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हमारे देश के बड़े-बड़े नेताओं के बेटे और बेटियां कहां पढ़ रहे हैं इसका डाटा ।
KCR INTERNATIONAL NEWS
हमारे देश के बड़े-बड़े नेताओं के बेटे और बेटियां कहां पढ़ रहे हैं इसका डाटा ।
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- *आईटीआई के नवप्रवेशी प्रशिक्षणार्थियों का दो दिवसीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित* *समाचार* *आईटीआई के नवप्रवेशी प्रशिक्षणार्थियों का दो दिवसीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित* *कलेक्टर ने कहा कौशल, अनुशासन और नई सोच से बनाएं उज्ज्वल भविष्य* गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 5 अगस्त 2026/शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) गौरेला के नवीन प्रशिक्षण भवन में आईटीआई गौरेला, पेंड्रा एवं मरवाही के नवप्रवेशी प्रशिक्षणार्थियों के लिए दो दिवसीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना या डिग्री प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण कौशल, अनुशासन और नई सोच के साथ प्रशिक्षण लेकर सम्मानजनक रोजगार के लिए स्वयं को तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों के बीच जाकर उन्हें अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने, सकारात्मक व्यक्तित्व विकसित करने तथा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाकर संस्था और जिले का नाम रोशन करने का आह्वान किया। प्रवेशोत्सव कार्यक्रम नव कौशल पथ-नई राह-नया हुनर थीम पर आधारित है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगरपालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष श्री मुकेश दुबे थे। समारोह का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर राज गीत अरपा पैरी के धार...... के साथ किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, डिप्टी कलेक्टर सुश्री आकांक्षा पाण्डे, महंत विश्वहूदास उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के अधिष्ठाता श्री नारायण साहू, आईटीआई के प्राचार्य श्री डी.एस. आर्मो सहित प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में तीनो आईटीआई के प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। प्राप्त जानकारी के अनुसार चतुर्थ चरण प्रवेश प्रक्रिया तक विभिन्न व्यवसायों में आईटीआई मरवाही में 112 सीटों के विरुद्ध 98, आईटीआई पेंड्रा में 136 सीटों के विरुद्ध 110 और आईटीआई गौरेला में 252 सीटों के विरुद्ध 247 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर लिया गया है।4
- राजनीतिक पार्टी का दबदबा जहां होता है यही हाल होता है ।1
- हमारे देश में इलेक्ट्रॉनिक कल्चर सबसे बड़ा नुकसान क्योंकि सारा सामान तो चीन से ही आता है ।1
- क्षेत्र में फैला है गंदगी का अम्बार लेकिन निगम में चल रहा है कमीशन का कारोबार क्षेत्र में फैला है गंदगी का अम्बार लेकिन निगम में चल रहा है कमीशन का कारोबार1
- श्रावण मास में शिवमय हुआ रामघाट, वैदिक मंत्रों की गूंज से आलोकित हो रही तपोभूमि अमरकंटक अनूपपूर - नमक-चमक रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप, दैनिक हवन एवं विशाल भजन-भंडारे से भक्तिमय बना वातावरण प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल अमरकंटक के नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 10 स्थित पावन रामघाट में श्रावण मास के आगमन के साथ सम्पूर्ण वातावरण शिवमय हो उठा है। माँ नर्मदा के उत्तर तट पर प्रतिदिन गूंजते वैदिक मंत्र, श्रीरुद्रम के नमकम्-चमकम् का सस्वर पाठ, महामृत्युंजय मंत्र जाप, रुद्राभिषेक, शिव पूजन, यज्ञ-हवन एवं सत्संग से तपोभूमि अमरकंटक दिव्य आध्यात्मिक आभा से आलोकित हो रही है। "त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥" श्रावण मास के शुभारंभ से प्रारंभ यह महाअनुष्ठान संपूर्ण मास निरंतर संचालित रहेगा। नर्मदा परिक्रमावासी संत स्वामी पूर्ण दास महाराज (मौनी बाबा) के सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में प्रतिदिन भगवान आशुतोष का रुद्राभिषेक कर विश्वशांति, राष्ट्र की समृद्धि, जनकल्याण, उत्तम स्वास्थ्य एवं प्रकृति के संतुलन की मंगलकामना की जा रही है। उनके अनुसार श्रावण मास शिव आराधना का सर्वोत्तम काल है, जिसमें श्रद्धा से किया गया जप, तप एवं अभिषेक जीवन को सुख, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सेवा और अन्नदान की सनातन परंपरा भी निरंतर निभाई जा रही है। प्रतिदिन श्रद्धालुओं, नर्मदा परिक्रमा वासियों एवं दूर-दराज़ से आने वाले भक्तों के लिए भजन-कीर्तन, विशाल भंडारा, प्रातः बालभोग, मध्याह्न महाप्रसाद, संध्या अल्पाहार एवं रात्रि भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। स्वामी पूर्ण दास महाराज का संकल्प है कि इस पावन धाम से कोई भी श्रद्धालु भूखा वापस न लौटे। "अन्नदानं परं दानं विद्यादानमतः परम्। अन्नेन क्षणिका तृप्तिर्विद्यया अमृतमश्नुते॥" महर्षि विद्यालय, जबलपुर से पधारे विद्वान वैदिक ब्राह्मणों द्वारा शास्त्रोक्त विधि-विधान से नमक-चमक रुद्राभिषेक संपन्न कराया जा रहा है। इस महाअनुष्ठान में पंडित नीलकंठ प्यासी, पंडित जगदीश प्यासी, पंडित नंद कुमार शर्मा, पंडित वेद प्रकाश गर्ग, पंडित मनीष दुबे, पंडित प्रांजल अग्निहोत्री, पंडित दिलीप गर्ग, पंडित सुहागी द्विवेदी, पंडित वेद कृष्ण शास्त्री तथा पंडित रोहित तिवारी सहित अनेक विद्वान आचार्य-पुरोहित वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, हवन एवं शिव पूजन संपन्न करा रहे हैं। उनके मुखारविंद से निकली वैदिक ऋचाओं की पावन अनुगूंज सम्पूर्ण रामघाट को शिवभक्ति के दिव्य वातावरण से अनुप्राणित कर रही है। स्कन्द पुराण में कहा गया है— "श्रावणे मासि यो भक्त्या शंकरं पूजयेद् नरः। सर्वपापविनिर्मुक्तः शिवलोकं स गच्छति॥" अर्थात जो श्रद्धालु श्रावण मास में भगवान शिव का श्रद्धापूर्वक पूजन करता है, वह समस्त पापों से मुक्त होकर शिवकृपा का अधिकारी बनता है। नर्मदा महापुराण में भी माँ नर्मदा के उत्तर तट को तप, जप, यज्ञ एवं शिव आराधना के लिए अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है। श्रावण मास में रामघाट पर उमड़ रही श्रद्धालुओं की आस्था, हर-हर महादेव के गगनभेदी जयघोष, धूप-दीप एवं हवन की दिव्य सुगंध, वैदिक मंत्रों की अनुगूंज और अन्नदान की अखंड सेवा ने अमरकंटक को आध्यात्मिक चेतना से सराबोर कर दिया है। यह महाअनुष्ठान केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, वैदिक परंपरा, लोकमंगल और सेवा-साधना का जीवंत एवं प्रेरणादायी प्रतीक बन गया है।1
- मासूमों की जान जोखिम में! जर्जर स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर आदिवासी बच्चे 🚨 मासूमों की जान जोखिम में! जर्जर स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर आदिवासी बच्चे 🚨 अनूपपुर | बहेराबांध | ग्राम क्योटार सरकार सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दावे करती है, लेकिन अनूपपुर जिले के ग्राम क्योटार की शासकीय प्राथमिक शाला की तस्वीर इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। 🏫 जर्जर भवन… 🌧️ टपकती छत… 💧 कक्षाओं में भरता पानी… 💡 बिजली का अभाव… 🪳 बरसाती कीड़े-मकौड़ों का खतरा… बारिश के दौरान विद्यालय की छत से पानी टपकता है और कई जगह कक्षाओं में पानी भर जाता है। ऐसे में मासूम बच्चों को कभी भींगते हुए तो कभी दूसरे स्थानों का सहारा लेकर पढ़ाई करनी पड़ती है। वहीं बिजली व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश और बादल के दौरान कक्षाओं में अंधेरा छा जाता है। खिड़कियों से आने वाली रोशनी के सहारे बच्चों को पढ़ाई करनी पड़ती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर जर्जर छत का कोई हिस्सा अचानक गिर गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? 👉 आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार अधिकारी? 👉 आदिवासी बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन कब मिलेगा? 👉 क्या किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है? बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। प्रशासन से मांग है कि विद्यालय भवन का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत, बिजली व्यवस्था और बच्चों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए। 📢 हादसे से पहले कार्रवाई जरूरी है!1
- बात तो सही है आप सभी क्या कहते है,,🤔🤔 विनाश काले विपरीत बुद्धि1
- KCR NEWS , VERIFIED NEWS OWN BY - BHIMGE BUSSINESS GROUP पेड़ लगा के इसका देखरेख नहीं किया जा रहा है।1