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कुशीनगर में टूटा बड़ा तटबंध, कई गांवों में घुसा पानी... NDRF और SDRF टीमें तैनात उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी के तेज बहाव से तटबंध टूट गया, जिससे कई गांव जलमग्न हो गए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए. प्रशासन और NDRF, SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. कुशीनगर में टूटा बड़ा तटबंध, कई गांवों में घुसा पानी... NDRF और SDRF टीमें तैनात उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी के तेज बहाव से तटबंध टूट गया, जिससे कई गांव जलमग्न हो गए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए. प्रशासन और NDRF, SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं.

11 hrs ago
user_Salma khatoon
Salma khatoon
Audio visual consultant पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

कुशीनगर में टूटा बड़ा तटबंध, कई गांवों में घुसा पानी... NDRF और SDRF टीमें तैनात उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी के तेज बहाव से तटबंध टूट गया, जिससे कई गांव जलमग्न हो गए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए. प्रशासन और NDRF, SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. कुशीनगर में टूटा बड़ा तटबंध, कई गांवों में घुसा पानी... NDRF और SDRF टीमें तैनात उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी के तेज बहाव से तटबंध टूट गया, जिससे कई गांव जलमग्न हो गए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए. प्रशासन और NDRF, SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं.

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  • नारायणी के कहर के बीच मुख्यमंत्री का कुशीनगर दौरा कटान स्थल का हवाई सर्वे, राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से संवाद; 5 हजार सूखा राशन किट और त्वरित मुआवजे के निर्देश नारायणी के कहर के बीच मुख्यमंत्री का कुशीनगर दौरा कटान स्थल का हवाई सर्वे, राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से संवाद; 5 हजार सूखा राशन किट और त्वरित मुआवजे के निर्देश 🔴 जनहानि पर ₹4 लाख तत्काल सहायता, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ 🔴 फसल क्षति का 15 दिन में पारदर्शी सर्वे, किसानों को शीघ्र मुआवजे के निर्देश 🔴 एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड यूनिट राहत-बचाव में तैनात नारायणी नदी के बढ़े जलप्रवाह और तटबंधों पर बने दबाव के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने पहले तटबंध कटान स्थल का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद सड़क मार्ग से प्रभावित ग्राम जवही दयाल स्थित पंचायत भवन/राहत शिविर पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों का कुशलक्षेम जाना तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री वितरण स्थल पर प्रभावित नागरिकों से संवाद करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी मजबूती और संवेदनशीलता से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और सहायता अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। अचानक बढ़ा नदी का जलप्रवाह मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश, देश के विभिन्न हिस्सों तथा नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश के कारण पिछले चार दिनों में नारायणी नदी का जलप्रवाह सामान्य 3 से 4 लाख क्यूसेक से बढ़कर करीब 5.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। बढ़े जलप्रवाह के दबाव से तटबंध क्षतिग्रस्त हुए और कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी। राहत-बचाव के लिए टीमें मैदान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की दो, एसडीआरएफ की दो टीमें तथा पीएसी की फ्लड यूनिट राहत एवं बचाव कार्य में लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने जलमग्न और बेघर हुए लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने तथा वहां गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और जनरेटर से 24 घंटे प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 सूखा राशन किट की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक किट का वजन करीब 50 किलोग्राम बताया गया है, जिसमें चावल, आटा, आलू, दाल, तेल, मसाले, नमक, लाई, चना, बाल्टी समेत दैनिक उपयोग की करीब 35 प्रकार की सामग्री शामिल है। जनहानि पर चार लाख, मकान क्षति पर सहायता मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को ₹4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराया जाएगा। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी नियमानुसार आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए। किसानों की फसल का 15 दिन में सर्वे बाढ़ से धान, गन्ना और सब्जियों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों का 15 दिन के भीतर पारदर्शी सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। बीमारी और सांप के खतरे से निपटने की तैयारी बाढ़ का पानी उतरने के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में अगले 5-6 दिनों तक नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पीएचसी और सीएचसी पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। नारायणी के दीर्घकालिक समाधान पर जोर मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को क्षतिग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत के साथ भविष्य की सुरक्षा के लिए उनके स्थायी सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। साथ ही नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार जल शक्ति मंत्री और प्रमुख सचिव सिंचाई के स्तर से ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे नदी की गहराई बढ़ाने, जलप्रवाह को सुगम बनाने और नदी में जमा सिल्ट के समुचित उपयोग की दिशा में दीर्घकालिक समाधान विकसित किया जा सके। रात में सूचना मिलते ही अधिकारियों को भेजा था मौके पर प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री को सोमवार रात ही तटबंध कटान की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने मंडलायुक्त, एडीजी समेत संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। निर्देश के क्रम में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि मौसम साफ होने के साथ स्थिति तेजी से सामान्य होगी तथा शासन-प्रशासन का पूरा तंत्र प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए सक्रिय रहेगा। इस दौरान सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, सांसद विजय कुमार दुबे, विधायक डॉ. असीम कुमार राय, विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, विधायक पी.एन. पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, राजेश्वर सिंह, प्रमुख सचिव सिंचाई, गोरखपुर मंडल के आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह, एडीजी रामकुमार, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सहित जनपद स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
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    नारायणी के कहर के बीच मुख्यमंत्री का कुशीनगर दौरा

कटान स्थल का हवाई सर्वे, राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से संवाद; 5 हजार सूखा राशन किट और त्वरित मुआवजे के निर्देश
नारायणी के कहर के बीच मुख्यमंत्री का कुशीनगर दौरा
कटान स्थल का हवाई सर्वे, राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से संवाद; 5 हजार सूखा राशन किट और त्वरित मुआवजे के निर्देश
🔴 जनहानि पर ₹4 लाख तत्काल सहायता, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ
🔴 फसल क्षति का 15 दिन में पारदर्शी सर्वे, किसानों को शीघ्र मुआवजे के निर्देश
🔴 एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड यूनिट राहत-बचाव में तैनात
नारायणी नदी के बढ़े जलप्रवाह और तटबंधों पर बने दबाव के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने पहले तटबंध कटान स्थल का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद सड़क मार्ग से प्रभावित ग्राम जवही दयाल स्थित पंचायत भवन/राहत शिविर पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों का कुशलक्षेम जाना तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री वितरण स्थल पर प्रभावित नागरिकों से संवाद करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी मजबूती और संवेदनशीलता से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और सहायता अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
अचानक बढ़ा नदी का जलप्रवाह
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश, देश के विभिन्न हिस्सों तथा नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश के कारण पिछले चार दिनों में नारायणी नदी का जलप्रवाह सामान्य 3 से 4 लाख क्यूसेक से बढ़कर करीब 5.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। बढ़े जलप्रवाह के दबाव से तटबंध क्षतिग्रस्त हुए और कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी।
राहत-बचाव के लिए टीमें मैदान में
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की दो, एसडीआरएफ की दो टीमें तथा पीएसी की फ्लड यूनिट राहत एवं बचाव कार्य में लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने जलमग्न और बेघर हुए लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने तथा वहां गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और जनरेटर से 24 घंटे प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 सूखा राशन किट की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक किट का वजन करीब 50 किलोग्राम बताया गया है, जिसमें चावल, आटा, आलू, दाल, तेल, मसाले, नमक, लाई, चना, बाल्टी समेत दैनिक उपयोग की करीब 35 प्रकार की सामग्री शामिल है।
जनहानि पर चार लाख, मकान क्षति पर सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को ₹4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराया जाएगा। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी नियमानुसार आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए।
किसानों की फसल का 15 दिन में सर्वे
बाढ़ से धान, गन्ना और सब्जियों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों का 15 दिन के भीतर पारदर्शी सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
बीमारी और सांप के खतरे से निपटने की तैयारी
बाढ़ का पानी उतरने के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में अगले 5-6 दिनों तक नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पीएचसी और सीएचसी पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नारायणी के दीर्घकालिक समाधान पर जोर
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को क्षतिग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत के साथ भविष्य की सुरक्षा के लिए उनके स्थायी सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। साथ ही नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार जल शक्ति मंत्री और प्रमुख सचिव सिंचाई के स्तर से ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे नदी की गहराई बढ़ाने, जलप्रवाह को सुगम बनाने और नदी में जमा सिल्ट के समुचित उपयोग की दिशा में दीर्घकालिक समाधान विकसित किया जा सके।
रात में सूचना मिलते ही अधिकारियों को भेजा था मौके पर
प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री को सोमवार रात ही तटबंध कटान की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने मंडलायुक्त, एडीजी समेत संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। निर्देश के क्रम में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि मौसम साफ होने के साथ स्थिति तेजी से सामान्य होगी तथा शासन-प्रशासन का पूरा तंत्र प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए सक्रिय रहेगा।
इस दौरान सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, सांसद विजय कुमार दुबे, विधायक डॉ. असीम कुमार राय, विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, विधायक पी.एन. पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, राजेश्वर सिंह, प्रमुख सचिव सिंचाई, गोरखपुर मंडल के आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह, एडीजी रामकुमार, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सहित जनपद स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
    user_Pawan Mishra india ahead english hindi news chainal
    Pawan Mishra india ahead english hindi news chainal
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण
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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण
    user_Salma khatoon
    Salma khatoon
    Audio visual consultant पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण
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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण
    user_Abulaish Ansari Kushinagr News
    Abulaish Ansari Kushinagr News
    Youth Social Services Organisation पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • करोड़ों खर्च के बाद भी पहली बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो जाते हैं बांध, जल शक्ति मंत्री से पूछा सवाल ### करोड़ों खर्च के बाद भी पहली बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो जाते हैं बांध, जल शक्ति मंत्री से पूछा सवाल **तमकुहीराज।** कुशीनगर के तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से बाढ़ और बांधों की स्थिति को लेकर सवाल किया गया। सवाल यह था कि आखिर हर साल बांधों की मरम्मत और सुरक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद पहली ही बाढ़ में बांधों के क्षतिग्रस्त होने की नौबत क्यों आ जाती है? क्षेत्र में बाढ़ के दौरान बांधों पर दबाव बढ़ने और कई स्थानों पर क्षति की स्थिति सामने आने के बाद निर्माण कार्यों और मरम्मत की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि बांधों पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो उनकी मजबूती और सुरक्षा ऐसी होनी चाहिए कि वे बाढ़ के दबाव को झेल सकें। इसी मुद्दे को लेकर जल शक्ति मंत्री से पूछा गया कि क्या बाढ़ खंड द्वारा कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच होती है? यदि जांच होती है तो बार-बार बांध क्षतिग्रस्त होने के लिए जिम्मेदार कौन है? **बड़ा सवाल यह भी है कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी बांध पहली ही बाढ़ में क्षतिग्रस्त कैसे हो जाते हैं? क्या इसके पीछे सिर्फ प्राकृतिक दबाव है या फिर निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की भी जांच जरूरी है?** मामले की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    करोड़ों खर्च के बाद भी पहली बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो जाते हैं बांध, जल शक्ति मंत्री से पूछा सवाल
### करोड़ों खर्च के बाद भी पहली बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो जाते हैं बांध, जल शक्ति मंत्री से पूछा सवाल
**तमकुहीराज।** कुशीनगर के तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से बाढ़ और बांधों की स्थिति को लेकर सवाल किया गया। सवाल यह था कि आखिर हर साल बांधों की मरम्मत और सुरक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद पहली ही बाढ़ में बांधों के क्षतिग्रस्त होने की नौबत क्यों आ जाती है?
क्षेत्र में बाढ़ के दौरान बांधों पर दबाव बढ़ने और कई स्थानों पर क्षति की स्थिति सामने आने के बाद निर्माण कार्यों और मरम्मत की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि बांधों पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो उनकी मजबूती और सुरक्षा ऐसी होनी चाहिए कि वे बाढ़ के दबाव को झेल सकें।
इसी मुद्दे को लेकर जल शक्ति मंत्री से पूछा गया कि क्या बाढ़ खंड द्वारा कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच होती है? यदि जांच होती है तो बार-बार बांध क्षतिग्रस्त होने के लिए जिम्मेदार कौन है?
**बड़ा सवाल यह भी है कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी बांध पहली ही बाढ़ में क्षतिग्रस्त कैसे हो जाते हैं? क्या इसके पीछे सिर्फ प्राकृतिक दबाव है या फिर निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की भी जांच जरूरी है?** मामले की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Sagar Pathak
    Sagar Pathak
    Voice of people खड्डा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सलग्न....तमकुहीराज / कुशीगर सरया खुर्द में सरकारी कोटे के चयन में धांधली का आरोप, ग्रामीणों ने डीएम से नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग की रिपोर्टर. अजीत कुमार लोकेशन. कुशीनगर Mo. 9517108149 दिनांक. 29.09.2026 तमकुहीराज / कुशीगर सरया खुर्द में सरकारी कोटे के चयन में धांधली का आरोप, ग्रामीणों ने डीएम से नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग की एंकर..कुशीनगर। तहसील तमकुहीराज के ग्राम पंचायत सरया खुर्द में सरकारी सस्ते गल्ले की कोटे की दुकान के चयन को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कुशीनगर को पत्र भेजकर निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व मौजा सरया खुर्द (13 वार्ड) और टेमुसहर (02 वार्ड) को मिलाकर बनी ग्राम पंचायत सरया खुर्द में कोटे की दुकान के चयन की प्रक्रिया को बार-बार विवाद कराकर स्थगित किया जा रहा है। *09/03/2026* को चयन के लिए तिथि नियत थी, लेकिन ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, सचिव और ब्लॉक के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से मौके पर विवाद कराकर चयन प्रक्रिया स्थगित करा दी गई, जिसका वीडियो भी मौजूद है। *06/04/2026* को दूसरी तिथि नियत हुई। इससे पहले ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी तमकुहीराज को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि सरया खुर्द में सबसे अधिक कार्डधारक हैं और टेमुसहर पंचायत भवन करीब 2 किमी दूर है, जहाँ सभी कार्डधारक जाने में असमर्थ हैं। इस पर नायब तहसीलदार ने 17/03/2026 को जांच कर ग्रामीणों की बातों की पुष्टि भी की थी। उपजिलाधिकारी ने 01/09/2026 को आदेश दिया कि आम जनमानस की सुविधा अनुसार उच्च प्राथमिक विद्यालय सरया खुर्द पर खुली बैठक कराकर 06/09/2026 को चयन कराया जाए, लेकिन पूर्व ग्राम प्रधान ने मेडिकल अस्वस्थ होने का बहाना बनाकर फिर से प्रक्रिया स्थगित करा दी। ग्रामीणों का आरोप है कि *09/09/2026* को ग्राम सचिव विद्यालय संचालित होने का हवाला देकर बिना चयन किए लौट गए और *28/09/2026* को जिलाधिकारी के आदेश के बाद ग्रामीण उच्च प्रा० वि० सरया खुर्द पर दिन भर इंतजार करते रहे, लेकिन खुली बैठक कराने कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और बीडीओ सेवरही व सचिव की सांठगांठ से बिना खुली बैठक के ही कार्यवाही रजिस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर कराकर कोटे की दुकान का चयन अपने चहेते के नाम कराने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीण उपेन्द्र चौहान, रीता, नागेन्द्र प्रसाद, विरेन्द्र, मुन्ना शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्डधारकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जनहित में किसी नोडल अधिकारी की निगरानी में उच्च प्रा० वि० सरया खुर्द पर ही साफ और स्वच्छ तरीके से खुली बैठक कराकर कोटे की दुकान का चयन कराया जाए।
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    सलग्न....तमकुहीराज / कुशीगर सरया खुर्द में सरकारी कोटे के चयन में धांधली का आरोप, ग्रामीणों ने डीएम से नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग की
रिपोर्टर. अजीत कुमार
लोकेशन. कुशीनगर
Mo. 9517108149
दिनांक. 29.09.2026
तमकुहीराज / कुशीगर सरया खुर्द में सरकारी कोटे के चयन में धांधली का आरोप, ग्रामीणों ने डीएम से नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग की
एंकर..कुशीनगर। तहसील तमकुहीराज के ग्राम पंचायत सरया खुर्द में सरकारी सस्ते गल्ले की कोटे की दुकान के चयन को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कुशीनगर को पत्र भेजकर निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व मौजा सरया खुर्द (13 वार्ड) और टेमुसहर (02 वार्ड) को मिलाकर बनी ग्राम पंचायत सरया खुर्द में कोटे की दुकान के चयन की प्रक्रिया को बार-बार विवाद कराकर स्थगित किया जा रहा है।
*09/03/2026* को चयन के लिए तिथि नियत थी, लेकिन ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, सचिव और ब्लॉक के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से मौके पर विवाद कराकर चयन प्रक्रिया स्थगित करा दी गई, जिसका वीडियो भी मौजूद है।
*06/04/2026* को दूसरी तिथि नियत हुई। इससे पहले ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी तमकुहीराज को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि सरया खुर्द में सबसे अधिक कार्डधारक हैं और टेमुसहर पंचायत भवन करीब 2 किमी दूर है, जहाँ सभी कार्डधारक जाने में असमर्थ हैं। इस पर नायब तहसीलदार ने 17/03/2026 को जांच कर ग्रामीणों की बातों की पुष्टि भी की थी।
उपजिलाधिकारी ने 01/09/2026 को आदेश दिया कि आम जनमानस की सुविधा अनुसार उच्च प्राथमिक विद्यालय सरया खुर्द पर खुली बैठक कराकर 06/09/2026 को चयन कराया जाए, लेकिन पूर्व ग्राम प्रधान ने मेडिकल अस्वस्थ होने का बहाना बनाकर फिर से प्रक्रिया स्थगित करा दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि *09/09/2026* को ग्राम सचिव विद्यालय संचालित होने का हवाला देकर बिना चयन किए लौट गए और *28/09/2026* को जिलाधिकारी के आदेश के बाद ग्रामीण उच्च प्रा० वि० सरया खुर्द पर दिन भर इंतजार करते रहे, लेकिन खुली बैठक कराने कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और बीडीओ सेवरही व सचिव की सांठगांठ से बिना खुली बैठक के ही कार्यवाही रजिस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर कराकर कोटे की दुकान का चयन अपने चहेते के नाम कराने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीण उपेन्द्र चौहान, रीता, नागेन्द्र प्रसाद, विरेन्द्र, मुन्ना शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्डधारकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जनहित में किसी नोडल अधिकारी की निगरानी में उच्च प्रा० वि० सरया खुर्द पर ही साफ और स्वच्छ तरीके से खुली बैठक कराकर कोटे की दुकान का चयन कराया जाए।
    user_Ajeet kumar
    Ajeet kumar
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • पडरौना का अंडर पास एक पहेली बन कर रह जायेगी, याद करेंगे लोग किसके कार्यकाल मे बना और किसके प्रयास से बना, मैने बनवाया मैने बनवाया आने वा दिन प्रश्नवाचक चिन्ह बन जायेगा l
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    पडरौना का अंडर पास एक पहेली बन कर रह जायेगी, याद करेंगे लोग किसके कार्यकाल मे बना और किसके प्रयास से बना, मैने बनवाया मैने बनवाया आने वा दिन प्रश्नवाचक चिन्ह बन जायेगा l
    user_Pk गौरीशंकर गुप्ता आई कैन न्यू
    Pk गौरीशंकर गुप्ता आई कैन न्यू
    Court reporter पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • कुशीनगर में भारी तबाही,बड़ी गंडक नदी एपी तटबंध के किमी 5 पर 50 मीटर टूटी कुशीनगर में भारी तबाही - बड़ी गंडक नदी एपी तटबंध के किमी 5 पर 50 मीटर टूटी - बंधा टूटने से मची चीख पुकार - एपी तटबंध लगभग 50 मीटर जवही दयाल के पास टूटा - मेन बंधा टूटने से अफरा तफरी का माहौल - जवही नरेंद्र,तत्वा टोली,बिरवाट,जवही एहतमालि,सहित दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से हो सकता है प्रभावित - बंधा के किनारे बसे कई गांव के लोग पलायन करने को मजबूर - लोगो मे भय का माहौल,जिम्मेदारो पर बंधा किनारे बसे लोग लगा रहे लापरवाही का आरोप - बंधा रेड जोन में होने के बाद भी लापरवाही की बात आई सामने - बंधा टूटने की सूचना पर कमिश्नर,एडीजी गोरखपुर, डीएम,एसपी सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर - कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय लल्लू मौके पर पहुँच राहत बचाव कार्य मे जूटे - अजय लल्लू ने योगी सरकार को जमकर कोसा, - तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के जवही दयाल के पास एपी तट बंध का है मामला।
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    कुशीनगर में भारी तबाही,बड़ी गंडक नदी एपी तटबंध के किमी 5 पर 50 मीटर टूटी

कुशीनगर में भारी तबाही
- बड़ी गंडक नदी एपी तटबंध के किमी 5 पर 50 मीटर टूटी
- बंधा टूटने से मची चीख पुकार
- एपी तटबंध लगभग 50 मीटर जवही दयाल के पास टूटा
- मेन बंधा टूटने से अफरा तफरी का माहौल
- जवही नरेंद्र,तत्वा टोली,बिरवाट,जवही एहतमालि,सहित दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से हो सकता है प्रभावित
- बंधा के किनारे बसे कई गांव के लोग पलायन करने को मजबूर
- लोगो मे भय का माहौल,जिम्मेदारो पर बंधा किनारे बसे लोग लगा रहे लापरवाही का आरोप
- बंधा रेड जोन में होने के बाद भी लापरवाही की बात आई सामने
- बंधा टूटने की सूचना पर कमिश्नर,एडीजी गोरखपुर, डीएम,एसपी सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर 
- कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय लल्लू मौके पर पहुँच राहत बचाव कार्य मे जूटे
- अजय लल्लू ने योगी सरकार को जमकर कोसा,
- तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के जवही दयाल के पास एपी तट बंध का है मामला।
    user_Aditya pandey
    Aditya pandey
    कसया, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • स्वर्गीय जगदीश यादव की तृतीय पुण्यतिथि पर 131लोगो का निशुल्क ब्लड जांच कुशीनगर। जटहा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पकहां मुसहरी टोला के अर्नव पैथोलॉजी लैब के संचालक डॉक्टर ओमप्रकाश यादव के द्वारा स्वर्गीय जगदीश यादव की तृतीय पुण्यतिथि पर गरीब यतीम असहाय 131 लोगों का निशुल्क ब्लड जांच शिविर का आयोजन किया गया जिसमें ब्लड सैंपल लेकर उन सभी लोगों को रिपोर्ट भी दिया गया स्वर्गीय जगदीश यादव की तृतीय पुण्यतिथि पर डाक्टर ओमप्रकाश यादव ने के चित्र पर पुष्पार्चन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह आयोजन डॉक्टर ओमप्रकाश यादव के द्वारा किया निशुल्क ब्लड जांच कर 131 लोगों को प्रमाण पत्र वितरण करते हुए करते हुए कहा कि माँ बाप की प्रेरणा से ही पुरुषों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रति वर्ष मेरे द्वारा निःशुल्क ब्लड का जांच किया जाएगा मां बाप प्रथम गुरु हैं जो अपनी संतानों को जीवन में आगे बढ़ने की सीख देती हैं। मेरी माता पिता ने मुझे विपरीत परिस्थितियों में भी झुकने नहीं सदा आगे बढ़ने का मंत्र दिया। हमें अपने माता और पिता का सम्मान करना होगा तभी हर लक्ष्य पाने में सफलता मिलेगी। अंत में सह भोज का आयोजन किया गया। इस निशुल्क ब्लड जांच शिविर के डायरेक्टर डॉक्टर ओमप्रकाश यादव, संतोष विश्वकर्मा असद अंसारी आंशिक मोदनवाल करन गुप्ता, सहित क्षेत्र के तमाम सामंत लोग मौजूद रहे
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    स्वर्गीय जगदीश यादव की तृतीय  पुण्यतिथि पर 131लोगो का निशुल्क ब्लड जांच 
कुशीनगर। जटहा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पकहां मुसहरी टोला के अर्नव पैथोलॉजी लैब के संचालक डॉक्टर ओमप्रकाश यादव के द्वारा स्वर्गीय जगदीश यादव की तृतीय  पुण्यतिथि पर गरीब यतीम असहाय 131 लोगों का निशुल्क ब्लड जांच शिविर का आयोजन किया गया जिसमें ब्लड सैंपल लेकर उन सभी लोगों को रिपोर्ट भी दिया गया स्वर्गीय जगदीश यादव की तृतीय पुण्यतिथि पर डाक्टर ओमप्रकाश यादव ने के चित्र पर पुष्पार्चन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह आयोजन डॉक्टर ओमप्रकाश यादव के द्वारा किया निशुल्क ब्लड जांच कर 131 लोगों को प्रमाण पत्र वितरण करते हुए करते हुए कहा कि माँ बाप की प्रेरणा से ही पुरुषों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रति वर्ष मेरे द्वारा निःशुल्क ब्लड का जांच किया जाएगा मां बाप प्रथम गुरु हैं जो अपनी संतानों को जीवन में आगे बढ़ने की सीख देती हैं। मेरी माता पिता ने मुझे विपरीत परिस्थितियों में भी झुकने नहीं सदा आगे बढ़ने का मंत्र दिया। हमें अपने माता और पिता का सम्मान करना होगा तभी हर लक्ष्य पाने में सफलता मिलेगी। अंत में सह भोज का आयोजन किया गया। इस निशुल्क ब्लड जांच शिविर के डायरेक्टर डॉक्टर ओमप्रकाश यादव, संतोष विश्वकर्मा असद अंसारी आंशिक मोदनवाल करन गुप्ता, सहित क्षेत्र के तमाम सामंत लोग मौजूद रहे
    user_Abulaish Ansari Kushinagr News
    Abulaish Ansari Kushinagr News
    Youth Social Services Organisation पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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