रियांबड़ी के पास ग्राम कोड में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जहाँ ग्रामीणों और युवाओं ने मिलकर नव निर्मित जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) परिसर में 200 फलदार और छायादार पौधों का सामूहिक वृक्षारोपण किया। जनसहयोग से आयोजित इस अभियान ने ग्रामीणों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और प्रकृति प्रेम का संदेश दिया। समाजसेवी हरिराम फाड़ोदा ने बताया कि जीएसएस निर्माण के बाद परिसर में निर्माण सामग्री, घास-फूस और कंटीली झाड़ियाँ फैली हुई थीं, जिससे इसकी सुंदरता प्रभावित हो रही थी। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से परिसर को स्वच्छ और हरित बनाने का निर्णय लिया। इस कार्य में मनरेगा के तहत कार्यरत महिला शक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने श्रमदान कर परिसर से झाड़ियाँ और अनावश्यक सामग्री हटाई, जिससे पौधरोपण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो सका। गाँव के युवाओं के साथ जीएसएस कर्मी लीलाधर मोदी और प्रदीप कमेडिया ने पौधरोपण अभियान की व्यवस्थाओं और संचालन की जिम्मेदारी संभाली। लगातार तीन दिनों तक चले श्रमदान और सामूहिक प्रयासों के बाद 200 पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया गया, जिनमें फलदार और छायादार प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई, ताकि भविष्य में परिसर हरा-भरा होने के साथ-साथ ग्रामीणों को भी लाभ मिल सके। युवा प्रवीण वैष्णव ने जानकारी दी कि गाँव में पर्यावरण संरक्षण के कार्यों की यह परंपरा पहले से ही जारी है। इससे पूर्व, पूर्व सरपंच कैलाश चंद्र जोशी के नेतृत्व में मुक्ति धाम परिसर में लगभग 600 पौधे लगाए गए थे, जो आज विकसित होकर हरियाली का सुंदर उदाहरण बन चुके हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीएसएस परिसर में 200 पौधों का रोपण कर ग्रामीणों ने एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। इस अवसर पर रामनिवास जांगिड़, पारसमल, गणपत दास, पिरू शाह, मोहनराम, विक्रम सिंह, सुशील फाड़ोदा, प्रकाश जांगिड़, दीपू गारू, जयप्रकाश बडियासर, कालूराम, सोहनराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिला शक्ति उपस्थित रही। ग्रामीणों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।
रियांबड़ी के पास ग्राम कोड में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जहाँ ग्रामीणों और युवाओं ने मिलकर नव निर्मित जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) परिसर में 200 फलदार और छायादार पौधों का सामूहिक वृक्षारोपण किया। जनसहयोग से आयोजित इस अभियान ने ग्रामीणों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और प्रकृति प्रेम का संदेश दिया। समाजसेवी हरिराम फाड़ोदा ने बताया कि जीएसएस निर्माण के बाद परिसर में निर्माण सामग्री, घास-फूस और कंटीली झाड़ियाँ फैली हुई थीं, जिससे इसकी सुंदरता प्रभावित हो रही थी। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से परिसर को स्वच्छ और हरित बनाने का निर्णय लिया। इस कार्य में मनरेगा के तहत कार्यरत महिला शक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने श्रमदान कर परिसर से झाड़ियाँ और अनावश्यक सामग्री हटाई, जिससे पौधरोपण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो सका। गाँव के युवाओं के साथ जीएसएस कर्मी लीलाधर मोदी और प्रदीप कमेडिया ने पौधरोपण अभियान की व्यवस्थाओं और संचालन की जिम्मेदारी संभाली। लगातार तीन दिनों तक चले श्रमदान और सामूहिक प्रयासों के बाद 200 पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया गया, जिनमें फलदार और छायादार प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई, ताकि भविष्य में परिसर हरा-भरा होने के साथ-साथ ग्रामीणों को भी लाभ मिल सके। युवा प्रवीण वैष्णव ने जानकारी दी कि गाँव में पर्यावरण संरक्षण के कार्यों की यह परंपरा पहले से ही जारी है। इससे पूर्व, पूर्व सरपंच कैलाश चंद्र जोशी के नेतृत्व में मुक्ति धाम परिसर में लगभग 600 पौधे लगाए गए थे, जो आज विकसित होकर हरियाली का सुंदर उदाहरण बन चुके हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीएसएस परिसर में 200 पौधों का रोपण कर ग्रामीणों ने एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। इस अवसर पर रामनिवास जांगिड़, पारसमल, गणपत दास, पिरू शाह, मोहनराम, विक्रम सिंह, सुशील फाड़ोदा, प्रकाश जांगिड़, दीपू गारू, जयप्रकाश बडियासर, कालूराम, सोहनराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिला शक्ति उपस्थित रही। ग्रामीणों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।
- नागौर जिले के कोड गांव में नव निर्मित जीएसएस परिसर में ग्रामीणों और युवाओं के जनसहयोग से 200 फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। इस हरित अभियान में महिला शक्ति ने परिसर की साफ-सफाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि युवाओं और जीएसएस कर्मियों ने मिलकर पौधरोपण की जिम्मेदारी संभाली। ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए भविष्य में भी ऐसे हरित अभियानों को जारी रखने का संकल्प लिया है।3
- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 20 जून को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर (हुगली) से आयोजित पीएम-किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी की। इस पहल के तहत, देशभर के 9 करोड़ 44 लाख से अधिक किसानों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लगभग 18 हजार 880 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। इस योजना का लाभ राजस्थान सहित अजमेर जिले के किसानों को भी मिला, जहाँ लगभग एक लाख 65 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से किया गया। अजमेर में जिला स्तरीय कार्यक्रम राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र, तबीजी में आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 300 किसानों और महिला प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संबोधन लाइव देखा। इस दौरान किसानों को योजना की विस्तृत जानकारी, प्राकृतिक खेती के महत्व, डीबीटी प्रणाली और पोर्टल पर लाभार्थी स्थिति की जानकारी भी प्रदान की गई। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 'खेत बचाओ अभियान' के माध्यम से मिट्टी की सेहत बचाने पर विशेष जोर देते हुए हर किसान से रसायनों का न्यूनतम उपयोग करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। वहीं, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वर्चुअल संबोधन में किसानों से आने वाली पीढ़ियों के लिए उर्वर भूमि सुरक्षित रखने हेतु प्राकृतिक खेती अपनाने तथा जल संरक्षण के लिए बूंद-बूंद सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने पर बल दिया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के किसानों के परिश्रम का सम्मान कर रहे हैं, जिसके फलस्वरूप पिछले 12 वर्षों में किसानों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि और विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभान्वित कर रही है। श्री चौधरी ने किसानों से अपनी खेती के एक हिस्से में प्राकृतिक खेती अपनाने, गौ-आधारित खेती को बढ़ावा देने तथा जीवामृत जैसे जैविक पोषक तत्वों एवं जैविक कीटनाशकों का उपयोग करने का आग्रह किया, ताकि उत्पादन लागत कम हो और किसान आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है और दलहन एवं तिलहन के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार और किसान मिलकर कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. अभिषेक गोयल, सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार श्री राजीव कजोट, कृषि विज्ञान केंद्र तबीजी के अध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र सिंह भाटी, राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. विनय भारद्वाज, डॉ. के.पी. सिंह, कृषि अनुसंधान उप केन्द्र के डॉ. रमाकांत शर्मा, कृषि विभाग की संयुक्त निदेशक श्रीमती उषा चितारा, प्रगतिशील किसान और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।3
- रामगंज थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक परिवादी के मकान पर हमला करने वाले 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया, जिससे आरोपियों की पहचान संभव हुई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से इन सभी आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। इस घटना और पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- ब्यावर में आयोजित एक खेल प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में खेल प्रभारी, जिला खेल अधिकारी कार्यालय, ब्यावर के श्री गोविंद जी सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्री सैनी ने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के महत्व पर जोर देते हुए प्रेरित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को अपने आशीर्वचन प्रदान किए, उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।1
- भीम विधानसभा क्षेत्र के कुकड़ा शक्ति केंद्र पर मंडल अध्यक्ष चाप सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी बूथ अध्यक्षों और पार्टी पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक को संबोधित करते हुए भीम विधानसभा प्रभारी धर्मवीर कीर ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया, साथ ही आगामी पंचायती राज चुनावों की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश का संचार किया। इस दौरान कमजोर बूथों को सशक्त बनाने के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की गई और संगठन विस्तार तथा जनसंपर्क बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा उठाई गई समस्याओं पर भी गंभीरता से चर्चा हुई, जिस पर विधानसभा प्रभारी धर्मवीर कीर ने संबंधित उच्च अधिकारियों से तत्काल वार्ता कर समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किस्तों के संबंध में अधिकारियों से बात करके लाभार्थियों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की बात कही, और जनहित समस्याओं के समाधान हेतु उच्च अधिकारियों से बातचीत कर समाधान किया। जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र बागड़ी ने शक्ति केंद्र की संरचना का विस्तार करने का आग्रह करते हुए बताया कि जल्द ही नए शक्ति केंद्र बनाए जाएंगे और सक्रिय कार्यकर्ताओं को संगठन में आगे लाया जाएगा। मंडल अध्यक्ष ने नए कार्यकर्ताओं को मोर्चा में नवीन दायित्व देने की बात कही, जिसके तहत जल्द ही कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा। बैठक में जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार बागड़ी, महामंत्री नारायण सिंह, युवा मोर्चा डुगर सिंह, शक्ति केंद्र संयोजक डुगर सिंह, बूथ अध्यक्ष रामकिशन, पूनम सिंह, अमर सिंह, चेतनजी, राम सिंह, भेरू सिंह सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह बैठक भाजपा पार्टी के शक्ति केंद्र और बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से भीम प्रभारी द्वारा ली गई थी।1
- अजमेर के भिनाय स्थित बुबकिया में आज सुबह एक नाग-नागिन के जोड़े ने आलिंगनबद्ध होकर अपने अटूट, अपार, अनंत और असीमित प्रेम का प्रदर्शन किया। यह दृश्य श्री गणपत लाल जी चौधरी के निजी निवास परिसर में देखा गया, जिसे उन्होंने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर राजेन्द्र टेलर राधेश्याम दाधीच को साझा किया। इस घटना को ईश्वर और ईश्वरीय शक्ति द्वारा सृजित एक दिव्य दृश्य बताया गया है, जो आगामी जमाने के लिए स्पष्ट रूप से सुख-शांति, सुकून, खुशहाली और समृद्धि के शुभ संकेत लेकर आया है। बड़े-बुजुर्गों के अनुसार, वर्षा ऋतु में मानसून से पहले धरती पर नाग-नागिन का आलिंगनबद्ध होकर अठखेलियां करना भरपूर बारिश होने का एक सत्य और सुनिश्चित शुभ संकेत होता है। इस भविष्यवाणी के सच होने पर किसानों के खेतों में खरीफ की विभिन्न फसलों की भरपूर पैदावार होगी, जिससे उनके दिलों में खुशियों का संचार होगा और चेहरों पर हर्ष, प्रसन्नता व मुस्कान झलकती दिखेगी। फसलों की बंपर पैदावार से किसान अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकेंगे और अतिरिक्त फसल को बेचकर सुख, शांति, सुकून व खुशहाली से परिपूर्ण समृद्धि का अनुभव करेंगे। लेखक के अनुसार, ईश्वर और ईश्वरीय शक्ति द्वारा सृजित ऐसे अनुपम, अद्भुत और भव्य दृश्य बिरले इंसानों को ही नसीब होते हैं। नाग-नागिन द्वारा अठखेलियां करने का यह विशिष्ट दृश्य धार्मिक और आध्यात्मिक होने के साथ-साथ अद्वितीय, अलौकिक और असाधारण है, जो आमजनों को रोमांचित कर देने वाला है। इस प्रकार के घटनाक्रम या दृश्य की दार्शनिक क्रियान्वयन और बड़े-बुजुर्गों की भविष्यवाणियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी परखा जा सकता है। पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों के लिए यह गहन चिंतन-मनन और विस्तृत शोध का एक दमदार विषय है। हालांकि, भविष्य में क्या होगा, यह तो समय ही बताएगा।1
- नागौर जिले के थांवला कस्बे के निकटवर्ती ग्राम नरसिंह बासनी में भाजपा नेता और समाजसेवी भंवर सिंह पलाड़ा के एक दिवसीय दौरे पर पहुँचने पर ग्रामीणों द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया। राजस्थानी परंपरा के अनुसार, ग्रामीणों ने पलाड़ा को साफ़ा पहनाया और शौर्य के प्रतीक के तौर पर तलवार भेंट कर उनका अभिनंदन किया। अपने इस दौरे के दौरान, भंवर सिंह पलाड़ा ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को आश्वस्त किया कि वे जनहित के मुद्दों और क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। इस अवसर पर बलवीर सिंह, हनुमान रावत, भंवर सिंह, भीवराज जांगिड़, मुन्नाराम डुकिया, सुनील सोलंकी, केशू नाथ, लुकमान शाह, देवकरण उपाध्याय, कल्याण सिंह के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में मिनी उर्स के पावन अवसर पर हजरत बाबा फरीद ए गंज शक्कर का चिल्ला मुबारक खोला गया है, जिसके कारण दरगाह और उसके आसपास जायरीनों की भारी आवक बढ़ गई है। यह चिल्ला सुबह 4 बजे से अगले 72 घंटों के लिए खुला रहेगा, जहाँ आम जायरीन भी ज़ियारत कर सकेंगे। गौरतलब है कि हजरत बाबा फरीद ए गंज शक्कर का मजारे मुबारक पाकिस्तान के पाक पट्टन में स्थित है, जहाँ इन दिनों एक बड़ा मेला लगा हुआ है।1
- महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ मानवत तालुका के यशवाड़ी स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में एक बड़ा हादसा हो गया है। जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में बन रहे एक सभा मंडप की छत अचानक ढह गई। इस हादसे के समय मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, 30 से 40 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँच गए हैं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में पहुँचाया जा रहा है। फिलहाल, हताहतों और घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है, और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।1