मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत महई में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सतत विकास को जनआंदोलन बनाने की दिशा में जिला स्तरीय 'एक पेड़ मां के नाम' और 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत एक विशाल पौधरोपण एवं जल संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। 22 जून 2026 को हुए इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से बड़े पैमाने पर पौधे रोपे गए, जिससे पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अनीता सिंह श्याम, उदित नारायण, जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष जानकी बाई खुसरो, बीडीसी भैया राम, सरपंच बाबू राम, कलेक्टर सुश्री संतान देवी जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम, जनपद पंचायत सीईओ सुश्री वैशाली सिंह, एपीओ मो. आरिफ रजा और राज नारायण सहित कई अधिकारी व ग्रामीण उपस्थित रहे। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में 2500 औषधीय और फलदार पौधों का रोपण किया गया, जिनमें आंवला, हर्रा, बहेरा, जामुन, बेल, अमलतास, करंज, अर्जुन तथा शतावर जैसे महत्वपूर्ण पौधे शामिल हैं। इन पौधों से भविष्य में हरित आवरण बढ़ने के साथ-साथ आयुष चिकित्सा पद्धति और स्थानीय स्वास्थ्य परंपराओं को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अभियान में करीब 350 श्रमिकों और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, और सभी उपस्थित लोगों ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाकर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। वहीं, 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को प्राथमिकता दी गई है। पौधरोपण स्थल पर 400 कंटूर ट्रेंच और वॉटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच (WAT) का निर्माण किया गया है, जिनसे प्रत्येक ट्रेंच से लगभग 500 लीटर भूजल रिचार्ज होने का अनुमान है। रिचार्ज ट्रेंच और रिचार्ज कुंडों के माध्यम से वर्षा ऋतु के दौरान कुल लगभग 30 लाख लीटर भूजल रिचार्ज होने की संभावना व्यक्त की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल क्षेत्र के भूजल स्तर को सुधारने, वर्षा जल के संरक्षण और भविष्य में जल संकट की संभावनाओं को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। कलेक्टर सुश्री संतान देवी जांगड़े ने निरीक्षण के दौरान कहा कि लगाए गए पौधे केवल हरियाली बढ़ाने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि भूजल रिचार्ज, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि यह पौधरोपण क्षेत्र आने वाले वर्षों में अत्यधिक वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में एक कॉन्टिन्जेंसी प्लान की तरह काम करेगा तथा भूमि एवं जल संरक्षण में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने पौधों की सुरक्षा को अभियान की सफलता की कुंजी बताते हुए लाइव फेंसिंग को बढ़ावा देने और पौधों के प्रजातिवार क्लस्टर आधारित रोपण की योजना विकसित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पौधरोपण स्थल के आसपास रिक्त भूमि का घेराव कर करौंदा एवं अन्य औषधीय पौधों के रोपण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। जल संरक्षण संरचनाओं के विस्तार पर जोर देते हुए, कलेक्टर ने मनरेगा के अंतर्गत भूमि कटाव रोकने के लिए गली प्लग जैसी संरचनाओं के निर्माण और अधिक से अधिक रिचार्ज ट्रेंच विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्षा जल का अधिकतम संचयन और भूजल संवर्धन वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ किया जाना चाहिए। पौधरोपण स्थल पर संचालित सभी कार्यों के लिए उद्यान विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है, जिसकी जिम्मेदारी अधिकारी श्री अभय गुप्ता को सौंपी गई है, जो पौधों के संरक्षण, रखरखाव एवं स्थल के समुचित विकास की नियमित निगरानी करेंगे। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया, जिससे यह पहल हरियाली, जल सुरक्षा और सतत विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने वाला एक व्यापक जनआंदोलन बन रही है। आने वाले वर्षों में ग्राम महई पर्यावरण संरक्षण एवं जल प्रबंधन के एक सफल मॉडल के रूप में स्थापित हो सकता है।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत महई में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सतत विकास को जनआंदोलन बनाने की दिशा में जिला स्तरीय 'एक पेड़ मां के नाम' और 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत एक विशाल पौधरोपण एवं जल संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। 22 जून 2026 को हुए इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से बड़े पैमाने पर पौधे रोपे गए, जिससे पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अनीता सिंह श्याम, उदित नारायण, जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष जानकी बाई खुसरो, बीडीसी भैया राम, सरपंच बाबू राम, कलेक्टर सुश्री संतान देवी जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम, जनपद पंचायत सीईओ सुश्री वैशाली सिंह, एपीओ मो. आरिफ रजा और राज नारायण सहित कई अधिकारी व ग्रामीण उपस्थित रहे। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में 2500 औषधीय और फलदार पौधों का रोपण किया गया, जिनमें आंवला, हर्रा, बहेरा,
जामुन, बेल, अमलतास, करंज, अर्जुन तथा शतावर जैसे महत्वपूर्ण पौधे शामिल हैं। इन पौधों से भविष्य में हरित आवरण बढ़ने के साथ-साथ आयुष चिकित्सा पद्धति और स्थानीय स्वास्थ्य परंपराओं को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अभियान में करीब 350 श्रमिकों और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, और सभी उपस्थित लोगों ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाकर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। वहीं, 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को प्राथमिकता दी गई है। पौधरोपण स्थल पर 400 कंटूर ट्रेंच और वॉटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच (WAT) का निर्माण किया गया है, जिनसे प्रत्येक ट्रेंच से लगभग 500 लीटर भूजल रिचार्ज होने का अनुमान है। रिचार्ज ट्रेंच और रिचार्ज कुंडों के माध्यम से वर्षा ऋतु के दौरान कुल लगभग 30 लाख लीटर भूजल रिचार्ज होने की संभावना व्यक्त की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल क्षेत्र के भूजल स्तर को सुधारने, वर्षा जल के संरक्षण और भविष्य में जल
संकट की संभावनाओं को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। कलेक्टर सुश्री संतान देवी जांगड़े ने निरीक्षण के दौरान कहा कि लगाए गए पौधे केवल हरियाली बढ़ाने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि भूजल रिचार्ज, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि यह पौधरोपण क्षेत्र आने वाले वर्षों में अत्यधिक वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में एक कॉन्टिन्जेंसी प्लान की तरह काम करेगा तथा भूमि एवं जल संरक्षण में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने पौधों की सुरक्षा को अभियान की सफलता की कुंजी बताते हुए लाइव फेंसिंग को बढ़ावा देने और पौधों के प्रजातिवार क्लस्टर आधारित रोपण की योजना विकसित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पौधरोपण स्थल के आसपास रिक्त भूमि का घेराव कर करौंदा एवं अन्य औषधीय पौधों के रोपण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। जल संरक्षण संरचनाओं के विस्तार पर जोर देते हुए, कलेक्टर ने मनरेगा के अंतर्गत भूमि कटाव रोकने के लिए गली
प्लग जैसी संरचनाओं के निर्माण और अधिक से अधिक रिचार्ज ट्रेंच विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्षा जल का अधिकतम संचयन और भूजल संवर्धन वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ किया जाना चाहिए। पौधरोपण स्थल पर संचालित सभी कार्यों के लिए उद्यान विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है, जिसकी जिम्मेदारी अधिकारी श्री अभय गुप्ता को सौंपी गई है, जो पौधों के संरक्षण, रखरखाव एवं स्थल के समुचित विकास की नियमित निगरानी करेंगे। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया, जिससे यह पहल हरियाली, जल सुरक्षा और सतत विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने वाला एक व्यापक जनआंदोलन बन रही है। आने वाले वर्षों में ग्राम महई पर्यावरण संरक्षण एवं जल प्रबंधन के एक सफल मॉडल के रूप में स्थापित हो सकता है।
- छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ अवैध गांजा बिक्री का विरोध करने पर एक विक्रेता द्वारा कथित तौर पर एक गर्भवती महिला के पेट पर मुक्का मारने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इस मामले में पुलिस से शिकायत करने के बाद भी पीड़िता को कोई सहायता नहीं मिली।1
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर वन मंडल कार्यालय में रविवार को उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अजीत दुबे को शासकीय वन विभाग रेस्ट हाउस में कमरा आवंटित नहीं किया गया। इस घटना से वन कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी वन मंडल कार्यालय पहुँचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। कर्मचारियों ने डीएफओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए इस फैसले का कड़ा विरोध जताया। हालात को देखते हुए, प्रदेश अध्यक्ष अजीत दुबे अपने जिला पदाधिकारियों के साथ डीएफओ चंद्र कुमार अग्रवाल के चैंबर में पहुँचे, जहाँ दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई। इस घटना के बाद वन विभाग के भीतर प्रशासन और कर्मचारी संगठन के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई है।1
- नागपुर के रहने वाले करण जायसवाल नामक व्यक्ति छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले से लापता हो गए हैं। उनके दोस्तों ने उन्हें ढूंढने की अपील की है, जिसमें कहा गया है कि यदि किसी को भी करण जायसवाल के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे जल्द से जल्द एक दिए गए नंबर पर कॉल करके सूचित करें।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेशवासियों को एक संदेश दिया है। उन्होंने योग दिवस के इस खास मौके पर राज्य के निवासियों को संबोधित करते हुए यह संदेश जारी किया।1
- कोरिया कलेक्टर ने एक स्कूल का दौरा कर बच्चों को पढ़ाया। इस दौरान, उन्होंने वहां के शिक्षकों को भी फटकार लगाई। कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।3
- अनूपपुर के निगवानी स्थित मुख्य बाजार में एक खतरनाक गड्ढा लंबे समय से लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई थी, पर गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा टल गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की गई, तो उन्होंने गंभीरता दिखाने की बजाय "जो करना हो कर लो" जैसी संवेदनहीन बात कही। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन और पंचायत से यह मांग की जा रही है कि बाजार क्षेत्र में रोजाना आवागमन करने वाले सैकड़ों लोगों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस गड्ढे की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार न करना पड़े। वीडियो के माध्यम से ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई की अपील की गई है।1
- अंबिकापुर के कला केंद्र मैदान में लगने वाले मीना बाज़ार को लेकर सोशल मीडिया पर दो कथित ऑडियो वायरल हो रहे हैं। एक कथित ऑडियो में अनुराग मिश्रा नामक व्यक्ति को महापौर मंजूषा भगत से यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह “अध्यक्ष जी के घर भी कुछ लेकर गया था, उन्होंने फेंक दिया और कहा 3 लाख से कम नहीं चाहिए।” वहीं, दूसरे कथित ऑडियो को भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया की आवाज़ बताया जा रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर “कितना देंगे?” पूछते और अंत में “कल दे दीजिएगा” कहते सुनाई देते हैं। हालाँकि, इन ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है और इसे एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच का विषय बताया गया है। इन कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूरा शहर और यहाँ तक कि विपक्ष भी इस मामले पर खामोश है। सवाल यह है कि यदि जाँच में ये ऑडियो सही पाए जाते हैं, तो क्या भाजपा को संबंधित लोगों पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए? वायरल हो रहे इन ऑडियो को सुनकर यह सवाल उठता है कि क्या सत्ता सही हाथों में है, क्योंकि यह स्थिति दर्शाती है कि भ्रष्टाचार ने किस तरह अपनी जड़ें जमा ली हैं।1
- छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की बेटी की शादी संपन्न हुई है।1