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लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद देशभर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की जाँच शुरू हो गई है। प्रशासन द्वारा की जा रही इस जाँच के तहत मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने 23 संस्थानों को सील कर दिया है, जिनमें 18 कोचिंग-लाइब्रेरी के साथ-साथ 5 होटल, रेस्टोरेंट और ऑफिस भी शामिल हैं।
पवन कुमार पाल पत्रकार
लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद देशभर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की जाँच शुरू हो गई है। प्रशासन द्वारा की जा रही इस जाँच के तहत मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने 23 संस्थानों को सील कर दिया है, जिनमें 18 कोचिंग-लाइब्रेरी के साथ-साथ 5 होटल, रेस्टोरेंट और ऑफिस भी शामिल हैं।
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- प्रयागराज में भीषण गर्मी के बीच पूर्व सैनिकों ने मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। उन्होंने काल्विन क्षेत्र में शरबत वितरण कर लोगों को भीषण गर्मी से राहत पहुँचाई और मानवता का संदेश दिया। इस पहल को डॉक्टरों ने भी सराहा, जिससे पूर्व सैनिकों का हौसला और बढ़ गया। देश की रक्षा के बाद अब ये सैनिक मानवता की सेवा में जुट गए हैं।1
- 7 मोहर्रम के अवसर पर प्रयागराज के बमरौली स्थित छोटी मस्जिद इमामबाड़े से हज़रत अली असगर का झूला पूरे शान-ओ-शौकत के साथ निकाला गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अज़ादारों ने शिरकत कर करबला के मासूम शहीद हज़रत अली असगर को अपनी अकीदत पेश की। रौशनियों, फूलों और आकर्षक सजावट से सजे इस झूले को पूरे इलाके में ग़म और अकीदत के माहौल में उठाया गया, जहाँ 'या हुसैन' की सदाओं और नौहा ख़्वानी के बीच अज़ादारों ने करबला के दर्दनाक मंजर को याद किया। जुलूस के दौरान, अज़ादारों ने विशेष रूप से करबला के उस क्षण को याद किया जब छह माह के मासूम अली असगर ने प्यास की हालत में शहादत का जाम पिया था; करबला की रिवायतों में यह झूला उन्हीं की याद का प्रतीक माना जाता है। इस कार्यक्रम में अमन, भाईचारे और इंसानियत का पैग़ाम दिया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और करबला के शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए दुआएं कीं। इस बीच, शरबत के साथ तरह-तरह के लंगर भी वितरित किए गए। लोगों ने झूले की सजावट करने वाले हसन रिज़वी की भी भरपूर प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि करबला हमें सब्र, हक़ और इंसाफ़ के लिए डटे रहने का पैग़ाम देती है, जबकि हज़रत अली असगर की शहादत मासूमियत और कुर्बानी की सबसे बड़ी मिसाल है। प्रशासन इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरी तरह मुस्तैद रहा और जुलूस को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से जुड़े जमीन खरीद विवाद को लेकर ओवैसी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा जुबानी हमला बोला है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने मोहन यादव का समर्थन सिर्फ इसलिए किया, क्योंकि वे दोनों यादव समुदाय से आते हैं।1
- प्रयागराज में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। इसी क्रम में, श्री राजा उदय प्रताप सिंह सहित कुल 13 व्यक्तियों की आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 25 जून की सुबह 05 बजे से लेकर 26 जून की रात 09 बजे तक प्रभावी रहेगा। मौके पर स्थानीय पुलिस बल मौजूद है, और आमजन से शांति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की गई है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री बृजनन्दन राय ने भी जानकारी दी है।1
- संभावित बाढ़ के मद्देनज़र, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने गुरुवार को संगम सभागार में स्टीयरिंग ग्रुप के साथ एक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक इंतजाम 15 जुलाई से पहले पूरे कर लिए जाएं।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए नशा मुक्त भारत सप्ताह का समापन 26 जून को सफलतापूर्वक किया गया।1
- प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के बरहा कला गांव में मंदिर से मूर्ति चोरी और टाइल्स उखाड़ने के विवाद ने 26 जून 2026 को खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस घटना में दबंगों ने ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे राजेश कुमार की दो मासूम बेटियों के सिर फट गए। दोनों बच्चियां गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। पीड़ित राजेश कुमार ने घटना से दो दिन पहले, यानी 24 जून को ही थाने में लिखित रूप से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन कथित तौर पर उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले के दौरान डायल 112 की टीम की मौजूदगी में भी पत्थरबाजी चलती रही और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। इस घटना के बाद से पूरे गांव में खौफ का माहौल है, और ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी अब भी पीड़ित परिवार को धमकियां दे रहे हैं। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वे इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि पूर्व सूचना और पुलिस की उपस्थिति के बावजूद मासूम बच्चियों पर हमला कैसे हो गया। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू करने की बात कही है, घायल बच्चियों का इलाज जारी है और गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।1