बुधवार शाम सीमलवाड़ा क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ दिनभर की भीषण गर्मी और उमस के बाद तेज हवाओं से राहत मिली। हालांकि, कुछ ही देर बाद शुरू हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया, जिससे क्षेत्र के कई स्थानों पर भारी नुकसान की खबरें सामने आईं। शाम होते ही आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं, जिसके तुरंत बाद भारी बारिश और कई क्षेत्रों में ओले गिरने लगे। इससे सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन बाधित हुआ और लोगों को काफी परेशानी हुई। बाजारों में मौजूद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, वहीं दोपहिया वाहन चालक भी बारिश से बचने के लिए इधर-उधर शरण लेते दिखाई दिए। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरे, जिससे कुछ मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को वैकल्पिक रास्ते अपनाने पड़े। बांसिया सागवाड़ा मार्ग पर भी बड़े-बड़े पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा। लोक निर्माण विभाग खंड सीमलवाड़ा के सहायक अभियंता शैलेश रोत ने तत्काल जेसीबी की व्यवस्था कर पेड़ों को हटवाया और आवाजाही सुचारू करवाई। ग्रामीण क्षेत्रों सहित विभिन्न गांवों और कस्बों में कई मकानों को नुकसान पहुँचा। कई घरों के टीन शेड उखड़ गए और कुछ स्थानों पर मकानों की छतों को भी क्षति पहुँची। चाड़ोली गाँव में विजय कलाल के घर के आँगन में खड़ी कार पर ईंटें गिरने से कार क्षतिग्रस्त हो गई, और कई विद्युत पोल भी उखड़ गए। चाड़ोली के सरपंच रमेश भगोरा ने बताया कि इस आंधी-बारिश से क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है, जिसमें कई मकानों से केलू (छत के टाइल्स) गिर गए। धंबोला कस्बे में सीमलवाड़ा मार्ग पर मुख्य सड़क पर बारिश का पानी जमा होने से सड़क तालाब में तब्दील हो गई, क्योंकि दोनों ओर पानी की निकासी नहीं हो पा रही थी। देर शाम तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली थी, लेकिन व्यापक रूप से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश और ओलावृष्टि शुरू होते ही कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे लोगों को अंधेरे और गर्मी दोनों की समस्या झेलनी पड़ी। विद्युत विभाग की टीमों ने आपूर्ति बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। अचानक हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन तेज हवाओं, ओलावृष्टि और बारिश के कारण किसानों और आमजन की चिंताएं बढ़ गई हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों से खेतों में खड़ी फसलों और बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी मौसम में बदलाव की संभावना व्यक्त की है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने, पेड़ों और जर्जर भवनों के पास खड़े नहीं होने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।
बुधवार शाम सीमलवाड़ा क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ दिनभर की भीषण गर्मी और उमस के बाद तेज हवाओं से राहत मिली। हालांकि, कुछ ही देर बाद शुरू हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया, जिससे क्षेत्र के कई स्थानों पर भारी नुकसान की खबरें सामने आईं। शाम होते ही आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं, जिसके तुरंत बाद भारी बारिश और कई क्षेत्रों में ओले गिरने लगे। इससे सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन बाधित हुआ और लोगों को काफी परेशानी हुई। बाजारों में मौजूद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, वहीं दोपहिया वाहन चालक भी बारिश से बचने के लिए इधर-उधर शरण लेते दिखाई दिए। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरे, जिससे कुछ मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को वैकल्पिक रास्ते अपनाने पड़े। बांसिया सागवाड़ा मार्ग पर भी बड़े-बड़े पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा। लोक निर्माण विभाग खंड सीमलवाड़ा के सहायक अभियंता शैलेश रोत ने तत्काल जेसीबी की व्यवस्था कर पेड़ों को हटवाया और आवाजाही सुचारू करवाई। ग्रामीण क्षेत्रों सहित विभिन्न गांवों और कस्बों में कई मकानों को नुकसान पहुँचा। कई घरों के टीन शेड उखड़ गए और कुछ स्थानों पर मकानों की छतों को भी क्षति पहुँची। चाड़ोली गाँव में विजय कलाल के घर के आँगन में खड़ी कार पर ईंटें गिरने से कार क्षतिग्रस्त हो गई, और कई विद्युत पोल भी उखड़ गए। चाड़ोली के सरपंच रमेश भगोरा ने बताया कि इस आंधी-बारिश से क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है, जिसमें कई मकानों से केलू (छत के टाइल्स) गिर गए। धंबोला कस्बे में सीमलवाड़ा मार्ग पर मुख्य सड़क पर बारिश का पानी जमा होने से सड़क तालाब में तब्दील हो गई, क्योंकि दोनों ओर पानी की निकासी नहीं हो पा रही थी। देर शाम तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली थी, लेकिन व्यापक रूप से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश और ओलावृष्टि शुरू होते ही कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे लोगों को अंधेरे और गर्मी दोनों की समस्या झेलनी पड़ी। विद्युत विभाग की टीमों ने आपूर्ति बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। अचानक हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन तेज हवाओं, ओलावृष्टि और बारिश के कारण किसानों और आमजन की चिंताएं बढ़ गई हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों से खेतों में खड़ी फसलों और बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी मौसम में बदलाव की संभावना व्यक्त की है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने, पेड़ों और जर्जर भवनों के पास खड़े नहीं होने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।
- डूंगरपुर जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन स्वच्छता' अभियान के तहत बिछीवाड़ा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रतनपुर बॉर्डर पर कार्रवाई करते हुए चावल की बोरियों की आड़ में गुजरात ले जाई जा रही करीब 90 लाख रुपये की अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप बरामद की है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश और सीमलवाड़ा वृत्ताधिकारी मदनलाल बिश्नोई के मार्गदर्शन में थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी के नेतृत्व में रतनपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अब्दुल मुनाफ और उनकी टीम द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, बुधवार को रतनपुर चौकी के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर नाकाबंदी के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि उदयपुर की ओर से गुजरात जा रहे टाटा ओपन बॉडी ट्रक (संख्या GJ-10-TT-9477) में अवैध शराब छिपाकर ले जाई जा रही है। सूचना पर पुलिस ने ट्रक को रुकवाकर जांच की। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने ट्रक में चावल की बोरियां होने की बात कही, लेकिन गहन जांच में तिरपाल के नीचे चावल की बोरियों के नीचे विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब के कार्टन छिपाए हुए पाए गए। पुलिस ने कुल 846 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की, जिन पर 'For Sale Only in Chandigarh' अंकित था। पुलिस ने शराब की खेप और तस्करी में प्रयुक्त ट्रक को जब्त कर लिया, साथ ही चालक योगेश कोडियातर (42), निवासी पोरबंदर, गुजरात को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस अवैध शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क, सप्लायर और अन्य आरोपियों के संबंध में आगे की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- डूंगरपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन स्वच्छता' के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अंग्रेजी शराब की एक बड़ी खेप जब्त की है। यह कार्रवाई डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार और पुलिस उपाधीक्षक मदनलाल बिश्नोई के सख्त आदेशों के बाद बिछीवाड़ा थाना पुलिस को मिली एक बड़ी कामयाबी है, जिससे जिले में अपराधियों और तस्करों के हौसले पस्त हुए हैं। मुखबिर की सटीक सूचना पर रतनपुर पुलिस चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ और उनकी टीम ने एनएच-48 पर उदयपुर से अहमदाबाद की ओर जाने वाले वाहनों की चेकिंग शुरू की थी। इसी चेकिंग के दौरान, उदयपुर की तरफ से आ रहे एक संदिग्ध टाटा ओपन बॉडी ट्रक (नंबर GJ 10 TT 9477) को रोका गया। पुलिस ने ट्रक की जांच की तो ऊपर सफेद तिरपाल और उसके नीचे चावल की बोरियां भरी हुई दिखाई दीं। हालांकि, पुलिस टीम की मुस्तैदी से चावल की बोरियों को एक-एक कर हटाने पर उसके नीचे भारी मात्रा में अलग-अलग ब्रांड की चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब के कार्टन छिपाकर रखे हुए मिले। पुलिस ने कुल 846 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की, जिन पर 'फॉर सेल ओनली इन चंडीगढ़' अंकित था। जब्त की गई इस अवैध शराब की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 90 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से शराब की इस खेप और तस्करी में इस्तेमाल हो रहे ट्रक को जब्त कर लिया है, साथ ही ट्रक चालक योगेश (उम्र 42 साल), निवासी रणवाली गली, छाया प्लॉट, पोरबंदर (गुजरात) को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में रतनपुर चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ (उपनिरीक्षक) के साथ कांस्टेबल जोगेंद्र सिंह (नंबर 720), कांस्टेबल कुंदन सिंह (नंबर 426), कांस्टेबल फतहलाल (नंबर 754), कांस्टेबल कपिल (नंबर 490) और कांस्टेबल गौरव (नंबर 951) शामिल रहे।3
- डूंगरपुर में 3 जून को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक मीडिया राउंड टेबल का आयोजन किया गया, जिसमें मीडिया की अहम भागीदारी को जिला कलक्टर देशलदान ने सराहा। उन्होंने बताया कि मीडिया ने जन-जन तक जल संरक्षण का संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह बात उन्होंने बुधवार को जिला परिषद के ईडीपी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कही। इस अवसर पर जिला कलक्टर देशलदान ने अभियान के तहत किए गए कार्यों, पिछले वर्ष के कार्यों के प्रभाव, पहाड़ियों पर बने चेकडेम, अर्बन स्ट्रक्चर और जल संरचनाओं से बरसात के पानी के रुकने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि व्यर्थ बहते पानी के रुकने से भूजल स्तर बढ़ा है, पहाड़ियां हरी-भरी हुई हैं, भूमि में नमी बढ़ी है, चारागाह विकसित हुए हैं और पानी की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे अभियान की सफलता स्पष्ट रूप से दिख रही है। उन्होंने इस वर्ष भी परंपरागत जल स्रोतों की साफ-सफाई, बड़े तालाबों, एनीकट की सफाई और जागरूकता कार्यक्रमों पर जोर देने की जानकारी दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में सहायक निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क श्रीमती छाया चौबीसा और वाटर शेड अधीक्षण अभियंता मूलाराम सोलंकी ने जिला कलक्टर, सीईओ और सभी मीडिया कर्मियों का उपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं नोडल अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ ने अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, हरियालो राजस्थान, कर्मभूमि से मातृभूमि और जल संरक्षण स्रोतों के संरक्षण जैसे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मीडिया वास्तव में सोशल ऑडिट करती है, जिससे उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। अधिशाषी अभियंता वाटर शेड संदीप पांडे ने जल की उपलब्धता, भूजल स्तर, डार्क ज़ोन और आने वाले समय में पानी की स्थिति पर एक पावर प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें अभियान का महत्व, बनाए गए जल स्ट्रक्चर और पिछले वर्ष के कार्यों के प्रभावों को रेखांकित किया गया। इस प्रेजेंटेशन में अधिशाषी अभियंता रवि कटारा, सहायक अभियंता प्रतिभा कटारा और लेखाधिकारी प्रतीक जैन ने भी सहयोग दिया। जिला कलक्टर देशलदान ने पुराने जल स्रोतों को साफ कर पेयजल योजनाओं से जोड़ने और 'हरियालो राजस्थान' के तहत प्रत्येक ब्लॉक में एक मॉडल फलदार बगीचा विकसित करने के प्रयासों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में वाटर शेड़ अधीक्षण अभियंता मूलाराम सोलंकी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उद्योग विभाग महाप्रबंधक भगवान दास, एपीआरओ मोहन खराड़ी, मीडिया कर्मी, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक जनसंपर्क ने किया। सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जल संरक्षण करने, प्लास्टिक मुक्त बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।1
- डूंगरपुर में पुलिस थाना बिछीवाड़ा ने "ऑपरेशन स्वच्छता" के तहत रतनपुर बॉर्डर पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक ट्रक में चावल की बोरियों की आड़ में हो रही चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब की तस्करी को पकड़ा। इस कार्रवाई के दौरान कुल 846 कर्टन अंग्रेजी शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 90 लाख रुपये बताई जा रही है। तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक और पोरबंदर, गुजरात निवासी उसके चालक योगेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस संबंध में पारस मल पुलिस व्रत अधिकारी ने जानकारी दी।3
- डूंगरपुर जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन स्वच्छता” के तहत बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने रतनपुर बॉर्डर पर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने लगभग 90 लाख रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब से भरे एक ट्रक को जब्त कर उसके चालक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन और वृत्ताधिकारी सीमलवाड़ा मदनलाल बिश्नोई के मार्गदर्शन में बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाशचन्द्र सोनी के नेतृत्व में हुई। पुलिस के अनुसार, मंगलवार को रतनपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अब्दुल मुनाफ अपने जाप्ते के साथ एनएच-48 पर उदयपुर से अहमदाबाद जाने वाले वाहनों की नाकाबंदी कर जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि गुजरात की ओर जा रहे एक टाटा कंपनी के ओपन बॉडी ट्रक में चावल की बोरियों की आड़ में अवैध अंग्रेजी शराब भरी हुई है। सूचना के आधार पर पुलिस ने ट्रक नंबर जीजे 10 टीटी 9477 को रुकवाकर तलाशी ली। प्रारंभिक जांच में ट्रक में चावल की बोरियां ही दिखाई दीं, लेकिन बोरियों को हटाने पर अंदर विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब के कार्टन मिले। पुलिस ने सभी 846 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की, जिन पर “फॉर सेल ओनली इन चंडीगढ़” अंकित था। पुलिस ने मौके से ट्रक जब्त कर चालक योगेश कोडियातर, निवासी पोरबंदर, गुजरात को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर इस शराब तस्करी नेटवर्क के संबंध में आगे की जांच शुरू कर दी गई है।1
- Post by Bapulal Ahari1
- डूंगरपुर जिले के चौरासी विधानसभा क्षेत्र के धंबोला स्थित ऐतिहासिक खेमसागर तालाब पर राजस्थान सरकार के 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों ने मिलकर जल संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान गंगा पूजन, कलश यात्रा, वृक्षारोपण और श्रमदान जैसे कई आयोजन भी किए गए। इस अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिसमें चौरासी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी कारी लाल ननोमा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला कलक्टर देशलदान, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीनदयाल सिंह चौहान, जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना, जिला उपाध्यक्ष हंसमुख पंड्या, एसडीएम संजय चरपोटा, विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता फूलसिंह मीणा, अधिशाषी अभियंता अश्विनी अहारी और तहसीलदार राजेश मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिए जाने की बात कही, और बताया कि 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का मुख्य उद्देश्य आमजन को जल बचाने और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर देशलदान ने उपस्थित सभी लोगों को जल संरक्षण की सामूहिक शपथ दिलाई। उन्होंने जल की हर बूंद को बचाने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और जल स्रोतों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया। वन विभाग द्वारा खेमसागर तालाब की पाल पर वृक्षारोपण भी किया गया, जिसमें जिला कलक्टर देशलदान और कारी लाल ननोमा सहित अन्य अतिथियों ने पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण गंगा पूजन और भव्य कलश यात्रा रही, जहाँ महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर 'हर-हर गंगे' और 'जय माँ गंगे' के जयकारों के साथ यात्रा निकाली, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। अभियान के तहत जिला कलक्टर, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने खेमसागर तालाब परिसर में श्रमदान कर सफाई अभियान भी चलाया, जिससे जल स्रोतों को स्वच्छ और संरक्षित रखने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर स्थानीय मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, झोथरी मंडल अध्यक्ष महावीर ननोमा, गुजरेश्वर मंडल अध्यक्ष महेश डामोर, कुंआ मंडल अध्यक्ष मगनलाल डामोर, मंडल महामंत्री जगदीश पंड्या, सतीश लबाना और सुखलाल पाटीदार सहित अनेक जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन दिनेश पंड्या ने किया, जबकि अंत में जिला उपाध्यक्ष हंसमुख पंड्या ने आभार व्यक्त किया। जल संरक्षण का संदेश देते हुए कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि "पानी है तो कल है, पानी है तो जीवन है"। उन्होंने जोर दिया कि जल की एक-एक बूंद बचाना ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में स्थित नवा महादेव मंदिर में पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों की नियमितीकरण की माँग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जितेंद्र मेहता ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जबकि उपाध्यक्ष घनश्याम के नेतृत्व में इसका आयोजन हुआ। इस बैठक में 400 से अधिक संख्या में शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने भाग लिया। बैठक में पंचायत शिक्षकों की वेदना को संबोधित किया गया, जहाँ प्रमुखता से बताया गया कि "डबल इंजन सरकार" के बावजूद उनके एरियर जुलाई 2025 से बकाया हैं। शिक्षकों ने यह भी कहा कि उनके नियमितीकरण के लिए सरकार की मंशा धरातल पर नजर नहीं आ रही है। उन्हें मात्र 19700 के कम मानदेय में परिवार चलाना भारी पड़ रहा है, और ना तो उनकी सर्विस बुक बनाई जा रही है, ना ही कोई कटौती की जा रही है। इसके अतिरिक्त, उन्हें 1500 रुपए का मेडिकल भत्ता भी प्राप्त नहीं हो रहा है। उन्होंने ज़ोर दिया कि 18 साल से अधिक समय की सेवा के बावजूद उन्हें न तो वेतन वृद्धि मिली है और न ही नियमितीकरण हुआ है, जिससे आए दिन जिला और राज्य स्तर पर होने वाले धरनों के दौरान दुर्घटनाओं का भय बना रहता है। शिक्षकों ने सरकार से इस भयावह समस्या का शीघ्र निराकरण करने की मांग की। इस अवसर पर घनश्याम लबाना, नरेश कांति, रामचंद्र दातार जी, राजेंद्र कवि और प्रवीण प्यासा जैसे सदस्यों ने एक कविता सुनाई, जिसमें संविदा से नियमित होकर अपने भविष्य को सुरक्षित करने का मार्मिक निवेदन किया गया।1
- डूंगरपुर जिले के नवा महादेव मंदिर में पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों, विशेषकर नियमितीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। जितेंद्र मेहता की अध्यक्षता और उपाध्यक्ष घनश्याम के नेतृत्व में हुई इस बैठक में 400 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। इस दौरान, पंचायत शिक्षकों ने अपनी दयनीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 'डबल इंजन सरकार' होने के बावजूद उनके एरियर जुलाई 2025 से बकाया हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से नियमितीकरण के लिए कोई स्पष्ट मंशा धरातल पर नजर नहीं आ रही है। शिक्षकों ने ₹19,700 के कम मानदेय पर परिवार चलाने में आ रही कठिनाइयों का जिक्र किया, साथ ही बताया कि उन्हें न तो सर्विस बुक मिली है, न ही कोई कटौती की जा रही है, और न ही ₹1500 का मेडिकल भत्ता प्राप्त हो रहा है। उन्होंने अपनी 'भयावह समस्या' का जल्द से जल्द निराकरण करने की मांग की, यह कहते हुए कि 18 साल से अधिक समय सेवा देने के बावजूद भी उनके वेतन में कोई वृद्धि नहीं हुई है और न ही उन्हें नियमित किया गया है। शिक्षकों ने यह चिंता भी जताई कि जिला और राज्य स्तर पर आए दिन होने वाले धरनों से दुर्घटनाओं का भय बना रहता है। बैठक में घनश्याम लबाना, नरेश, कांति, रामचंद्र दातार जी और राजेंद्र सहित अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे। कवि प्रवीण प्यासा ने एक कविता सुनाकर 'संविदा से हम तो नियमित हो जाएं, आगे क्या है ये भविष्य हो जाए' का भावुक निवेदन किया, जिसमें उन्होंने नियमितीकरण और भविष्य सुरक्षित करने की आकांक्षा व्यक्त की।1