राजधानी लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच में सामने आई प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर चार अधिकारियों को निलंबित किए जाने की तैयारी चल रही है, जिसमें सुरक्षा मानकों के पालन और निगरानी में लापरवाही को जवाबदेही का मुख्य कारण बताया गया है। जिन अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित है, उनमें कलेक्शन, जानकीपुरम से गौरव कुमार; एफएसएसओ, इंदिरा नगर से कमलेन्द्र कुमार सिंह; एई अनिल कुमार; और जेई प्रमोद पांडे शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी सूत्रों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है, और दोषी पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं, और इस कार्रवाई को सरकार की जवाबदेही तथा पारदर्शिता की नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजधानी लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच में सामने आई प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर चार अधिकारियों को निलंबित किए जाने की तैयारी चल रही है, जिसमें सुरक्षा मानकों के पालन और निगरानी में लापरवाही को जवाबदेही का मुख्य कारण बताया गया है। जिन अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित है, उनमें कलेक्शन, जानकीपुरम से गौरव कुमार; एफएसएसओ, इंदिरा नगर से कमलेन्द्र कुमार सिंह; एई अनिल कुमार; और जेई प्रमोद पांडे शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी सूत्रों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है, और दोषी पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं, और इस कार्रवाई को सरकार की जवाबदेही तथा पारदर्शिता की नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए महराजगंज पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने लगातार 48 घंटे तक सोनौली और ठूठीबारी क्षेत्रों में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती गांवों, संवेदनशील इलाकों और बॉर्डर पिलरों तक पहुँचकर फ्लैग मार्च भी किया, जिसके माध्यम से सुरक्षा का स्पष्ट संदेश दिया गया। पुलिस ने अफवाह फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।1
- मोहर्रम के दृष्टिगत निचलौल में पुलिस अधिकारियों ने शांति और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कमान संभाली है। इसी क्रम में, कप्तान और CO ने स्वयं पैदल गश्त किया, जिसके माध्यम से उन्होंने क्षेत्र में सौहार्द और सुरक्षा का संदेश दिया।1
- मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को महराजगंज के कस्बा फरेंदा में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ और क्षेत्राधिकारी दीपशिखा वर्मा ने भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च और पैदल गश्त किया। इस दौरान अधिकारियों ने कस्बे के प्रमुख मार्गों, संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से मोहर्रम को आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाने की अपील की, साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों ने मोहर्रम के दौरान निकाले जाने वाले ताजिया जुलूसों के निर्धारित मार्गों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। इस समीक्षा में यातायात व्यवस्था, संवेदनशील स्थलों, विद्युत तारों और प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य सुरक्षा प्रबंधों को परखा गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। पुलिस प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों तथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- कुशीनगर जनपद के हरपुर माफी क्षेत्र के लिकी टोला में एक 9 वर्षीय मासूम के अचानक लापता होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। उत्तम पासवान का पुत्र सन्नी पासवान सामान्य दिनों की तरह घर से बाहर निकला था, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी वह वापस नहीं लौटा। परिजनों की शुरुआती तलाश के दौरान नहर की पटरी पर सन्नी के कपड़े मिलने से बच्चे के नहर में डूबने की आशंका जताई जा रही है। सन्नी अपने परिवार में दो भाइयों में बड़ा है, जिसके दादा रामनयन पासवान, माता तंजा देवी और छोटा भाई प्रियांशु हैं। बच्चे के वापस न लौटने पर परिवार और गांव वालों ने आसपास खोजबीन शुरू की। नहर किनारे कपड़े मिलने की सूचना से परिवार को गहरा झटका लगा। घटना की सूचना मिलते ही रामकोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से तत्काल खोज अभियान शुरू कराया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम को भी इस अभियान में लगाया गया है, जो लगातार नहर में उतरकर हर संभावित स्थान पर सन्नी की तलाश कर रही है। समाचार लिखे जाने तक सन्नी का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं, जिनकी निगाहें लगातार खोज अभियान पर टिकी हैं और सभी किसी अच्छी खबर की उम्मीद कर रहे हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, और माँ लगातार अपने बेटे के लौट आने की आस में बैठी है, जबकि परिजन और ग्रामीण लगातार तलाश में सहयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने ऐसे मामलों में समय पर सूचना और तेजी से खोज अभियान की अहमियत पर जोर दिया है। सन्नी के परिजनों ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी सन्नी पासवान के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तुरंत परिवार या स्थानीय पुलिस को सूचित करें।3
- आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से महराजगंज पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज़ कर दी हैं। इसी क्रम में, सोमवार को पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र ठूठीबारी का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भारी पुलिस बल के साथ कस्बे के प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से होते हुए फ्लैग मार्च निकाला। निरीक्षण के दौरान, एसपी ने सीमा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और उपस्थित अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखने के साथ-साथ सीमा क्षेत्र में निरंतर निगरानी बनाए रखने पर भी ज़ोर दिया। इसके अतिरिक्त, एसपी ने मोहर्रम के दौरान निकलने वाले ताज़िया जुलूसों के निर्धारित मार्गों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। फ्लैग मार्च के दौरान, पुलिस ने आम जनता से मोहर्रम पर्व को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील की। एसपी ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और अफ़वाह फैलाने या शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महराजगंज पुलिस ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।1
- राजधानी लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच में सामने आई प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर चार अधिकारियों को निलंबित किए जाने की तैयारी चल रही है, जिसमें सुरक्षा मानकों के पालन और निगरानी में लापरवाही को जवाबदेही का मुख्य कारण बताया गया है। जिन अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित है, उनमें कलेक्शन, जानकीपुरम से गौरव कुमार; एफएसएसओ, इंदिरा नगर से कमलेन्द्र कुमार सिंह; एई अनिल कुमार; और जेई प्रमोद पांडे शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी सूत्रों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है, और दोषी पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं, और इस कार्रवाई को सरकार की जवाबदेही तथा पारदर्शिता की नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1