बिल के नाम पर समाजों को लड़ाने की कोशिश, मुस्लिमों को शिक्षा-रोजगार नहीं मिला रविन्द्र सिंह भाटी जयपुर पत्रकार इकबाल खान विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा है कि एक बिल के नाम पर समाजों को आपस में लड़ाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दों को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना समाज के लिए ठीक नहीं है और इससे आपसी सौहार्द प्रभावित होता है। भाटी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी मुस्लिम समाज के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद मुस्लिम समुदाय को न तो पर्याप्त शिक्षा के अवसर मिले और न ही रोजगार के क्षेत्र में उचित भागीदारी मिल पाई।उन्होंने कहा कि किसी भी समाज का विकास तभी संभव है जब उसे बराबरी के अवसर मिलें। भाटी ने कहा कि समाजों के बीच टकराव की राजनीति के बजाय शिक्षा, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है।
बिल के नाम पर समाजों को लड़ाने की कोशिश, मुस्लिमों को शिक्षा-रोजगार नहीं मिला रविन्द्र सिंह भाटी जयपुर पत्रकार इकबाल खान विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा है कि एक बिल के नाम पर समाजों को आपस में लड़ाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दों को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना समाज के लिए ठीक नहीं है और इससे आपसी सौहार्द प्रभावित होता है। भाटी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी मुस्लिम समाज के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद मुस्लिम समुदाय को न तो पर्याप्त शिक्षा के अवसर मिले और न ही रोजगार के क्षेत्र में उचित भागीदारी मिल पाई।उन्होंने कहा कि किसी भी समाज का विकास तभी संभव है जब उसे बराबरी के अवसर मिलें। भाटी ने कहा कि समाजों के बीच टकराव की राजनीति के बजाय शिक्षा, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है।
- होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 37 भारतीय जहाज, 10,000 करोड़ रुपये से अधिक माल जोखिम में1
- Post by Bikaner local news1
- आज जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णी SP कावेंद्र सिंह सागर ने श्री डूंगरगढ़ में अधिकारियों के साथ एक बैठक ली जिसमें उपखंड मे हो रही दुर्घटना को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।1
- नागौर/पादूकलां ,,जिले के पादूकलां क्षेत्र की ग्राम पंचायत मेवड़ा में रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। समाजसेवी एवं पूर्व सरपंच राजुराम चेन्दलिया की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रोजेदारों और ग्रामीणों ने भाग लेकर रोजा खोला और देश-प्रदेश में अमन-चैन, तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी।इफ्तार कार्यक्रम के दौरान गांव में गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ बैठकर इफ्तार करते नजर आए। इस मौके पर आयोजक राजुराम चेन्दलिया ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना इंसानियत, सब्र और आपसी भाईचारे का संदेश देता है और ऐसे आयोजन समाज में सौहार्द को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में सुगनाराम जाजड़ा, रामस्वरूप घटियाला, भवानी धायल, संस्कार चेन्दलिया, सत्तार रंगरेज, गुल मोहम्मद, शब्बीर मोहम्मद, उमरदीन, रमजान मोहम्मद, आरिफ मोहम्मद, फारूक मोहम्मद, राजू, शेर मोहम्मद, नवाब नौजवान कमेटी के सदस्य, निसार भाई, रशीद भाई, आसीन भाई, सद्दाम भाई, रजाक भाई, बरकत अली, कयामुद्दीन, मुस्ताक भाई सहित दोनों समुदाय के अनेक लोग मौजूद रहे। मेवड़ा गांव में आयोजित इस रोजा इफ्तार पार्टी ने एक बार फिर हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का संदेश दिया।3
- “रास्ता दो या जवाब दो!” आजाद नगर की हुंकार से गूंजा कलेक्ट्रेट, नारी-युवा शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन 📍 श्रीगंगानगर से बड अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻1
- राजस्थानी संस्कृति में मायरे का अपना ही मान और गौरव है। 🙏 #Mayra #MayraRitual #RajasthaniCulture #RajasthaniTradition #MayraCeremony #BhatRasam #RajasthanCulture #DesiTradition #VillageCulture #IndianTradition #MarwadiCulture #FamilyFunction #BhaiBehenKaPyar #DesiLife #VillageLife #Rajasthan #Marwadi #IncredibleRajasthan #ReelsIndia #ViralReels1
- वृद्ध आश्रम अनूपगढ़ जिला श्रीगंगानगर राजस्थान 96721853661
- अमेरिका-इजरायल ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट के पास कई भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। इससे कार्गो सेफ्टी, क्रू सिक्योरिटी और एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस इलाके में लगभग 37 भारतीय झंडे वाले जहाज फंसे हैं। इन जहाजों पर 10,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का सामान लोड है। इनमें से कई जहाज तेल और गैस कैरियर हैं, जो भारतीय पोर्ट्स पर क्रूड ऑयल और एलपीजी पहुंचाते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इंडियन नेशनल शिपओनर्स एसोसिएशन (INSA) ने मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वॉटरवेज को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। जहाजों के फंसे रहने का कारण जरूरी शिपिंग रूट का 'ब्लॉक्ड स्टाइल क्लोजर' बताया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो एनर्जी सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर गंभीर असर पड़ सकता है।1