शुक्रवार को छतरपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री जैसवाल ने राजस्व अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे कार्यपालिक मजिस्ट्रेट हल्कों में फॉर्मर रजिस्ट्री के कैम्पों का दौरा कर किसानों की फॉर्मर आईडी बनाने के काम में तेजी लाएं। इस कार्य में खराब प्रगति पाए जाने पर कलेक्टर ने महाराजपुर और घुवारा के तहसीलदार, बक्सवाहा और नौगांव के नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा बड़ामलहरा के नायब तहसीलदार का तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वामित्व योजना (ग्रामीण आबादी सर्वे) के काम में लापरवाही बरतने पर अलीपुरा और खड्डी के पटवारी को निलंबित करने के आदेश एसडीएम को दिए। उन्होंने राजनगर, नौगांव और छतरपुर ग्रामीण के तहसीलदार को ड्रोन का उपयोग कर आबादी सर्वे का काम पूरा कराने को कहा। राजस्व न्यायालय में लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान, कलेक्टर ने एक से दो साल पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया। सीमांकन और बंटवारे के सबसे अधिक समय-सीमा से बाहर के प्रकरण नौगांव तहसीलदार के पास पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए उनका तीन दिन का वेतन काटने और उन्हें केवल गैर-न्यायिक कार्य करने के लिए न्यायिक कार्यों से मुक्त करने का निर्देश दिया। नामांतरण के लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए, तहसीलदार बक्सवाहा, छतरपुर शहरी, ग्रामीण और नायब तहसीलदार सरबई को कोर्ट में पेशी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वहीं, नायब तहसीलदार ज्यौराहा, बाजना, महेबा और लवकुशनगर सर्किल को सीमांकन के लंबित प्रकरणों के निराकरण में सुधार लाने को कहा गया। कलेक्टर ने पूर्व में निराकृत आवेदनों की भी समीक्षा की और बिना ऑर्डर सीट के मामलों का निपटारा करने पर बड़ामलहरा के तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने लवकुशनगर, चंदला और सटई की सराहना की कि वे लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन ले रहे हैं और अन्य तहसीलों को भी निर्देश दिए कि सभी आवेदन लोक सेवा केंद्र के माध्यम से ही प्राप्त किए जाएं। साथ ही, फौती नामांतरण और वसीयत के आवेदन भी लोक सेवा के माध्यम से दर्ज कराने को कहा गया। सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए, गौरिहार, बक्सवाहा और नौगांव के तहसीलदार को प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों का संतोषजनक निराकरण करने के निर्देश दिए गए, और चेतावनी दी गई कि सुधार न होने पर एक इंक्रीमेंट रोक दिया जाएगा। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा से बाहर जाने वाले प्रकरणों में कलेक्टर ने सख्ती बरतते हुए लवकुशनगर, नौगांव, बड़ामलहरा के तहसीलदार और भगवां, बंधा, महेबा, गढ़ीमलहरा व मातगुवां के नायब तहसीलदार सहित कई राजस्व अधिकारियों पर पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, हिट एंड रन के लंबित राहत राशि के प्रकरणों में मृतकों और घायलों को थाने से फॉलो कर प्रकरण स्वीकृत कराने के लिए एसडीएम को निर्देश दिए गए। उन्होंने आतिशबाजी, मैग्जीन और अमोनियम नाइट्रेट के गोदामों में सुरक्षा मानकों की जांच करने और 30 जून तक पीएम किसान सम्मान निधि वाले किसानों की बायोमेट्रिक माध्यम से ई-केवाईसी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
शुक्रवार को छतरपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री जैसवाल ने राजस्व अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे कार्यपालिक मजिस्ट्रेट हल्कों में फॉर्मर रजिस्ट्री के कैम्पों का दौरा कर किसानों की फॉर्मर आईडी बनाने के काम में तेजी लाएं। इस कार्य में खराब प्रगति पाए जाने पर कलेक्टर ने महाराजपुर और घुवारा के तहसीलदार, बक्सवाहा और नौगांव के नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा बड़ामलहरा के नायब तहसीलदार का तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वामित्व योजना (ग्रामीण आबादी सर्वे) के काम में लापरवाही बरतने पर अलीपुरा और खड्डी के पटवारी को निलंबित करने के आदेश एसडीएम को दिए। उन्होंने राजनगर, नौगांव और छतरपुर ग्रामीण के तहसीलदार को ड्रोन का उपयोग कर आबादी सर्वे का काम पूरा कराने को कहा। राजस्व न्यायालय में लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान, कलेक्टर ने एक से दो साल पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया। सीमांकन और बंटवारे के सबसे अधिक समय-सीमा से बाहर के प्रकरण नौगांव तहसीलदार के पास पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए उनका तीन दिन का वेतन काटने और उन्हें केवल गैर-न्यायिक कार्य करने के लिए न्यायिक कार्यों से मुक्त करने का निर्देश दिया। नामांतरण के लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए, तहसीलदार बक्सवाहा, छतरपुर शहरी, ग्रामीण और नायब तहसीलदार सरबई को कोर्ट में पेशी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वहीं, नायब तहसीलदार ज्यौराहा, बाजना, महेबा और लवकुशनगर सर्किल को सीमांकन के लंबित प्रकरणों के निराकरण में सुधार लाने को कहा गया। कलेक्टर ने पूर्व में निराकृत आवेदनों की भी समीक्षा की और बिना ऑर्डर सीट के मामलों का निपटारा करने पर बड़ामलहरा के तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने लवकुशनगर, चंदला और सटई की सराहना की कि वे लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन ले रहे हैं और अन्य तहसीलों को भी निर्देश दिए कि सभी आवेदन लोक सेवा केंद्र के माध्यम से ही प्राप्त किए जाएं। साथ ही, फौती नामांतरण और वसीयत के आवेदन भी लोक सेवा के माध्यम से दर्ज कराने को कहा गया। सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए, गौरिहार, बक्सवाहा और नौगांव के तहसीलदार को प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों का संतोषजनक निराकरण करने के निर्देश दिए गए, और चेतावनी दी गई कि सुधार न होने पर एक इंक्रीमेंट रोक दिया जाएगा। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा से बाहर जाने वाले प्रकरणों में कलेक्टर ने सख्ती बरतते हुए लवकुशनगर, नौगांव, बड़ामलहरा के तहसीलदार और भगवां, बंधा, महेबा, गढ़ीमलहरा व मातगुवां के नायब तहसीलदार सहित कई राजस्व अधिकारियों पर पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, हिट एंड रन के लंबित राहत राशि के प्रकरणों में मृतकों और घायलों को थाने से फॉलो कर प्रकरण स्वीकृत कराने के लिए एसडीएम को निर्देश दिए गए। उन्होंने आतिशबाजी, मैग्जीन और अमोनियम नाइट्रेट के गोदामों में सुरक्षा मानकों की जांच करने और 30 जून तक पीएम किसान सम्मान निधि वाले किसानों की बायोमेट्रिक माध्यम से ई-केवाईसी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
- छतरपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर मारपीट के गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रभात नायक नामक व्यक्ति ने महाराजपुर थाने के दो आरक्षकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। अपनी शिकायत लेकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है, क्योंकि उसका आरोप है कि थाना स्तर पर उसकी बात नहीं सुनी गई थी, जिसके बाद उसे एसपी कार्यालय का रुख करना पड़ा। इस मामले पर महाराजपुर थाना प्रभारी डी.के. सिंह का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब सभी की निगाहें छतरपुर के नए पुलिस अधीक्षक पर टिकी हैं कि शिकायत की जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं और इन आरोपों पर क्या कार्रवाई की जाती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फिलहाल ये आरोप भर हैं। मामले की जांच और आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, और सभी पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।1
- केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार बिजावर के पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता के साथ क्षेत्र में विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए निकले। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने वर्षों से कागज़ों और भाषणों में बताए जा रहे विकास के वास्तविक चेहरे को ज़मीन पर देखा, जिस पर वे भौचक्का रह गए। यह घटना इस सवाल को उजागर करती है कि जो विकास सिर्फ कागजों पर था, उसकी ज़मीनी सच्चाई देखकर मंत्री जी हैरान थे।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बम्होरी कलां थाना क्षेत्र में अवैध शराब की खुलेआम बिक्री के विरोध में महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। महिलाओं ने पलेरा-जतारा रोड पर घंटों तक जाम लगाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया, जिसके चलते सड़क पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के गांव-गांव में अवैध शराब परोसी जा रही है, जिसने सरकार के 'नशा मुक्ति अभियान' को पूरी तरह मज़ाक बना दिया है। पुलिस द्वारा समझाइश दिए जाने के बाद ही जाम खोला जा सका और यातायात सुचारु हो पाया। यह घटना स्थानीय स्तर पर अवैध शराब के व्यापक प्रसार और इसके खिलाफ जनता के बढ़ते असंतोष को उजागर करती है।1
- टीकमगढ़ जिले के अजनौर में गरीबों के हक पर डाका डालने का मामला सामने आया है। यहां एक राशन की दुकान को सील कर दिया गया है, जहाँ से 119 क्विंटल अनाज गायब पाया गया है। यह कार्रवाई गरीबों के लिए आए अनाज की कथित हेराफेरी को लेकर की गई है।1
- छतरपुर के ओरछा रोड थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर ढीलापुर निवासी 26 वर्षीय हर्षिनी शिवहरे की आज 30 मई शाम करीब 6:00 बजे जहरीले सांप के डसने से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे सोते समय महिला को सांप ने डस लिया था। आंधी-तूफान के कारण गांव में बिजली और साधन उपलब्ध न होने की वजह से उसे तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया जा सका। सुबह तबीयत बिगड़ने पर महिला को जिला अस्पताल लाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया। हालांकि, ग्वालियर ले जाते समय नौगांव के पास हर्षिनी ने दम तोड़ दिया। महिला का शव जिला अस्पताल लाए जाने पर मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर जानकारी छिपाने और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। विवाद इतना बढ़ गया कि अस्पताल परिसर में ही दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसों से मारपीट शुरू हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस चौकी प्रभारी, सुरक्षा गार्ड और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची और मामले को शांत कराया। शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखवाया गया है। पुलिस पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपेगी।1