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22 hrs ago
user_Keshari chand
Keshari chand
सरदारशहर, चूरू, राजस्थान•
22 hrs ago

More news from राजस्थान and nearby areas
  • सोमवार को चिड़ावा उपखंड कार्यालय के सामने, पिलानी विधायक पितराम काला के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी चिड़ावा और पिलानी के कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। विरोध-प्रदर्शन के बाद, उपखंड अधिकारी के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मुख्य रूप से पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और खाद्य तेलों के दामों में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी का जिक्र किया गया, जिससे आमजन और किसान वर्ग को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विधायक काला ने जोर देकर कहा कि आम आदमी का जीवन-यापन करना दुर्भर हो गया है, किसानों के लिए फसल बुवाई महंगी हो गई है, तथा महंगाई और बेरोजगारी चरम सीमा पर है। उन्होंने बार-बार NEET जैसी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से छात्रों की परेशानी और उनके आत्महत्या करने को मजबूर होने की बात भी उठाई। साथ ही, रुपये की कीमत 100 के करीब होने से व्यापारी और आमजन के परेशान होने, पानी के भयंकर संकट से दैनिक दिनचर्या के अस्त-व्यस्त होने, पशु चारे की कीमतों के आसमान छूने, और डामर के दामों में वृद्धि के कारण सड़क निर्माण कार्यों के रुके होने जैसे गंभीर मुद्दों पर भी प्रकाश डाला गया। विधायक काला ने देश की आर्थिक स्थिति को बेहद कमजोर बताते हुए कहा कि प्रति व्यक्ति आय बांग्लादेश से भी कम हो गई है, जिसके चलते प्रधानमंत्री को खाद्य तेल जैसी वस्तुओं का कम उपयोग करने की बात कहनी पड़ रही है। निवर्तमान चेयरमैन सुमित्रा सैनी ने कांग्रेस पार्टी की ओर से आमजन, मजदूर, किसान और छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार से कई ठोस मांगे कीं। इनमें पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी करने, महंगाई और बेरोजगारी को कम करने, रुपये को संभालने, पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कदम उठाने, किसानों को उचित दर पर डीजल और खाद उपलब्ध कराने, पशु चारे की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करने, उपभोक्ताओं को 500 रुपये की कीमत पर गैस उपलब्ध कराने, और पानी की समस्या का समाधान करने जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल थे। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    सोमवार को चिड़ावा उपखंड कार्यालय के सामने, पिलानी विधायक पितराम काला के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी चिड़ावा और पिलानी के कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया।

विरोध-प्रदर्शन के बाद, उपखंड अधिकारी के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मुख्य रूप से पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और खाद्य तेलों के दामों में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी का जिक्र किया गया, जिससे आमजन और किसान वर्ग को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विधायक काला ने जोर देकर कहा कि आम आदमी का जीवन-यापन करना दुर्भर हो गया है, किसानों के लिए फसल बुवाई महंगी हो गई है, तथा महंगाई और बेरोजगारी चरम सीमा पर है। उन्होंने बार-बार NEET जैसी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से छात्रों की परेशानी और उनके आत्महत्या करने को मजबूर होने की बात भी उठाई। साथ ही, रुपये की कीमत 100 के करीब होने से व्यापारी और आमजन के परेशान होने, पानी के भयंकर संकट से दैनिक दिनचर्या के अस्त-व्यस्त होने, पशु चारे की कीमतों के आसमान छूने, और डामर के दामों में वृद्धि के कारण सड़क निर्माण कार्यों के रुके होने जैसे गंभीर मुद्दों पर भी प्रकाश डाला गया। विधायक काला ने देश की आर्थिक स्थिति को बेहद कमजोर बताते हुए कहा कि प्रति व्यक्ति आय बांग्लादेश से भी कम हो गई है, जिसके चलते प्रधानमंत्री को खाद्य तेल जैसी वस्तुओं का कम उपयोग करने की बात कहनी पड़ रही है।

निवर्तमान चेयरमैन सुमित्रा सैनी ने कांग्रेस पार्टी की ओर से आमजन, मजदूर, किसान और छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार से कई ठोस मांगे कीं। इनमें पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी करने, महंगाई और बेरोजगारी को कम करने, रुपये को संभालने, पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कदम उठाने, किसानों को उचित दर पर डीजल और खाद उपलब्ध कराने, पशु चारे की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करने, उपभोक्ताओं को 500 रुपये की कीमत पर गैस उपलब्ध कराने, और पानी की समस्या का समाधान करने जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल थे। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_Amit Sharma
    Amit Sharma
    पत्रकार झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि और कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति बाधाओं का सीधा असर आमजन की जिंदगी, किसानों की लागत और व्यापारिक गतिविधियों पर दिखने लगा है। पिछले 10 दिनों के अंदर 15 मई, 19 मई, 23 मई और 25 मई को ईंधन के दाम चार बार बढ़ने से राज्य में महंगाई का दबाव और तेज हो गया है। परिवहन महंगा होने के कारण खाद्यान्न, सब्जियां, दूध, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की जरूरत की अन्य वस्तुएं महंगी हो गई हैं। यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हुई है। परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल की कीमतों में वृद्धि से ट्रकों और मालवाहक वाहनों का संचालन महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर बाजार तक पहुंच रहा है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। किसानों को सिंचाई, ट्रैक्टर संचालन, फसल परिवहन और कृषि उपकरणों के खर्च में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से थोक और खुदरा दोनों बाजार प्रभावित होते हैं, जिससे छोटे व्यवसायों की लागत बढ़ती है और उपभोक्ताओं को महंगे सामान खरीदने पड़ते हैं। परिवहन के साथ-साथ यात्री किराया भी बढ़ा है, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और रसोई व दैनिक खर्चे बढ़ गए हैं। इस बीच, पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बावजूद राजस्थान में गाइडलाइन पर निर्णय नहीं हो पाया है, जबकि कुछ अन्य राज्य इस संबंध में आगे निकल चुके हैं। जानकारों का यह भी कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने पर राज्य सरकार का वैट संग्रह भी स्वतः बढ़ जाता है, क्योंकि वर्तमान में राजस्थान में पेट्रोल पर लगभग 29.04 प्रतिशत और डीजल पर करीब 17.30 प्रतिशत वैट लगाया जा रहा है। उदयपुर में एक वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक डीजल भरने के मामले के बाद, उदयपुर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने आमजन के लिए जागरूकता संदेश जारी किया है। एसोसिएशन के सचिव राजराजेश्वर जैन ने बताया कि पेट्रोलियम पदार्थ तापमान के अनुसार फैलते और सिकुड़ते हैं, और सुरक्षा कारणों से किसी भी टैंक को उसकी कुल क्षमता से 10 से 15 प्रतिशत कम भरा जाना तकनीकी रूप से आवश्यक होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहन कंपनियां सर्विस मैन्युअल में जो क्षमता लिखती हैं, वह केवल सलाह होती है, न कि टैंक की अंतिम भराव क्षमता। कई बार वाहन चालक टंकी फुल कराने के दौरान वाहन हिलाकर नली तक ईंधन भरवा लेते हैं, जिससे निर्धारित क्षमता से अधिक ईंधन भरा हुआ दिखाई देता है। विशेषज्ञों ने ओवरफिलिंग से बचने, गर्मी के मौसम में सावधानी बरतने, सुरक्षा कारणों से टैंक में खाली जगह रखने और पेट्रोल पंप कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव न बनाने की सलाह दी है। महंगाई और ईंधन संकट ने किसान, व्यापारी और आमजन सभी की चिंता बढ़ा दी है, जो अब राहत की उम्मीद में हैं।
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    राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि और कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति बाधाओं का सीधा असर आमजन की जिंदगी, किसानों की लागत और व्यापारिक गतिविधियों पर दिखने लगा है। पिछले 10 दिनों के अंदर 15 मई, 19 मई, 23 मई और 25 मई को ईंधन के दाम चार बार बढ़ने से राज्य में महंगाई का दबाव और तेज हो गया है। परिवहन महंगा होने के कारण खाद्यान्न, सब्जियां, दूध, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की जरूरत की अन्य वस्तुएं महंगी हो गई हैं। यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हुई है।

परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल की कीमतों में वृद्धि से ट्रकों और मालवाहक वाहनों का संचालन महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर बाजार तक पहुंच रहा है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। किसानों को सिंचाई, ट्रैक्टर संचालन, फसल परिवहन और कृषि उपकरणों के खर्च में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से थोक और खुदरा दोनों बाजार प्रभावित होते हैं, जिससे छोटे व्यवसायों की लागत बढ़ती है और उपभोक्ताओं को महंगे सामान खरीदने पड़ते हैं। परिवहन के साथ-साथ यात्री किराया भी बढ़ा है, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और रसोई व दैनिक खर्चे बढ़ गए हैं। इस बीच, पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बावजूद राजस्थान में गाइडलाइन पर निर्णय नहीं हो पाया है, जबकि कुछ अन्य राज्य इस संबंध में आगे निकल चुके हैं। जानकारों का यह भी कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने पर राज्य सरकार का वैट संग्रह भी स्वतः बढ़ जाता है, क्योंकि वर्तमान में राजस्थान में पेट्रोल पर लगभग 29.04 प्रतिशत और डीजल पर करीब 17.30 प्रतिशत वैट लगाया जा रहा है।

उदयपुर में एक वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक डीजल भरने के मामले के बाद, उदयपुर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने आमजन के लिए जागरूकता संदेश जारी किया है। एसोसिएशन के सचिव राजराजेश्वर जैन ने बताया कि पेट्रोलियम पदार्थ तापमान के अनुसार फैलते और सिकुड़ते हैं, और सुरक्षा कारणों से किसी भी टैंक को उसकी कुल क्षमता से 10 से 15 प्रतिशत कम भरा जाना तकनीकी रूप से आवश्यक होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहन कंपनियां सर्विस मैन्युअल में जो क्षमता लिखती हैं, वह केवल सलाह होती है, न कि टैंक की अंतिम भराव क्षमता। कई बार वाहन चालक टंकी फुल कराने के दौरान वाहन हिलाकर नली तक ईंधन भरवा लेते हैं, जिससे निर्धारित क्षमता से अधिक ईंधन भरा हुआ दिखाई देता है। विशेषज्ञों ने ओवरफिलिंग से बचने, गर्मी के मौसम में सावधानी बरतने, सुरक्षा कारणों से टैंक में खाली जगह रखने और पेट्रोल पंप कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव न बनाने की सलाह दी है।

महंगाई और ईंधन संकट ने किसान, व्यापारी और आमजन सभी की चिंता बढ़ा दी है, जो अब राहत की उम्मीद में हैं।
    user_Praveen Ji
    Praveen Ji
    Pharmacist Sikar Gramin, Rajasthan•
    1 hr ago
  • राजस्थान कांग्रेस के पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चुनावों को लेकर एक बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है।
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    राजस्थान कांग्रेस के पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चुनावों को लेकर एक बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है।
    user_RAJESH PATRKAR SIKAR सीकर
    RAJESH PATRKAR SIKAR सीकर
    Sikar, Rajasthan•
    5 hrs ago
  • पेपर लीक के महत्वपूर्ण मुद्दे पर हो रही चर्चा के दौरान पुलिस के पहुँचने से माहौल एकाएक गरमा गया। इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए, संजय सिंह ने तीखा विरोध व्यक्त किया और स्पष्ट सवाल उठाया कि आखिर युवाओं के भविष्य से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर चर्चा होने से किसे परेशानी है?
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    पेपर लीक के महत्वपूर्ण मुद्दे पर हो रही चर्चा के दौरान पुलिस के पहुँचने से माहौल एकाएक गरमा गया। इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए, संजय सिंह ने तीखा विरोध व्यक्त किया और स्पष्ट सवाल उठाया कि आखिर युवाओं के भविष्य से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर चर्चा होने से किसे परेशानी है?
    user_SSSO News
    SSSO News
    बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • हनुमानगढ़, राजस्थान में स्थित सिमरन HD स्टूडियो वीडियो एडिटिंग, वेडिंग शूट, प्री-वेडिंग शूट, एंगेजमेंट, जन्मदिन और वर्षगांठ शूट जैसी विभिन्न सेवाओं के लिए संपर्क करने का आह्वान कर रहा है। इच्छुक व्यक्ति 7877615691 पर संपर्क कर सकते हैं, जो स्टूडियो का व्हाट्सएप नंबर भी है।
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    हनुमानगढ़, राजस्थान में स्थित सिमरन HD स्टूडियो वीडियो एडिटिंग, वेडिंग शूट, प्री-वेडिंग शूट, एंगेजमेंट, जन्मदिन और वर्षगांठ शूट जैसी विभिन्न सेवाओं के लिए संपर्क करने का आह्वान कर रहा है। इच्छुक व्यक्ति 7877615691 पर संपर्क कर सकते हैं, जो स्टूडियो का व्हाट्सएप नंबर भी है।
    user_SIMRAN HD STUDIO HANUMANG
    SIMRAN HD STUDIO HANUMANG
    Photographer पीलीबंगा, हनुमानगढ़, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • मण्डोर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का सातवां और पूर्णाहुति दिवस सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया।
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    मण्डोर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का सातवां और पूर्णाहुति दिवस सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया।
    user_NEWS JAN AWAZ
    NEWS JAN AWAZ
    Local News Reporter पीलीबंगा, हनुमानगढ़, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • Post by NEWS JAN AWAZ
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    Post by NEWS JAN AWAZ
    user_NEWS JAN AWAZ
    NEWS JAN AWAZ
    Local News Reporter पीलीबंगा, हनुमानगढ़, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • बीकानेर के बंगला नगर स्थित वार्ड नंबर 19 में स्थानीय लोगों को काफी समय से पानी की समस्या और दूषित जल आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर, वार्ड नंबर 19 के पार्षद मानक लाल जी कुमावत ने आज जलदाय विभाग के कार्यालय पर सीधा प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, उन्होंने विधायक सेवा केंद्र पर भी इस संबंध में एक ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसमें इस स्थायी समस्या के समाधान की मांग की गई है।
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    बीकानेर के बंगला नगर स्थित वार्ड नंबर 19 में स्थानीय लोगों को काफी समय से पानी की समस्या और दूषित जल आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर, वार्ड नंबर 19 के पार्षद मानक लाल जी कुमावत ने आज जलदाय विभाग के कार्यालय पर सीधा प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, उन्होंने विधायक सेवा केंद्र पर भी इस संबंध में एक ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसमें इस स्थायी समस्या के समाधान की मांग की गई है।
    user_Bikaner local news
    Bikaner local news
    Local News Reporter बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • राजस्थान में अपनी ही सरकार के एक भाजपा विधायक को अपने ही कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जिससे 'माननीय' भी अपनों के हमलों से सहमे हुए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जब भाजपा के कार्यकर्ता ही अपनी ही सरकार के विधायक के दुश्मन बन जाते हैं, तो प्रशासन की मौजूदगी में भी लोग कानून को कुछ नहीं समझते, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले प्रशासन की भी नींद उड़ जाती है।
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    राजस्थान में अपनी ही सरकार के एक भाजपा विधायक को अपने ही कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जिससे 'माननीय' भी अपनों के हमलों से सहमे हुए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जब भाजपा के कार्यकर्ता ही अपनी ही सरकार के विधायक के दुश्मन बन जाते हैं, तो प्रशासन की मौजूदगी में भी लोग कानून को कुछ नहीं समझते, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले प्रशासन की भी नींद उड़ जाती है।
    user_Bhajan lal sharma
    Bhajan lal sharma
    Farmer चूरू, चूरू, राजस्थान•
    19 hrs ago
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