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यूपी 11 क्षेत्र में शादियों और दावतों का आयोजन हो रहा है। इन आयोजनों को 'समृद्ध यूपी' और 'समृद्ध सहारनपुर' का प्रतीक माना जा रहा है।
ठाटसिंह ,, डेयरी फार्मिंग,, गा
यूपी 11 क्षेत्र में शादियों और दावतों का आयोजन हो रहा है। इन आयोजनों को 'समृद्ध यूपी' और 'समृद्ध सहारनपुर' का प्रतीक माना जा रहा है।
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- यूपी 11 क्षेत्र में शादियों और दावतों का आयोजन हो रहा है। इन आयोजनों को 'समृद्ध यूपी' और 'समृद्ध सहारनपुर' का प्रतीक माना जा रहा है।1
- बैरागीवाला हत्याकांड के मामले में मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि पुलिस ने उन पर समझौते के लिए दबाव डाला, जबकि दूसरी ओर आरोपियों के साथ विशेष व्यवहार करते हुए उन्हें एसी केबिन में बैठाया गया। परिजन इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।1
- आज 03 जुलाई 2026 को यमुनोत्री धाम में ‘स्वच्छता ही सेवा’ के संकल्प के साथ एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस पहल में उत्तरकाशी पुलिस, एसडीआरएफ, आईआरबी, एटीएस, फायर सर्विस, होमगार्ड और पीआरडी के जवानों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अभियान के दौरान, जवानों ने स्नान घाटों, यमुना नदी के तटों और धाम परिसर के विभिन्न स्थलों पर गहन साफ-सफाई की, जिसमें नदी में प्रवाहित किए गए वस्त्रों और अन्य कूड़ा-करकट को एकत्रित कर उनका सुरक्षित निस्तारण भी शामिल था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यमुनोत्री धाम की धार्मिक गरिमा, स्वच्छता और प्राकृतिक सौंदर्य को अक्षुण्ण बनाए रखना था, साथ ही स्वच्छ वातावरण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना भी इसका महत्वपूर्ण लक्ष्य था। इस अवसर पर, जवानों ने तीर्थयात्रियों से धाम की पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने यात्रियों से कूड़ा-करकट केवल निर्धारित डस्टबिन में डालने और यमुना नदी में वस्त्र, प्लास्टिक अथवा अन्य सामग्री प्रवाहित न करने का आग्रह किया, यह समझाते हुए कि प्रत्येक नागरिक का छोटा सा सहयोग हमारे धामों, वातावरण और प्रकृति को स्वच्छ, सुंदर एवं सुरक्षित बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।1
- बांका जिले के कटोरिया थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय छात्र आनंद कुमार की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माउंट केरला आवासीय विद्यालय के संचालक/डायरेक्टर राजीव कुमार रंजन को गिरफ्तार कर लिया है। राधानगर बाजार स्थित इस विद्यालय के डायरेक्टर ने पूछताछ के दौरान अपना गुनाह कबूल कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू भी बरामद कर लिया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि 20 जून की रात मासूम छात्र आनंद ने विद्यालय परिसर में डायरेक्टर राजीव कुमार रंजन को एक शिक्षिका के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। यह राज सुबह सबके सामने न आ जाए, इसी डर से डायरेक्टर ने छात्र आनंद को हॉस्टल की ऊपरी मंजिल के बाथरूम में ले जाकर चाकू से करीब 20 बार वार किए। करीब 7 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद छात्र ने दम तोड़ दिया था। हत्या की वजह छुपाने से जुड़ी होने के कारण, पुलिस मामले से जुड़ी फरार महिला शिक्षिका की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। बांका एसपी अमितेश कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम ने सीसीटीवी डीवीआर (DVR), फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और तकनीकी शाखा की मदद से इस मामले में पुख्ता साक्ष्य जुटाए हैं। इस घटना के बाद आक्रोशित भीड़ द्वारा पुलिस वाहनों में की गई तोड़फोड़ के मामले में भी पुलिस ने 20 लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या अबोध बालक की हत्या के आरोप में डायरेक्टर राजीव कुमार रंजन को न्यायालय फांसी की सजा देगा।1
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- भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी की बड़ी कोशिश नाकाम, 2,460 kg काजू, 60kg अखरोट बरामद। The Aman Times 🚨 भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी की बड़ी कोशिश नाकाम 📍 खटीमा | मेलाघाट बॉर्डर सीमा शुल्क विभाग (सीएमपीयू) खटीमा की टीम ने भारत-नेपाल सीमा के मेलाघाट ऑफ-रूट क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 2,460 किलो काजू गिरी और 60 किलो अखरोट जब्त किए हैं। कुल 2.52 टन माल को कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। निरीक्षक आकाश दीक्षित एवं हेड हवलदार मंजुल दुबे के नेतृत्व में गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधि पर कार्रवाई करते हुए तस्करी के प्रयास को विफल किया गया। सीमा शुल्क विभाग ने लोगों से अपील की है कि तस्करी जैसी गतिविधियों की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें और सीमा सुरक्षा में सहयोग करें।1
- टिहरी पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ देवप्रयाग पुलिस ने अपने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत हजारों किलोमीटर दूर कर्नाटक के बेंगलुरु में छिपे धोखाधड़ी के एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे के निर्देशन में जनपद में वांछितों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी अपर पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल और क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर के पर्यवेक्षण में तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देवप्रयाग के नेतृत्व में गठित टीम ने की है। अभियुक्त जगबीर नाथ पुत्र बलवीर नाथ, जिसकी उम्र 35 वर्ष है और वह ग्राम कैन्थौगी बनचौरा, थाना धरासू, जनपद उत्तरकाशी का निवासी है, मुकदमा अपराध संख्या 40/2025, धारा 420/504 भा.द.वि. में वांछित था। अभियुक्त लगातार अपनी पहचान छिपाने के लिए पते बदल रहा था। पुलिस टीम ने सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए अभियुक्त की लोकेशन बेंगलुरु में पता लगाई। इसके बाद, देवप्रयाग पुलिस की टीम ने बेंगलुरु में लगातार एक सप्ताह तक रहकर उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी। अथक प्रयास और सटीक सूचना संकलन के आधार पर, पुलिस ने थाना कोरमंगला क्षेत्र स्थित बीडीए कॉम्प्लेक्स के पास दबिश देकर अभियुक्त को 28 जून 2026 को कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, अभियुक्त को नियमानुसार ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी कर टिहरी गढ़वाल लाया गया। यहाँ उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। एसएसपी श्वेता चौबे के निर्देशन में टिहरी पुलिस के इस सटीक ऑपरेशन की सराहना की जा रही है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि ब्लूटूथ-आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से लैस कुछ ई-रिक्शा को BAT-BMS मोबाइल ऐप का उपयोग करके दूर से बंद किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि सभी ई-रिक्शा इस तरह की सुरक्षा खामी से प्रभावित हैं, या फिर वायरल वीडियो में दिखाई गई घटनाएं वास्तविक हैं। इस पूरे मामले ने भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर में साइबर सुरक्षा, कनेक्टेड वाहनों की सुरक्षा और सख्त सुरक्षा मानकों की आवश्यकता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। वहीं, इन वीडियो को बनाने वालों की भी कड़ी आलोचना की जा रही है, क्योंकि यदि ये दावे सही साबित होते हैं, तो इससे ई-रिक्शा चालकों की आजीविका और सार्वजनिक सुरक्षा दोनों पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।1