देशभर में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें प्रधानमंत्री से लेकर आम नागरिकों तक हर वर्ग ने योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। राजधानी दिल्ली में भी इस दिन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। इसी क्रम में, दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने रोहिणी सेक्टर-14 स्थित डीडीए पार्क में एक विशेष योग कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्कूली बच्चों के साथ योगाभ्यास किया। सुबह के समय आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस योग दिवस कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों के बच्चों की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ योग कर स्वस्थ जीवन का महत्व दर्शाया। कार्यक्रम के दौरान, योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित लोगों को नियमित योग के लाभों के बारे में जानकारी दी और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। विजेंद्र गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज दुनिया के अनेक देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। गुप्ता ने लोगों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं। रोहिणी में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने इस बात को साबित कर दिया कि योग अब केवल एक अभ्यास नहीं रहा, बल्कि यह एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
देशभर में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें प्रधानमंत्री से लेकर आम नागरिकों तक हर वर्ग ने योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। राजधानी दिल्ली में भी इस दिन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। इसी क्रम में, दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने रोहिणी सेक्टर-14 स्थित डीडीए पार्क में एक विशेष योग कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्कूली बच्चों के साथ योगाभ्यास किया। सुबह के समय आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस योग दिवस कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों के बच्चों की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ योग कर स्वस्थ जीवन का महत्व दर्शाया। कार्यक्रम के दौरान, योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित लोगों को नियमित योग के लाभों के बारे में जानकारी दी और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। विजेंद्र गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज दुनिया के अनेक देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। गुप्ता ने लोगों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं। रोहिणी में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने इस बात को साबित कर दिया कि योग अब केवल एक अभ्यास नहीं रहा, बल्कि यह एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
- अम्बेडकर नगर जिले में 22 जून को दोपहर 2 बजे के आसपास तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इस मौसमी बदलाव के कारण, स्थानीय लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से काफी राहत मिली।1
- मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा है कि जातिवाद की राजनीति का लाभ केवल परिवारों को ही मिलता है। अपने इस बयान के माध्यम से उन्होंने विपक्ष की नीतियों पर सवाल उठाए।1
- दीपेन्द्र सिंह अपनी रचना "समय का स्वर, सहजता का मंत्र" के माध्यम से जीवन को नदी की भाँति सहजता से जीने का आह्वान करते हैं, जो शिलाओं से टकराकर भी गीत गाती है और हर मोड़ पर अपना मार्ग खोज लेती है। वे कल से भयभीत न होने की प्रेरणा देते हुए समझाते हैं कि कल भी समय की गोद में पलता है और आज का अंधकार ही कल का प्रभात बनता है। रचनाकार के अनुसार, जैसे ऋतुएँ बदलती हैं, वैसे ही पीड़ा भी अपना रंग बदलती है, और सहजता ही वास्तविक साधना है। लेखक हमें सिखाते हैं कि हमें जो आया उसे स्वीकार करना चाहिए और जो चला गया उसे प्रणाम करना चाहिए, जीवन के प्रवाह को रोकने के बजाय उसके संग बहना सीखना चाहिए। वे स्मरण कराते हैं कि बीज मिट्टी में गलकर ही वृक्ष बनता है और रात्रि की कोख से ही उषा जन्म लेती है। इसी तरह, कठिन समय भी काल के चक्र में एक दिन केवल स्मृति बन जाता है। इसलिए, दीपेन्द्र सिंह चिंता का बोझ उतारने और विश्वास की पतवार थामने का सुझाव देते हैं, क्योंकि समय स्वयं एक वैद्य है जो हर घाव भर देता है। जीवन का सार सहज और अविचल रहना है, क्योंकि कल भी समय के साथ बदलेगा। यह रचना "जय श्री राम" के उद्घोष के साथ समाप्त होती है।1
- देशभर में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें प्रधानमंत्री से लेकर आम नागरिकों तक हर वर्ग ने योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। राजधानी दिल्ली में भी इस दिन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। इसी क्रम में, दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने रोहिणी सेक्टर-14 स्थित डीडीए पार्क में एक विशेष योग कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्कूली बच्चों के साथ योगाभ्यास किया। सुबह के समय आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस योग दिवस कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों के बच्चों की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ योग कर स्वस्थ जीवन का महत्व दर्शाया। कार्यक्रम के दौरान, योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित लोगों को नियमित योग के लाभों के बारे में जानकारी दी और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। विजेंद्र गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज दुनिया के अनेक देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। गुप्ता ने लोगों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं। रोहिणी में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने इस बात को साबित कर दिया कि योग अब केवल एक अभ्यास नहीं रहा, बल्कि यह एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।1
- भारतीय खिलाड़ियों राज बिड़लान और राज सिंह सिन्हा ने थाईलैंड में आयोजित एक प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीतकर देश का परचम लहराया है। उनकी इस उपलब्धि के बाद, अब इन स्वर्ण पदक विजेताओं के सम्मान में दिल्ली में एक अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा।1
- जगत न्यूज़ 24 परिवार ने अपने सभी पाठकों और दर्शकों को जून माह के चौथे सोमवार के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।1
- थाना करोल बाग पुलिस ने एक सराहनीय कार्य को अंजाम देते हुए बैरिया गैंग के दो कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है।1
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक तीखा बयान देते हुए कहा है कि वही लोग सख्त कानूनों का विरोध कर रहे हैं, जो बेअदबी की घटनाओं के पीछे हैं या उन्हें करवाते हैं। उनके इस बयान में बेअदबी के मामलों को लेकर कड़े कानूनी प्रावधानों की मांग और उसके विरोध के पीछे के इरादों पर सीधा हमला किया गया है।1