दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलियां, खून से लाल सड़कें... दादरी में बेखौफ बदमाशों का नंगा नाच जारी है! सरेआम ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर लोगों की जान ली जा रही है। चारों तरफ दहशत का माहौल है और जनता अपनी जान बचाने के लिए खौफ के साए में जीने को मजबूर है। कहाँ हैं हमारे जनप्रतिनिधि और कहाँ सोया है प्रशासन? चुनाव के वक्त बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि आज शहर में खून बहते देखकर भी मौन साधे बैठे हैं। पुलिस प्रशासन का खौफ अपराधियों के दिल से पूरी तरह खत्म हो चुका है। दादरी अब अपराधियों की शरणस्थली बनती जा रही है और प्रशासन सिर्फ मूकदर्शक बना हुआ है। जनता की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं बची है! जनप्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन जवाब दें—आख़िर कब तक दादरी की जनता यूं ही गोलियों का शिकार होती रहेगी? अगर अपराधियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता सड़कों पर उतरकर हिसाब मांगेगी! *—डाॅ मनीषा सांगवान दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलियां, खून से लाल सड़कें... दादरी में बेखौफ बदमाशों का नंगा नाच जारी है! सरेआम ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर लोगों की जान ली जा रही है। चारों तरफ दहशत का माहौल है और जनता अपनी जान बचाने के लिए खौफ के साए में जीने को मजबूर है। कहाँ हैं हमारे जनप्रतिनिधि और कहाँ सोया है प्रशासन? चुनाव के वक्त बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि आज शहर में खून बहते देखकर भी मौन साधे बैठे हैं। पुलिस प्रशासन का खौफ अपराधियों के दिल से पूरी तरह खत्म हो चुका है। दादरी अब अपराधियों की शरणस्थली बनती जा रही है और प्रशासन सिर्फ मूकदर्शक बना हुआ है। जनता की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं बची है! जनप्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन जवाब दें—आख़िर कब तक दादरी की जनता यूं ही गोलियों का शिकार होती रहेगी? अगर अपराधियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता सड़कों पर उतरकर हिसाब मांगेगी! *—डाॅ मनीषा सांगवान*
दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलियां, खून से लाल सड़कें... दादरी में बेखौफ बदमाशों का नंगा नाच जारी है! सरेआम ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर लोगों की जान ली जा रही है। चारों तरफ दहशत का माहौल है और जनता अपनी जान बचाने के लिए खौफ के साए में जीने को मजबूर है। कहाँ हैं हमारे जनप्रतिनिधि और कहाँ सोया है प्रशासन? चुनाव के वक्त बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि आज शहर में खून बहते देखकर भी मौन साधे बैठे हैं। पुलिस प्रशासन का खौफ अपराधियों के दिल से पूरी तरह खत्म हो चुका है। दादरी अब अपराधियों की शरणस्थली बनती जा रही है और प्रशासन सिर्फ मूकदर्शक बना हुआ है। जनता की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं बची है! जनप्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन जवाब दें—आख़िर कब तक दादरी की जनता यूं ही गोलियों का शिकार होती रहेगी? अगर अपराधियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता सड़कों पर उतरकर हिसाब मांगेगी! *—डाॅ मनीषा सांगवान दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलियां, खून से लाल सड़कें... दादरी में बेखौफ बदमाशों का नंगा नाच जारी है! सरेआम ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर लोगों की जान ली जा रही है। चारों तरफ दहशत का माहौल है और जनता अपनी जान बचाने के लिए खौफ के साए में जीने को मजबूर है। कहाँ हैं हमारे जनप्रतिनिधि और कहाँ सोया है प्रशासन? चुनाव के वक्त बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि आज शहर में खून बहते देखकर भी मौन साधे बैठे हैं। पुलिस प्रशासन का खौफ अपराधियों के दिल से पूरी तरह खत्म हो चुका है। दादरी अब अपराधियों की शरणस्थली बनती जा रही है और प्रशासन सिर्फ मूकदर्शक बना हुआ है। जनता की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं बची है! जनप्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन जवाब दें—आख़िर कब तक दादरी की जनता यूं ही गोलियों का शिकार होती रहेगी? अगर अपराधियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता सड़कों पर उतरकर हिसाब मांगेगी! *—डाॅ मनीषा सांगवान*
- बोले शंकर को प्यारा सावन और सावन में कावर का जल बम बम भोले1
- #जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण चरखी दादरी के सचिव एवं CJM संजीव काजला पहुंचे चरखी #गांव चरखी के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पॉसको एक्ट पर दिया व्याख्यान #जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण चरखी दादरी के सचिव एवं CJM संजीव काजला पहुंचे चरखी #गांव चरखी के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पॉसको एक्ट पर दिया व्याख्यान1
- 07 August 2026 Haryana News: Haryana Ki Taja Khabar Mukhya Samachar Haryana Daily News1
- अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की मौत की जानकारी पर उसका बड़ा भाई अहजम झांसी पहुंचा. अतीक के पूरे परिवार में इस चौथे नंबर के बेटे पर किसी तरह का मुकदमा दर्ज नहीं है. दो बड़े बेटे लखनऊ और झांसी की जेल में बंद हैं. तीसरे नंबर का असद मुठभेड़ में मारा गया था. अतीक और अशरफ की हत्या के दौरान उसके पांच बेटों में दो छोटे बेटे नाबालिग थे. आज सबसे छोटे बेटे की मौत हो गई. #ateeq #ashraf #prayagraj #allahabad #jhansinews अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की मौत की जानकारी पर उसका बड़ा भाई अहजम झांसी पहुंचा. अतीक के पूरे परिवार में इस चौथे नंबर के बेटे पर किसी तरह का मुकदमा दर्ज नहीं है. दो बड़े बेटे लखनऊ और झांसी की जेल में बंद हैं. तीसरे नंबर का असद मुठभेड़ में मारा गया था. अतीक और अशरफ की हत्या के दौरान उसके पांच बेटों में दो छोटे बेटे नाबालिग थे. आज सबसे छोटे बेटे की मौत हो गई. #ateeq #ashraf #prayagraj #allahabad #jhansinews1
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