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चौरासी कोस धाम मथुरा-वृंदावन में इस समय मथुरा की परिक्रमा को अत्यंत पुनीत और पवित्र माना जाता है।
राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
चौरासी कोस धाम मथुरा-वृंदावन में इस समय मथुरा की परिक्रमा को अत्यंत पुनीत और पवित्र माना जाता है।
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- चौरासी कोस धाम मथुरा-वृंदावन में इस समय मथुरा की परिक्रमा को अत्यंत पुनीत और पवित्र माना जाता है।1
- टीकमगढ़ के पलेरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं, जहां भीषण गर्मी में सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुँच रहे हैं, लेकिन डॉक्टर नदारद मिल रहे हैं और कुर्सियां खाली पड़ी हैं। डॉक्टरों की इस लापरवाही से मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। मरीजों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी डॉक्टर सरकार से वेतन लेने के बावजूद अस्पताल पर कम ध्यान देते हैं। वे अपनी निजी क्लिनिक और घरों से मरीजों को देखते हैं, जबकि मरीजों को मेडिकल की बाहरी दवाइयां लिखकर अच्छा-खासा मुनाफा कमा रहे हैं। अस्पताल में पहले से ही दवाओं और डॉक्टरों की कमी है, जिसके कारण मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है और घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी इलाज नहीं मिल पाता। हाल ही में, अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण संगठन के प्रांतीय नेतृत्व दल ने CHC पलेरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। प्रांतीय महासचिव राम रतन दीक्षित के निरीक्षण में अस्पताल की भौतिक स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई, जिससे प्रशासनिक और नैतिक स्तर पर घोर अनियमितताएं उजागर हुईं। निरीक्षण के दौरान पता चला कि चिकित्सालय का मुख्य भवन अत्यंत प्राचीन और जीर्ण-शीर्ण है; स्टाफ ने बताया कि वर्षाकाल में छत से पानी टपकता है, जिससे बहुमूल्य चिकित्सीय उपकरण नष्ट हो रहे हैं और मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। संगठन ने अस्पताल में कुछ शासकीय कर्मचारियों की 'वटवृक्ष प्रवृत्ति' पर भी प्रकाश डाला, जो 5 से 10 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और शासकीय सेवा की आड़ में अवैध धनार्जन के लिए अनैतिक जड़ें फैला चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 'हस्ताक्षर संस्कृति' का खुलासा हुआ, जहाँ कई कर्मचारी ड्यूटी से नदारद रहते हैं; वे या तो आते ही नहीं, या केवल उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कर तुरंत चले जाते हैं, जिससे शासन को गुमराह कर बिना काम किए वेतन लिया जा रहा है। राम रतन दीक्षित ने इस स्थिति को शासकीय नियमों का घोर उल्लंघन और पलेरा क्षेत्र की गरीब जनता के स्वास्थ्य व मानव अधिकारों के साथ खिलवाड़ बताया है। संगठन ने जनहित में CMHO टीकमगढ़ से शिकायत कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में केवल हस्ताक्षर करके भागने वाले कर्मचारियों पर अंकुश लगाने के लिए अस्पताल में डिजिटल/बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करना और समय-समय पर औचक निरीक्षण दल भेजना शामिल है।2
- टीकमगढ़ जिले की सबसे बड़ी जनपद पंचायत जतारा में अव्यवस्था और अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण ग्रामीण जनता बेहद परेशान है। आरोप है कि जनपद सीईओ के पास टीकमगढ़ जनपद का अतिरिक्त प्रभार है, जिस कारण वे जतारा कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते, और इस स्थिति से सभी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत संबंधी कार्यों, भुगतानों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों के लिए उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन अधिकारियों के न मिलने से उनके काम अटके रहते हैं। शानो हजरत नाम की एक महिला ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वह अपनी परिवार आईडी की समस्या को लेकर पिछले डेढ़ साल से भटक रही हैं, पर उनकी समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। अधिकारी नहीं मिलने के कारण पूरा कार्यालय केवल बाबुओं के भरोसे चलता नजर आ रहा है, जिससे दूरदराज के गांवों से आने वाले लोगों को घंटों इंतजार के बाद निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से कड़ी मांग की है कि जनपद कार्यालय में अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ताकि जनता को हो रही इस परेशानी से निजात मिल सके।3
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल से एक महत्वपूर्ण ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आई है, जहाँ अस्पताल के पानी वाले फ्रीजर में करंट आ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, न्यूज़ जतारा चैनल के संवाददाता सागर सोनी ने अपनी रिपोर्ट में जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने और इस खराबी को जल्द से जल्द ठीक करवाने का निवेदन किया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- शुक्रवार की रात करीब 9:30 बजे मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। आसमान में काले बादल छाने के साथ ही तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। पिछले कई दिनों से भीषण तपन और उमस झेल रहे टीकमगढ़ वासियों के लिए यह बारिश बड़ी राहत बनकर आई है। नौतपा की झुलसाने वाली गर्मी के बीच हुई इस बारिश और ठंडी हवाओं के चलते शहर का तापमान लुढ़ककर 27 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जिससे वातावरण में अच्छी ठंडक घुल गई है। बारिश के दौरान लगभग 9 मील प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलीं, जिसने परेशान लोगों को काफी सुकून प्रदान किया है।1
- छतरपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर मारपीट के गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रभात नायक नामक व्यक्ति ने महाराजपुर थाने के दो आरक्षकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। अपनी शिकायत लेकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है, क्योंकि उसका आरोप है कि थाना स्तर पर उसकी बात नहीं सुनी गई थी, जिसके बाद उसे एसपी कार्यालय का रुख करना पड़ा। इस मामले पर महाराजपुर थाना प्रभारी डी.के. सिंह का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब सभी की निगाहें छतरपुर के नए पुलिस अधीक्षक पर टिकी हैं कि शिकायत की जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं और इन आरोपों पर क्या कार्रवाई की जाती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फिलहाल ये आरोप भर हैं। मामले की जांच और आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, और सभी पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।1
- केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार बिजावर के पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता के साथ क्षेत्र में विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए निकले। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने वर्षों से कागज़ों और भाषणों में बताए जा रहे विकास के वास्तविक चेहरे को ज़मीन पर देखा, जिस पर वे भौचक्का रह गए। यह घटना इस सवाल को उजागर करती है कि जो विकास सिर्फ कागजों पर था, उसकी ज़मीनी सच्चाई देखकर मंत्री जी हैरान थे।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन एक पुल ढह गया। इस दुखद हादसे में करीब 5 मजदूरों की मौत हो गई, जिसके बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस गंभीर घटना के बावजूद, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इसके जिम्मेदार लोग चुप्पी क्यों साधे हुए हैं।1