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कुशीनगर जिले में एक युवक का शव झाड़ियों में पड़ा मिला है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, यह युवक अपने घर से टांगी लेकर निकला था और बाद में मृत अवस्था में पाया गया। इस घटना के सामने आने के बाद, मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
MANOJ KUMAR YADAV
कुशीनगर जिले में एक युवक का शव झाड़ियों में पड़ा मिला है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, यह युवक अपने घर से टांगी लेकर निकला था और बाद में मृत अवस्था में पाया गया। इस घटना के सामने आने के बाद, मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
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- देवरिया जिले में आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी (डीएम) मधुसूदन हुल्गी ने आज सुबह लगभग 8:00 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), तरकुलवा का औचक निरीक्षण किया। जनपद में पदभार संभालने के बाद से ही डीएम लगातार स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परख रहे हैं और लापरवाही के खिलाफ सख्त दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं, चाहे वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हों या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। निरीक्षण के दौरान, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित पाए गए, लेकिन कुछ अन्य कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर, डीएम मधुसूदन हुल्गी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता को अनुपस्थित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और अस्पताल में उनकी समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, डीएम ने मरीजों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने और अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए।2
- देवरिया शहर में मंगलवार रात करीब 9 बजे भारत भूषण तिवारी की हत्या की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर एक कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए सुभाष चौक तक पहुँचा। सुभाष चौक पर पहुंचकर लोगों ने मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं शीघ्र जांच कराने की मांग उठाई। प्रतिभागियों ने जोर देकर कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर दंड दिया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखीं और प्रशासन से मामले का शीघ्र खुलासा करने की अपील की।1
- जनपद देवरिया में प्रस्तावित एक महत्वपूर्ण वीआईपी कार्यक्रम के दृष्टिगत प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में, 23 जून 2026 को मंगलवार को थाना मदनपुर क्षेत्र स्थित कार्यक्रम स्थल का अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन, गोरखपुर मंडल के आयुक्त अनिल ढींगरा और पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) गोरखपुर परिक्षेत्र एस. चन्नप्पा ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, इन वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड, वीआईपी आगमन एवं प्रस्थान मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, यातायात प्रबंधन तथा सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी देवरिया मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजीत आर. शंकर सहित प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था को पूरी तरह बनाए रखा जाए, यातायात का संचालन सुचारु हो और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही, सभी तैयारियों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिस पर अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया।3
- पडरौना नगर में गरीब, असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा उन्हें आधुनिक तकनीकी संसाधनों से जोड़ने के उद्देश्य से "राजेशशि पाठशाला" का शुभारंभ किया गया है। महिला थाना के समीप स्थित इस पाठशाला में बच्चों को निःशुल्क आधुनिक शिक्षा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पाठशाला के डायरेक्टर नितीश सिंह शुभम ने उद्घाटन अवसर पर बताया कि इस पहल का उद्देश्य उन बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना है जो आर्थिक अभाव के कारण बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं, ताकि वे प्रतियोगी और आधुनिक शिक्षा के लिए तैयार हो सकें। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पाठशाला में इंटरनेट, लैपटॉप, मोबाइल चार्जिंग की व्यवस्था, अध्ययन सामग्री तथा बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। नितीश सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत माध्यम है, और यदि जरूरतमंद बच्चों को सही मार्गदर्शन व संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएं तो वे भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। इस अवसर पर राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त राजेश्वर सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का यह प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करने का माध्यम बनेगा। पाठशाला प्रबंधन ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इस मुहिम में सहयोग करें तथा अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को "राजेशशि पाठशाला" से जोड़ने में मदद करें, ताकि शिक्षा का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों तक पहुंच सके। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पहल आने वाले समय में क्षेत्र के बच्चों के लिए एक नई उम्मीद साबित होगी और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस कार्यक्रम में राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त राजेश्वर सिंह, भाजपा नेता युवा नीरज सिंह, निरंजन सिंह, शुभम सिंह, मारकंडे खरवार, कृष्णा तिवारी, श्याम सिंह, कनिष्ठ सिंह, भवन जायसवाल, राजन सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता और कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।4
- देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने निर्माणाधीन ट्रॉमा सेंटर, नर्सिंग कॉलेज और क्रिटिकल केयर यूनिट सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य 30 जून तक हर हाल में पूरे कर भवनों को हैंडओवर कर दिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से ट्रॉमा सेंटर का हस्तांतरण जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया, ताकि नए भवन में पीआईसीयू, चिल्ड्रेन वार्ड और इमरजेंसी सेवाओं का संचालन तुरंत शुरू किया जा सके। इसके साथ ही, डीएम ने नर्सिंग कॉलेज और क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण भी निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के बाहर सड़क पर हुए अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए, नगर पालिका परिषद को इसे हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि आसपास की दुकानों के लिए वैकल्पिक स्थान चिन्हित कर उन्हें वेंडर एरिया में स्थापित किया जाए। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल और सीएमएस डॉ. एच.के. मिश्रा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- जनपद देवरिया में जिलाधिकारी (डीएम) द्वारा कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरियों और होटलों का व्यापक निरीक्षण किया गया है। इस दौरान, संस्थानों में सुरक्षा मानकों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने विशेष रूप से सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्था, स्वच्छता की स्थिति, सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और विभिन्न आवश्यक अभिलेखों की गहनता से जाँच की। जहाँ भी कमियाँ पाई गईं, उन्हें तुरंत दूर करने के निर्देश जारी किए गए। सभी संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने बलपूर्वक कहा कि विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जनपद में इस तरह के निरीक्षण आगे भी निरंतर जारी रहेंगे ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- देवरिया जनपद के थाना बनकटा क्षेत्र के ग्राम कल्याण नर्हिया में झंडा लगाने को लेकर हुए विवाद के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 9 लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की है। शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में आगामी त्योहारों को देखते हुए जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे विशेष सतर्कता अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) एवं क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी के पर्यवेक्षण में थाना बनकटा पुलिस ने यह कदम उठाया। पुलिस के अनुसार, 22 जून को ग्राम कल्याण नर्हिया में झंडा लगाने के मुद्दे पर दो पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद की सूचना मिली थी, जिसके बाद थाना बनकटा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कर शांति व्यवस्था कायम की थी। संभावित तनाव और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका के चलते ही दोनों पक्षों के 9 व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई। देवरिया पुलिस ने जनपदवासियों से आपसी सौहार्द, भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने यह भी कहा है कि किसी भी प्रकार के विवाद, तनाव या अफवाह की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी जाए, और कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक आलोक रंजन सिंह, कांस्टेबल अंशुपाल, आरक्षी चालक जगदम्बा मिश्र एवं सोनू यादव सहित थाना बनकटा पुलिस टीम शामिल रही।2
- देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के ताबड़तोड़ एक्शन और औचक निरीक्षण से मेडिकल कॉलेज प्रशासन के पसीने छूट गए हैं। जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज की निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया और ट्रॉमा सेंटर, नर्सिंग कॉलेज तथा क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण कार्यों को 30 जून तक हर हाल में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य 30 जून तक पूर्ण कर तुरंत हैंडओवर किया जाए, ताकि भवन में पीआईसीयू, चिल्ड्रेन वार्ड और इमरजेंसी सेवाओं का संचालन तत्काल शुरू किया जा सके। इसके साथ ही, नर्सिंग कॉलेज और क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण कार्य को भी 30 जून तक पूरा कर कार्यदायी संस्था को हस्तांतरित करने का आदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के बाहर सड़क पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद देवरिया को निर्देशित किया। उन्होंने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को मेडिकल कॉलेज के निकट स्थित दुकानों के लिए वैकल्पिक भूमि चिन्हित कर उन्हें वेंडर एरिया में स्थापित करने का भी निर्देश दिया। इस औचक निरीक्षण के समय प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. रजनी पटेल, सीएमएस डॉ. एच.के. मिश्रा, वरिष्ठ कोषाधिकारी अतुल कुमार पांडेय और कार्यदायी संस्था के सहायक अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।2
- कुशीनगर जिले के पड़रौना स्थित किलकारी हॉस्पिटल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अस्पताल के संचालक डॉक्टर कमलेश वर्मा अपने हाथ में पिस्टल लिए एक तीमारदार को कथित तौर पर धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह विवाद फीस को लेकर डॉक्टर और तीमारदार के बीच हुई कहासुनी से शुरू हुआ। विवाद बढ़ने पर डॉक्टर ने कथित तौर पर पिस्टल निकाल ली, जिसका वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया। यह मामला सामने आने के बाद से काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब डॉक्टर कमलेश वर्मा विवादों में आए हैं; इससे पूर्व उनका एक और वीडियो सामने आया था जिसमें वह हॉकी स्टिक के साथ तीमारदारों से बहस करते नजर आए थे। वायरल वीडियो पर डॉक्टर कमलेश वर्मा का कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा के लिए पिस्टल निकाली थी, क्योंकि उनका दावा है कि स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी और उन्होंने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया। इस घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और जांच के उपरांत क्या निष्कर्ष सामने आता है।1