कुशीनगर जिले के पड़रौना स्थित किलकारी हॉस्पिटल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अस्पताल के संचालक डॉक्टर कमलेश वर्मा अपने हाथ में पिस्टल लिए एक तीमारदार को कथित तौर पर धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह विवाद फीस को लेकर डॉक्टर और तीमारदार के बीच हुई कहासुनी से शुरू हुआ। विवाद बढ़ने पर डॉक्टर ने कथित तौर पर पिस्टल निकाल ली, जिसका वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया। यह मामला सामने आने के बाद से काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब डॉक्टर कमलेश वर्मा विवादों में आए हैं; इससे पूर्व उनका एक और वीडियो सामने आया था जिसमें वह हॉकी स्टिक के साथ तीमारदारों से बहस करते नजर आए थे। वायरल वीडियो पर डॉक्टर कमलेश वर्मा का कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा के लिए पिस्टल निकाली थी, क्योंकि उनका दावा है कि स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी और उन्होंने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया। इस घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और जांच के उपरांत क्या निष्कर्ष सामने आता है।
कुशीनगर जिले के पड़रौना स्थित किलकारी हॉस्पिटल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अस्पताल के संचालक डॉक्टर कमलेश वर्मा अपने हाथ में पिस्टल लिए एक तीमारदार को कथित तौर पर धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह विवाद फीस को लेकर डॉक्टर और तीमारदार के बीच हुई कहासुनी से शुरू हुआ। विवाद बढ़ने पर डॉक्टर ने कथित तौर पर पिस्टल निकाल ली, जिसका वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया। यह मामला सामने आने के बाद से काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब डॉक्टर कमलेश वर्मा विवादों में आए हैं; इससे पूर्व उनका एक और वीडियो सामने आया था जिसमें वह हॉकी स्टिक के साथ तीमारदारों से बहस करते नजर आए थे। वायरल वीडियो पर डॉक्टर कमलेश वर्मा का कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा के लिए पिस्टल निकाली थी, क्योंकि उनका दावा है कि स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी और उन्होंने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया। इस घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और जांच के उपरांत क्या निष्कर्ष सामने आता है।
- कुशीनगर के तरयासुजन थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान कथित तौर पर अवैध हथियारों के प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल गरमा गया है और स्थानीय लोग पुलिस प्रशासन से इस मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि शादी के खुशी के माहौल के बीच कुछ व्यक्तियों ने हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन कर अपना रौब झाड़ने का प्रयास किया। ऐसी हरकतें न केवल कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती हैं, बल्कि किसी बड़े और दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का कारण भी बन सकती हैं। हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। फिर भी, क्षेत्र में यह चर्चा है कि पुलिस प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया है। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कुशीनगर पुलिस इस वायरल वीडियो पर क्या कदम उठाती है और इसमें शामिल दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।1
- उत्तर प्रदेश में एक शादी समारोह के दौरान गाने की फरमाइश को लेकर हुए खूनी बवाल में एक युवक की हत्या कर दी गई। इस दुखद घटना के कारण शादी की रस्में पूरी नहीं हो सकीं और बारात बिना फेरे लिए ही वापस लौट गई।1
- पूर्वांचल जर्नलिस्ट प्लेस क्लब उत्तर प्रदेश कुशीनगर आज पूर्वांचल जर्नलिस्ट प्लेस क्लब उत्तर प्रदेश कुशीनगर1
- देवरिया की थाना खामपार पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स कार से 33 पेटी अवैध अंग्रेजी और देशी शराब बरामद की है। यह कार्रवाई तब की गई जब शराब को बिहार ले जाया जा रहा था, और इस दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद सुल्तान पुत्र कमरूद्दीन रजक निवासी बुद्ध कॉलोनी, पटना (बिहार) और गगनदीप पुत्र मनोज कुमार निवासी दरौंधा, सिवान (बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपी अवैध रूप से शराब की खेप बिहार ले जा रहे थे। वाहन की तलाशी के दौरान कुल 33 पेटी अंग्रेजी और देशी शराब जब्त की गई। थाना खामपार पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- सिंदुरिया पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के अथक प्रयासों के बाद, तीसरे दिन मोतीपुर के पास रितेश का शव बरामद कर लिया गया है। यह जानकारी एक बड़ी खबर के तौर पर सामने आई है, जिसमें पुलिस और NDRF की टीम की मेहनत को रेखांकित किया गया है।1
- देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने निर्माणाधीन ट्रॉमा सेंटर, नर्सिंग कॉलेज और क्रिटिकल केयर यूनिट सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य 30 जून तक हर हाल में पूरे कर भवनों को हैंडओवर कर दिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से ट्रॉमा सेंटर का हस्तांतरण जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया, ताकि नए भवन में पीआईसीयू, चिल्ड्रेन वार्ड और इमरजेंसी सेवाओं का संचालन तुरंत शुरू किया जा सके। इसके साथ ही, डीएम ने नर्सिंग कॉलेज और क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण भी निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के बाहर सड़क पर हुए अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए, नगर पालिका परिषद को इसे हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि आसपास की दुकानों के लिए वैकल्पिक स्थान चिन्हित कर उन्हें वेंडर एरिया में स्थापित किया जाए। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल और सीएमएस डॉ. एच.के. मिश्रा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- राजधानी लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच में सामने आई प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर चार अधिकारियों को निलंबित किए जाने की तैयारी चल रही है, जिसमें सुरक्षा मानकों के पालन और निगरानी में लापरवाही को जवाबदेही का मुख्य कारण बताया गया है। जिन अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित है, उनमें कलेक्शन, जानकीपुरम से गौरव कुमार; एफएसएसओ, इंदिरा नगर से कमलेन्द्र कुमार सिंह; एई अनिल कुमार; और जेई प्रमोद पांडे शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी सूत्रों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है, और दोषी पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं, और इस कार्रवाई को सरकार की जवाबदेही तथा पारदर्शिता की नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1