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मध्य प्रदेश के नीमच में स्वामी कैलाशनंद गिरी महाराज के अनुसार, जहाँ ईश्वर, महात्मा और भक्तों का संगम होता है, वही स्थान कुंभ का रूप है। यहाँ महात्मा और भक्तों का ऐसा पवित्र संगम देखने को मिल रहा है, जहाँ ईश्वर, महात्मा और श्रद्धालुओं का यह पावन मिलन साक्षात कुंभ के समान है।
भविष्य न्यूज़ 24
मध्य प्रदेश के नीमच में स्वामी कैलाशनंद गिरी महाराज के अनुसार, जहाँ ईश्वर, महात्मा और भक्तों का संगम होता है, वही स्थान कुंभ का रूप है। यहाँ महात्मा और भक्तों का ऐसा पवित्र संगम देखने को मिल रहा है, जहाँ ईश्वर, महात्मा और श्रद्धालुओं का यह पावन मिलन साक्षात कुंभ के समान है।
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- मध्य प्रदेश के नीमच में स्वामी कैलाशनंद गिरी महाराज के अनुसार, जहाँ ईश्वर, महात्मा और भक्तों का संगम होता है, वही स्थान कुंभ का रूप है। यहाँ महात्मा और भक्तों का ऐसा पवित्र संगम देखने को मिल रहा है, जहाँ ईश्वर, महात्मा और श्रद्धालुओं का यह पावन मिलन साक्षात कुंभ के समान है।1
- नीमच की आस्था को देखकर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज भाव-विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि जहां ईश्वर, संत और भक्तों का संगम होता है, वहीं पर कुंभ साकार होता है। इस दौरान टाउन हॉल में 'हर-हर महादेव' का उद्घोष गूंज उठा और स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने सनातन संस्कृति, धर्म और सेवा का संदेश दिया।1
- प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र से एक हकीकत सामने आई है कि भारत सरकार में केवल बड़े किसानों को ही फायदा मिलता है, जबकि छोटे किसानों तक नई तकनीक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इस परिस्थिति के बीच अब किसान स्वयं ही अपनी मंजिल तय कर रहे हैं कि कौन सी फसल उन्हें बेहतर मुनाफा देगी और किस फसल में लागत अधिक व कमाई कम है। इसी बदलाव के तहत गगरोल निवासी एक होनहार, जागरूक और युवा किसान ने परंपरागत खेती का रास्ता छोड़ दिया है। इस युवा किसान ने पारंपरिक खेती से हटकर सब्जी उगाने की ओर ध्यान आकर्षित किया है और अब वे सब्जी की खेती करके अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं।2
- मनासा क्षेत्र के जमुनिया रावजी गांव स्थित श्री बालाजी मंदिर में चल रहे तीन दिवसीय हवन, पूजन एवं अभिषेक महोत्सव का शनिवार को भव्य समापन हो गया। इस महोत्सव के अंतिम दिन मंदिर के शिखर पर पूरे विधि-विधान के साथ कलश और ध्वजादंड स्थापित किए गए, जिससे क्षेत्र में भारी उत्साह देखा गया। इस पावन अवसर पर नगर में बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा और श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर शामिल हुए। पूरे मार्ग के दौरान भक्तों ने भगवान श्री बालाजी का जयघोष किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर परिसर में तीन दिनों तक विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन, पूजन और अभिषेक का अनुष्ठान संपन्न कराया गया। कलश एवं ध्वजादंड की स्थापना के साथ ही यह धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण हुआ। इस भव्य आयोजन के समापन पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए एक महाप्रसादी का आयोजन किया गया। इस महाप्रसादी में जमुनिया रावजी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।1
- चित्तौड़गढ़ के ग्राम नाल में खेत की रखवाली कर रहे किसान के पास 12 फीट लंबा अजगर पहुंच गया, जिसके बाद वन विभाग ने अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे बस्सी अभयारण्य में छोड़ दिया।1
- चित्तौड़गढ़ जिले की डूंगला तहसील के तहत आने वाली बढ़वाई पंचायत के चकतिया बावजी गांव में 24 फीट का स्वीकृत रास्ता बंद कर दिया गया है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और उनकी आवाज को पूरी तरह से अनसुना किया जा रहा है।2
- मन्दसौर जिले के धुन्धडका में सरपंच साहब लोकपाल सिंह चिनु बना का एक एक्सीडेंट हो गया है। शमशान घाट के पास उनकी अपनी ही बुलेट गाड़ी एक पत्थर पर चढ़ गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ।1