अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत द्वारा भीलवाड़ा में रविवार, 12 जुलाई को सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक विशेष हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया। क्लब के राष्ट्रीय कार्यालय गीता भवन सभागार में राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अनिता डॉ अशोक सोडाणी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में महामृत्युंजय मंत्र जाप के साथ मृतकों को याद किया गया। क्लब द्वारा वर्ष 2004 से लगातार सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जन जागृति के प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से पिछले एक दशक यानी वर्ष 2016 से देश भर में फैली अपनी 133 जिला शाखाओं के माध्यम से क्लब युवाओं और आम लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैला रहा है। इसके लिए क्विज, स्लोगन प्रतियोगिताएं, रैलियां, स्टेज शो, सड़क सुरक्षा के लिए कार्यरत लोगों और संस्थाओं का सम्मान, रिफ्लेक्टर वितरण और हवन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं एक बेहद गंभीर समस्या हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समस्या पर नियंत्रण पाने के लिए सभी को सामूहिक रूप से अपने-अपने स्तर पर प्रयास करने ही होंगे।
अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत द्वारा भीलवाड़ा में रविवार, 12 जुलाई को सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक विशेष हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया। क्लब के राष्ट्रीय कार्यालय गीता भवन सभागार में राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अनिता डॉ अशोक सोडाणी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में महामृत्युंजय मंत्र जाप के साथ मृतकों को याद किया गया। क्लब द्वारा वर्ष 2004 से लगातार सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जन जागृति के प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से पिछले एक दशक यानी वर्ष 2016 से देश भर में फैली अपनी 133 जिला शाखाओं के माध्यम से क्लब युवाओं और आम लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैला रहा है। इसके लिए क्विज, स्लोगन प्रतियोगिताएं, रैलियां, स्टेज शो, सड़क सुरक्षा के लिए कार्यरत लोगों और संस्थाओं का सम्मान, रिफ्लेक्टर वितरण और हवन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं एक बेहद गंभीर समस्या हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समस्या पर नियंत्रण पाने के लिए सभी को सामूहिक रूप से अपने-अपने स्तर पर प्रयास करने ही होंगे।
- चित्तौड़गढ़ के निंबाहेड़ा में शहीदान-ए-कर्बला की याद में इंसानियत का महाकुंभ आयोजित हुआ, जहां कुल 143 यूनिट रक्तदान किया गया। इस अवसर पर पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने इस पुनीत कार्य की सराहना की। उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि समाज में रक्तदान से बढ़कर कोई दूसरी सेवा नहीं है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले की डूंगला तहसील के तहत आने वाली बढ़वाई पंचायत के चकतिया बावजी गांव में 24 फीट का स्वीकृत रास्ता बंद कर दिया गया है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और उनकी आवाज को पूरी तरह से अनसुना किया जा रहा है।2
- चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी उपखंड क्षेत्र के पावली गांव में रहने वाले एक किसान किशनलाल बैरवा खेती की जुताई का कार्य आसान करने के लिए एक नया यंत्र लेकर आए हैं। इस नए औजार का नाम 'किसान किंग' है। इस यंत्र के आने से अब किसानों के लिए खेतों की जुताई का काम बेहद आसान हो जाएगा।1
- राजसमंद के रेलमगरा में जे.आर. महाविद्यालय से "रेलमगरा रेल लाओ जन-हस्ताक्षर अभियान" का भव्य आगाज हुआ है। रेलमगरा को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर शुरू हुए इस जनआंदोलन में छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों, युवाओं, समाजसेवियों और क्षेत्रवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उपस्थित लोगों ने प्रस्तावित नाथद्वारा–रेलमगरा–टोडारायसिंह नई रेल लाइन के समर्थन में उत्साहपूर्वक हस्ताक्षर किए। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रेमलाल तेली के सान्निध्य में शुरू हुए इस कार्यक्रम में समाजसेवी रोशन लाल टुकलिया, राजेंद्र सरगरा, दिलीप वैष्णव, एडवोकेट रमेश चंद्र अहीर ओडा, उप सरपंच भरत कुमार, गोटू लाल, व्याख्याता रतन लाल जाट, लवेश गौड़, सम्पत लाल कुमावत, रीना आमेटा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। वक्ताओं ने बताया कि इस प्रस्तावित रेल लाइन का सर्वे वर्षों पहले हो चुका है, लेकिन आज तक परियोजना को मंजूरी नहीं मिली। इस रेल मार्ग के बनने से राजसमंद, भीलवाड़ा, अजमेर और टोंक जिलों के गांवों और कस्बों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा, भगवान श्री देवनारायण जन्मस्थली मालासेरी डूंगरी, रेलमगरा-दरीबा के खनिज एवं औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ कृषि, व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ से भावुक अपील की। उन्होंने मांग रखी कि क्षेत्र की जनभावना का सम्मान करते हुए नाथद्वारा–रेलमगरा–टोडारायसिंह नई रेल लाइन परियोजना को जल्द से जल्द स्वीकृति दी जाए और सर्वे, डीपीआर तथा निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। पूरे कार्यक्रम के दौरान "जन-जन की यही पुकार, रेलमगरा को मिले रेल का अधिकार" और "रेल लाओ—भविष्य संवारो" जैसे नारों की गूंज सुनाई दी। आगामी दिनों में यह अभियान विभिन्न गांवों, कस्बों और शिक्षण संस्थानों में भी चलाया जाएगा, जिसके बाद हजारों नागरिकों के हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन रेलमगरा के उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा।1
- नीमच के जमुनिया कलां में निर्माण कार्य में लापरवाही की सारी हदें पार हो चुकी हैं। यहाँ ठेकेदार की खुली मनमानी सरेआम देखने को मिल रही है, जहाँ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़क का निर्माण बिना रोलर के ही सीधे हाथों से किया जा रहा है। ठेकेदार द्वारा बिना किसी रोलर के इस तरह हाथों से सड़क बनाना उसकी घोर मनमानी और लापरवाही को उजागर करता है।1
- भीलवाड़ा में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों को महामृत्युंजय मंत्र जाप के साथ श्रद्धांजलि देने के लिए एक विशेष हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम रविवार, 12 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत के राष्ट्रीय कार्यालय गीता भवन सभागार में आयोजित हुआ। इस श्रद्धांजलि हवन कार्यक्रम का आयोजन क्लब की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अनिता डॉ. अशोक सोडाणी के नेतृत्व में किया गया। अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत द्वारा वर्ष 2004 से लगातार सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से साल 2016 से क्लब अपनी देश भर में फैली 133 जिला शाखाओं के माध्यम से आम लोगों और विशेषकर युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रहा है। इसके लिए क्लब द्वारा क्विज प्रतियोगिताएं, स्लोगन प्रतियोगिताएं, रैलियां, स्टेज शो, सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और संस्थाओं का सम्मान, रिफ्लेक्टर वितरण और हवन जैसे विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि इन सभी प्रकल्पों के पीछे मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं हमारे देश के लिए एक बहुत बड़ी समस्या हैं। इन दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए समाज के हर व्यक्ति को सामूहिक रूप से अपने-अपने स्तर पर प्रयास करने ही होंगे।2
- प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र से एक हकीकत सामने आई है कि भारत सरकार में केवल बड़े किसानों को ही फायदा मिलता है, जबकि छोटे किसानों तक नई तकनीक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इस परिस्थिति के बीच अब किसान स्वयं ही अपनी मंजिल तय कर रहे हैं कि कौन सी फसल उन्हें बेहतर मुनाफा देगी और किस फसल में लागत अधिक व कमाई कम है। इसी बदलाव के तहत गगरोल निवासी एक होनहार, जागरूक और युवा किसान ने परंपरागत खेती का रास्ता छोड़ दिया है। इस युवा किसान ने पारंपरिक खेती से हटकर सब्जी उगाने की ओर ध्यान आकर्षित किया है और अब वे सब्जी की खेती करके अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं।2
- चित्तौड़गढ़ के धनेतकलां में सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित रोगियों के लिए निःशुल्क आयुर्वेदिक दवा उपलब्ध है। इस दवा को प्राप्त करने के लिए मरीज के परिवार का कोई भी सदस्य केवल आवश्यक सामग्री अपने साथ लेकर धनेतकलां पहुंच सकता है और दवा प्राप्त कर सकता है।1