चितरा कोलियरी क्षेत्र के 10 नंबर कोल डंप को लेकर फैलाई जा रही कथित अफवाहों और भ्रम के विरोध में खून अड़खा क्षेत्र के नेताओं और ग्रामीणों ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उपस्थित नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गलत जानकारी प्रसारित कर कोल डंप की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। जेएलकेएम व बीकेएमएस (भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ) के नेता अरुण महतो ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि यह गलत प्रचार किया जा रहा है कि जी-3 खदान का कोयला जी-4 डंप में गिराया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि जी-4 क्षेत्र का कोयला ही 10 नंबर डंप में लाया जा रहा था। अरुण महतो ने इस बात पर भी जोर दिया कि खून गांव के विस्थापित परिवारों ने कोलियरी विस्तार और परियोजना के विकास के लिए अपनी भूमि देकर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में, क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए कोयला डंपिंग से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रमुख मांग उठाई गई कि खून मोजा क्षेत्र से निकलने वाले कोयले का भंडारण और डंपिंग खून खदान के लिए निर्धारित डंप में ही किया जाना चाहिए। नेताओं ने स्मरण कराया कि खदान संचालन शुरू होने के समय प्रबंधन द्वारा भी इसी प्रकार का आश्वासन दिया गया था। इस अवसर पर अरुण महतो के अलावा निताय महतो, दिलीप दास, जनार्दन ठाकुर, विकास चौधरी, संतोष महतो, बलराम महतो, ठपंग मरांडी, अरविंद, गौतम महतो, मनोरंजन महतो, करण महतो, प्रदीप महतो, कैलाश महतो, गौरव महतो, तीर्थनाथ महतो, पल्टन महतो, लखीराम महतो, मुन्ना महतो, महेश्वर महतो, गणेश महतो, अर्जुन महतो, माणिक महतो और उज्ज्वल महतो सहित कई अन्य नेता व ग्रामीण मौजूद थे, जिन्होंने सर्वसम्मति से इस निर्णय का समर्थन किया।
चितरा कोलियरी क्षेत्र के 10 नंबर कोल डंप को लेकर फैलाई जा रही कथित अफवाहों और भ्रम के विरोध में खून अड़खा क्षेत्र के नेताओं और ग्रामीणों ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उपस्थित नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गलत जानकारी प्रसारित कर कोल डंप की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। जेएलकेएम व बीकेएमएस (भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ) के नेता अरुण महतो ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि यह गलत प्रचार किया जा रहा है कि जी-3 खदान का कोयला जी-4 डंप में गिराया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि जी-4 क्षेत्र का कोयला ही 10 नंबर डंप में लाया जा रहा था। अरुण महतो ने इस बात पर भी जोर दिया कि खून गांव के विस्थापित परिवारों ने कोलियरी विस्तार और परियोजना के विकास के लिए अपनी भूमि देकर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में, क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए कोयला डंपिंग से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रमुख मांग उठाई गई कि खून मोजा क्षेत्र से निकलने वाले कोयले का भंडारण और डंपिंग खून खदान के लिए निर्धारित डंप में ही किया जाना चाहिए। नेताओं ने स्मरण कराया कि खदान संचालन शुरू होने के समय प्रबंधन द्वारा भी इसी प्रकार का आश्वासन दिया गया था। इस अवसर पर अरुण महतो के अलावा निताय महतो, दिलीप दास, जनार्दन ठाकुर, विकास चौधरी, संतोष महतो, बलराम महतो, ठपंग मरांडी, अरविंद, गौतम महतो, मनोरंजन महतो, करण महतो, प्रदीप महतो, कैलाश महतो, गौरव महतो, तीर्थनाथ महतो, पल्टन महतो, लखीराम महतो, मुन्ना महतो, महेश्वर महतो, गणेश महतो, अर्जुन महतो, माणिक महतो और उज्ज्वल महतो सहित कई अन्य नेता व ग्रामीण मौजूद थे, जिन्होंने सर्वसम्मति से इस निर्णय का समर्थन किया।
- बिहार के बांका जिले में देर रात एक सुनसान जंगल में जिला पुलिस की गाड़ी का टायर पंचर हो जाने से वह खराब हो गई। ऐसे मुश्किल वक्त में शिवेश मिश्रा ने 'शेर वाले जिगड़े' के साथ आगे बढ़कर पुलिस की मदद की। इस घटना को लेकर DM कलेक्टर कार्यालय बांका और बांका बिहार न्यूज़ में सराहना की गई है।1
- झारखंड के दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड में केंदुवाटिकर ग्राम/वार्ड के निवासी मंगल कोल ने सार्वजनिक कुएं की मरम्मत हेतु स्थानीय मुखिया और प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक आवेदन पत्र सौंपा है। आवेदन में बताया गया है कि मोहल्ले का सार्वजनिक कुआं काफी समय से जर्जर स्थिति में है, जिससे उसकी जगत (दीवार) टूट गई है और कुएं का पानी दूषित हो गया है। इस गंभीर समस्या के कारण स्थानीय निवासियों को स्वच्छ जल की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थी ने जनहित का हवाला देते हुए अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द इस कुएं की मरम्मत और साफ-सफाई कराई जाए ताकि जल संकट का समाधान हो सके।4
- बाँका जिले में एक मनरेगा भवन पिछले पाँच वर्षों से बंद पड़ा है। इस निष्क्रिय भवन का उपयोग अब असामाजिक तत्वों द्वारा अपने अड्डे के रूप में किया जा रहा है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों द्वारा इस पूरे मामले की तत्काल जाँच की माँग की जा रही है।1
- बांका जिले के कटोरिया प्रखंड स्थित रेफरल अस्पताल कटोरिया में शनिवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब मरीज के परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मरीज के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में तैनात कुछ स्वास्थ्यकर्मी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं और मरीजों से लगातार अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। इन्हीं आरोपों से आक्रोशित होकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध शुरू कर दिया। हालांकि, अवैध वसूली के इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और पूरे मामले की विस्तृत जांच होनी बाकी है। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आ गया है। रेफरल अस्पताल कटोरिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और यदि जांच में किसी भी स्वास्थ्यकर्मी की संलिप्तता या लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में जमकर चर्चा हो रही है। सभी की निगाहें अब जांच रिपोर्ट और अस्पताल प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हुई हैं।1
- एक चलती कार अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। इस घटना में गाड़ी में सवार तीन लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए चलती कार से कूदकर खुद को सुरक्षित कर लिया।1
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- झारखंड के दुमका जिले अंतर्गत जरमुंडी प्रखंड की चुरखेड़ा पंचायत के केंदुआतिकर गांव में अत्यंत ही घटिया व्यवस्था होने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि आखिर इस खराब व्यवस्था का ज़िम्मेदार कौन है। यह प्रश्न किया गया है कि क्या इसके लिए पंचायत अधिकारी जवाबदेह हैं या प्रखंड अधिकारी।1
- चांदन (बांका) के बिरनिया पंचायत स्थित उच्च विद्यालय बांक से मिड डे मील (MDM) का चावल एक ऑटो में ले जाते हुए ग्रामीणों ने पकड़ लिया और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से यह चावल बिक्री के लिए कहीं ले जाया जा रहा था। इस घटना के कारण मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों, जिनमें भूपेन्द्र पंडित, मुन्ना कुमार पंडित, प्रेम पंडित, दशरथ पंडित, भागलदेव पंडित, विनोद पंडित और मंटू पंडित शामिल थे, ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे स्कूल से चावल लेकर ऑटो बाहर निकला था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसी ऑटो से पहले भी चावल थानू दास के घर ले जाकर रखा गया था। दूसरी बार जब ऑटो स्कूल से निकला तो कुछ ही दूरी पर ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और प्रदर्शन करने लगे। जोरदार बारिश के बीच, कुछ स्थानीय नेताओं की पहल पर स्कूल प्रबंधन ने चावल को वापस स्कूल में रखवा दिया। हालांकि, ग्रामीणों का आक्रोश कम नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि पूर्व रसोईया, जो अब अवकाश प्राप्त कर चुका है लेकिन उसे स्कूल की देखरेख का जिम्मा दिया गया है, नियमित रूप से स्कूल का चावल बेचता है। इस संबंध में प्रधानाध्यापक संजय कुमार सिंह ने बताया कि चावल को होलरिंग (मिलिंग) के लिए मील ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि होलरिंग कराकर विद्यालय लौटते समय बारिश होने के कारण चावल को गीला होने से बचाने के लिए एक मकान में सुरक्षित रख दिया गया था।1