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बिहार में नीतीश कुमार के एक नए अंदाज़ ने उनके कार्यकर्ताओं में अपार उत्साह भर दिया है। इस नए लुक को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह व्यापक चर्चा है कि क्या यह बदलाव राज्य की राजनीति में एक नई शुरुआत का संकेत देता है।
Bihar darpan 24
बिहार में नीतीश कुमार के एक नए अंदाज़ ने उनके कार्यकर्ताओं में अपार उत्साह भर दिया है। इस नए लुक को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह व्यापक चर्चा है कि क्या यह बदलाव राज्य की राजनीति में एक नई शुरुआत का संकेत देता है।
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- मोतिहारी/पूर्वी चंपारण में राम बिहारी तिवारी की बेरहमी से की गई तालिबानी हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उन्हें हाथ-पैर बांधकर मारा गया था, जिससे घटना की क्रूरता स्पष्ट होती है। इस नृशंस वारदात के बाद, क्षेत्र से 95% वोट हासिल करने वाले पूर्व विधायक पवन जयसवाल जी पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि वे घटना के 12 दिन बाद "जागे" और बहाने बनाने लगे, जबकि वे सोशल मीडिया की रील्स में व्यस्त रहते हैं। यह स्थिति उन जनप्रतिनिधियों के प्रति उदासीनता को दर्शाती है, जिन्हें जनता की सेवा करनी चाहिए। जनता अब बिहार सरकार और एसपी स्वर्ण प्रभात जी से राम बिहारी तिवारी हत्या मामले में तत्काल न्याय की मांग कर रही है।1
- बिहार में नीतीश कुमार के एक नए अंदाज़ ने उनके कार्यकर्ताओं में अपार उत्साह भर दिया है। इस नए लुक को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह व्यापक चर्चा है कि क्या यह बदलाव राज्य की राजनीति में एक नई शुरुआत का संकेत देता है।1
- बिहार के चेहराकलां प्रखंड में एक ओर किसान बारिश की कमी और सिंचाई के संकट से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी जलापूर्ति व्यवस्था की घोर लापरवाही के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बहाया जा रहा है। यह गंभीर समस्या वैशाली जिले के चेहराकलां प्रखंड अंतर्गत बस्ती सरसीकन पंचायत के ग्राम बखरी दुआ, वार्ड संख्या-9 से सामने आई है, जहां 'हर घर नल-जल योजना' के तहत बड़ी मात्रा में पेयजल बर्बाद हो रहा है। ग्राम बखरी दुआ में लोगों को समय पर नल-जल योजना का पानी नहीं मिल पाता है, जबकि कटे हुए पाइपों से लगातार हजारों लीटर पानी सड़क किनारे बहकर बर्बाद हो रहा है, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या पर न तो वार्ड सदस्य और न ही अनुरक्षण कर्मी ध्यान दे रहे हैं, और पीएचईडी विभाग की ओर से भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। हैरानी की बात यह है कि इसी वार्ड में कई ऐसे परिवार आज भी हैं जिनके घरों तक नल-जल योजना का पाइप नहीं पहुंचा है, जबकि कुछ स्थानों पर एक ही घर में तीन-तीन और चार-चार नल लगाए गए हैं जिनसे अनवरत पानी बहता रहता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब किसान पानी की कमी से जूझ रहे हैं, तब पेयजल की इस गंभीर बर्बादी पर जिम्मेदार विभाग आखिर कब कार्रवाई करेगा।1
- वैशाली जिला के थाना क्षेत्र अन्तर्गत शाहपुर खुर्द गांव में पुलिस ने न्यायालय के निर्देशानुसार तीन घरों पर इश्तेहार चस्पाए हैं। पुलिस अवर निरीक्षक (SI) नीरज कुमार ने यह कार्रवाई करते हुए मिथलेश राय, रीना देवी और कुछ अन्य लोगों के आवासों पर इश्तेहार चिपकाए।1
- मुजफ्फरपुर में सोमवार शाम अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। हालांकि, तेज हवाओं के कारण शहर के कई इलाकों में पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। बारिश के चलते शहर की कई सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, किसानों और आम लोगों ने इस बारिश को राहत भरी बताया। मौसम विभाग ने पहले ही गरज-चमक, तेज हवा और बारिश की संभावना जताई थी और लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह भी दी थी।1
- एसडीएम पश्चिमी आकांक्षा आनंद ने कुढ़नी प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।1
- वैशाली जिले के लालगंज स्थित करताहां क्षेत्र में चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाया है। इस घटना में चोर घर से लगभग 15 लाख रुपये मूल्य के गहने और नकदी लेकर फरार हो गए।1
- भरत तिवारी हत्याकांड को लेकर न्याय पर रोक लगने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के संबंध में गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक तरफ इस मामले से जुड़े पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर पदोन्नति दी गई है, वहीं दूसरी ओर भरत के पिता को ₹5 लाख का चेक थमाया गया है, जिसे शहादत को भुनाने का प्रयास बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, शहीद भरत भूषण तिवारी की माँ और बहन की आँखों में जहाँ गहरा दर्द साफ झलकता है, वहीं उनके पिता को यह चेक देकर शहादत को 'इनकैश' करने की कोशिश की जा रही है। जिन पुलिसवालों पर इस हत्याकांड के संबंध में सवाल खड़े किए गए थे, उनका प्रमोशन हो गया है, जबकि भरत तिवारी के सम्मान में स्मारक बनाने पर रोक लगा दी गई है। इस पूरी स्थिति पर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या भरत तिवारी की लड़ाई वास्तव में पैसा कमाने के लिए थी या भ्रष्टाचार मुक्त बिहार बनाने के लिए थी। यह भी पूछा जा रहा है कि क्या बिहार की कानून-व्यवस्था और प्रशासन पर सम्राट चौधरी का नियंत्रण नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे संबंधित वीडियो को अंत तक देखकर खुद तय करें कि बिहार में क्या चल रहा है और इस पूरे मामले की सच्चाई क्या है।1