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जालौन पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ गूगल मीट के माध्यम से एक वर्चुअल जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने थानों और कार्यालयों में आए फरियादियों की समस्याओं को सुना। पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित अधिकारियों को फरियादियों की समस्याओं के उचित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस जनसुनवाई के अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी भी मौजूद रहे।

20 hrs ago
user_दैनिक विश्ववार्ता न्यूज जालौन
दैनिक विश्ववार्ता न्यूज जालौन
उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
20 hrs ago
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जालौन पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ गूगल मीट के माध्यम से एक वर्चुअल जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने थानों और कार्यालयों में आए फरियादियों की समस्याओं को सुना। पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित अधिकारियों को फरियादियों की समस्याओं के उचित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस जनसुनवाई के अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी भी मौजूद रहे।

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  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में एक विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के साथ-साथ रेलवे के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया, जिसके माध्यम से स्वस्थ जीवन का एक महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित किया गया। झांसी के डीआरएम ने इस अवसर पर अपने संदेश में संस्कृत सूक्ति "योग: कर्मसु कौशलम्" का उद्धरण करते हुए स्पष्ट किया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का ही माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और एक सकारात्मक जीवनशैली का भी सुदृढ़ आधार प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन की ओर ले जाने वाला मार्ग है, और यदि इसे दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बना लिया जाए तो व्यक्ति अपने समग्र स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार कर सकता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस खास मौके पर उत्तर मध्य रेलवे ने समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं। कार्यक्रम में उपस्थित रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की और नियमित रूप से योग को अपने जीवन में अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
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    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में एक विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के साथ-साथ रेलवे के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया, जिसके माध्यम से स्वस्थ जीवन का एक महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित किया गया। झांसी के डीआरएम ने इस अवसर पर अपने संदेश में संस्कृत सूक्ति "योग: कर्मसु कौशलम्" का उद्धरण करते हुए स्पष्ट किया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का ही माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और एक सकारात्मक जीवनशैली का भी सुदृढ़ आधार प्रदान करता है।

उन्होंने आगे कहा कि योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन की ओर ले जाने वाला मार्ग है, और यदि इसे दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बना लिया जाए तो व्यक्ति अपने समग्र स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार कर सकता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस खास मौके पर उत्तर मध्य रेलवे ने समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं। कार्यक्रम में उपस्थित रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की और नियमित रूप से योग को अपने जीवन में अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    57 min ago
  • जालौन के जोल्हूपुर पुल का एक वायरल वीडियो प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहा है, जिसमें मौरंग से लदे डंपरों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। पुल पर ऐसा नजारा है, मानो सड़क नहीं बल्कि डंपरों का पार्किंग स्थल बन गया हो। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब प्रशासन द्वारा ओवरलोड वाहनों पर रोजाना कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर ये दर्जनों डंपर किसकी नजरों से बचकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इससे मौरंग माफियाओं के हौसले इतने बुलंद होते दिख रहे हैं कि उनके लिए नियम-कानून सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन डंपरों के कारण जाम, धूल और हादसों की समस्या आम हो गई है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी उन्हें और भी हैरान कर रही है। वायरल वीडियो ने अब प्रशासन से जवाब माँगा है कि क्या इन ओवरलोड डंपरों पर लगाम लगेगी, या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की सुर्खियों के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? फिलहाल, जोल्हूपुर पुल से सामने आई ये तस्वीरें प्रशासन से तत्काल जवाब और कार्रवाई की मांग कर रही हैं, जिसकी जनता बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही है।
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    जालौन के जोल्हूपुर पुल का एक वायरल वीडियो प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहा है, जिसमें मौरंग से लदे डंपरों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। पुल पर ऐसा नजारा है, मानो सड़क नहीं बल्कि डंपरों का पार्किंग स्थल बन गया हो।

यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब प्रशासन द्वारा ओवरलोड वाहनों पर रोजाना कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर ये दर्जनों डंपर किसकी नजरों से बचकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इससे मौरंग माफियाओं के हौसले इतने बुलंद होते दिख रहे हैं कि उनके लिए नियम-कानून सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन डंपरों के कारण जाम, धूल और हादसों की समस्या आम हो गई है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी उन्हें और भी हैरान कर रही है। वायरल वीडियो ने अब प्रशासन से जवाब माँगा है कि क्या इन ओवरलोड डंपरों पर लगाम लगेगी, या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की सुर्खियों के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

फिलहाल, जोल्हूपुर पुल से सामने आई ये तस्वीरें प्रशासन से तत्काल जवाब और कार्रवाई की मांग कर रही हैं, जिसकी जनता बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही है।
    user_Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    रिपोर्टर उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रभु श्रीराम के मंदिर से जुड़े ज़मीन सौदों में गंभीर घोटाले का आरोप लगाया गया है, जिसमें 'ED पार्टी' और चंपत राय पर करोड़ों की लूट करने का दावा किया गया है। आरोपों के अनुसार, 2 करोड़ रुपये की ज़मीन को 18.5 करोड़ रुपये में, 3 करोड़ रुपये की ज़मीन को 24 करोड़ रुपये में, और 9 करोड़ रुपये की ज़मीन को 55 करोड़ रुपये में बेचा गया। इन सभी लेनदेन को 'प्रभु श्रीराम के नाम पर' किए गए घोटाले बताया गया है, जो मंदिर से संबंधित धन की कथित लूट को उजागर करते हैं।
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    प्रभु श्रीराम के मंदिर से जुड़े ज़मीन सौदों में गंभीर घोटाले का आरोप लगाया गया है, जिसमें 'ED पार्टी' और चंपत राय पर करोड़ों की लूट करने का दावा किया गया है। आरोपों के अनुसार, 2 करोड़ रुपये की ज़मीन को 18.5 करोड़ रुपये में, 3 करोड़ रुपये की ज़मीन को 24 करोड़ रुपये में, और 9 करोड़ रुपये की ज़मीन को 55 करोड़ रुपये में बेचा गया। इन सभी लेनदेन को 'प्रभु श्रीराम के नाम पर' किए गए घोटाले बताया गया है, जो मंदिर से संबंधित धन की कथित लूट को उजागर करते हैं।
    user_Uttar pradesh ki takat
    Uttar pradesh ki takat
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक नया विवाद सामने आया है। ग्राम खकसीस निवासी शिवपाल सिंह ने पुलिस अधीक्षक जालौन को एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी पत्नी से मुलाकात, विवाह संबंधी साक्ष्यों के सत्यापन और सुरक्षा की मांग की है। शिवपाल सिंह ने न्याय की गुहार लगाई है। शिवपाल सिंह का दावा है कि उनका विवाह वर्ष 2016 में हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ था, लेकिन बाद में ऐसी परिस्थितियाँ बनीं कि उनकी पत्नी उनसे अलग हो गईं। उन्होंने इस अलगाव के पीछे बाहरी हस्तक्षेप और दबाव की भूमिका का आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया है कि हाल ही में एक अन्य व्यक्ति ने स्वयं को उनकी पत्नी का पति बताते हुए उन्हें कथित रूप से धमकाया, जिससे यह पूरा मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। शिवपाल सिंह ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और विवाह से जुड़े सभी दस्तावेजों एवं तथ्यों का सत्यापन कराने का अनुरोध किया है। उनकी प्राथमिक मांग केवल यह जानने की है कि उनकी पत्नी वर्तमान में अपनी स्वतंत्र इच्छा से किस परिस्थिति में रह रही हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष वातावरण में मुलाकात कराने का भी आग्रह किया है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग पुलिस प्रशासन की कार्रवाई तथा जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। यह उल्लेखनीय है कि समाचार में उल्लिखित सभी आरोप शिवपाल सिंह के प्रार्थना पत्र में किए गए दावों पर आधारित हैं, और इनकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही संभव हो पाएगी।
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    उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक नया विवाद सामने आया है। ग्राम खकसीस निवासी शिवपाल सिंह ने पुलिस अधीक्षक जालौन को एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी पत्नी से मुलाकात, विवाह संबंधी साक्ष्यों के सत्यापन और सुरक्षा की मांग की है। शिवपाल सिंह ने न्याय की गुहार लगाई है।

शिवपाल सिंह का दावा है कि उनका विवाह वर्ष 2016 में हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ था, लेकिन बाद में ऐसी परिस्थितियाँ बनीं कि उनकी पत्नी उनसे अलग हो गईं। उन्होंने इस अलगाव के पीछे बाहरी हस्तक्षेप और दबाव की भूमिका का आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया है कि हाल ही में एक अन्य व्यक्ति ने स्वयं को उनकी पत्नी का पति बताते हुए उन्हें कथित रूप से धमकाया, जिससे यह पूरा मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

शिवपाल सिंह ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और विवाह से जुड़े सभी दस्तावेजों एवं तथ्यों का सत्यापन कराने का अनुरोध किया है। उनकी प्राथमिक मांग केवल यह जानने की है कि उनकी पत्नी वर्तमान में अपनी स्वतंत्र इच्छा से किस परिस्थिति में रह रही हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष वातावरण में मुलाकात कराने का भी आग्रह किया है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग पुलिस प्रशासन की कार्रवाई तथा जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

यह उल्लेखनीय है कि समाचार में उल्लिखित सभी आरोप शिवपाल सिंह के प्रार्थना पत्र में किए गए दावों पर आधारित हैं, और इनकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही संभव हो पाएगी।
    user_SHIVPAL SINGH
    SHIVPAL SINGH
    Publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • जालौन जनपद में 5650 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती का सफल आरम्भ हो गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने पत्रकारों से विशेष भेंट वार्ता के दौरान यह जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले में 50-50 हेक्टेयर के कुल 114 क्लस्टर बनाए गए हैं, जहाँ महिला किसानों की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से अधिक है। इस पहल के तहत 10,601 किसानों को चिन्हित किया गया है, और 2,52,000 किसानों को ग्राम पंचायत, विकासखंड तथा जिला स्तर पर कृषि विज्ञान केंद्र के मॉडल प्रक्षेत्र एवं वैज्ञानिकों के माध्यम से प्रशिक्षित कर जागरूक किया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक खेती एक ऐसा तरीका है जिसमें जीवांश का उपयोग करके पोषक तत्व, सिंचाई, कीट-रोग एवं खरपतवार प्रबंधन किया जाता है, जिससे उत्पादन प्राप्त होता है। इसका मुख्य आधार देसी गोवंश है, जिसके गोबर और गोमूत्र से कई प्रकार के मिश्रण तैयार किए जाते हैं। इन मिश्रणों से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और कीट व रोगों की रोकथाम होती है। इसे 'ऑन फॉर्म प्रिपरेशन और प्रैक्टिस' भी कहते हैं, और इसमें सिंथेटिक रसायनों का प्रयोग बिल्कुल नहीं होता। हालांकि, उन्होंने प्राकृतिक खेती की कुछ चुनौतियों का भी जिक्र किया, जैसे रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती में संक्रमण के शुरुआती वर्षों में उत्पादन में गिरावट आना, क्योंकि मिट्टी को अपनी प्राकृतिक उर्वरता वापस लाने में समय लगता है। साथ ही, तकनीकी ज्ञान और जागरूकता की कमी तथा जीवामृत, बीजामृत और मल्चिंग जैसे प्राकृतिक तरीकों के सटीक उपयोग के लिए प्रशिक्षण व मार्गदर्शन का अभाव भी प्रमुख चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जनपद में 10,601 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए चिन्हित कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। प्राकृतिक खेती में मुख्य रूप से गाय के गोबर आधारित इनपुट जैसे जीवामृत, बीजामृत, घन जीवामृत और दस परणी स्वयं तैयार किए जाते हैं। जीवामृत से मिट्टी में सूक्ष्म जीवों और केंचुओं की वृद्धि होती है, बीजामृत नई जड़ों को फंगस और मिट्टी जनित बीमारियों से बचाता है, घन जीवामृत मिट्टी में लंबे समय तक पोषक तत्वों की उपलब्धता बनाए रखता है, और दस परणी फसलों को कीट व रोगों से बचाता है। जिलाधिकारी ने प्राकृतिक खेती के कई लाभों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जीवांश और कार्बन में वृद्धि, रसायन मुक्त खेती, किसानों के आर्थिक स्तर में सुधार, आत्मनिर्भरता, कम लागत में अधिक आय और रसायनों की खरीद की आवश्यकता न होना शामिल है। यह 'जीरो बजट' की खेती है। जिले में प्राकृतिक खेती में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए, ग्राम मल्हनपुरा की महिला किसान सोमवती को जिले की प्राकृतिक खेती का 'रोल मॉडल' बनाया गया है।
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    जालौन जनपद में 5650 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती का सफल आरम्भ हो गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने पत्रकारों से विशेष भेंट वार्ता के दौरान यह जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले में 50-50 हेक्टेयर के कुल 114 क्लस्टर बनाए गए हैं, जहाँ महिला किसानों की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से अधिक है। इस पहल के तहत 10,601 किसानों को चिन्हित किया गया है, और 2,52,000 किसानों को ग्राम पंचायत, विकासखंड तथा जिला स्तर पर कृषि विज्ञान केंद्र के मॉडल प्रक्षेत्र एवं वैज्ञानिकों के माध्यम से प्रशिक्षित कर जागरूक किया गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक खेती एक ऐसा तरीका है जिसमें जीवांश का उपयोग करके पोषक तत्व, सिंचाई, कीट-रोग एवं खरपतवार प्रबंधन किया जाता है, जिससे उत्पादन प्राप्त होता है। इसका मुख्य आधार देसी गोवंश है, जिसके गोबर और गोमूत्र से कई प्रकार के मिश्रण तैयार किए जाते हैं। इन मिश्रणों से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और कीट व रोगों की रोकथाम होती है। इसे 'ऑन फॉर्म प्रिपरेशन और प्रैक्टिस' भी कहते हैं, और इसमें सिंथेटिक रसायनों का प्रयोग बिल्कुल नहीं होता। हालांकि, उन्होंने प्राकृतिक खेती की कुछ चुनौतियों का भी जिक्र किया, जैसे रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती में संक्रमण के शुरुआती वर्षों में उत्पादन में गिरावट आना, क्योंकि मिट्टी को अपनी प्राकृतिक उर्वरता वापस लाने में समय लगता है। साथ ही, तकनीकी ज्ञान और जागरूकता की कमी तथा जीवामृत, बीजामृत और मल्चिंग जैसे प्राकृतिक तरीकों के सटीक उपयोग के लिए प्रशिक्षण व मार्गदर्शन का अभाव भी प्रमुख चुनौतियां हैं।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जनपद में 10,601 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए चिन्हित कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। प्राकृतिक खेती में मुख्य रूप से गाय के गोबर आधारित इनपुट जैसे जीवामृत, बीजामृत, घन जीवामृत और दस परणी स्वयं तैयार किए जाते हैं। जीवामृत से मिट्टी में सूक्ष्म जीवों और केंचुओं की वृद्धि होती है, बीजामृत नई जड़ों को फंगस और मिट्टी जनित बीमारियों से बचाता है, घन जीवामृत मिट्टी में लंबे समय तक पोषक तत्वों की उपलब्धता बनाए रखता है, और दस परणी फसलों को कीट व रोगों से बचाता है।

जिलाधिकारी ने प्राकृतिक खेती के कई लाभों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जीवांश और कार्बन में वृद्धि, रसायन मुक्त खेती, किसानों के आर्थिक स्तर में सुधार, आत्मनिर्भरता, कम लागत में अधिक आय और रसायनों की खरीद की आवश्यकता न होना शामिल है। यह 'जीरो बजट' की खेती है। जिले में प्राकृतिक खेती में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए, ग्राम मल्हनपुरा की महिला किसान सोमवती को जिले की प्राकृतिक खेती का 'रोल मॉडल' बनाया गया है।
    user_SONI NEWS
    SONI NEWS
    Media company उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को पूरा जालौन जिला योगमय वातावरण में रंगा नजर आया। इस वर्ष की थीम "Yoga for Healthy Ageing (स्वस्थ आयु के लिए योग)" को आत्मसात करते हुए जिले भर में विभिन्न स्थानों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ योगाभ्यास किया। इन कार्यक्रमों में जालौन के मेला ग्राउंड, तहसील परिसर सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए। उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी इन आयोजनों में शामिल रहे। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम कराए और उन्हें नियमित योग के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वक्ताओं ने इस दौरान बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य को ही नहीं सुधारता, बल्कि मानसिक तनाव को भी दूर कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही ने सभी उपस्थित लोगों से प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि स्वस्थ एवं निरोग जीवन के लिए योग सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने जोर दिया कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है और अनेक बीमारियों से बचाव संभव है। कार्यक्रम के समापन पर, सभी प्रतिभागियों ने योग को अपने जीवन में अपनाने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। योग दिवस के इस अवसर पर पूरे जिले में उत्साह और जागरूकता का एक सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
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    12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को पूरा जालौन जिला योगमय वातावरण में रंगा नजर आया। इस वर्ष की थीम "Yoga for Healthy Ageing (स्वस्थ आयु के लिए योग)" को आत्मसात करते हुए जिले भर में विभिन्न स्थानों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ योगाभ्यास किया।

इन कार्यक्रमों में जालौन के मेला ग्राउंड, तहसील परिसर सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए। उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी इन आयोजनों में शामिल रहे। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम कराए और उन्हें नियमित योग के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

वक्ताओं ने इस दौरान बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य को ही नहीं सुधारता, बल्कि मानसिक तनाव को भी दूर कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही ने सभी उपस्थित लोगों से प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि स्वस्थ एवं निरोग जीवन के लिए योग सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने जोर दिया कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है और अनेक बीमारियों से बचाव संभव है।

कार्यक्रम के समापन पर, सभी प्रतिभागियों ने योग को अपने जीवन में अपनाने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। योग दिवस के इस अवसर पर पूरे जिले में उत्साह और जागरूकता का एक सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 min ago
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जालौन विकासखंड की ग्राम पंचायत लौना स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में रविवार को एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत विकास परिषद के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में परिषद के सदस्यों, स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं और विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया, सामूहिक योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान, योग प्रशिक्षक आलोक कुमार खरे, योगेश कुलश्रेष्ठ और संदीप श्रीवास्तव ने उपस्थित जनसमूह को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने योग के वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर निरोग रहता है, मानसिक तनाव दूर होता है और व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष उषा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके कारण आज योग को वैश्विक पहचान मिली है और विश्व के अनेक देशों में इसे अपनाया जा रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद श्रीवास्तव और ग्राम प्रधान बलवान कुशवाहा सहित अन्य वक्ताओं ने भी योग के महत्व पर जोर दिया और सभी से इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपील की। इस आयोजन में मृत्युंजय श्रीवास्तव, प्रेम कुमार गुप्ता (कल्लू बजाज), गौरव गुप्ता, सुनील गुप्ता, सतीश सेंगर, अंत कुमार, अनिरुद्ध बिश्नोई, राजकुमार बिश्नोई, मंगल सिंह चौहान, सौरभ अग्रवाल, पीयूष गुप्ता, अनीता गुप्ता, रेखा गुप्ता, चंद्रप्रकाश गुप्ता और राजकुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और भारत विकास परिषद के सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर, सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने और अपने परिवार व समाज को योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” के संदेश के साथ संपन्न हुआ यह कार्यक्रम क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता और जनभागीदारी का एक प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।
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    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जालौन विकासखंड की ग्राम पंचायत लौना स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में रविवार को एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत विकास परिषद के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में परिषद के सदस्यों, स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं और विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया, सामूहिक योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान, योग प्रशिक्षक आलोक कुमार खरे, योगेश कुलश्रेष्ठ और संदीप श्रीवास्तव ने उपस्थित जनसमूह को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने योग के वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर निरोग रहता है, मानसिक तनाव दूर होता है और व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष उषा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके कारण आज योग को वैश्विक पहचान मिली है और विश्व के अनेक देशों में इसे अपनाया जा रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद श्रीवास्तव और ग्राम प्रधान बलवान कुशवाहा सहित अन्य वक्ताओं ने भी योग के महत्व पर जोर दिया और सभी से इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपील की।

इस आयोजन में मृत्युंजय श्रीवास्तव, प्रेम कुमार गुप्ता (कल्लू बजाज), गौरव गुप्ता, सुनील गुप्ता, सतीश सेंगर, अंत कुमार, अनिरुद्ध बिश्नोई, राजकुमार बिश्नोई, मंगल सिंह चौहान, सौरभ अग्रवाल, पीयूष गुप्ता, अनीता गुप्ता, रेखा गुप्ता, चंद्रप्रकाश गुप्ता और राजकुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और भारत विकास परिषद के सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर, सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने और अपने परिवार व समाज को योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” के संदेश के साथ संपन्न हुआ यह कार्यक्रम क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता और जनभागीदारी का एक प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।
    user_अखिलेश सोनी
    अखिलेश सोनी
    Court reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    23 min ago
  • माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी की है। इस पहल के तहत, देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि पीएम-किसान योजना का उद्देश्य पात्र किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करके उनकी आय बढ़ाना और खेती-किसानी को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत, किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। 23वीं किस्त के जारी होने से करोड़ों किसान परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिससे उन्हें कृषि कार्यों के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। किसानों ने केंद्र सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि समय पर मिलने वाली यह आर्थिक सहायता खेती-किसानी के खर्चों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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    माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी की है। इस पहल के तहत, देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की गई।

इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि पीएम-किसान योजना का उद्देश्य पात्र किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करके उनकी आय बढ़ाना और खेती-किसानी को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत, किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।

23वीं किस्त के जारी होने से करोड़ों किसान परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिससे उन्हें कृषि कार्यों के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। किसानों ने केंद्र सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि समय पर मिलने वाली यह आर्थिक सहायता खेती-किसानी के खर्चों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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