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प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र से एक हकीकत सामने आई है कि भारत सरकार में केवल बड़े किसानों को ही फायदा मिलता है, जबकि छोटे किसानों तक नई तकनीक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इस परिस्थिति के बीच अब किसान स्वयं ही अपनी मंजिल तय कर रहे हैं कि कौन सी फसल उन्हें बेहतर मुनाफा देगी और किस फसल में लागत अधिक व कमाई कम है। इसी बदलाव के तहत गगरोल निवासी एक होनहार, जागरूक और युवा किसान ने परंपरागत खेती का रास्ता छोड़ दिया है। इस युवा किसान ने पारंपरिक खेती से हटकर सब्जी उगाने की ओर ध्यान आकर्षित किया है और अब वे सब्जी की खेती करके अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं।
Reporter ambalal suthar
प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र से एक हकीकत सामने आई है कि भारत सरकार में केवल बड़े किसानों को ही फायदा मिलता है, जबकि छोटे किसानों तक नई तकनीक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इस परिस्थिति के बीच अब किसान स्वयं ही अपनी मंजिल तय कर रहे हैं कि कौन सी फसल उन्हें बेहतर मुनाफा देगी और किस फसल में लागत अधिक व कमाई कम है। इसी बदलाव के तहत गगरोल निवासी एक होनहार, जागरूक और युवा किसान ने परंपरागत खेती का रास्ता छोड़ दिया है। इस युवा किसान ने पारंपरिक खेती से हटकर सब्जी उगाने की ओर ध्यान आकर्षित किया है और अब वे सब्जी की खेती करके अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं।
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- प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र से एक हकीकत सामने आई है कि भारत सरकार में केवल बड़े किसानों को ही फायदा मिलता है, जबकि छोटे किसानों तक नई तकनीक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इस परिस्थिति के बीच अब किसान स्वयं ही अपनी मंजिल तय कर रहे हैं कि कौन सी फसल उन्हें बेहतर मुनाफा देगी और किस फसल में लागत अधिक व कमाई कम है। इसी बदलाव के तहत गगरोल निवासी एक होनहार, जागरूक और युवा किसान ने परंपरागत खेती का रास्ता छोड़ दिया है। इस युवा किसान ने पारंपरिक खेती से हटकर सब्जी उगाने की ओर ध्यान आकर्षित किया है और अब वे सब्जी की खेती करके अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं।2
- मध्य प्रदेश के नीमच में स्वामी कैलाशनंद गिरी महाराज के अनुसार, जहाँ ईश्वर, महात्मा और भक्तों का संगम होता है, वही स्थान कुंभ का रूप है। यहाँ महात्मा और भक्तों का ऐसा पवित्र संगम देखने को मिल रहा है, जहाँ ईश्वर, महात्मा और श्रद्धालुओं का यह पावन मिलन साक्षात कुंभ के समान है।1
- नीमच की आस्था को देखकर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज भाव-विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि जहां ईश्वर, संत और भक्तों का संगम होता है, वहीं पर कुंभ साकार होता है। इस दौरान टाउन हॉल में 'हर-हर महादेव' का उद्घोष गूंज उठा और स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने सनातन संस्कृति, धर्म और सेवा का संदेश दिया।1
- प्रतापगढ़ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अरनोद में शनिवार को राजस्थान सरकार के 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल के छात्र-छात्राओं ने बड़े ही उत्साह के साथ हिस्सा लिया और परिसर में छायादार एवं औषधीय पौधे लगाए। पौधे लगाने के साथ ही बच्चों ने उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा करने का भी संकल्प लिया। इस अभियान में विद्यालय के शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य श्याम लाल गायरी ने बताया कि पिछले दो वर्षों में विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए 95 प्रतिशत पौधे आज भी सुरक्षित और जीवित हैं। उन्होंने इसे बच्चों की लगन, मेहनत और जिम्मेदारी का सुखद परिणाम बताया। इस दौरान सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण तथा 'हरियालो राजस्थान' अभियान को पूरी तरह सफल बनाने का अपना संकल्प फिर से दोहराया।4
- प्रतापगढ़ के बसाड से राजोरा सीधे मार्ग पर पिछले 10-15 दिनों से बिजली के पोल गिरे पड़े हैं। इस गंभीर समस्या के बावजूद कोई भी बिजली कर्मचारी यहाँ नजर नहीं आ रहा है। कर्मचारियों की इस घोर अनदेखी को देखकर ऐसा लग रहा है कि कोई बड़ा हादसा होने के बाद ही उन्हें इस बात का पता पड़ेगा।1
- मनासा क्षेत्र के जमुनिया रावजी गांव स्थित श्री बालाजी मंदिर में चल रहे तीन दिवसीय हवन, पूजन एवं अभिषेक महोत्सव का शनिवार को भव्य समापन हो गया। इस महोत्सव के अंतिम दिन मंदिर के शिखर पर पूरे विधि-विधान के साथ कलश और ध्वजादंड स्थापित किए गए, जिससे क्षेत्र में भारी उत्साह देखा गया। इस पावन अवसर पर नगर में बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा और श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर शामिल हुए। पूरे मार्ग के दौरान भक्तों ने भगवान श्री बालाजी का जयघोष किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर परिसर में तीन दिनों तक विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन, पूजन और अभिषेक का अनुष्ठान संपन्न कराया गया। कलश एवं ध्वजादंड की स्थापना के साथ ही यह धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण हुआ। इस भव्य आयोजन के समापन पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए एक महाप्रसादी का आयोजन किया गया। इस महाप्रसादी में जमुनिया रावजी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।1
- धरियावद के वजपुरा ग्राम पंचायत स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, राठौड़ो का सेमलिया की सरकारी भूमि पर वर्षों से चल रहे अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा है। ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति ने जिला कलेक्टर प्रतापगढ़ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तीन कार्यदिवस के भीतर अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में विद्यालय भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से धरना, तालाबंदी और उग्र जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय के नाम दर्ज खाता संख्या 127, खसरा संख्या 73/7 और खाता संख्या 126, खसरा संख्या 73/5 की लगभग 0.7894 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा है। इस मामले में विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा 7 अक्टूबर 2025 को प्रस्ताव पारित कर प्रधानाध्यापक के जरिए उपखण्ड अधिकारी को पत्र भेजा गया था। इससे पहले सितंबर 2025 और 26 दिसंबर 2025 को भी शिकायतें और ज्ञापन सौंपकर दो बार रिमाइंडर दिए गए थे, लेकिन प्रशासन ने अब तक न तो जमीन का सीमांकन किया और न ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्कूल के मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। विद्यालय के चार कमरे पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी हो चुके हैं, जिससे वर्तमान में कक्षा 1 से 8 तक के सभी बच्चों को मात्र दो कमरों में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस वजह से हर समय किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, पर्याप्त सरकारी भूमि होने के बावजूद अतिक्रमण के कारण विद्यालय में खेल का मैदान तक उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। प्रशासन स्कूल में कम नामांकन का हवाला देकर इसे माध्यमिक स्तर पर प्रमोट करने से इनकार करता है, जबकि वास्तविकता यह है कि मूलभूत सुविधाओं और खेल मैदान के अभाव के कारण अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में करवाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी कोई इस सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की आवाज उठाता है, तो कुछ अतिक्रमणकारी उन्हें खुलेआम धमकियां देकर भय का माहौल बनाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का नहीं, बल्कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार (अनुच्छेद 21-ए), सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार, मानवाधिकारों, बाल अधिकारों तथा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। ज्ञापन के जरिए जिला प्रशासन से तत्काल पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में जमीन का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने, शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा देने, स्कूल की चारदीवारी व नए भवन का निर्माण करने और लंबे समय से कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर विभागीय जांच की मांग की गई है।4
- मनासा के आंतरी माताजी में शनिवार को जमीन की मेढ़ के पुराने विवाद और 30 सालों पुराने रास्ते से निकलने को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। एक पक्ष के लोगों ने बीच रास्ते में ट्रैक्टर अड़ाकर दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में विशाल सूर्यवंशी, जीतू सूर्यवंशी और उनकी माताजी इंदिरा बाई घायल हो गईं। घटना की सूचना तुरंत मनासा डायल 112 पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस के देरी से पहुंचने के कारण गंभीर रूप से घायल युवक काफी देर तक मौके पर जमीन पर ही पड़ा रहा। बाद में घायलों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल मनासा लाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना में घायल एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पीड़ित विशाल सूर्यवंशी ने बताया कि खेत की मेढ़ को लेकर इन लोगों ने पहले भी कई बार उन पर जानलेवा हमला किया था और थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी, लेकिन तब कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। फिलहाल, पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1