शराब के नशे में पानी टंकी पर चढ़ा अधेड़, दो घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी गांव स्थित शुक्रवार की दोपहर एक अर्द्ध विक्षिप्त अधेड़ के पानी की टंकी पर चढ़ जाने से हड़कंप मच गया।शराब के नशे में धुत अधेड़ करीब 2 घंटे तक टंकी पर खड़े होकर हाईवोल्टेज ड्रामा करता रहा।टंकी पर लगे अर्थ के तार को भी तोड़ने लगा।ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद पैसे का लालच देकर उसे नीचे उतारा। जानकारी के अनुसार पचोखरा खुर्द गांव निवासी भग्गू कोल उम्र 52 वर्ष वह करीब एक माह से मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी गांव में अपने बहनोई नंदू कोल के घर रह रहा था।पानी टंकी के पम्प ऑपरेटर उपेंद्र यादव उर्फ जोगी यादव ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे वह अंदर काम कर रहे थे। तभी अर्द्ध विक्षिप्त भग्गू शराब के नशे में सुनसान देख पानी की टंकी पर चढ़ गया और ड्रामा शुरू कर दिया।टंकी पर खड़े होकर वह गाली-गलौज करने लगा और वहां लगे अर्थ के तार को तोड़ने का प्रयास करने लगा।देखते ही देखते दर्जनों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। 50 फीट ऊंची टंकी पर चढ़े युवक को देखकर हर कोई दहशत में आ गया।इसी बीच वह कई बार उचाई से गिरते गिरते भी बचा। काफी समझाने के बाद भी जब वह नहीं माना तो ग्रामीणों ने ही किसी तरह पैसे का लालच देकर उसे नीचे उतारा। नीचे उतरते ही उसे उसके बहनोई नंदू कोल को सौंप दिया गया।पम्प ऑपरेटर ने बताया कि अगर समय रहते उसे नहीं उतारा जाता तो करंट लगने या गिरने से कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। ग्रामीणों ने कहा कि टंकी की सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं है। नशे में धुत लोग आसानी से चढ़ जा रहे हैं। प्रशासन से मांग की कि टंकी की घेराबंदी और सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो।
शराब के नशे में पानी टंकी पर चढ़ा अधेड़, दो घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी गांव स्थित शुक्रवार की दोपहर एक अर्द्ध विक्षिप्त अधेड़ के पानी की टंकी पर चढ़ जाने से हड़कंप मच गया।शराब के नशे में धुत अधेड़ करीब 2 घंटे तक टंकी पर खड़े होकर हाईवोल्टेज ड्रामा करता रहा।टंकी पर लगे अर्थ के तार को भी तोड़ने लगा।ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद पैसे का लालच देकर उसे नीचे उतारा। जानकारी के अनुसार पचोखरा खुर्द गांव निवासी भग्गू कोल उम्र 52 वर्ष वह करीब एक माह से मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी गांव में अपने बहनोई नंदू कोल के घर रह रहा था।पानी टंकी के पम्प ऑपरेटर उपेंद्र यादव उर्फ जोगी यादव ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे वह अंदर काम कर रहे थे। तभी अर्द्ध विक्षिप्त भग्गू शराब के नशे में सुनसान देख पानी की टंकी पर चढ़ गया और ड्रामा शुरू कर दिया।टंकी पर खड़े होकर वह गाली-गलौज करने लगा और वहां लगे अर्थ के तार को तोड़ने का प्रयास करने लगा।देखते ही देखते दर्जनों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। 50 फीट ऊंची टंकी पर चढ़े युवक को देखकर हर कोई दहशत में आ गया।इसी बीच वह कई बार उचाई से गिरते गिरते भी बचा। काफी समझाने के बाद भी जब वह नहीं माना तो ग्रामीणों ने ही किसी तरह पैसे का लालच देकर उसे नीचे उतारा। नीचे उतरते ही उसे उसके बहनोई नंदू कोल को सौंप दिया गया।पम्प ऑपरेटर ने बताया कि अगर समय रहते उसे नहीं उतारा जाता तो करंट लगने या गिरने से कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। ग्रामीणों ने कहा कि टंकी की सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं है। नशे में धुत लोग आसानी से चढ़ जा रहे हैं। प्रशासन से मांग की कि टंकी की घेराबंदी और सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो।
- राजगढ़ थाना 👺👺👺👺👺👿👿👿😈😈😈👹👹👹👹📢📢📢📢📢📢📢📢📢📢♥️☠️☠️ राजगढ़ में वायरल ऑडियो और पुलिस की तत्काल कार्रवाई: एक सख्त संदेश राजगढ़ थाना 👺👺👺👺👺👿👿👿😈😈😈👹👹👹👹📢📢📢📢📢📢📢📢📢📢♥️☠️☠️ राजगढ़ में वायरल ऑडियो और पुलिस की तत्काल कार्रवाई: एक सख्त संदेश✍️📞📞☎️☎️📞💯💯💯💯 मिर्जापुर। जनपद मिर्जापुर के राजगढ़ थाने से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। थाना पर तैनात एक पुलिसकर्मी की ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई और देखते ही देखते प्रशासन हरकत में आ गया। यह घटना केवल एक निलंबन की खबर नहीं है, बल्कि यह बताती है कि अब वर्दी की आड़ में अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्या है पूरा मामला? 7 अगस्त 2026 को राजगढ़ थाने पर तैनात एक पुलिसकर्मी की ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया और प्रभारी निरीक्षक राजगढ़ को जांच सौंपी गई। प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर थाना राजगढ़ में नियुक्त मुख्य आरक्षी रणजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही आरोपी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी नियमानुसार प्रारंभ कर दी गई है। संदेश साफ है - कानून से बड़ा कोई नहीं पुलिस विभाग ने इस कार्रवाई के साथ एक स्पष्ट संदेश दिया है। वर्दी जनता के विश्वास का प्रतीक है। यदि उसी वर्दी के भीतर से कोई ऐसा आचरण करता है जो अनुशासन के विरुद्ध हो, तो विभाग उसे बख्शेगा नहीं। यह कार्रवाई दो बातें साबित करती है - 1. सोशल मीडिया बना जन-अदालत: आज कोई भी ऑडियो-वीडियो छिपा नहीं रह सकता। जनता की नजर ही सबसे बड़ा सीसीटीवी है। 2. प्रशासन की जवाबदेही: वायरल होते ही लीपापोती करने के बजाय तत्काल जांच और निलंबन की कार्रवाई ने पुलिस की छवि को सुधारने का काम किया है। यह घटना हर पुलिसकर्मी के लिए एक सबक है कि अनुशासन ही पुलिस की असली ताकत है। जनता का भरोसा तभी बना रहेगा जब पुलिस खुद कानून का पालन सबसे पहले करेगी। लेखक - रुद्रा की आवाज1
- उत्तराखंड- अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने ड्रोन तकनीक में नवाचार करते हुए HAPIDA SKYNEX प्रोटोटाइप उड़ान का परीक्षण किया, CM धामी ने दी बधाई !! उत्तराखंड अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने ड्रोन तकनीक में नवाचार करते हुए HAPIDA SKYNEX प्रोटोटाइप उड़ान का परीक्षण किया, CM धामी ने दी बधाई !!1
- पॉवर हाउस में खड़ी बाईक जल कर खाख* मीरजापुर विंध्याचल *पॉवर हाउस में खड़ी बाईक जल कर खाख* मीरजापुर विंध्याचल विंध्याचल 33/11 केवी उपकेंद्र भवानीपुर, विंध्याचल में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब उपकेंद्र परिसर में खड़ी एक बैटरी चालित स्कूटी में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें उठते ही उपकेंद्र में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। अवर अभियंता (जेई) नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह बैटरी चालित स्कूटी विभाग में कार्यरत कर्मचारी अतुल जायसवाल की है। स्कूटी परिसर में खड़ी थी, तभी अचानक उसमें आग लग गई। आग तेजी से फैलने लगी, जिसके चलते उपकेंद्र में मौजूद कर्मचारियों ने पीछे के दरवाजे से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। समय रहते कर्मचारियों ने सतर्कता बरती, जिससे बड़ा हादसा टल गया। जेई नरेंद्र सिंह के अनुसार, घटना में किसी कर्मचारी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर बैटरी में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। आग पर काबू पाने के बाद स्थिति सामान्य हुई और विद्युत उपकेंद्र के अन्य उपकरणों को सुरक्षित बचा लिया गया।1
- #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #श्रावण_मास #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन4
- मिर्जापुर 40 करोड़ के आमघाट ओवरब्रिज की खुल गई ‘मजबूती’ की पोल सात महीने में ही उखड़ने लगी सड़क, निर्माण गुणवत्ता पर बड़ा सवाल करोड़ों रुपये खर्च कर बनाया गया आमघाट ओवरब्रिज अब अपनी गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। मिर्जापुर–वाराणसी–चुनार–अहरौरा को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण ओवरब्रिज का अप्रोच रोड महज सात महीने में ही जवाब देने लगा है। जनता पूछ रही है कि आखिर 40 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल की सड़क इतनी जल्दी कैसे खराब हो गई? क्या निर्माण के समय गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई? जिस ओवरब्रिज को विकास की बड़ी सौगात बताया गया था, वही अब लापरवाही और निगरानी की कमी का उदाहरण बनता नजर आ रहा है। शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार विभाग गंभीर नहीं है और मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।1
- जारी सूची में सबसे अधिक बकाया अमन एसोसिएट्स प्रा. पर लगभग ₹1.18 करोड़, पवन कुमार सिंह पर ₹2.13 करोड़, तथा शुभम राज सिंह पर लगभग ₹68.49 लाख की मांग दर्शाई गई है। इसके अलावा करोड़ों की घड़ी और साढ़े तीन किलो सोना पहनने वाले श्याम बहादुर सिंह पर लगभग ₹54.60 लाख मिर्जापुर: तहसील सदर ने जारी की 10 बड़े बकायेदारों की सूची, 15 दिन में जमा करें बकाया वरना होगी सख्त कार्रवाई मिर्जापुर। तहसील सदर प्रशासन ने राजस्व वसूली अभियान को तेज करते हुए क्षेत्र के 10 बड़े बकायेदारों की सूची सार्वजनिक कर दी है। सूची में विभिन्न मदों—सृजित कर, व्यापार कर, बैंक ऋण एवं अन्य देयकों—में लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक के बकायेदार शामिल हैं। प्रशासन ने सभी संबंधित बकायेदारों को 15 दिनों के भीतर बकाया राशि जमा कर लेखा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। तहसील प्रशासन द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया जमा नहीं करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध राजस्व वसूली अधिनियम के तहत कुर्की, संपत्ति जब्ती एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जारी सूची में सबसे अधिक बकाया अमन एसोसिएट्स प्रा. पर लगभग ₹1.18 करोड़, पवन कुमार सिंह पर ₹2.13 करोड़, तथा शुभम राज सिंह पर लगभग ₹68.49 लाख की मांग दर्शाई गई है। इसके अलावा करोड़ों की घड़ी और साढ़े तीन किलो सोना पहनने वाले श्याम बहादुर सिंह पर लगभग ₹54.60 लाख तथा अन्य कई व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों पर भी लाखों रुपये का बकाया दर्ज है। श्याम बहादुर सिंह सदर तहसील के इन 10 बड़े बकायेदारों में शामिल हैं। तहसीलदार ने स्पष्ट किया है कि राजस्व वसूली अभियान को प्रभावी बनाने के लिए बड़े बकायेदारों की सूची सार्वजनिक की गई है ताकि सरकारी राजस्व की समयबद्ध वसूली सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने सभी बकायेदारों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर बकाया जमा कर अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचें। मुख्य बिंदु तहसील सदर ने 10 बड़े बकायेदारों की सूची की सार्वजनिक। करोड़ों रुपये की बकाया राजस्व मांग। करोड़ों की घड़ी और साढ़े तीन किलो सोना पहनने वाले श्याम बहादुर सिंह भी सूची में शामिल। 15 दिन के भीतर भुगतान करने का अल्टीमेटम। समय सीमा बीतने पर कुर्की एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी। राजस्व वसूली अभियान में प्रशासन ने दिखाई सख्ती। नोट: यह समाचार आपके द्वारा साझा की गई सार्वजनिक सूचना/सूची एवं छवि में लिखे शब्दों के आधार पर तैयार किया गया है। सूची में दर्ज नाम एवं बकाया राशि संबंधित विभाग के अभिलेखों के अनुसार हैं।1
- शराब के नशे में पानी टंकी पर चढ़ा अधेड़, दो घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी गांव स्थित शुक्रवार की दोपहर एक अर्द्ध विक्षिप्त अधेड़ के पानी की टंकी पर चढ़ जाने से हड़कंप मच गया।शराब के नशे में धुत अधेड़ करीब 2 घंटे तक टंकी पर खड़े होकर हाईवोल्टेज ड्रामा करता रहा।टंकी पर लगे अर्थ के तार को भी तोड़ने लगा।ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद पैसे का लालच देकर उसे नीचे उतारा। जानकारी के अनुसार पचोखरा खुर्द गांव निवासी भग्गू कोल उम्र 52 वर्ष वह करीब एक माह से मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी गांव में अपने बहनोई नंदू कोल के घर रह रहा था।पानी टंकी के पम्प ऑपरेटर उपेंद्र यादव उर्फ जोगी यादव ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे वह अंदर काम कर रहे थे। तभी अर्द्ध विक्षिप्त भग्गू शराब के नशे में सुनसान देख पानी की टंकी पर चढ़ गया और ड्रामा शुरू कर दिया।टंकी पर खड़े होकर वह गाली-गलौज करने लगा और वहां लगे अर्थ के तार को तोड़ने का प्रयास करने लगा।देखते ही देखते दर्जनों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। 50 फीट ऊंची टंकी पर चढ़े युवक को देखकर हर कोई दहशत में आ गया।इसी बीच वह कई बार उचाई से गिरते गिरते भी बचा। काफी समझाने के बाद भी जब वह नहीं माना तो ग्रामीणों ने ही किसी तरह पैसे का लालच देकर उसे नीचे उतारा। नीचे उतरते ही उसे उसके बहनोई नंदू कोल को सौंप दिया गया।पम्प ऑपरेटर ने बताया कि अगर समय रहते उसे नहीं उतारा जाता तो करंट लगने या गिरने से कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। ग्रामीणों ने कहा कि टंकी की सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं है। नशे में धुत लोग आसानी से चढ़ जा रहे हैं। प्रशासन से मांग की कि टंकी की घेराबंदी और सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो।1