छतरपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर मारपीट के गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रभात नायक नामक व्यक्ति ने महाराजपुर थाने के दो आरक्षकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। अपनी शिकायत लेकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है, क्योंकि उसका आरोप है कि थाना स्तर पर उसकी बात नहीं सुनी गई थी, जिसके बाद उसे एसपी कार्यालय का रुख करना पड़ा। इस मामले पर महाराजपुर थाना प्रभारी डी.के. सिंह का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब सभी की निगाहें छतरपुर के नए पुलिस अधीक्षक पर टिकी हैं कि शिकायत की जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं और इन आरोपों पर क्या कार्रवाई की जाती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फिलहाल ये आरोप भर हैं। मामले की जांच और आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, और सभी पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।
छतरपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर मारपीट के गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रभात नायक नामक व्यक्ति ने महाराजपुर थाने के दो आरक्षकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। अपनी शिकायत लेकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है, क्योंकि उसका आरोप है कि थाना स्तर पर उसकी बात नहीं सुनी गई थी, जिसके बाद उसे एसपी कार्यालय का रुख करना पड़ा। इस मामले पर महाराजपुर थाना प्रभारी डी.के. सिंह का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब सभी की निगाहें छतरपुर के नए पुलिस अधीक्षक पर टिकी हैं कि शिकायत की जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं और इन आरोपों पर क्या कार्रवाई की जाती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फिलहाल ये आरोप भर हैं। मामले की जांच और आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, और सभी पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।
- छतरपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर मारपीट के गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रभात नायक नामक व्यक्ति ने महाराजपुर थाने के दो आरक्षकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। अपनी शिकायत लेकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है, क्योंकि उसका आरोप है कि थाना स्तर पर उसकी बात नहीं सुनी गई थी, जिसके बाद उसे एसपी कार्यालय का रुख करना पड़ा। इस मामले पर महाराजपुर थाना प्रभारी डी.के. सिंह का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब सभी की निगाहें छतरपुर के नए पुलिस अधीक्षक पर टिकी हैं कि शिकायत की जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं और इन आरोपों पर क्या कार्रवाई की जाती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फिलहाल ये आरोप भर हैं। मामले की जांच और आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, और सभी पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।1
- केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार बिजावर के पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता के साथ क्षेत्र में विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए निकले। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने वर्षों से कागज़ों और भाषणों में बताए जा रहे विकास के वास्तविक चेहरे को ज़मीन पर देखा, जिस पर वे भौचक्का रह गए। यह घटना इस सवाल को उजागर करती है कि जो विकास सिर्फ कागजों पर था, उसकी ज़मीनी सच्चाई देखकर मंत्री जी हैरान थे।1
- केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार, भूपेंद्र गुप्ता के साथ विजावर पहुँचे। यहाँ उन्होंने क्षेत्र में हुए विकास की हकीकत का जायजा लिया और वास्तविक स्थिति को समझा।1
- आज 29 मई को दोपहर करीब 4:00 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में फॉर्मर रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना, लंबित राजस्व प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की गहन समीक्षा की गई। खराब प्रगति के कारण कई तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को नोटिस जारी करने तथा उनके वेतन में कटौती करने के निर्देश दिए गए। सबसे अधिक लंबित प्रकरण नौगांव तहसीलदार के पास पाए जाने पर उनका 3 दिवस का वेतन काटने और उन्हें न्यायिक कार्य से तत्काल मुक्त करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, स्वामित्व योजना में लापरवाही बरतने के लिए अलीपुरा और खड्डी पटवारी को निलंबित करने के आदेश भी दिए गए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने, लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन स्वीकार करने, पीएम किसान ई-केवाईसी का कार्य पूर्ण करने तथा आतिशबाजी व अमोनियम नाइट्रेट गोदामों की सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने के भी निर्देश जारी किए।1
- मध्य प्रदेश के नौगांव (छतरपुर) में ओबीसी महासभा द्वारा विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। ओबीसी महासभा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष राजलक्ष्मी कुशवाहा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कुल नौ प्रमुख मांगें उठाई गईं, जिनमें बिजली कटौती, पेयजल समस्या, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना, सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करना, NEET पेपर लीक की घटना, बढ़ती महंगाई पर रोक, राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग और शराबबंदी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इन जनसमस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आगे चलकर एक उग्र आंदोलन किया जाएगा।1
- चौरासी कोस धाम मथुरा-वृंदावन में इस समय मथुरा की परिक्रमा को अत्यंत पुनीत और पवित्र माना जाता है।1
- छतरपुर में संयुक्त ए.एन.एम. एसोसिएशन संघ ने आज, 29 मई को दोपहर करीब 4:30 बजे, मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से एएनएम कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। संघ ने यह ज़ोर दिया कि एएनएम स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं और उन्होंने कोविड टीकाकरण सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसके बावजूद उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। एसोसिएशन की मुख्य मांगों में संविदा एएनएम का शोषण बंद करना, उन्हें पूर्व की भांति नर्सिंग कैडर में शामिल करना, और पिछले तीन वर्षों से कार्यरत एएनएम का नियमितीकरण करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, संघ ने वेतन विसंगति दूर कर ग्रेड पे बढ़ाने, पदोन्नति देने, तथा ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत एएनएम को यात्रा भत्ता एवं वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की है। छतरपुर जिले की एएनएम कर्मचारियों ने अपनी इन्हीं तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम यह ज्ञापन सीएमएचओ को सौंपा है।1
- छतरपुर के अपोलो क्रॉस मार्केट में खड़ी डोमिनोज कंपनी की एक गाड़ी में धमाका होने की खबर मिली है। इस हादसे के कारण डोमिनोज की कई गाड़ियां जलकर खाक हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में कुल 10 गाड़ियों के जलने की सूचना है, जिसका कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।1