और अपनों की जान भी जा सकती थी, हालांकि कार में सवार यात्रियों को कोई चोट नहीं आई। यह दुर्घटना तब हुई जब स्योहारा से मुरादाबाद जा रही रोडवेज बस के चालक ने मूड मंदिर के पास यात्रियों को उतारने के लिए ब्रेक लगाए। इसी क्षण, पीछे से आ रही एक कार अनियंत्रित होकर बस में जा घुसी, जिससे कार का बोनट क्षतिग्रस्त हो गया, पर सौभाग्य से कार में बैठे लोग चोटिल होने से बच गए। हादसे के बाद, कार चालक ने अपनी गाड़ी बस के आगे लगा दी, जिसके बाद दोनों चालकों के बीच तीखी कहासुनी शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख, बस कंडक्टर ने बस के यात्रियों को उतारकर दूसरी बस में बैठा दिया। बस चालक ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वाहन चलाने वाले को हमेशा आगे का ध्यान रखना चाहिए, जबकि पीछे आ रहे वाहन को पर्याप्त दूरी बनाए रखते हुए सावधानी से गाड़ी चलानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके सामने कोई अचानक आ जाता है, तो उन्हें ब्रेक लगाना ही होगा। समाचार लिखे जाने तक, इस मामले में दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया था।2