राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भाजपा सरकार पर राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले किए गए प्रमुख चुनावी वादों को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया है। बेनीवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पुनर्गठन, कांग्रेस काल के पेपर लीक मामलों की सीबीआई जांच, और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने का वादा किया था, मगर सत्ता में आते ही भाजपा इन मुद्दों से मुकर गई। सांसद बेनीवाल के अनुसार, भाजपा सरकार के मौजूदा निर्णय यह स्पष्ट करते हैं कि भजनलाल सरकार भी पिछली गहलोत सरकार के नक्शे कदम पर चल रही है, जिससे यह साबित होता है कि भाजपा और कांग्रेस आपस में मिली हुई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार RPSC जैसी संवैधानिक संस्थाओं का भी "बंटाधार" करने में लगी है। बेनीवाल ने आगे कहा कि राजस्थान के लाखों बेरोजगार युवा भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य सरकार से जानना चाहते हैं कि उनके चुनावी वादे कब पूरे होंगे।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भाजपा सरकार पर राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले किए गए प्रमुख चुनावी वादों को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया है। बेनीवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पुनर्गठन, कांग्रेस काल के पेपर लीक मामलों की सीबीआई जांच, और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने का वादा किया था, मगर सत्ता में आते ही भाजपा इन मुद्दों से मुकर गई। सांसद बेनीवाल के अनुसार, भाजपा सरकार के मौजूदा निर्णय यह स्पष्ट करते हैं कि भजनलाल सरकार भी पिछली गहलोत सरकार के नक्शे कदम पर चल रही है, जिससे यह साबित होता है कि भाजपा और कांग्रेस आपस में मिली हुई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार RPSC जैसी संवैधानिक संस्थाओं का भी "बंटाधार" करने में लगी है। बेनीवाल ने आगे कहा कि राजस्थान के लाखों बेरोजगार युवा भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य सरकार से जानना चाहते हैं कि उनके चुनावी वादे कब पूरे होंगे।
- नागौर जिले के पादूकलां कस्बे के श्री चारभुजानाथ मंदिर में आयोजित सात दिवसीय अखंड हरि कीर्तन एवं खड़ी सप्ताह महोत्सव का शनिवार को धार्मिक अनुष्ठानों, हवन-यज्ञ और भव्य शोभायात्रा के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। समापन अवसर पर मंदिर परिसर हरिनाम संकीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार और चारभुजानाथ के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान चारभुजानाथ के दर्शन कर दान-पुण्य एवं गौसेवा का लाभ लिया। महोत्सव के तहत शुक्रवार रात्रि को साधु-संतों के सानिध्य में आयोजित ‘एक शाम चारभुजा के नाम’ विशाल भजन संध्या श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान चारभुजानाथ की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें रानाबाई मंदिर के महंत पांचारामजी महाराज एवं भजन कलाकारों का राजस्थानी परंपरा अनुसार माला व शॉल ओढ़ाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। भजन गायक सुशील भादू नथावड़ी ने गणपति वंदना से शुरुआत करते हुए गुरु महिमा, राम भक्ति एवं चारभुजानाथ की महिमा का गुणगान किया, जिसमें उन्होंने “मारा चारभुजा नाथ मांगू जो तो सगलो दीजो”, “सांवरिया री बड़ी अपार, कृपा बरस रही जी बरस रही, समझो तो बेड़ा पार” जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कैलाश वैष्णव ने ‘मायड़ थारो वो पूत कठे’ व ‘वाह-वाह रे मौज फकीरा की’ भजन की सुमधुर प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर भक्तिमय माहौल बना दिया, और देर रात तक श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे। शनिवार को महोत्सव के अंतिम दिवस पंडित हस्तीमल उपाध्याय के सानिध्य में हवन-यज्ञ एवं पूर्णाहुति कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य यजमान मुकेश बोहरा एवं उनकी धर्मपत्नी ने गौरी-गणेश, श्री चारभुजानाथ एवं भगवान विष्णु का विधिवत पूजन कर यज्ञ में आहुतियां अर्पित की तथा गांव की सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और लोककल्याण की कामना की। इस अवसर पर संतों ने धर्म, संस्कार, गौसेवा एवं माता-पिता की सेवा का महत्व बताते हुए सत्कर्म और संतों के आशीर्वाद को जीवन की अमूल्य पूंजी बताया। कार्यक्रम में विद्वान पंडितों का सम्मान किया गया तथा महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। देर शाम निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे गांव को भक्तिमय बना दिया। डीजे पर बज रहे धार्मिक भजनों एवं राजस्थानी लोकगीतों की धुन पर महिला-पुरुष श्रद्धालु झूमते हुए शामिल हुए। गुलाल की रंगत और चारभुजानाथ के जयकारों के बीच शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः मंदिर पहुंची, जहां महाआरती के साथ सात दिवसीय अखंड हरि कीर्तन महोत्सव का विधिवत समापन हुआ। पूरे दिन पादूकलां गांव भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आया।4
- बकरा ईद के पर्व के मद्देनजर घाटकोपर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस दौरान विरोधी दस्ते भी तैनात किए गए हैं।1
- भोजपुर में भरत तिवारी के पुलिस एनकाउंटर का मामला गरमा गया है। इस घटना पर परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने भरत तिवारी को आत्मसमर्पण करने के बाद भी गोली मारी, जिससे उनकी मौत हुई।1
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत शनिवार को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के तारकेश्वर में आयोजित “पीएम किसान उत्सव दिवस” से देशभर के किसानों के खातों में योजना की 23वीं किस्त जारी की। इसी अवसर पर नागौर के जिला परिषद सभागार में भी एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ माननीय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। इस योजना के अंतर्गत नागौर जिले के कुल 1 लाख 85 हजार 428 पात्र किसानों को 23वीं किस्त का लाभ मिला। योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित कर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और उनकी कृषि गतिविधियों को मजबूती प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान किसानों को योजना से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं, जैसे कि जिन लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी इनेबल नहीं है, वे इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) में खाता खुलवाकर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, किसानों को अपनी ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग और भुगतान की स्थिति की नियमित जांच करने के लिए प्रेरित किया गया। नागौर में आयोजित इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष रामधन पोटलिया, प्रदेश कार्य समिति सदस्य रामनिवास सांखला, जिला उपाध्यक्ष रमेश अपूर्वा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में किसान और आमजन उपस्थित रहे।4
- रियांबड़ी के पास ग्राम कोड में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जहाँ ग्रामीणों और युवाओं ने मिलकर नव निर्मित जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) परिसर में 200 फलदार और छायादार पौधों का सामूहिक वृक्षारोपण किया। जनसहयोग से आयोजित इस अभियान ने ग्रामीणों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और प्रकृति प्रेम का संदेश दिया। समाजसेवी हरिराम फाड़ोदा ने बताया कि जीएसएस निर्माण के बाद परिसर में निर्माण सामग्री, घास-फूस और कंटीली झाड़ियाँ फैली हुई थीं, जिससे इसकी सुंदरता प्रभावित हो रही थी। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से परिसर को स्वच्छ और हरित बनाने का निर्णय लिया। इस कार्य में मनरेगा के तहत कार्यरत महिला शक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने श्रमदान कर परिसर से झाड़ियाँ और अनावश्यक सामग्री हटाई, जिससे पौधरोपण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो सका। गाँव के युवाओं के साथ जीएसएस कर्मी लीलाधर मोदी और प्रदीप कमेडिया ने पौधरोपण अभियान की व्यवस्थाओं और संचालन की जिम्मेदारी संभाली। लगातार तीन दिनों तक चले श्रमदान और सामूहिक प्रयासों के बाद 200 पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया गया, जिनमें फलदार और छायादार प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई, ताकि भविष्य में परिसर हरा-भरा होने के साथ-साथ ग्रामीणों को भी लाभ मिल सके। युवा प्रवीण वैष्णव ने जानकारी दी कि गाँव में पर्यावरण संरक्षण के कार्यों की यह परंपरा पहले से ही जारी है। इससे पूर्व, पूर्व सरपंच कैलाश चंद्र जोशी के नेतृत्व में मुक्ति धाम परिसर में लगभग 600 पौधे लगाए गए थे, जो आज विकसित होकर हरियाली का सुंदर उदाहरण बन चुके हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीएसएस परिसर में 200 पौधों का रोपण कर ग्रामीणों ने एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। इस अवसर पर रामनिवास जांगिड़, पारसमल, गणपत दास, पिरू शाह, मोहनराम, विक्रम सिंह, सुशील फाड़ोदा, प्रकाश जांगिड़, दीपू गारू, जयप्रकाश बडियासर, कालूराम, सोहनराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिला शक्ति उपस्थित रही। ग्रामीणों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।1
- नागौर जिले के थांवला कस्बे के निकट स्थित नरसिंह बासनी गाँव में भाजपा नेता और समाजसेवी भंवर सिंह पलाड़ा के एक दिवसीय दौरे पर पहुँचने पर ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया। राजस्थानी परंपरा के अनुसार, ग्रामीणों ने पलाड़ा को साफा पहनाकर और शौर्य के प्रतीक के तौर पर तलवार भेंट कर उनका अभिनंदन किया। अपने इस दौरे के दौरान, भंवर सिंह पलाड़ा ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को यह आश्वस्त किया कि वे जनहित के मुद्दों और क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। इस अवसर पर बलवीर सिंह, हनुमान रावत, भंवर सिंह, भीवराज जांगिड़, मुन्नाराम डुकिया, सुनील सोलंकी, केशू नाथ, लुकमान शाह, देवकरण उपाध्याय और कल्याण सिंह के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- नागौर में माहेश्वरी महिला मंडल ने आगामी महेश नवमी पर्व के उपलक्ष्य में महिलाओं के लिए चित्रकला और पारंपरिक खेल सतोलिया प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में समाज की महिलाओं ने बड़ी संख्या में और उत्साहपूर्वक भाग लिया। चित्रकला प्रतियोगिता में कोमल लड्ढा ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि उषा बंग दूसरे स्थान पर रहीं। इस प्रतियोगिता में शेफाली ने निर्णायक की भूमिका निभाई। सतोलिया प्रतियोगिता के संयोजक सरस्वती बंग और संगीता डागा थीं, वहीं चित्रकला प्रतियोगिता का प्रभार बसंती राठी और सावित्री सारड़ा ने संभाला। सतोलिया कार्यक्रम का कार्यभार राम अवतार राठी और योगेश तोषनीवाल के जिम्मे था। माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा आयोजित यह पारंपरिक खेल प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई।4
- जोधपुर में भरतमाला रोड पर एक चलती गाड़ी में अचानक आग लग गई। मटौदा के पास हनुमान सागर गाँव में हुई इस घटना में, आग इतनी भीषण थी कि गाड़ी पूरी तरह जलकर राख हो गई।1