कौशाम्बी जनपद के ग्राम सभा सैयद सरावां, तहसील चायल के निवासियों ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सार्वजनिक और तालाबी भूमि पर पूर्व प्रधान के भाइयों द्वारा किए गए अवैध कब्जे की शिकायत की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रधान के भाई कई वर्षों से ग्राम समाज की इन जमीनों पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर रहे हैं। शिकायत में बताया गया है कि कब्जा करने वाले लोग अपने रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों को इन जमीनों पर पट्टा देकर उन्हें भूमिधर बना रहे हैं, जिसके बाद इन प्लॉट्स की बिक्री भी की जा रही है। इस अवैध कब्जे में आराजी संख्या 707, 706, 675 (जो कि एक तालाब की जमीन है), 676, 717, 1100 और 178 जैसी कई भूमियाँ शामिल हैं। प्रार्थियों ने जिलाधिकारी महोदय से विनम्र निवेदन किया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध कब्जों को हटाया जाए और सभी संबंधित भूमि पट्टों व भूमित्व को निरस्त किया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि इन भूमियों को ग्राम सभा सैयद सरावां में खेल कूद मैदान, श्मशान भूमि और सामुदायिक भवन जैसे सार्वजनिक उपयोगों के लिए आवंटित किया जाए। ग्रामीणों ने विश्वास व्यक्त किया है कि न्याय हित में की गई इस कार्यवाही के लिए सभी ग्रामवासी सदैव आभारी रहेंगे।
कौशाम्बी जनपद के ग्राम सभा सैयद सरावां, तहसील चायल के निवासियों ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सार्वजनिक और तालाबी भूमि पर पूर्व प्रधान के भाइयों द्वारा किए गए अवैध कब्जे की शिकायत की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रधान के भाई कई वर्षों से ग्राम समाज की इन जमीनों पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर रहे हैं। शिकायत में बताया गया है कि कब्जा करने वाले लोग अपने रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों को इन जमीनों पर पट्टा देकर उन्हें भूमिधर बना रहे हैं, जिसके बाद इन प्लॉट्स की बिक्री भी की जा रही है। इस अवैध कब्जे में आराजी संख्या 707, 706, 675 (जो कि एक तालाब की जमीन है), 676, 717, 1100 और 178 जैसी कई भूमियाँ शामिल हैं। प्रार्थियों ने जिलाधिकारी महोदय से विनम्र निवेदन किया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध कब्जों को हटाया जाए और सभी संबंधित भूमि पट्टों व भूमित्व को निरस्त किया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि इन भूमियों को ग्राम सभा सैयद सरावां में खेल कूद मैदान, श्मशान भूमि और सामुदायिक भवन जैसे सार्वजनिक उपयोगों के लिए आवंटित किया जाए। ग्रामीणों ने विश्वास व्यक्त किया है कि न्याय हित में की गई इस कार्यवाही के लिए सभी ग्रामवासी सदैव आभारी रहेंगे।
- कौशाम्बी जिले के चायल तहसील स्थित ग्राम सभा सैयद सरावां में पूर्व प्रधान के भाइयों पर तालाब और सार्वजनिक भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपे एक पत्र में निष्पक्ष जांच और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, पूर्व प्रधान के भाई ग्राम सभा की तालाबी, सार्वजनिक और ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। वे स्वयं अपने रिश्तेदारों और खास लोगों को जमीन का पट्टा करके उन्हें भूमिधर बना रहे हैं, जिसके बाद इन भूमियों पर प्लॉटिंग करके उनका विक्रय किया जा रहा है। अवैध रूप से कब्ज़ा की गई भूमियों में आराजी संख्या 707, 706, 675 (तालाबी नंबर), 676, 717, 1100 और 178 शामिल हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से विनम्र निवेदन किया है कि इन अवैध कब्जों को निरस्त किया जाए और इन भूमियों को ग्राम सभा सैयद सरावां में खेल कूद मैदान, श्मशान भूमि और सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए उपयोग में लाया जाए। ग्रामीणों ने न्याय हित में निष्पक्ष जांच और निरस्तीकरण की कार्यवाही की अपेक्षा करते हुए कहा है कि इस पर कार्रवाई होने पर सभी ग्रामवासी सदैव आभारी रहेंगे। यह शिकायत 24 जून, 2026 को दायर की गई है।1
- कौशाम्बी जनपद के ग्राम सभा सैयद सरावां के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी महोदय को पत्र लिखकर पूर्व प्रधान के भाइयों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा सैयद सरावां, तहसील चायल में तालाब, सार्वजनिक और ग्राम समाज की भूमि पर पूर्व प्रधान के भाइयों ने वर्षों से अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। शिकायत के अनुसार, इन कब्जों में उन्होंने अपने रिश्तेदारों और खास लोगों को पट्टे देकर भूमिधर बनाया है और फिर इन भूमियों पर प्लॉटिंग करके उनका विक्रय किया जा रहा है। इसमें आराजी संख्या 707, 706, 675 (जो एक तालाब है), 676, 717, 1100, 178 सहित अन्य भूमियाँ शामिल हैं। ग्रामीणों ने निवेदन किया है कि इन अवैध कब्जों की निष्पक्ष जांच कराकर अतिक्रमण को तत्काल हटवाया जाए और अवैध पट्टों को निरस्त किया जाए। उनकी मांग है कि इस भूमि को ग्राम सभा सैयद सरावां में खेल कूद मैदान, श्मशान भूमि और सामुदायिक भवन के लिए शामिल किया जाए। प्रार्थीगण, गै प्रकाश और सन्तराम, सहित सभी ग्रामवासियों ने न्यायहित में निष्पक्ष जांच और कार्यवाही की अपेक्षा की है, जिसके लिए वे सदैव आभारी रहेंगे।1
- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए अग्निकांड में मारे गए छात्रों को मंगलवार शाम प्रयागराज में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान शहर के लोगों ने सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर से सुबह चौराहे तक एक कैंडल मार्च निकाला। इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने अपने हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर 2 मिनट का मौन रखा और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।1
- प्रयागराज में आठवीं मोहर्रम के अवसर पर फ़ौजे हुसैनी के अलमबरदार ग़ाज़ी अब्बास की शहादत पर अज़ादार ग़मज़दा रहे और सिसकियाँ लेकर रोए। इस दौरान चक ज़ीरो रोड स्थित इमामबाड़ा डिप्टी ज़ाहिद हुसैन में विशेष मजलिस का आयोजन किया गया, और दरियाबाद से भी एक पुराना जुलूस निकाला गया। इमामबाड़ा डिप्टी ज़ाहिद हुसैन में आयोजित मजलिस को मौलाना सैयद ज़मीर हैदर रिज़वी ने खिताब करते हुए ग़ाज़ी अब्बास की शहादत का मार्मिक ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि तीसरी मोहर्रम से यज़ीदी लश्कर ने नहर-ए-फूरात पर पहरा लगा दिया था, जिसके कारण ख़ैमा-ए-हुसैनी में पानी की एक बूंद भी नहीं थी और बच्चे प्यास से 'अल अतश अल अतश' की सदाएँ बुलंद कर रहे थे। ग़ाज़ी अब्बास नहर-ए-फूरात से पानी लेने गए थे, जहाँ यज़ीदी लश्कर ने उन्हें तीरों और भालों से ज़ख्मी कर दिया। उनका मशकीज़ा भी तीर मारकर छेद दिया गया, जिसके बाद हज़रत अब्बास को शहीद कर दिया गया। मजलिस का आग़ाज़ मंज़रुल हिंदी की सोज़ख्वानी से हुआ। मजलिस के बाद गुलाब के फूलों से सजाकर सफ़ेद चादर में लाल रंग डालकर दुलदुल और परचम-ए-अब्बास निकाला गया, जिसकी ज़ियारत के लिए हज़ारों की तादाद में ज़ायरीन जमा हो गए। इस दौरान 'या अली या हुसैन' की सदाओं के साथ मातमी अंजुमन ने जमकर मातम किया। अंजुमन हैदरिया के नौहा ख़ान हसन रिज़वी ने कर्बला की दर्दनाक मंज़रकशी करते हुए नौहा पढ़ा, जिससे सभी की आँखें नम हो गईं। इसी क्रम में आठवीं मोहर्रम को दरियाबाद से 20 साल पुराना जुलूस भी निकाला गया, जिसमें मौलाना आमिरुर रिज़वी ने शहादत का ग़मगीन ज़िक्र किया। इस जुलूस में अंजुमन नकविया के नौहा ख़ान शाहरुख शबीह हसन ने रौनक साफ़ीपूरी का कलाम पढ़ा। माह-ए-मोहर्रम की नौवीं तारीख़ को चक ज़ीरो रोड स्थित इमामबाड़ा डिप्यूटी ज़ाहिद हुसैन में दिन में ठीक ग्यारह बजे अशरा-ए-मोहर्रम की नौवीं मजलिस को मौलाना सैय्यद ज़मीर हैदर खिताब करेंगे। इसके बाद झूला हज़रत अली असगर व ताबूत हज़रत अली अकबर निकाला जाएगा। अंजुमन हुसैनीया क़दीम दरियाबाद के नौहाख़्वान शाह बहादर यूशा बहादर और गुड्डू भाई नौहा और मातम की सदा बुलंद करेंगे। वहीं, रात्रि के नौ बजे मीरगंज इमामबाड़े से एक जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें अंजुमन मोहाफ़िज़े अज़ा क़दीम दरियाबाद व अंजुमन अब्बासिया रानी मंडी शिरकत करेंगी। इस जुलूस में ज़ुलजनाह और अलम की ज़ियारत कराई जाएगी। यह जुलूस लोकनाथ चौराहा, कोतवाली से मुड़कर रानी मंडी पहुँच कर संपन्न होगा। उक्त सूचना सैय्यद मोहम्मद अस्करी ने दी।1
- उदयपुर में करोड़ों रुपये की शाही शादी की तैयारियों के बीच मंगेतर केतन अग्रवाल की मौत ने एक बड़ा और नाटकीय मोड़ ले लिया है। महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले पर हुई इस घटना को शुरुआती तौर पर एक हादसा बताया गया था, लेकिन अब जांच में हत्या की साजिश सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसे 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया था।1
- लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद देशभर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की जाँच शुरू हो गई है। प्रशासन द्वारा की जा रही इस जाँच के तहत मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने 23 संस्थानों को सील कर दिया है, जिनमें 18 कोचिंग-लाइब्रेरी के साथ-साथ 5 होटल, रेस्टोरेंट और ऑफिस भी शामिल हैं।1
- गाजियाबाद में मिशन शक्ति केंद्र और पिंक बूथ की कार्यप्रणाली को लेकर एक संवाद-समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई है।1
- कौशाम्बी जिले की चायल तहसील स्थित ग्राम सभा सैयद सरावां में तालाब, सार्वजनिक और ग्राम समाज की भूमि पर एक पूर्व प्रधान के भाइयों द्वारा वर्षों से अवैध कब्जा किए जाने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी कौशाम्बी को एक पत्र भेजकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अवैध अतिक्रमण को तत्काल हटाने और भूमि के अवैध आवंटनों को निरस्त करने की मांग की है। प्रार्थी के अनुसार, पूर्व प्रधान के भाइयों ने कथित तौर पर इस अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन पर अपने रिश्तेदारों और कुछ खास लोगों को पट्टा करके उन्हें भूमिधर बना दिया है। इसके बाद इन भूखंडों की प्लॉटिंग करके बिक्री की जा रही है। जिन प्रमुख आराजी संख्याओं पर अवैध कब्जे का आरोप है, उनमें 707, 706, 675 (तालाबी), 676, 717, 1100 और 178 शामिल हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से विनम्र निवेदन किया है कि इन सभी अवैध आवंटनों को निरस्त किया जाए और ग्राम सभा सैयद सरावां की इस बहुमूल्य भूमि को खेल कूद मैदान, श्मशान भूमि और सामुदायिक भवन जैसे सार्वजनिक उपयोगों के लिए सम्मिलित किया जाए। सभी ग्रामवासियों ने न्यायहित में इस मामले में त्वरित निष्पक्ष जांच और निरस्तीकरण की कार्यवाही की अपेक्षा करते हुए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।1
- प्रयागराज के बमरौली स्थित छोटी मस्जिद इमामबाड़े में 7 मोहर्रम के अवसर पर हज़रत अली असगर का झूला पूरी शान-ओ-शौकत, अकीदत और एहतराम के साथ उठाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अज़ादारों ने शिरकत कर करबला के मासूम शहीद हज़रत अली असगर को श्रद्धांजलि अर्पित की। रौशनियों, फूलों और आकर्षक सजावट से सजे इस झूले को पूरे इलाके में ग़म और अकीदत के माहौल में निकाला गया। 'या हुसैन' की सदाओं और नौहा ख़्वानी के बीच, अज़ादारों ने करबला के उस दर्दनाक मंजर को याद किया जब छह माह के मासूम अली असगर ने भी प्यास की हालत में शहादत प्राप्त की थी। करबला की रिवायतों में, झूला हज़रत अली असगर की याद से जुड़ा एक प्रतीक माना जाता है। जुलूस के दौरान अमन, भाईचारे और इंसानियत का पैग़ाम भी दिया गया। क्षेत्र के लोगों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और करबला के शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए दुआएं मांगीं। इस अवसर पर यह भी कहा गया कि करबला हमें सब्र, हक़ और इंसाफ़ के लिए डटे रहने का पैग़ाम देती है, जबकि हज़रत अली असगर की शहादत मासूमियत और कुर्बानी की सबसे बड़ी मिसाल है। कार्यक्रम के बीच लोगों ने शरबत के साथ तरह-तरह के लंगर भी वितरित किए और झूले की सजावट करने वाले हसन रिज़वी की लोगों ने बहुत प्रशंसा की। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और जुलूस को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।1