चांदन (बांका) के बिरनिया पंचायत स्थित उच्च विद्यालय बांक से मिड डे मील (MDM) का चावल एक ऑटो में ले जाते हुए ग्रामीणों ने पकड़ लिया और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से यह चावल बिक्री के लिए कहीं ले जाया जा रहा था। इस घटना के कारण मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों, जिनमें भूपेन्द्र पंडित, मुन्ना कुमार पंडित, प्रेम पंडित, दशरथ पंडित, भागलदेव पंडित, विनोद पंडित और मंटू पंडित शामिल थे, ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे स्कूल से चावल लेकर ऑटो बाहर निकला था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसी ऑटो से पहले भी चावल थानू दास के घर ले जाकर रखा गया था। दूसरी बार जब ऑटो स्कूल से निकला तो कुछ ही दूरी पर ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और प्रदर्शन करने लगे। जोरदार बारिश के बीच, कुछ स्थानीय नेताओं की पहल पर स्कूल प्रबंधन ने चावल को वापस स्कूल में रखवा दिया। हालांकि, ग्रामीणों का आक्रोश कम नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि पूर्व रसोईया, जो अब अवकाश प्राप्त कर चुका है लेकिन उसे स्कूल की देखरेख का जिम्मा दिया गया है, नियमित रूप से स्कूल का चावल बेचता है। इस संबंध में प्रधानाध्यापक संजय कुमार सिंह ने बताया कि चावल को होलरिंग (मिलिंग) के लिए मील ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि होलरिंग कराकर विद्यालय लौटते समय बारिश होने के कारण चावल को गीला होने से बचाने के लिए एक मकान में सुरक्षित रख दिया गया था।
चांदन (बांका) के बिरनिया पंचायत स्थित उच्च विद्यालय बांक से मिड डे मील (MDM) का चावल एक ऑटो में ले जाते हुए ग्रामीणों ने पकड़ लिया और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से यह चावल बिक्री के लिए कहीं ले जाया जा रहा था। इस घटना के कारण मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों, जिनमें भूपेन्द्र पंडित, मुन्ना कुमार पंडित, प्रेम पंडित, दशरथ पंडित, भागलदेव पंडित, विनोद पंडित और मंटू पंडित शामिल थे, ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे स्कूल से चावल लेकर ऑटो बाहर निकला था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसी ऑटो से पहले भी चावल थानू दास के घर ले जाकर रखा गया था। दूसरी बार जब ऑटो स्कूल से निकला तो कुछ ही दूरी पर ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और प्रदर्शन करने लगे। जोरदार बारिश के बीच, कुछ स्थानीय नेताओं की पहल पर स्कूल प्रबंधन ने चावल को वापस स्कूल में रखवा दिया। हालांकि, ग्रामीणों का आक्रोश कम नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि पूर्व रसोईया, जो अब अवकाश प्राप्त कर चुका है लेकिन उसे स्कूल की देखरेख का जिम्मा दिया गया है, नियमित रूप से स्कूल का चावल बेचता है। इस संबंध में प्रधानाध्यापक संजय कुमार सिंह ने बताया कि चावल को होलरिंग (मिलिंग) के लिए मील ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि होलरिंग कराकर विद्यालय लौटते समय बारिश होने के कारण चावल को गीला होने से बचाने के लिए एक मकान में सुरक्षित रख दिया गया था।
- बिहार के बांका जिले में देर रात एक सुनसान जंगल में जिला पुलिस की गाड़ी का टायर पंचर हो जाने से वह खराब हो गई। ऐसे मुश्किल वक्त में शिवेश मिश्रा ने 'शेर वाले जिगड़े' के साथ आगे बढ़कर पुलिस की मदद की। इस घटना को लेकर DM कलेक्टर कार्यालय बांका और बांका बिहार न्यूज़ में सराहना की गई है।1
- बाँका जिले में एक मनरेगा भवन पिछले पाँच वर्षों से बंद पड़ा है। इस निष्क्रिय भवन का उपयोग अब असामाजिक तत्वों द्वारा अपने अड्डे के रूप में किया जा रहा है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों द्वारा इस पूरे मामले की तत्काल जाँच की माँग की जा रही है।1
- बांका जिले के कटोरिया प्रखंड स्थित रेफरल अस्पताल कटोरिया में शनिवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब मरीज के परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मरीज के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में तैनात कुछ स्वास्थ्यकर्मी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं और मरीजों से लगातार अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। इन्हीं आरोपों से आक्रोशित होकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध शुरू कर दिया। हालांकि, अवैध वसूली के इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और पूरे मामले की विस्तृत जांच होनी बाकी है। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आ गया है। रेफरल अस्पताल कटोरिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और यदि जांच में किसी भी स्वास्थ्यकर्मी की संलिप्तता या लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में जमकर चर्चा हो रही है। सभी की निगाहें अब जांच रिपोर्ट और अस्पताल प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हुई हैं।1
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- बांका जिले के बाराहाट प्रखंड की सनडीहा दक्षिणी पंचायत में महात्मा गांधी नरेगा (मनरेगा) के तहत बनाया गया एक सरकारी भवन अपने निर्माण के समय से ही बंद पड़ा है। यह भवन मुखिया कुमारी दीपमाला के कार्यकाल में बनाया गया था, लेकिन उसके बाद से इस पर कभी ताला नहीं खुला। इस प्रकार, यह सरकारी भवन लगातार अनुपयोगी पड़ा है और इसका सीधा दुरुपयोग हो रहा है।4
- झारखंड के दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड में केंदुवाटिकर ग्राम/वार्ड के निवासी मंगल कोल ने सार्वजनिक कुएं की मरम्मत हेतु स्थानीय मुखिया और प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक आवेदन पत्र सौंपा है। आवेदन में बताया गया है कि मोहल्ले का सार्वजनिक कुआं काफी समय से जर्जर स्थिति में है, जिससे उसकी जगत (दीवार) टूट गई है और कुएं का पानी दूषित हो गया है। इस गंभीर समस्या के कारण स्थानीय निवासियों को स्वच्छ जल की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थी ने जनहित का हवाला देते हुए अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द इस कुएं की मरम्मत और साफ-सफाई कराई जाए ताकि जल संकट का समाधान हो सके।4
- बांका पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। ये युवक अपराध की योजना बना रहे थे, और उनके पास से हथियार के साथ-साथ जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं।1
- चांदन (बांका) के बिरनिया पंचायत स्थित उच्च विद्यालय बांक से मिड डे मील (MDM) का चावल एक ऑटो में ले जाते हुए ग्रामीणों ने पकड़ लिया और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से यह चावल बिक्री के लिए कहीं ले जाया जा रहा था। इस घटना के कारण मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों, जिनमें भूपेन्द्र पंडित, मुन्ना कुमार पंडित, प्रेम पंडित, दशरथ पंडित, भागलदेव पंडित, विनोद पंडित और मंटू पंडित शामिल थे, ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे स्कूल से चावल लेकर ऑटो बाहर निकला था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसी ऑटो से पहले भी चावल थानू दास के घर ले जाकर रखा गया था। दूसरी बार जब ऑटो स्कूल से निकला तो कुछ ही दूरी पर ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और प्रदर्शन करने लगे। जोरदार बारिश के बीच, कुछ स्थानीय नेताओं की पहल पर स्कूल प्रबंधन ने चावल को वापस स्कूल में रखवा दिया। हालांकि, ग्रामीणों का आक्रोश कम नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि पूर्व रसोईया, जो अब अवकाश प्राप्त कर चुका है लेकिन उसे स्कूल की देखरेख का जिम्मा दिया गया है, नियमित रूप से स्कूल का चावल बेचता है। इस संबंध में प्रधानाध्यापक संजय कुमार सिंह ने बताया कि चावल को होलरिंग (मिलिंग) के लिए मील ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि होलरिंग कराकर विद्यालय लौटते समय बारिश होने के कारण चावल को गीला होने से बचाने के लिए एक मकान में सुरक्षित रख दिया गया था।1