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गांवों में जनगणना के कार्य में जुटे सरकारी शिक्षक कड़कती धूप के कारण काफी परेशान हैं। उन्हें भीषण गर्मी में इस महत्वपूर्ण सरकारी कार्य को संपन्न करने में अत्यधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
Pandit Repotar
गांवों में जनगणना के कार्य में जुटे सरकारी शिक्षक कड़कती धूप के कारण काफी परेशान हैं। उन्हें भीषण गर्मी में इस महत्वपूर्ण सरकारी कार्य को संपन्न करने में अत्यधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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- गांवों में जनगणना के कार्य में जुटे सरकारी शिक्षक कड़कती धूप के कारण काफी परेशान हैं। उन्हें भीषण गर्मी में इस महत्वपूर्ण सरकारी कार्य को संपन्न करने में अत्यधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।1
- सकल श्री संघ के तत्वावधान में गुरुवार को कुशलगढ़ स्थित श्री जयन्त विहार, गांधी चौक में “करुणा दिवस” के अवसर पर विशेष आयंबिल तप आराधना पूर्ण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुई। इस धार्मिक कार्यक्रम में लगभग 55 तपस्वियों ने आयंबिल तप कर जीवदया, करुणा और अहिंसा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ईद के दौरान होने वाली पशु हिंसा के प्रति समाज में करुणा और संवेदनशीलता जागृत करना था। समाजजनों ने मूक प्राणियों की आत्मिक शांति एवं सद्गति की कामना करते हुए तप, त्याग और आराधना के माध्यम से करुणा को अपने जीवन में उतारने का दृढ़ संकल्प लिया। इस अवसर पर, वर्धमान स्थानकवासी श्री संघ के अध्यक्ष रजनीकांत खाब्या ने स्पष्ट किया कि धर्म का वास्तविक स्वरूप दया, करुणा और अहिंसा में ही निहित है। वहीं, मूर्तिपूजक श्री संघ के अध्यक्ष संघवी कमलेश कावड़िया ने आयंबिल तप को आत्मशुद्धि, संयम और जीवदया का एक श्रेष्ठ माध्यम बताया। कार्यक्रम के समापन के बाद, श्री संघ द्वारा तपस्वियों का अभिनंदन किया गया और अनुमोदना संदेश जारी किया गया। इसके साथ ही, परिषद परिवार के महिला मंडल, तरुण परिषद के युवा साथियों और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी दानदाताओं का भी हृदय से आभार व्यक्त किया गया। पूरे आयोजन के दौरान नवकार मंत्र, धर्म आराधना और करुणा के भाव से वातावरण ओतप्रोत नजर आया, जहाँ श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से जीवमात्र के कल्याण एवं विश्व शांति की मंगलकामना की।1
- आज सलूंबर निवासी एक और युवक का निधन हो गया है, जिससे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया है। यह खबर स्थानीय लोगों के लिए गहरी दुखद है।1
- डूंगरपुर के सीमलवाड़ा में भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय आवासीय कार्यशाला गुरुवार को संपन्न हुई। समापन सत्र में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि रहे, जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल रणोली ने अध्यक्षता की। पूर्व सांसद कनकमल कटारा, पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा, सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा और जिला संगठन प्रभारी जोगेंद्र सिंह राजपुरोहित विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित रहे। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल ने बताया कि कार्यशाला के दूसरे दिन की शुरुआत योग एवं व्यायाम सत्र से हुई, जहां योग प्रशिक्षक धनंजय ने कार्यकर्ताओं को योगासन और प्राणायाम करवाए। इस सत्र में कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी भी शामिल हुए और योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए कार्यकर्ता के शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष हकरू मईडा ने संगठन विस्तार और बूथ मजबूती पर मार्गदर्शन दिया, जबकि पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं और उनके क्रियान्वयन में संगठन की भूमिका पर विचार रखे। पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा ने कार्यकर्ता विकास, संगठन की विचारधारा और राष्ट्र प्रथम की भावना पर जोर दिया, वहीं जिला संगठन प्रभारी जोगेंद्र सिंह राजपुरोहित ने प्रशिक्षण को संगठन की नींव बताते हुए कार्यकर्ताओं से विचार आधारित राजनीति करने का आह्वान किया। समापन सत्र में कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने आगामी पंचायतीराज चुनाव में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण से ही मजबूत होता है। कार्यक्रम में विभिन्न मोर्चों एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों का स्वागत अभिनंदन किया गया। इस दौरान जिला महामंत्री पंकज जैन, सुरमाल परमार और ईश्वर लाल लबाना ने कार्यक्रम का संचालन किया, और बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष तथा कार्यकर्ता कार्यशाला में उपस्थित रहे।1
- डूंगरपुर जिले के बोखला पाल स्थित चंदूलाल गुप्ता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है, जिससे अब यह मामला केवल एक स्कूल तक सीमित न रहकर, पूरे वागड़ क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इस मुद्दे को लेकर युवा सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा नेता प्रिंस कटारा ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री और जिला प्रशासन को एक ज्ञापन भेजते हुए शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालय में स्वीकृत 33 पदों में से लगभग 17 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई विद्यार्थियों को बिना शिक्षकों के ही स्वयं ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रिंस कटारा ने डूंगरपुर शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के कुछ अधिकारी 'हर महीने सिर्फ अपने बैंक खाते में वेतन आने का इंतज़ार करते हैं और पूरे महीने जिम्मेदारियों से दूरी बनाए रखते हैं,' जबकि ज़मीनी स्तर पर ग्रामीण विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार की ओर बढ़ रहा है। कटारा ने ज़ोर देकर कहा कि शिक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में ऐसे अधिकारियों की आवश्यकता है जो कर्तव्यनिष्ठा, जवाबदेही और शिक्षा सुधार की भावना के साथ काम करें। उन्होंने मांग की कि निष्क्रिय अधिकारियों को तुरंत हटाकर ऐसे अधिकारियों को नियुक्त किया जाए जो विद्यार्थियों और ग्रामीण शिक्षा के प्रति गंभीरता से कार्य कर सकें। प्रिंस कटारा ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में पूरे वागड़ क्षेत्र के बच्चों के सामने शिक्षा का संकट और गहरा सकता है। उन्होंने प्रशासन को यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मुद्दे के सामने आने के बाद, क्षेत्र के अभिभावकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों में भी गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशासनिक सुधार नहीं किए गए, तो ग्रामीण विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।1
- डूंगरपुर जिले में बोखला पाल स्थित चंदूलाल गुप्ता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की गंभीर कमी को लेकर युवाओं का गुस्सा भड़क गया है। यह मामला अब सिर्फ एक स्कूल तक सीमित न रहकर पूरे वागड़ क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। युवा सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता प्रिंस कटारा ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री और जिला प्रशासन को ज्ञापन भेजकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। ज्ञापन में बताया गया है कि विद्यालय में स्वीकृत 33 पदों में से लगभग 17 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई विद्यार्थियों को बिना शिक्षक के स्वयं ही ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाई करनी पड़ रही है। प्रिंस कटारा ने डूंगरपुर शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए मौखिक रूप से आरोप लगाया कि विभाग के कुछ अधिकारी केवल अपने बैंक खाते में वेतन आने का इंतजार करते हैं और पूरे महीने अपनी जिम्मेदारियों से दूरी बनाए रखते हैं, जिससे जमीनी स्तर पर ग्रामीण विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है। कटारा ने कहा कि शिक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में ऐसे अधिकारियों की आवश्यकता है जो कर्तव्यनिष्ठा, जवाबदेही और शिक्षा सुधार की भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने मांग की कि निष्क्रिय अधिकारियों को हटाकर ऐसे अधिकारियों को पदस्थापित किया जाए जो विद्यार्थियों और ग्रामीण शिक्षा के प्रति गंभीरता से काम कर सकें। प्रिंस कटारा, जो वर्तमान में रुद्र वाहिनी संघ, राजस्थान के युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय मानवाधिकार न्याय आयोग, उदयपुर संभाग के संभाग अध्यक्ष के रूप में सक्रिय हैं, ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो पूरे वागड़ क्षेत्र के बच्चों के सामने शिक्षा का संकट और गहरा सकता है। उन्होंने प्रशासन से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मुद्दे के सामने आने के बाद क्षेत्र के अभिभावकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों में भी गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशासनिक सुधार नहीं किए गए, तो ग्रामीण विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो सकती है।1
- पुरुषोत्तम मास की पावन ग्यारस (बुधवार) के अवसर पर धम्बोला कस्बे में स्थित श्री गोवर्धननाथजी हवेली मंदिर में दाण लीला मनोरथ का भव्य आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। इस अवसर पर ठाकुरजी की सेवा में विशेष श्रृंगार एवं मनोरथ सजाया गया, जिसके दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में वैष्णव श्रद्धालु उपस्थित रहे। ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष दिनेश पंड्या ने बताया कि हवेली का संपूर्ण वातावरण दाण लीला के पदों एवं कीर्तन के मध्य भक्तिरस से सराबोर हो गया। ठाकुरजी के समक्ष दाण लीला की मनोहारी झांकी सजाई गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। पंड्या ने पुरुषोत्तम मास में आयोजित इस विशेष मनोरथ का महत्व बताते हुए कहा कि अधिक मास में ठाकुरजी की सेवा, भक्ति और दान का विशेष फल प्राप्त होता है। इसी अवसर पर बड़ौदा निवासी नियति अर्जुन सिंह द्वारा श्री गोवर्धननाथजी के स्वर्ण श्रृंगार के लिए ₹1,51,151 की भेंट समर्पित की गई, जो हर्षिता तुषार पंड्या के मार्फत ठाकुरजी की सेवा में अर्पित की गई। भेंट समर्पण के दौरान वैष्णवों ने प्रभु के जयकारों के साथ भक्त परिवार का अभिनंदन किया और उनकी श्रद्धा एवं समर्पण की सराहना की। दाण लीला के अवसर पर अष्टछाप परंपरा के दाण पदों का सुमधुर गान प्रत्यक्ष पंड्या एवं अरुण पंड्या द्वारा किया गया। पदों की प्रस्तुति से हवेली परिसर भक्तिमय स्वर लहरियों से गूंज उठा और श्रद्धालु कृष्णभक्ति के रस में डूब गए। मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की। दाण लीला मनोरथ के उपरांत महाप्रसाद वितरण भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। पुरुषोत्तम मास के अवसर पर हवेली में प्रतिदिन विविध मनोरथों एवं उत्सवों का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान कन्हैयालाल पंड्या, ब्रजमोहन पंड्या, किरीट पंड्या, भानुप्रसाद पंड्या, नन्द किशोर भट्ट, हॅसमुख भट्ट, राजेश्वर पंड्या, रविचंद्र पंड्या सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।4
- गनोड़ा और आसपास के क्षेत्रों के लोग रोज़ाना बिजली गुल रहने से गंभीर रूप से परेशान हैं, जहाँ उन्हें निर्धारित समय के अतिरिक्त 3-4 घंटे तक बिजली का इंतज़ार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार तो पूरी रात बिजली नहीं रहती, जिससे जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बिजली की इस किल्लत के कारण रात के समय बच्चों, लड़कियों और महिलाओं को बाहर निकलने में डर लगता है, क्योंकि उन्हें किसी अनहोनी का भय बना रहता है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि गनोड़ा में अस्पताल, बिजली विभाग और जल विभाग—कोई भी ठीक से काम नहीं कर रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इन समस्याओं से त्रस्त होकर, गनोड़ा और आसपास के ग्रामीण अब जिला कलेक्टर से उम्मीद लगाए बैठे हैं। वे चाहते हैं कि कलेक्टर साहब गनोड़ा का दौरा कर लोगों की इन तमाम परेशानियों का समाधान करें।1